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  • हारी हुई बाजी जीत ले गए वॉशिंगटन सुंदर, अंतिम गेंद तक चले संघर्ष में ढेर हुई पंजाब की टीम।

    हारी हुई बाजी जीत ले गए वॉशिंगटन सुंदर, अंतिम गेंद तक चले संघर्ष में ढेर हुई पंजाब की टीम।

    नई दिल्ली।अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में क्रिकेट प्रेमियों को रविवार की रात एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला जिसने रोमांच की सारी हदें पार कर दीं। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के एक बेहद महत्वपूर्ण मैच में गुजरात टाइटन्स ने पंजाब किंग्स को एक कड़े संघर्ष के बाद 4 विकेट से हरा दिया। इस मुकाबले की सबसे खास बात यह रही कि खेल की आखिरी गेंद तक यह तय कर पाना मुश्किल था कि बाजी किसके हाथ लगेगी। गुजरात की इस जीत के दो सबसे बड़े नायक रहे—जेसन होल्डर, जिन्होंने गेंद से विपक्षी टीम की कमर तोड़ी, और वॉशिंगटन सुंदर, जिन्होंने अंत में अपने बल्ले की धमक से नामुमकिन दिख रहे लक्ष्य को मुमकिन कर दिखाया।

    मैच की शुरुआत पंजाब किंग्स के लिए किसी बुरे सपने जैसी रही। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाए जाने के बाद पंजाब की टीम पहले ही ओवर में लड़खड़ा गई। मोहम्मद सिराज ने अपनी घातक गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए पहले ही ओवर में दो विकेट झटककर पंजाब के शीर्ष क्रम को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और प्रभसिमरन सिंह ने पारी को पटरी पर लाने की कोशिश की, लेकिन जेसन होल्डर के स्पेल ने पंजाब की उम्मीदों को करारा झटका दिया। होल्डर ने श्रेयस अय्यर सहित मध्यक्रम के बल्लेबाजों को टिकने नहीं दिया, जिसके कारण एक समय पंजाब का स्कोर महज 47 रन पर 5 विकेट हो गया था। हालांकि, सूर्यांश शेडगे की 57 रनों की जुझारू पारी और मार्कस स्टोइनिस के 40 रनों के योगदान ने पंजाब को 163 के चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुँचाया।

    जवाब में 164 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटन्स की शुरुआत भी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। कप्तान शुभमन गिल जल्द ही पवेलियन लौट गए, जिससे टीम पर दबाव बढ़ गया। लेकिन युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई और 57 रनों की शानदार पारी खेलकर पारी को संभाला। जोस बटलर के साथ उनकी साझेदारी ने गुजरात को जीत की राह पर बनाए रखा। मैच उस समय दिलचस्प मोड़ पर आ गया जब मध्यक्रम के कुछ विकेट गिरने के बाद अंतिम ओवर में गुजरात को जीत के लिए 11 रनों की जरूरत थी। दबाव के इन क्षणों में वॉशिंगटन सुंदर ने अपना लोहा मनवाया।

    अंतिम ओवर की पांचवीं गेंद पर वॉशिंगटन सुंदर ने मार्कस स्टोइनिस को एक गगनचुंबी छक्का जड़कर टीम को जीत की दहलीज के पार पहुँचाया। सुंदर ने मात्र 23 गेंदों पर नाबाद 40 रन बनाकर यह साबित कर दिया कि वह टीम के लिए कितने बड़े मैच विजेता हैं। इस जीत के साथ ही गुजरात टाइटन्स ने अंक तालिका में अपनी स्थिति और भी मजबूत कर ली है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इन दोनों टीमों के बीच अब तक के मुकाबले बराबरी के रहे हैं, जहाँ दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ चार-चार जीत हासिल की हैं। गुजरात की इस जीत ने प्रशंसकों को झूमने पर मजबूर कर दिया, जबकि पंजाब किंग्स के लिए यह हार एक बड़े सबक की तरह रही। यह मुकाबला लंबे समय तक अपनी जबरदस्त फील्डिंग, सटीक गेंदबाजी और अंतिम ओवर के रोमांच के लिए याद रखा जाएगा।

  • सुदर्शन-सुंदर का कमाल: टाइटंस ने किंग्स को हराकर दर्ज की रोमांचक जीत

    सुदर्शन-सुंदर का कमाल: टाइटंस ने किंग्स को हराकर दर्ज की रोमांचक जीत


    नई दिल्ली। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 46वें मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने दमदार प्रदर्शन करते हुए पंजाब किंग्स को 4 विकेट से मात दी। इस जीत के साथ टाइटंस ने 10 मैचों में अपनी छठी जीत दर्ज कर अंक तालिका में पांचवें स्थान पर खुद को मजबूती से बनाए रखा, जबकि पंजाब किंग्स लगातार दूसरी हार के बावजूद शीर्ष स्थान पर कायम है।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। पहले ही ओवर में टीम ने प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली के विकेट गंवा दिए, जिससे दबाव शुरुआती क्षणों में ही बढ़ गया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने प्रभसिमरन सिंह के साथ मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन यह साझेदारी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। जल्द ही विकेटों का पतन जारी रहा और टीम 47 रन तक आधी सिमट गई।

    ऐसे मुश्किल समय में मार्कस स्टोइनिस और युवा बल्लेबाज सूर्यांश शेडगे ने मोर्चा संभाला। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 79 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। सूर्यांश ने आक्रामक अंदाज में 57 रन बनाए, जबकि स्टोइनिस ने 40 रनों का योगदान दिया। अंत में मार्को यानसेन ने 20 रन जोड़कर टीम का स्कोर 163 तक पहुंचाया।

    गुजरात की ओर से जेसन होल्डर ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा ने 2-2 विकेट लेकर पंजाब को बड़ा स्कोर बनाने से रोका।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस को शुरुआत में ही झटका लगा जब कप्तान शुभमन गिल सस्ते में आउट हो गए। इसके बाद साईं सुदर्शन ने जोस बटलर के साथ मिलकर पारी को स्थिरता दी। बटलर के आउट होने के बाद सुदर्शन ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हुए शानदार बल्लेबाजी जारी रखी।

    सुदर्शन ने निशांत सिंधु और फिर वॉशिंगटन सुंदर के साथ अहम साझेदारियां निभाईं। उन्होंने 57 रनों की संयमित और प्रभावशाली पारी खेलकर टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। अंत में सुंदर ने 40 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए गुजरात को 19.5 ओवरों में जीत दिला दी।

    पंजाब की ओर से अर्शदीप सिंह और विजयकुमार वैशाक ने 2-2 विकेट लिए, लेकिन वे टीम को हार से नहीं बचा सके।

    यह मुकाबला पूरी तरह संतुलित रहा, लेकिन अंत में गुजरात के बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का सही मिश्रण दिखाते हुए मैच अपने नाम कर लिया। सुदर्शन और सुंदर की पारियां इस जीत की सबसे बड़ी वजह साबित हुईं, जिसने टाइटंस के अभियान को नई मजबूती दी।

  • करारी हार के बाद खुलासा: आखिर क्यों बाहर हुए उपकप्तान अक्षर?

    करारी हार के बाद खुलासा: आखिर क्यों बाहर हुए उपकप्तान अक्षर?


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण में भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ 76 रन की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी, और इस हार ने न सिर्फ सेमीफाइनल की राह कठिन कर दी बल्कि टीम चयन को लेकर भी तीखी बहस छेड़ दी है। अहमदाबाद में खेले गए इस अहम मुकाबले से पहले टीम प्रबंधन के एक फैसले ने सबको चौंका दिया था

    उपकप्तान अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठाना। उनकी जगह ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया, लेकिन मैच का नतीजा भारत के पक्ष में नहीं गया और अब इस रणनीति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हार के बाद भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से बात करते हुए स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी दबाव या व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि पूरी तरह रणनीतिक सोच के तहत लिया गया था। उनके अनुसार, कप्तान सूर्यकुमार यादव और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मैच से पहले अक्षर से लंबी और सकारात्मक चर्चा की थी, जिसमें टीम संयोजन और विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को ध्यान में रखते हुए स्थिति समझाई गई थी। दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी को देखते हुए टीम मैनेजमेंट को लगा कि ऑफ स्पिन विकल्प अधिक कारगर साबित हो सकता है, इसलिए संयोजन में बदलाव किया गया।

    शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने असर भी दिखाया और कुछ महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, जिससे रणनीति सही दिशा में जाती दिखी, लेकिन बीच के ओवरों में गेंदबाजी योजना पटरी से उतर गई। खास तौर पर सुंदर से पावरप्ले में गेंदबाजी नहीं कराई गई, जबकि मूल रणनीति यही थी कि वे नई गेंद से बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर दबाव बनाएंगे। बल्लेबाजी मोर्चे पर भी टीम अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी और नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका हाथ से निकल गया। नतीजा यह रहा कि दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य का बचाव करते हुए एकतरफा जीत दर्ज कर ली। इस हार ने अंकतालिका की तस्वीर बदल दी है और अब भारत के लिए सुपर-8 के बाकी मुकाबले किसी फाइनल से कम नहीं रह गए हैं। सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए टीम को अपने शेष दोनों मैच हर हाल में जीतने होंगे। हालांकि कोटक ने भरोसा जताया कि भारतीय खिलाड़ी बड़े मंच और दबाव की परिस्थितियों के अभ्यस्त हैं और वापसी की क्षमता रखते हैं। कुल मिलाकर, अक्षर को बाहर करने का निर्णय रणनीतिक था, लेकिन मैदान पर रणनीति का सही क्रियान्वयन न हो पाने और बल्लेबाजों के फ्लॉप प्रदर्शन ने भारत की राह मुश्किल कर दी है; अब देखना होगा कि टीम इस झटके से कितनी जल्दी उबरकर मजबूती से वापसी करती है।

  • 97 रन की साझेदारी और एक महंगा ओवर… कैसे टूटा भारत का सपना?

    97 रन की साझेदारी और एक महंगा ओवर… कैसे टूटा भारत का सपना?


    नई दिल्ली। भारत की 76 रन की हार सिर्फ एक खराब दिन का नतीजा नहीं थी, बल्कि कई सामूहिक गलतियों का परिणाम रही। ICC Men’s T20 World Cup 2026 के सुपर-8 मुकाबले में India national cricket team को South Africa national cricket team ने पूरी तरह पछाड़ दिया। अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए इस मैच की हार के 5 बड़े कारण साफ तौर पर सामने आए:

    1दबाव बनाए रखने में नाकामी
    साउथ अफ्रीका 20 रन पर 3 विकेट खो चुका था। यहां से मैच भारत की पकड़ में आ सकता था, लेकिन डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस की 97 रन की साझेदारी ने मैच का रुख पलट दिया। भारतीय गेंदबाज बीच के ओवरों में आक्रामक फील्डिंग और सटीक लाइन-लेंथ कायम नहीं रख सके।

    2 स्पिन विभाग पूरी तरह फ्लॉप
    वरुण चक्रवर्ती ने 4 ओवर में 47 रन खर्च किए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर को सिर्फ 2 ओवर मिले। स्पिनर्स मिलकर केवल 1 विकेट ले सके। मिडिल ओवरों में विकेट नहीं मिलने से साउथ अफ्रीका ने खुलकर रन बटोरे।

    3️ हार्दिक का महंगा आखिरी ओवर
    आखिरी ओवर में 20 रन लुटाने से लक्ष्य 175 से बढ़कर 188 पहुंच गया। टी20 में 10-12 रन का फर्क भी बड़ा होता है, यहां तो सीधा मानसिक दबाव 13 रन बढ़ गया।

    4️ओपनिंग फिर फेल
    ईशान किशन बिना खाता खोले आउट, तिलक वर्मा सस्ते में निपटे और अभिषेक शर्मा 15 रन बनाकर चलते बने। लगातार खराब शुरुआत ने मिडिल ऑर्डर पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया।

    5 गलत इंटेंट और खराब शॉट चयन
    हर बल्लेबाज पहली गेंद से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में दिखा। पिच को समझने, साझेदारी बनाने और सिंगल-डबल से पारी संभालने का धैर्य नहीं दिखा। यही जल्दबाजी विकेट गिरने की सबसे बड़ी वजह बनी।

    सुंदर पर प्रयोग क्यों पड़ा भारी?
    अक्षर पटेल की जगह वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया, लेकिन वे गेंद और बल्ले दोनों से असर नहीं छोड़ सके। केवल 2 ओवर गेंदबाजी कराना टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर भी सवाल खड़े करता है। अक्षर की ऑलराउंड उपयोगिता को देखते हुए यह बदलाव जोखिम भरा साबित हुआ।

    भारत मैच में कई बार वापसी कर सकता थाशुरुआती 3 विकेट के बाद, मिडिल ओवरों में, या फिर लक्ष्य का पीछा करते समय। लेकिन सामूहिक रणनीतिक चूक, खराब शॉट चयन और गेंदबाजी में लय की कमी ने जीत का रथ रोक दिया।

  • न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर हुए वॉशिंगटन सुंदर, पसली की चोट बनी बाधा…

    न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर हुए वॉशिंगटन सुंदर, पसली की चोट बनी बाधा…


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी वनडे सीरीज में बड़ा झटका लगा है। ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर पसली की चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। यह चोट उन्हें वडोदरा में खेले गए पहले वनडे मुकाबले के दौरान लगी थी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि सुंदर को बाईं ओर निचली पसली में खिंचाव महसूस हुआ और मेडिकल टीम ने उन्हें आगे के मैचों से आराम देने का फैसला किया।

    मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने भी संकेत दिए थे कि सुंदर पूरी तरह फिट नहीं थे। गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वॉशिंगटन ने दर्द के बावजूद 5 ओवर गेंदबाजी की लेकिन इसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। 26 वर्षीय सुंदर ने न्यूजीलैंड की पारी के दौरान 5 ओवर में 27 रन दिए और गेंदबाजी करते समय पसलियों में खिंचाव महसूस होने के कारण दोबारा फील्डिंग के लिए मैदान पर नहीं लौट सके।इसके बावजूद सुंदर ने भारतीय टीम की रन चेज में बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उन्होंने नंबर-8 पर केएल राहुल के साथ मिलकर अहम साझेदारी निभाई। दोनों ने मिलकर 16 गेंदों में 27 रन जोड़े जिससे टीम की जीत आसान हुई। सुंदर ने नाबाद 7 रन बनाए जबकि राहुल 29 रन पर नाबाद लौटे। भारत ने 49 ओवर में 6 विकेट खोकर 306 रन बनाते हुए मुकाबला चार विकेट से अपने नाम किया।

    केएल राहुल ने मैच के बाद बताया कि उन्हें सुंदर की चोट की गंभीरता का अंदाजा नहीं था। राहुल के अनुसार मुझे बस इतना पता था कि पहली पारी में उन्हें थोड़ी परेशानी हुई थी। बल्लेबाजी के दौरान वह गेंद को अच्छे से टाइम कर रहे थे इसलिए चोट इतनी गंभीर नहीं लगी। रन रेट पहले से अच्छा था जिससे सुंदर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ा।वॉशिंगटन सुंदर इस सीरीज में चोटिल होने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। इससे पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत प्रैक्टिस सत्र के दौरान पसली में चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो चुके हैं। उनकी जगह ध्रुव जुरेल को टीम में शामिल किया गया था। वहीं सीरीज शुरू होने से पहले ही तिलक वर्मा भी चोट के चलते बाहर हो गए थे।

    लगातार चोटों के चलते टीम इंडिया के संयोजन पर असर पड़ सकता है। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के सामने अब यह चुनौती है कि वे आगे के मैचों के लिए सही विकल्प चुनें और टीम की बैलेंसिंग को बनाए रखें।वॉशिंगटन सुंदर के बाहर होने से टीम की गेंदबाजी और मध्यक्रम में विकल्प सीमित हो जाएंगे। इससे भारतीय टीम को अगले मैचों में रणनीति और प्लेइंग इलेवन तय करने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी।