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  • जल संकट के बीच चेतावनी: तालाबों की जमीन पर बढ़ते अतिक्रमण से बिगड़ सकता है हालात

    जल संकट के बीच चेतावनी: तालाबों की जमीन पर बढ़ते अतिक्रमण से बिगड़ सकता है हालात


    मध्यप्रदेश। इंदौर में बढ़ते जल संकट के बीच तालाबों की स्थिति को लेकर सामने आई नगर निगम की ताजा रिपोर्ट ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। 27 मई 2026 तक की समीक्षा में शहर के 26 प्रमुख तालाबों में से 23 पर अतिक्रमण पाया गया है। इनमें से केवल 8 मामलों में ही अतिक्रमण हटाया जा सका है, जबकि 9 मामलों में कार्रवाई अभी भी जारी है।

    रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक अतिक्रमण सिरपुर तालाब क्षेत्र में दर्ज किए गए हैं। छोटा सिरपुर तालाब पर पांच और बड़ा सिरपुर तालाब पर तीन अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा पीपल्यापाला, बिलावली और अन्य जलाशयों के आसपास भी अवैध कब्जों की स्थिति सामने आई है।

    नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक अधिकांश अतिक्रमण तालाब की भूमि और उसके कैचमेंट क्षेत्र में किए गए हैं, जो बारिश के पानी के संग्रहण और भूजल पुनर्भरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। कई मामलों में प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं और सीमांकन की कार्रवाई भी की गई है, लेकिन अभी तक सभी अवैध कब्जे पूरी तरह हटाए नहीं जा सके हैं।

    शहर में करोड़ों रुपए खर्च कर तालाबों के सौंदर्यीकरण, गहरीकरण और संरक्षण के प्रयास किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण की समस्या लगातार बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तालाबों की जमीन और जलग्रहण क्षेत्र पर कब्जे इसी तरह बढ़ते रहे, तो आने वाले समय में इंदौर में जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है।

    विशेषज्ञ लगातार यह चेतावनी दे रहे हैं कि तालाब केवल जल संग्रहण का साधन नहीं हैं, बल्कि भूजल स्तर को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इनका संरक्षण और अतिक्रमण हटाना बेहद जरूरी है, ताकि शहर की जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • बिजली-पानी संकट पर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, मटका लेकर पहुंचे कार्यकर्ता

    बिजली-पानी संकट पर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, मटका लेकर पहुंचे कार्यकर्ता


    सागर । सागर जिले के देवरी में शुक्रवार को अघोषित बिजली कटौती और गहराते जलसंकट को लेकर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता सिर पर मटका रखकर पैदल रैली निकालते हुए बिजली कंपनी कार्यालय पहुंचे और सरकार तथा विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने तहसीलदार प्रीति रानी चौरसिया को ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की।

    कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि देवरी क्षेत्र में लगातार बिना सूचना बिजली कटौती की जा रही है, जिससे आमजन का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। नौतपा और भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली बंद रहने से लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनी के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं और शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़े हुए और आंकलित बिजली बिलों का मुद्दा भी उठाया। नेताओं का कहना था कि एक तरफ लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही, दूसरी तरफ मनमाने बिल भेजकर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली संकट के कारण किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है, जिससे खेती-किसानी पर संकट गहराने लगा है।

    जलसंकट को लेकर कांग्रेस ने देवरी नगर पालिका परिषद पर भी गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने कहा कि नगर पालिका की लापरवाही के कारण कई वार्डों में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लोगों को पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और कई इलाकों में स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने भी पानी की समस्या को लेकर नाराजगी जताई।

    कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मुद्दे भी उठाए। उनका कहना था कि प्रशासन आम जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बना हुआ है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली और पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस और बड़ा तथा उग्र आंदोलन करेगी।

    प्रदर्शन में पूर्व मंत्री हर्ष यादव, गजेंद्र गुरु सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल रहे। पूरे प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अमला सतर्क नजर आया।

    क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बिजली और पानी की समस्या को लेकर लोगों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस विरोध प्रदर्शन के बाद समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।