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  • बारिश ने प्रयागराज में मचाई तबाही, 5 हजार घर जलमग्न; 6 फीट तक पानी में फंसे लोग बोले- क्या खाएं, कहां जाएं?

    बारिश ने प्रयागराज में मचाई तबाही, 5 हजार घर जलमग्न; 6 फीट तक पानी में फंसे लोग बोले- क्या खाएं, कहां जाएं?


    उत्तर प्रदेश । प्रयागराज में लगातार हुई भारी बारिश ने शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी है। रविवार रात करीब 1 बजे शुरू हुई बारिश सोमवार दोपहर तक जारी रही और करीब 90 मिमी बारिश दर्ज की गई। कुछ ही घंटों की बारिश के बाद शहर के कई निचले इलाकों में हालात बाढ़ जैसे हो गए। पांच हजार से ज्यादा घरों में पानी घुसने की बात सामने आई है। कई मकानों में चार से छह फीट तक पानी भर गया। ग्राउंड फ्लोर पर रखा घरेलू सामान पानी में डूब गया और लोगों को मजबूरी में ऊपरी मंजिलों या छतों पर शरण लेनी पड़ी। प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि घर में पानी भरा है तो खाना कैसे बने और जाएं तो जाएं कहां।

    करेली इलाके में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखाई दिया। यहां सड़कों पर खड़ी कारें और दोपहिया वाहन पानी में डूब गए। स्थानीय जानकारी के मुताबिक अकेले करेली में करीब 200 कारें पानी में फंस गईं। कई वाहनों को शाम तक ठेलकर या टू-चेन की मदद से गैराज तक पहुंचाया गया। इसके अलावा एक हजार से ज्यादा बाइक और स्कूटी भी जलभराव की चपेट में आ गईं। पानी में लंबे समय तक डूबे रहने के कारण कई वाहनों के खराब होने की आशंका है।

    मुंडेरा समेत कई इलाकों में घरों के भीतर पानी भरने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई। मुंडेरा की रहने वाली उषा देवी ने बताया कि घर में चारों तरफ पानी ही पानी है। छोटे बच्चे घर में हैं और पानी भरने के बाद खाना बनाने से लेकर पीने के पानी तक की समस्या खड़ी हो गई है। उनका कहना है कि समझ नहीं आ रहा कि बच्चों को लेकर क्या करें और कहां जाएं।

    जलभराव को लेकर बच्चों में भी नाराजगी दिखाई दी। मुंडेरा में कुछ बच्चे हाथों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें लेकर सड़क पर पहुंचे और इलाके से पानी निकालने की मांग की। बच्चों का कहना था कि पानी भरने के कारण वे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। घरों के वॉशरूम तक पानी में डूबे हैं और कई जगह सीवर ओवरफ्लो होने से गंदा पानी भी आसपास फैल गया है।

    नैनी इलाके में भी हालात बेहद खराब बताए जा रहे हैं। एक परिवार ने अपने घर के अंदर का हाल दिखाया जहां किचन बेडरूम और वॉशरूम तक पानी पहुंच गया। कई परिवारों ने ग्राउंड फ्लोर पर रखा जरूरी सामान ऊपर की मंजिलों पर शिफ्ट किया। जिन मकानों में ऊपरी मंजिल नहीं है वहां लोग छतों पर बैठकर पानी कम होने का इंतजार करते नजर आए।

    करेली से नैनी तक कई इलाके जलमग्न

    प्रयागराज के करेली के सोलह मार्केट बी ब्लॉक गौस नगर शम्स नगर जेके नगर गड्ढा कॉलोनी और इस्लाम नगर के साथ नैनी के चकदौदी चक फैजुल्ला पंजाबी हाता और जमुनानगर जैसे इलाकों में भी जलभराव की गंभीर स्थिति बनी रही। टैगोर टाउन और सिविल लाइंस जैसे इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिला। कई जगह बारिश के पानी के साथ बड़े नालों का गंदा पानी भी घरों तक पहुंच गया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान हर साल जलभराव की समस्या सामने आती है लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर है। लोगों ने जल निकासी की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बारिश का पानी निकालने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखाई दिए।

    ड्रेनेज कनेक्शन को लेकर उठे सवाल

    मुंडेरा के राहुल यादव ने आरोप लगाया कि इलाके से होकर जाने वाली ड्रेनेज लाइन को आगे मुख्य सीवर लाइन से जोड़ा ही नहीं गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ड्रेनेज सिस्टम को मेन सीवर से जोड़ दिया जाता तो जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। उन्होंने नगर निगम कर्मचारियों और सीवर का काम करने वाले ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाया।

    राहुल यादव के मुताबिक करीब छह महीने पहले IGRS और स्पीड पोस्ट के जरिए पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह मेयर गणेश केसरवानी और पार्षद शिव कुमार को समस्या की जानकारी दी गई थी। उनका दावा है कि शिकायतों के बाद आश्वासन तो मिला लेकिन जमीनी स्तर पर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।

    प्रयागराज में बारिश के बाद पैदा हुए इन हालातों ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हजारों परिवारों के घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान का नुकसान हुआ है और कई परिवारों के सामने खाने पीने और सुरक्षित जगह पर पहुंचने की चुनौती खड़ी हो गई है। अब लोगों की निगाह प्रशासन पर है कि जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए कितनी तेजी से कदम उठाए जाते हैं।