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  • निर्जला एकादशी पर शनि और शुक्र रचेंगे दुर्लभ इतिहास: ज्योतिषीय गणना में 120 डिग्री पर नवपंचम राजयोग का महासंयोग

    निर्जला एकादशी पर शनि और शुक्र रचेंगे दुर्लभ इतिहास: ज्योतिषीय गणना में 120 डिग्री पर नवपंचम राजयोग का महासंयोग

    नई दिल्ली। सनातन परंपरा में सबसे कठिन और महत्वपूर्ण मानी जाने वाली निर्जला एकादशी इस बार न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि ज्योतिषीय समीकरणों के लिहाज से भी अत्यंत विशेष होने जा रही है। आगामी पच्चीस जून को मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर आकाशमंडल में एक बेहद दुर्लभ और शक्तिशाली नवपंचम राजयोग का निर्माण होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के विशेषज्ञों के अनुसार यह शुभ संयोग तब बनता है जब दो मित्र ग्रह एक-दूसरे से विशेष त्रिकोणीय दूरी पर स्थापित होते हैं। इस बार न्याय के देवता शनि और सुख-वैभव के प्रदाता शुक्र एक-दूसरे से ठीक एक सौ बीस डिग्री के कोण पर विराजमान होकर इस अद्भुत योग को पूर्ण करेंगे, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव मानव जीवन के आर्थिक और व्यावसायिक क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा।

    मध्य प्रदेश। ज्योतिष विज्ञान में शनि और शुक्र को नैसर्गिक रूप से परम मित्र माना गया है, इसलिए इन दोनों के बीच बनने वाला पांचवें और नौवें भाव का यह त्रिकोणीय संबंध बेहद फलदायी माना जाता है। इस बार निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त आराधना के साथ इस राजयोग का मिलना एक महान आध्यात्मिक संयोग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस विशेष दिन पर व्रत रखने, जप करने और जरूरतमंदों को शीतल जल व अन्न का दान करने से ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव पूरी तरह शांत होते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि इस राजयोग के प्रभाव से देश के आर्थिक परिदृश्य और विशेषकर चार भाग्यशाली राशियों के जीवन में अप्रत्याशित और सकारात्मक बदलाव आने तय हैं।

    इस महासंयोग से मुख्य रूप से लाभान्वित होने वाली राशियों में वृषभ राशि के जातकों का नाम सबसे ऊपर आ रहा है। वृषभ राशि के लोगों के लिए यह समय करियर और आजीविका के क्षेत्र में एक बड़ी लंबी छलांग लगाने का साबित हो सकता है। कार्यस्थल पर लंबे समय से लंबित पड़ी योजनाएं अचानक गति पकड़ेंगी और व्यावसायिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को कोई बहुत बड़ी व्यापारिक डील हासिल हो सकती है। इसके अलावा पैतृक संपत्ति के मामलों में भी इन्हें बड़ी सफलता मिलने के योग बन रहे हैं, जिससे समाज और कार्यक्षेत्र में इनकी प्रतिष्ठा और प्रशासनिक धाक में भारी वृद्धि दर्ज की जाएगी।

    ग्रहों का यह विशेष परिवर्तन मिथुन राशि के जातकों के लिए भी वरदान से कम नहीं सिद्ध होने वाला है। इस राशि के लोगों के लिए आय के एक से अधिक नए स्रोत विकसित होंगे, जिससे आर्थिक स्थिति को बहुत अधिक मजबूती मिलेगी। व्यापार और आजीविका के सिलसिले में की जाने वाली सुदूर यात्राएं इस अवधि में अत्यधिक आर्थिक लाभ प्रदान करेंगी। पारिवारिक जीवन के दृष्टिकोण से भी यह समय अनुकूल रहेगा, जहां पुराने समय से चले आ रहे आपसी मतभेद और तनाव पूरी तरह समाप्त होंगे और जीवनसाथी के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।

    इसके साथ ही कन्या राशि के जातकों को इस राजयोग के प्रभाव से आकस्मिक और अप्रत्याशित धन लाभ होने की प्रबल संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। शेयर बाजार, लॉटरी या अतीत में किए गए किसी पुराने निवेश से इस समय भारी मुनाफा हाथ लग सकता है। नौकरीपेशा वर्ग से जुड़े लोगों को उच्च अधिकारियों के पूर्ण सहयोग के साथ बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी या पदोन्नति मिलने के स्पष्ट संकेत हैं। विशेष रूप से जो लोग रचनात्मक कार्यों, लेखन, कला, मीडिया या डिजिटल मीडिया के क्षेत्र से जुड़े हैं, उनकी कल्पनाशीलता और कार्यक्षमता इस दौरान अपने सर्वोच्च स्तर पर होगी।

    इस राजयोग की चौथी सबसे महत्वपूर्ण लाभार्थी राशि कुंभ है, जिसके स्वयं स्वामी ग्रह शनि देव हैं। शनि की विशेष कृपा के चलते कुंभ राशि के जातकों के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। यदि इस राशि के जातक लंबे समय से किसी नए व्यापार, स्टार्टअप या स्वतंत्र कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे थे, तो उनके लिए यह समय सबसे अधिक अनुकूल और सफलता की गारंटी देने वाला सिद्ध होगा। इसके प्रभाव से पिछले कई महीनों से चला आ रहा मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी विकार भी पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे।

  • टॉप-10 की रेस में शामिल होने वाले एकमात्र अंग्रेज खिलाड़ी बने हैरी केन..

    टॉप-10 की रेस में शामिल होने वाले एकमात्र अंग्रेज खिलाड़ी बने हैरी केन..

    नई दिल्ली । फुटबॉल जगत के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े महाकुंभ, फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत से पहले मैदान पर उतरने वाले दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की वित्तीय संपत्तियों का एक बड़ा खुलासा हुआ है। खेल के मैदान पर विश्व कप की चमचमाती ट्रॉफी जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाने वाले ये अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मैदान से बाहर आर्थिक मोर्चे पर भी बड़े कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। हाल ही में जारी की गई एक वैश्विक सूची के अनुसार, क्लब फुटबॉल, भारी-भरकम विज्ञापन अनुबंधों और दूरदर्शी निजी व्यावसायिक निवेशों के दम पर इन खेल सितारों ने अरबों रुपये का साम्राज्य खड़ा कर लिया है।

    इस सूची के वित्तीय आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो दुनिया के सबसे अमीर खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। रोनाल्डो की कुल अनुमानित संपत्ति अब एक अरब पाउंड यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 12,773 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े के करीब पहुंच चुकी है। सऊदी अरब के प्रतिष्ठित क्लब अल-नस्र के साथ हुआ उनका सालाना 173 मिलियन पाउंड का करार उनकी कमाई का मुख्य जरिया है। इसके अतिरिक्त, रोनाल्डो ने खेल से इतर होटल श्रृंखला, अत्याधुनिक जिम, खुद के फैशन ब्रांड और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश कर अपनी वित्तीय स्थिति को बेहद मजबूत किया है।

    इस धनकुबेर सूची में दूसरे स्थान पर अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाने वाले कप्तान लियोनल मेसी का नाम शामिल है। मेसी की कुल अनुमानित नेटवर्थ 742 मिलियन पाउंड यानी करीब 9,476 करोड़ रुपये आंकी गई है। अमेरिकी क्लब इंटर मियामी से मिलने वाले वेतन के अलावा वैश्विक खेल ब्रांड एडिडास सहित कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ उनकी दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी उनकी इस विशाल कमाई का एक बड़ा आधार है। वहीं, ब्राजील के स्टार फारवर्ड नेमार इस फेहरिस्त में 334 मिलियन पाउंड (लगभग 4,266 करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर मजबूती से बने हुए हैं। बार्सिलोना और पीएसजी के बाद अब अल-हिलाल क्लब से मिलने वाले पैसों और दुनिया के सबसे महंगे जूता ब्रांड के साथ उनके विज्ञापन सौदे ने उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है।

    फ्रांस के युवा सनसनी किलियन एमबाप्पे इस सूची में चौथे स्थान पर काबिज हैं। स्पेनिश जाइंट रियल मैड्रिड के साथ हुए उनके नए अनुबंध और नाइकी व हबलोट जैसे लग्जरी ब्रांडों के साथ एंडोर्समेंट के चलते उनकी नेटवर्थ 186 मिलियन पाउंड (करीब 2,376 करोड़ रुपये) तक पहुंच चुकी है। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरी सूची में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र खिलाड़ी उनके कप्तान हैरी केन हैं। जर्मन क्लब बायर्न म्यूनिख के लिए खेलने वाले हैरी केन 110 मिलियन पाउंड (लगभग 1,405 करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ पांचवें स्थान पर हैं।

    सूची के निचले आधे हिस्से की बात करें तो मिस्र के स्टार मोहम्मद सलाह 104 मिलियन पाउंड के साथ छठे स्थान पर हैं, जिन्हें लिवरपूल क्लब से प्रति सप्ताह करीब चार लाख पाउंड का भारी-भरकम वेतन मिलता है। उनके बाद दक्षिण कोरिया के सोन ह्युंग-मिन (74 मिलियन पाउंड) सातवें और अल्जीरिया के रियाद महरेज (63 मिलियन पाउंड) आठवें स्थान पर हैं। नॉर्वे के युवा गोल मशीन एरलिंग हालैंड और कोलंबिया के जेम्स रोड्रिगेज दोनों ही 59-59 मिलियन पाउंड (लगभग 754 करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ क्रमशः नौवें और दसवें स्थान पर मौजूद हैं। यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि आधुनिक युग में फुटबॉल केवल एक खेल मात्र नहीं रह गया है, बल्कि यह खिलाड़ियों के लिए एक बहुत बड़ा वैश्विक बिजनेस मॉडल बन चुका है।

  • अदाणी समूह के शेयरों में तेजी से संपत्ति में भारी बढ़ोतरी और बाजार में सकारात्मक असर

    अदाणी समूह के शेयरों में तेजी से संपत्ति में भारी बढ़ोतरी और बाजार में सकारात्मक असर

    नई दिल्ली: वैश्विक अरबपति रैंकिंग में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है जिसमें भारतीय उद्योग जगत के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज किया गया है बाजार में जारी उतार चढ़ाव और शेयरों में तेज गतिविधियों के बीच गौतम अदाणी ने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान हासिल कर लिया है और इस उपलब्धि के साथ उन्होंने लंबे समय से शीर्ष पर बने मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ दिया है यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता और निवेश प्रवाह में लगातार बदलाव देखा जा रहा है

    ताजा आंकड़ों के अनुसार गौतम अदाणी की कुल संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है जिससे वह वैश्विक रैंकिंग में भी ऊपर पहुंच गए हैं उनकी संपत्ति में यह उछाल मुख्य रूप से उनके समूह की कंपनियों के शेयरों में आई तेजी के कारण देखा गया है विशेषकर ऊर्जा बंदरगाह और गैस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की बढ़ती रुचि ने उनकी संपत्ति को नई ऊंचाई दी है दूसरी ओर मुकेश अंबानी की संपत्ति में मामूली गिरावट देखने को मिली है जिसके चलते वह रैंकिंग में दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं

    शेयर बाजार में अदाणी समूह की कंपनियों ने हाल के सत्रों में मजबूत प्रदर्शन किया है जिससे न केवल समूह की बाजार स्थिति मजबूत हुई है बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है एक ही दिन में संपत्ति में अरबों डॉलर का इजाफा इस बात को दर्शाता है कि बाजार में सकारात्मक धारणा तेजी से बदल सकती है और बड़े उद्योगपतियों की रैंकिंग पर इसका सीधा असर पड़ता है

    वैश्विक स्तर पर अरबपतियों की सूची में टेक्नोलॉजी सेक्टर का दबदबा लगातार बना हुआ है और शीर्ष स्थानों पर अधिकांश नाम इसी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं टेस्ला और अन्य बड़ी टेक कंपनियों से जुड़े उद्योगपति अब भी सूची में मजबूत स्थिति में हैं जबकि विभिन्न क्षेत्रों जैसे ऊर्जा खुदरा और औद्योगिक सेक्टर के अरबपतियों की संपत्ति में अधिक उतार चढ़ाव देखा जा रहा है

    विश्लेषकों के अनुसार यह रैंकिंग केवल व्यक्तिगत संपत्ति का संकेत नहीं है बल्कि यह वैश्विक बाजारों में पूंजी प्रवाह तकनीकी विकास और भू राजनीतिक परिस्थितियों का भी प्रतिबिंब है पिछले कुछ समय से वैश्विक निवेश माहौल में अस्थिरता बनी हुई है जिसके कारण बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है

    भारतीय उद्योग जगत की बात करें तो अन्य प्रमुख नाम भी वैश्विक सूची में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए हुए हैं जिनमें विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज शामिल हैं हालांकि उनकी रैंकिंग में मामूली उतार चढ़ाव देखा गया है लेकिन समग्र रूप से भारतीय अरबपतियों की वैश्विक प्रभावशीलता बनी हुई है

    अदाणी समूह की कंपनियों में हालिया तेजी ने निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाया है और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों के आधार पर यह स्थिति और भी बदल सकती है फिलहाल यह बदलाव भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है

  • युद्ध की आहट से बाजार में भूचाल, एक दिन में अरबपतियों की दौलत से उड़े 35 अरब डॉलर

    युद्ध की आहट से बाजार में भूचाल, एक दिन में अरबपतियों की दौलत से उड़े 35 अरब डॉलर


    तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran–United States–Israel के बीच टकराव की आशंका का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिखा। गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे दुनिया के शीर्ष अरबपतियों की संपत्ति में एक ही दिन में करीब 35 अरब डॉलर की कमी आ गई।

    बाजार में गिरावट के चलते Dow Jones Industrial Average 739 अंक टूट गया। वहीं S&P 500 में 1.52% और Nasdaq Composite में 1.78% की गिरावट दर्ज की गई।

    इस गिरावट का सीधा असर अरबपतियों की दौलत पर पड़ा।

    एलन मस्क को सबसे बड़ा नुकसान

    दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति Elon Musk को सबसे बड़ा झटका लगा। उनकी संपत्ति में 9.20 अरब डॉलर की गिरावट आई और उनका नेटवर्थ घटकर करीब 660 अरब डॉलर रह गया।

    इसके बाद Larry Page की संपत्ति में 4.11 अरब डॉलर की कमी आई और उनका नेटवर्थ 261 अरब डॉलर रह गया। वहीं Sergey Brin की संपत्ति 3.80 अरब डॉलर घटकर करीब 243 अरब डॉलर रह गई।

    बेजोस और जुकरबर्ग को भी झटका

    Jeff Bezos को गुरुवार को 2.83 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, जिससे उनकी कुल संपत्ति 234 अरब डॉलर रह गई।
    वहीं Mark Zuckerberg की संपत्ति में 5.74 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और उनका नेटवर्थ करीब 226 अरब डॉलर रह गया।

    एलिसन और अर्नाल्ट की दौलत भी घटी

    Larry Ellison की संपत्ति में 4.58 अरब डॉलर की कमी आई और उनका नेटवर्थ करीब 210 अरब डॉलर रह गया।
    फ्रांस के उद्योगपति Bernard Arnault ने भी 2.39 अरब डॉलर गंवाए और उनकी संपत्ति घटकर लगभग 162 अरब डॉलर रह गई।

    जिम वॉल्टन को फायदा, बफेट पीछे

    Jensen Huang की संपत्ति में भी 2.30 अरब डॉलर की गिरावट आई और उनका नेटवर्थ 152 अरब डॉलर रह गया।

    हालांकि Jim Walton ऐसे इकलौते अरबपति रहे जिनकी संपत्ति में 1.58 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। उनका नेटवर्थ बढ़कर 159 अरब डॉलर हो गया और उन्होंने Warren Buffett को पीछे छोड़ते हुए अमीरों की सूची में 9वां स्थान हासिल कर लिया।
    वहीं बफेट को भी 579 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ और उनकी कुल संपत्ति करीब 147 अरब डॉलर रह गई।

    भारत के अरबपतियों को फायदा

    वैश्विक बाजार में गिरावट के बावजूद भारत के दो बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति में बढ़त दर्ज की गई। Mukesh Ambani को 64.5 मिलियन डॉलर का फायदा हुआ और उनकी संपत्ति बढ़कर 92.4 अरब डॉलर हो गई। वे दुनिया के 18वें सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं।

    वहीं Gautam Adani की संपत्ति में 1.84 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और उनका नेटवर्थ 77.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि इस उछाल के बावजूद वे अभी टॉप-20 अरबपतियों की सूची में जगह नहीं बना पाए हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के चलते आने वाले दिनों में बाजार और अरबपतियों की संपत्ति में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

  • लक्ष्मी के साथ सरस्वती और गणेश की पूजा क्यों है जरूरी धन बुद्धि और ज्ञान का संतुलन ही बनाता है जीवन सफल

    लक्ष्मी के साथ सरस्वती और गणेश की पूजा क्यों है जरूरी धन बुद्धि और ज्ञान का संतुलन ही बनाता है जीवन सफल


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा केवल आस्था का विषय नहींबल्कि जीवन में संतुलन और सही दिशा पाने का माध्यम मानी जाती है। विशेष रूप से मां लक्ष्मीमां सरस्वती और भगवान गणेश की संयुक्त पूजा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि केवल धन की देवी मां लक्ष्मी की उपासना की जाए और ज्ञान व बुद्धि की अधिष्ठात्री शक्तियों को असंतुलित हो सकता है।
    मां लक्ष्मी को धनवैभव और समृद्धि की देवी माना जाता है। हर व्यक्ति अपने जीवन में सुख-सुविधाओं और ऐश्वर्य की कामना करता हैजिसके लिए धन आवश्यक है। लेकिन धर्मशास्त्रों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि धन अपने आप में न तो शुभ है और न ही अशुभबल्कि उसका उपयोग ही उसे शुभ या अशुभ बनाता है। धन का सही उपयोग तभी संभव है जब व्यक्ति के पास ज्ञान और विवेक हो। यहीं पर मां सरस्वती और भगवान गणेश का महत्व सामने आता है। मां सरस्वती ज्ञानविद्या और विवेक की देवी हैं। उनके आशीर्वाद से व्यक्ति सही-गलत में भेद करना सीखता है और अपने निर्णयों को समझदारी से ले पाता है। वहीं भगवान गणेश को बुद्धिविवेक और विघ्नहर्ता माना जाता है। वे व्यक्ति को सोचने-समझने की शक्ति देते हैंजिससे वह जीवन में आने वाली बाधाओं को पार कर सके।
    मान्यता है कि यदि किसी घर में केवल मां लक्ष्मी की पूजा की जाए और ज्ञान व बुद्धि की उपेक्षा की जाएतो धन आने के बावजूद उसका सदुपयोग नहीं हो पाता। ऐसा धन व्यक्ति को अहंकारलालच और मोह की ओर ले जा सकता है। परिणामस्वरूप न केवल बुद्धि भ्रष्ट होती हैबल्कि व्यक्ति की नीयत और व्यवहार में भी नकारात्मक बदलाव आने लगते हैं। धन की ऊर्जा अत्यंत शक्तिशाली मानी जाती हैऔर यदि इसे संतुलित ढंग से न संभाला जाए तो यह जीवन में अशांति और पतन का कारण भी बन सकती है।
    इसी कारण धार्मिक परंपराओं में मां लक्ष्मी के साथ मां सरस्वती और भगवान गणेश की पूजा का विधान बताया गया है। इन तीनों की संयुक्त आराधना से व्यक्ति को धन के साथ-साथ ज्ञान और बुद्धि का भी आशीर्वाद मिलता है। इससे न केवल आर्थिक समृद्धि आती हैबल्कि जीवन में संतुलनविवेक और सद्बुद्धि भी बनी रहती है। कलियुग में धन की आवश्यकता से कोई इनकार नहीं कर सकतालेकिन केवल धन के पीछे भागना जीवन का उद्देश्य नहीं होना चाहिए। जब धनज्ञान और बुद्धि का संतुलन बनता हैतभी व्यक्ति सच्चे अर्थों में सुखी और सफल बन पाता है। यही कारण है कि धार्मिक दृष्टि से मां लक्ष्मीमां सरस्वती और भगवान गणेश की एक साथ पूजा को जीवन को सही दिशा देने वाला मार्ग माना गया है।

  • एलन मस्क पर हो रही धन वर्षा… एक ही दिन में 42.2 अरब डॉलर बढ़ी दौलत

    एलन मस्क पर हो रही धन वर्षा… एक ही दिन में 42.2 अरब डॉलर बढ़ी दौलत


    वाशिंगटन।
    दुनिया सबसे अमीर व्यक्ति टेस्ला के एलन मस्क ( World’s Richest Person Elon Musk) की दौलत में भारी इजाफा (Huge Increase Wealth) हुआ है। बुधवार को उनके ऊपर डॉलर की ऐसी बारिश हुई कि एक ही दिन में 42.2 अरब डॉलर पीट दिए। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स (Bloomberg Billionaire List) के मुताबिक मस्क की दौलत इस उछाल के बाद 683 अरब डॉलर पर पहुंच गई है। महज 14 दिनों में मस्क की संपत्ति 63.1 अरब डॉलर बढ़ी है।

    दूसरी ओर ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के टॉप-10 अरबपतियों को बुधवार को बड़े झटके लगे। जेफ बेजोस को 5.22 अरब डॉलर, लैरी एलिसन को 8.85 अरब डॉलर, मार्क जुकरबर्ग को 5.32 अरब डॉलर और बर्नार्ड अर्नाल्ट को 2.48 अरब डॉलर का झटका लगा है। स्टीव बाल्मर को भी 3.55 अबर डॉलर और जेनसेन हुआंग को 2.16 अरब डॉलर की चोट पहुंची है। लैरी पेज को 70.5 मिलियन डॉलर, सर्गेई ब्रिन को 90 मिलियन डॉलर और वॉरेन बफेट को 118 मिलियन डॉलर की चोट पहुंची है।

    मस्क दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला और प्राइवेट रॉकेट बिजनेस स्पेसएक्स के CEO हैं। कंपनी के 2025 प्रॉक्सी स्टेटमेंट के अनुसार, मस्क के पास टेस्ला का लगभग 12% हिस्सा है। उनके पास 2018 के कंपनसेशन पैकेज से लगभग 304 मिलियन एक्सरसाइजेबल स्टॉक ऑप्शन भी हैं।

    ब्लूमबर्ग के मुताबिक स्पेसएक्स का वैल्यूएशन दिसंबर 2025 के टेंडर ऑफर का इस्तेमाल करके किया गया है, जिसमें कंपनी की वैल्यू लगभग $800 बिलियन आंकी गई है। फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन के साथ सितंबर 2025 की फाइलिंग के आधार पर एक ट्रस्ट के जरिए मस्क के पास इस प्राइवेट कंपनी का लगभग 42% हिस्सा है। 5% प्राइवेट कंपनी डिस्काउंट लागू किया गया है। दिसंबर 2025 में नए वैल्यूएशन को ध्यान में रखते हुए एक एडजस्टमेंट किया गया, जिससे उनकी नेटवर्थ में $168 बिलियन की बढ़ोतरी हुई।

    क्यों उछली दौलत
    xAI का वैल्यूएशन जनवरी 2026 के फंडिंग राउंड का इस्तेमाल करके किया गया है, जिसमें 20 अरब डॉलर जुटाए गए और पोस्ट-मनी वैल्यूएशन 230 अरब डॉलर था। कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर से परिचित एक व्यक्ति के अनुसार, जो अपनी पहचान नहीं बताना चाहता था क्योंकि यह जानकारी प्राइवेट है, इस राउंड के बाद मस्क के पास कंपनी का 51% हिस्सा था। 15% लिक्विडिटी डिस्काउंट लागू किया गया है। नया वैल्यूएशन जनवरी 2026 में लागू किया गया, जिससे उनकी नेटवर्थ में 48 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई।

  • बाथरूम में आईना लगाते समय करें ये 5 वास्तु नियमों का पालन, वरना हो सकता है नुकसान

    बाथरूम में आईना लगाते समय करें ये 5 वास्तु नियमों का पालन, वरना हो सकता है नुकसान


    नई दिल्ली । आजकल के आधुनिक घरों में बाथरूम में शीशा लगाना आम बात है। लोग इसे इंटीरियर और सजावट के लिए लगवाते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम का सही रूप और दिशा जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। बाथरूम को अक्सर नकारात्मक ऊर्जा का स्थान माना जाता है यहाँ लगे शीशे की दिशा और स्थिति का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि बाथरूम में आईना गलत दिशा में लगा हो, तो यह घर की शांति, सेहत और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर डाल सकता है। तो आइए जानते हैं, बाथरूम में शीशा लगाने के सही वास्तु नियम।

    सही दिशा का रखें ध्यान

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम में आईना पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार पर लगाना शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा में लगा आईना धन और समृद्धि के लिए शुभ होता है। पूर्व दिशा में लगा आईना स्वास्थ्य और प्रतिष्ठा में सुधार लाता है वहीं दक्षिण या पश्चिम दिशा में आईना लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकता है।

    आईने का आकार भी है जरूरी

    आईने का आकार भी वास्तु के नियमों का पालन करता है। चौकोर या आयताकार आईना लगाना सबसे अच्छा होता है क्योंकि ये स्थिरता और संतुलन का प्रतीक माने जाते हैं। गोल या अंडाकार आईना ऊर्जा के प्रवाह को असंतुलित कर सकता है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इसलिए इन आकारों से बचना चाहिए।

    सही ऊंचाई पर लगाएं आईना

    आईना इस तरह लगाया जाना चाहिए कि उसमें चेहरा पूरा और स्पष्ट दिखाई दे। बहुत ऊँचा या बहुत नीचा शीशा अशुभ माना जाता है। अगर आईने में आधा चेहरा या टूटे हुए प्रतिबिंब नजर आते हैं, तो यह आत्मविश्वास को कमजोर कर सकता है।

    दरवाजे के सामने न हो शीशा

    बाथरूम के दरवाजे के सामने शीशा लगाना नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकता है।जब दरवाजा खुलता है तो वह ऊर्जा बाहर निकलती है और शीशा उसे वापस अंदर ले आता है जो वास्तु के अनुसार शुभ नहीं माना जाता। इसलिए कोशिश करें कि आईना दरवाजे के सामने न लगे।

    साफ और सही स्थिति में हो आईना

    आईने का साफ और सही स्थिति में होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आईने पर पानी के दाग, धुंध या गंदगी नहीं होनी चाहिए। टूटे या चटके हुए आईने से नकारात्मकता और आर्थिक परेशानियाँ बढ़ सकती हैं, इसलिए अगर आईना खराब हो जाए तो उसे तुरंत बदल दें बाथरूम में शीशा लगाते समय इन वास्तु नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। सही दिशा, आकार, ऊंचाई और स्थिति में आईना लगाकर आप न केवल घर को सुंदर बना सकते हैं, बल्कि अपने जीवन को भी बेहतर बना सकते हैं।

  • प्रधानमंत्री ने सुभाषितम के माध्यम से सद्गुण, चरित्र, ज्ञान और धन के शाश्वत मूल्यों को रेखांकित किया

    प्रधानमंत्री ने सुभाषितम के माध्यम से सद्गुण, चरित्र, ज्ञान और धन के शाश्वत मूल्यों को रेखांकित किया


     
    नई दिल्ली ।  प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज भारतीय परंपरा और शास्त्रीय ज्ञान के शाश्वत मूल्यों पर विचार करते हुए देशवासियों को जीवन में इनका पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने संदेश में बल दिया कि सच्ची सुंदरता सद्गुणों से निखरती है वंश गौरव चरित्र से परिलक्षित होता है ज्ञान का वास्तविक मूल्य सफलता में है और धन का अर्थ केवल भोग नहीं बल्कि जिम्मेदारीपूर्ण आनंद और समाज कल्याण में योगदान है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये मूल्य न केवल प्राचीन काल में महत्वपूर्ण रहे हैं बल्कि आधुनिक समाज और वर्तमान समय में भी ये उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने इसे देश की प्रगति सामूहिक जिम्मेदारी और समाज में सद्भाव कायम रखने की दिशा में एक मार्गदर्शक के रूप में बताया। उन्होंने अपने संदेश में एक संस्कृत श्लोक साझा किया जो सद्गुण चरित्र ज्ञान और धन के महत्व को संक्षेप में प्रस्तुत करता है:

    गुणो भूषयते रूपं शीलं भूषयते कुलम्।
    सिद्धिर्भूषयते विद्यां भोगो भूषयते धनम्॥

    प्रधानमंत्री ने इस श्लोक की व्याख्या करते हुए कहा कि व्यक्ति की वास्तविक सुंदरता उसके गुणों में होती है। शिष्टाचार नैतिकता और चरित्र ही किसी वंश या परिवार का गौरव बढ़ाते हैं। शिक्षा और ज्ञान जीवन को दिशा और उद्देश्य प्रदान करते हैं जबकि धन का उपयोग केवल भोग के लिए नहीं बल्कि सामाजिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारी के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही वे मूल्य हैं जो न केवल व्यक्तिगत जीवन में सफलता और सम्मान दिलाते हैं बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान करते हैं।प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में ये मूल्य पीढ़ियों से संचित हैं और इन्हें जीवन में अपनाना न केवल नैतिक कर्तव्य है बल्कि आधुनिक जीवन में भी ये अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक जीवन में इन मूल्यों को आत्मसात करें और दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें।

    इस संदेश के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्पष्ट किया कि सद्गुण चरित्र ज्ञान और धन केवल व्यक्तिगत लाभ का साधन नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति और विकास का मार्गदर्शन करने वाले शाश्वत मूल्य हैं। उन्होंने कहा कि जब ये मूल्य समाज में व्यापक रूप से अपनाए जाएंगे तब ही भारत की सामूहिक शक्ति संस्कृति और नैतिकता का सही परिप्रेक्ष्य उजागर होगा।प्रधानमंत्री के इस संदेश को विशेषज्ञ और नागरिक दोनों ही प्रेरणादायक मान रहे हैं। यह न केवल भारतीय सांस्कृतिक धरोहर की याद दिलाता है बल्कि आधुनिक जीवन में नैतिक सामाजिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारी निभाने के महत्व को भी रेखांकित करता है।

  • मस्क के पास Pak-श्रीलंका-नेपाल की कुल GDP से ज्यादा संपत्ति, जानें कहां से आई इतनी दौलत

    मस्क के पास Pak-श्रीलंका-नेपाल की कुल GDP से ज्यादा संपत्ति, जानें कहां से आई इतनी दौलत


    वाशिंगटन।
    दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क (World’s Richest man, Elon Musk) की संपत्ति अब पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल की कुल GDP (करीब 555 बिलियन डॉलर) से ज्यादा हो गई है। मात्र 4 दिनों में उनकी नेटवर्थ 150 बिलियन डॉलर (₹13.46 लाख करोड़) बढ़कर 750 बिलियन डॉलर (₹67.18 लाख करोड़) पार कर गई।

    हालांकि, आज फोर्ब्स रियल टाइम बिलियनेयर्स इंडेक्स में यह 748.9 बिलियन डॉलर दिख रही है, जो भारत के टॉप 40 सबसे अमीरों की कुल संपत्ति के बराबर है। मस्क पहले शख्स हैं ,जिन्होंने यह आंकड़ा छुआ। 16 दिसंबर को यह 600 बिलियन डॉलर पर पहुंची थी।


    दौलत में उछाल का डेलावेयर ट्रिगर

    उनकी संपत्ति में यह ऐतिहासिक उछाल अमेरिका की एक अदालत के फैसले के बाद आया, जिसमें टेस्ला के स्टॉक विकल्प पैकेज को बहाल कर दिया गया, जिसकी कीमत करीब 139 अरब डॉलर है। फोर्ब्स मैगजीन ने पहले मस्क को 600 अरब डॉलर से अधिक सम्पति वाला पहला व्यक्ति बताया था

    अदालत का यह फैसला मस्क के 2018 के उस वेतन पैकेज से जुड़ा है, जिसे निचली अदालत ने अकल्पनीय बताते हुए रद्द कर दिया था। टेस्ला कंपनी ने मस्क के लिए यह मोटा पैकेज स्वीकृत किया था, जो टेस्ला के शेयरों की मौजूदा कीमत के हिसाब से करीब 139 अरब डॉलर का है। फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक मस्क की वेल्थ अब लैरी पेज (252.6 बिलियन), लैरी एलिसन (242.7 बिलियन) और जेफ बेजोस (239.4 बिलियन) की कुल संपत्ति से भी ज्यादा है।


    कारण 1: टेस्ला पे-पैकेज की वापसी

    2018 में टेस्ला ने मस्क को 56 बिलियन डॉलर का स्टॉक ऑप्शन दिया था। 2024 में लोअर कोर्ट ने रद्द किया, लेकिन दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने बहाल किया। इससे वेल्थ पहली बार 700 बिलियन पार हुई।


    कारण 2: स्पेसएक्स का 800 बिलियन वैल्यूएशन

    रॉयटर्स के अनुसार, आंतरिक शेयर बिक्री से स्पेसएक्स की वैल्यूएशन 800 बिलियन डॉलर पहुंची। मस्क की 42% हिस्सेदारी पर अगर लिस्टिंग हो, तो अकेले यह 336 बिलियन डॉलर से ज्यादा जोड़ सकती है।

    कारण 3: टेस्ला शेयरों की उछाल
    नवंबर 2025 में शेयरहोल्डर्स ने 1 ट्रिलियन डॉलर का नया पे-पैकेज अप्रूव किया। 2025 में मस्क की वेल्थ में 340 बिलियन डॉलर जुड़े। टेस्ला में 12% स्टेक अब 197 बिलियन डॉलर का है। शेयर 13% चढ़े, सोमवार को 4% ऊपर जब मस्क ने रोबोटैक्सी टेस्ट की घोषणा की।