Tag: weather alert

  • मानसून फिर दिखाएगा अपना असर, 11 अगस्त को MP समेत कई राज्यों में बारिश के आसार, जलभराव से बढ़ सकती है परेशानी

    मानसून फिर दिखाएगा अपना असर, 11 अगस्त को MP समेत कई राज्यों में बारिश के आसार, जलभराव से बढ़ सकती है परेशानी


    मध्य प्रदेश11 अगस्त 2026 को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने के आसार हैं। मौसम के बदलते मिजाज के बीच मध्य भारत समेत कई राज्यों में बादल छाए रहने और बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है जबकि कई स्थानों पर तेज बौछारों के साथ गरज चमक की स्थिति भी बन सकती है। लगातार बारिश वाले इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को अपने क्षेत्र के मौसम अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    मध्य प्रदेश में भी मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है। राजधानी भोपाल समेत इंदौर उज्जैन जबलपुर और ग्वालियर सहित कई शहरों में बादल छाए रहने के साथ बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में गरज चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई जा रही है। बारिश के कारण कई स्थानों पर तापमान में गिरावट आ सकती है जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि लगातार बारिश होने की स्थिति में सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं।

    उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी मौसम करवट ले सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है जबकि पश्चिमी हिस्सों में भी बादल छाए रह सकते हैं। राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। बारिश के कारण तापमान में उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

    बिहार झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी मानसून के सक्रिय रहने का अनुमान है। कई इलाकों में बारिश के साथ गरज चमक हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने से स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। लोगों को निचले इलाकों और पानी से भरे रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

    पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान भूस्खलन सड़क बाधित होने और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।

    महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी बारिश का प्रभाव देखने को मिल सकता है। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना बनी रह सकती है। दक्षिण भारत में भी मानसूनी गतिविधियां कई इलाकों में जारी रह सकती हैं। केरल कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश होने के आसार हैं।

    बारिश का असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहता बल्कि इसका प्रभाव यातायात बाजार और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ता है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। किसानों के लिए बारिश राहत लेकर आ सकती है क्योंकि इससे खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी मिल सकता है लेकिन अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में जलभराव से फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है।

    कुल मिलाकर 11 अगस्त को देश के कई हिस्सों में मानसून का असर दिखाई देने की संभावना है। कहीं हल्की बारिश तो कहीं तेज बौछारों के साथ गरज चमक देखने को मिल सकती है। मौसम की स्थानीय स्थिति तेजी से बदल सकती है इसलिए घर से निकलने से पहले अपने क्षेत्र का ताजा मौसम अपडेट देखना और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना बेहतर रहेगा।

  • यूपी में बारिश का कहर, सड़कों पर दिखे मगरमच्छ; घरों में घुसा पानी, 66 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    यूपी में बारिश का कहर, सड़कों पर दिखे मगरमच्छ; घरों में घुसा पानी, 66 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    उत्तरप्रदेश । उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार सुबह से लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी, प्रयागराज, वाराणसी समेत करीब 20 शहरों में रुक-रुककर तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि 66 जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

    सबसे चिंताजनक स्थिति लखीमपुर खीरी में देखने को मिली, जहां शारदा नदी का पानी गांवों में घुस गया। बाढ़ के साथ मगरमच्छ भी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच गए। खेतों, सड़कों और गांवों में मगरमच्छों के दिखाई देने से लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और प्रशासन प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

    प्रयागराज में बीते 24 घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और अंडरपास में करीब दो फीट तक पानी भर जाने से यातायात रोकना पड़ा। जलभराव के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लगा और लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं कौशांबी में घरों के भीतर पानी भर जाने से सोफा, कुर्सियां और अन्य घरेलू सामान पानी में तैरते नजर आए। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।

    वाराणसी और प्रयागराज में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों की कई सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। काशी में करीब 50 छोटे मंदिरों तक नदी का पानी पहुंच गया है। उन्नाव और फिरोजाबाद के सरकारी अस्पतालों में भी घुटनों तक पानी भर गया, जिससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शामली में नहर टूटने से करीब 10 फीट सड़क धंस गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

    खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम भी उठाए हैं। पीलीभीत और बहराइच में सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण प्रदेश में 24 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद भी कई इलाकों में अगले तीन से चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    लगातार हो रही बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं ने भी जनहानि बढ़ाई है। पिछले तीन दिनों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। राहत एवं बचाव दल भी संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

  • मानसून का बड़ा हमला देशभर में बारिश का कहर कई राज्यों के लिए भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी

    मानसून का बड़ा हमला देशभर में बारिश का कहर कई राज्यों के लिए भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी


    मध्यप्रदेश । 10 जुलाई का दिन देश के कई राज्यों के लिए मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून पूरे जोर के साथ सक्रिय है और इसका असर उत्तर भारत मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

    मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार बना रहेगा। भोपाल इंदौर जबलपुर उज्जैन ग्वालियर सागर रीवा शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है जबकि नदी नाले उफान पर आ सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भी गरज चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों और दिल्ली एनसीआर में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और कई स्थानों पर तेज बारिश लोगों को गर्मी और उमस से राहत देगी। हालांकि बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।

    मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। यात्रा के दौरान मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही घर से निकलें।

    पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है। पर्यटकों को सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

    कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई का समय चल रहा है। पर्याप्त वर्षा से खेतों में नमी बढ़ेगी और धान सोयाबीन मक्का तथा अन्य फसलों को फायदा मिलेगा। वहीं शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा और कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन की ओर से जारी हर अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है। सतर्कता और सावधानी ही खराब मौसम के दौरान सबसे बड़ा बचाव साबित होगी।

  • बारिश से बेहाल मध्यप्रदेश अंडरब्रिज डूबे नदियां उफान पर कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

    बारिश से बेहाल मध्यप्रदेश अंडरब्रिज डूबे नदियां उफान पर कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी


    मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश में मानसून अब पूरे शबाब पर है और लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बीते चौबीस घंटे के दौरान 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। धार में सबसे अधिक करीब 2.4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई जबकि राजगढ़ रतलाम शिवपुरी टीकमगढ़ खरगोन भोपाल और उज्जैन सहित कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर नदी नाले उफान पर आ गए हैं और लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

    शाजापुर जिले में हालात ऐसे बन गए कि शिक्षकों को जान जोखिम में डालकर उफनता नाला पार कर स्कूल पहुंचना पड़ा। वहीं रतलाम में सागोद रोड से ईश्वर नगर जाने वाले अंडरब्रिज में पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हो गया। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों को लंबा रास्ता तय कर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।

    प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार सुबह से रिमझिम और तेज बारिश का दौर जारी है। कहीं पिछले 16 घंटे से लगातार मध्यम और तेज बारिश हो रही है तो कहीं सुबह से आसमान में बादल छाए रहने के साथ लगातार फुहारें पड़ रही हैं। इस बारिश से जहां उमस और गर्मी से राहत मिली है वहीं निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में नदी नालों के उफान ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।

    भोपाल के जलस्रोतों पर भी बारिश का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। कुलांस नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे राजधानी के बड़े तालाब में पानी की आवक तेज हो गई है। दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में लगातार बारिश के कारण कई छोटे बड़े नाले उफान पर हैं। कई गांवों का संपर्क अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है और प्रशासन लोगों से अनावश्यक रूप से नदी नाले पार नहीं करने की अपील कर रहा है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई स्थानों पर चौबीस घंटे के दौरान चार से आठ इंच तक बारिश हो सकती है। श्योपुर शिवपुरी गुना अशोकनगर सागर और टीकमगढ़ जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जहां लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर मुरैना भिंड दतिया निवाड़ी छतरपुर दमोह कटनी जबलपुर नरसिंहपुर रायसेन नर्मदापुरम विदिशा सीहोर राजगढ़ आगर मालवा उज्जैन इंदौर धार झाबुआ नीमच और मंदसौर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल देवास हरदा बैतूल खरगोन बड़वानी खंडवा बुरहानपुर छिंदवाड़ा सिवनी मंडला बालाघाट पन्ना सतना रीवा सीधी शहडोल और सिंगरौली सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
    इसके अलावा ग्वालियर मुरैना भिंड दतिया निवाड़ी छतरपुर दमोह कटनी जबलपुर नरसिंहपुर रायसेन नर्मदापुरम विदिशा सीहोर राजगढ़ आगर मालवा उज्जैन इंदौर धार झाबुआ नीमच और मंदसौर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल देवास हरदा बैतूल खरगोन बड़वानी खंडवा बुरहानपुर छिंदवाड़ा सिवनी मंडला बालाघाट पन्ना सतना रीवा सीधी शहडोल और सिंगरौली सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी नालों से दूर रहें जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर और तेज होने की संभावना बनी हुई है।

  • एमपी में चार दिन तक लू और उमस का कहर, 25 जून के बाद मानसून की दस्तक के संकेत

    एमपी में चार दिन तक लू और उमस का कहर, 25 जून के बाद मानसून की दस्तक के संकेत


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम के तेवर फिलहाल राहत देने वाले नहीं हैं। प्रदेश में 26 जून तक लू, उमस भरी गर्मी और कहीं-कहीं आंधी-बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। मानसून की एंट्री में देरी और प्री-मानसून गतिविधियों के कमजोर पड़ने से गर्मी का प्रभाव बढ़ गया है। पिछले दो दिनों से जबलपुर संभाग के कई इलाकों में हीटवेव का असर भी महसूस किया जा रहा है।

    मौसम विभाग के भोपाल केंद्र ने जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों के लिए अगले चार दिनों तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में दिन के समय गर्म हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि शाम के बाद कुछ क्षेत्रों में आंधी और बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भी गर्मी का असर बना रहने का अनुमान है।


    21 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश की संभावना

    हीटवेव और गर्मी के बीच प्रदेश के 21 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का दौर भी जारी रह सकता है। झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मैहर, अनूपपुर, कटनी, दमोह, सागर, विदिशा और अशोकनगर में तेज आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

    रायसेन में सबसे ज्यादा बारिश
    रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। रायसेन में 61 मिमी यानी करीब ढाई इंच बारिश हुई। भोपाल में दोपहर के समय जोरदार बारिश हुई, जबकि सतना में लगभग पौन इंच पानी गिरा। जबलपुर, खजुराहो, नौगांव और सिवनी में भी बारिश का सिलसिला बना रहा।

    तापमान में आई गिरावट
    बारिश के असर से रविवार को अधिकतम तापमान में कुछ कमी दर्ज की गई। भोपाल में तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 37.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.7 डिग्री, उज्जैन में 36 डिग्री और जबलपुर में 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। वहीं सिवनी और शिवपुरी में 35 डिग्री, रायसेन में 36 डिग्री तथा सागर और टीकमगढ़ में 36.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। दतिया प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    मानसून की दस्तक में अभी और इंतजार

    मध्य प्रदेश में मानसून निर्धारित समय से करीब सात दिन देरी से चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून को प्रदेश में प्रवेश करने में अभी लगभग चार दिन और लग सकते हैं। अनुमान है कि 25 जून के बाद मानसून प्रदेश में दस्तक देगा। वहीं 23 जून तक इसके छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की ओर आगे बढ़ने की संभावना है।

  • 36 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, 17 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट; 90 किमी रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

    36 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, 17 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट; 90 किमी रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं


    नई दिल्ली ।
    भीषण गर्मी से जूझ रहे देश के कई हिस्सों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आगामी 36 घंटों के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं के साथ बारिश का यह दौर कई इलाकों में सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकता है। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा को लेकर सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।

    गर्मी के बीच मौसम ने बदली चाल

    लगातार बढ़ते तापमान और लू के हालात के बीच मौसम में यह बदलाव राहत लेकर आ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण बिहार और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में भी एक मजबूत मौसम प्रणाली विकसित हुई है। इन प्रणालियों के प्रभाव से पूर्वी और उत्तरी भारत में मौसम तेजी से बदलने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, मेघालय, त्रिपुरा और पश्चिमी मध्य प्रदेश सहित 17 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

    पूर्वी राज्यों में ज्यादा असर की आशंका

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। इसके साथ ही बिजली गिरने और वज्रपात का भी खतरा बना रहेगा। ऐसे हालात में लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

    बिहार के कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना जताई गई है। राजधानी पटना में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं झारखंड के कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश का असर दिखाई दे सकता है। पश्चिम बंगाल के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में भी मौसम का प्रभाव बना रहेगा।

    दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत पर नजर

    राष्ट्रीय राजधानी और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी मौसम तेजी से बदल सकता है। दिल्ली में फिलहाल तापमान ऊंचा बना रहेगा, लेकिन आने वाले दिनों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी जिलों में बारिश के साथ तेज हवा चलने के संकेत हैं। कई शहरों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

    उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं और बारिश के चलते यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट देखने के बाद ही सफर करने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस बदलाव से कई क्षेत्रों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है, हालांकि तेज हवाओं और वज्रपात के कारण सतर्कता बेहद जरूरी रहेगी।

  • एमपी में लू का कहर: इंदौर-उज्जैन में तेज गर्मी का ऑरेंज अलर्ट, कल से कई जिलों में असर

    एमपी में लू का कहर: इंदौर-उज्जैन में तेज गर्मी का ऑरेंज अलर्ट, कल से कई जिलों में असर


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश इस समय भीषण गर्मी और हीट वेव की चपेट में है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार अगले चार दिन तक प्रदेश का बड़ा हिस्सा लू की चपेट में रहेगा।

    इंदौर और उज्जैन संभाग में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर मानी जा रही है, जहां तेज लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में दिन के साथ-साथ रात में भी तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जिसे “वॉर्म नाइट” की स्थिति कहा जा रहा है।

    राजधानी Bhopal सहित जबलपुर, ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इन शहरों में गर्म हवाओं का असर देखने को मिलेगा और दिन के समय लू जैसी स्थिति बन सकती है।

    बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। खजुराहो में सबसे अधिक 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन माना जा रहा है। रतलाम और धार भी अत्यधिक गर्म जिलों में शामिल रहे, जहां पारा 45 डिग्री के आसपास पहुंच गया।

    शाजापुर, गुना, सागर और अन्य जिलों में भी तापमान 44 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया, जिससे साफ है कि गर्मी का असर पूरे राज्य में फैल चुका है।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा। उज्जैन में 44.7 डिग्री, इंदौर में 43.6 डिग्री, भोपाल में 43.2 डिग्री, ग्वालियर में 42 डिग्री और जबलपुर में 42.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अगले चार दिनों तक बनी रह सकती है और कई जिलों में लू की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। खासकर इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।

    इसके साथ ही कुछ इलाकों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की भी हल्की संभावना जताई गई है, जिससे मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है, लेकिन इससे गर्मी से राहत की उम्मीद कम ही है।

    कुल मिलाकर मध्यप्रदेश फिलहाल भीषण गर्मी के दौर से गुजर रहा है और लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त पानी का सेवन करें।

  • MP : मालवा-निमाड़ में भीषण गर्मी का कहर, 11 जिलों में लू का अलर्ट, रतलाम सबसे गर्म शहर

    MP : मालवा-निमाड़ में भीषण गर्मी का कहर, 11 जिलों में लू का अलर्ट, रतलाम सबसे गर्म शहर

    भोपाल । मध्य प्रदेश में एक बार फिर गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मालवा-निमाड़ क्षेत्र समेत इंदौर और उज्जैन संभाग के कई जिले अगले चार दिनों तक लू की चपेट में रहेंगे। मौसम विभाग ने 11 जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं राजधानी भोपाल में सुबह से बादल छाए रहने के बावजूद उमस और गर्मी बनी हुई है।

    मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने दोहरे रंग दिखाए। कहीं तेज लू चली तो कहीं आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई। निमाड़ क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई, जबकि रतलाम में तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा।

    चक्रवात और टर्फ से बदला मौसम

    IMD के मुताबिक प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ सिस्टम सक्रिय होने से कई जिलों में मौसम बदला। बालाघाट, सिवनी, दतिया, टीकमगढ़, धार, इंदौर, देवास, सीहोर, सागर, छिंदवाड़ा और रायसेन में दिनभर तेज गर्मी रही, लेकिन शाम होते-होते कई जगहों पर बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। निवाड़ी और बालाघाट में ओलावृष्टि भी हुई। भोपाल में दिन के समय बादल और धूप का मिला-जुला असर रहा, जबकि रात में कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।

    रतलाम में लगातार तीसरे दिन रिकॉर्ड गर्मी

    मंगलवार को रतलाम लगातार तीसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा धार में 44.5 डिग्री, श्योपुर और शाजापुर में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। खरगोन में 43.6 डिग्री, गुना में 43.3 डिग्री और सागर में 43.2 डिग्री तापमान रहा। वहीं प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां पारा 44.4 डिग्री तक पहुंच गया। इंदौर में 43.6 डिग्री, भोपाल में 42.6 डिग्री, जबलपुर में 42 डिग्री और ग्वालियर में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    आज इन जिलों में लू का अलर्ट

    बुधवार को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, शाजापुर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, देवास, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, मंदसौर, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, रीवा, सतना, शहडोल और सागर समेत कई जिलों में तेज गर्मी का असर बना रहेगा।

    मई में 11 दिन तक बदला रहा मौसम
    प्रदेश में 30 अप्रैल से शुरू हुआ आंधी-बारिश का दौर 10 मई तक जारी रहा। कभी पश्चिमी विक्षोभ तो कभी चक्रवात और टर्फ सिस्टम के असर से प्रदेश में लगातार मौसम बदला। मई के 12 दिनों में से 11 दिन कहीं न कहीं बारिश, आंधी या ओलावृष्टि दर्ज की गई। हालांकि बुधवार के लिए मौसम विभाग ने बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।

  • MP में आंधी-बारिश से बदला मौसम, कई शहरों में लुढ़का पारा, आज भी 21 जिलों में चेतावनी जारी

    MP में आंधी-बारिश से बदला मौसम, कई शहरों में लुढ़का पारा, आज भी 21 जिलों में चेतावनी जारी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने मिजाज बदला हुआ है। आंधी और बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को रीवा का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जबकि ग्वालियर, नौगांव, सीधी और सतना में भी मौसम अपेाकृत ठंडा बना रहा। कई जिलों में हल्की बारिश भी हुई।

    मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी प्रदेश के 21 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत प्रदेश के 34 जिलों में गर्मी का असर जारी रहेगा। इन इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उसके आसपास बने रहने का अनुमान है।

    इन जिलों में हुई बारिश
    गुरुवार को नर्मदापुरम, टीकमगढ़ और श्योपुर में बारिश दर्ज की गई। वहीं ग्वालियर-चंबल, रीवा और शहडोल संभाग के कई हिस्सों में बादल छाने और आंधी चलने का सिलसिला जारी रहा। प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम बदलने की वजह
    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्य प्रदेश में फिलहाल दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इनमें एक प्रदेश के मध्य भाग में और दूसरा ऊपरी हिस्से में बना हुआ है। साथ ही एक ट्रफ लाइन पूर्वी हिस्से से गुजर रही है। इसके प्रभाव से अगले दो दिनों तक कई जिलों में बारिश और आंधी की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि 10 और 11 मई से प्रदेश में फिर गर्मी बढ़ने के आसार हैं और तापमान में इजाफा देखने को मिल सकता है।

  • एमपी में गर्मी का कहर, सबसे ज्‍यादा तप रहे खजुराहो-नौगांव, आज कई जिलों में लू की चेतावनी

    एमपी में गर्मी का कहर, सबसे ज्‍यादा तप रहे खजुराहो-नौगांव, आज कई जिलों में लू की चेतावनी

    भोपाल। मध्यप्रदेश में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। सुबह होते ही सूरज की तपिश तेज हो जाती है और दोपहर तक हालात और भी ज्यादा गर्म हो जाते हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने शनिवार को ग्वालियर और उज्जैन सहित 20 से अधिक जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है।

    हीट वेव का अलर्ट

    जिन जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। प्रदेश के अन्य जिलों में भी गर्मी का असर बना रहेगा और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ही रहने की संभावना है। फिलहाल छतरपुर जिला सबसे ज्यादा गर्म बना हुआ है, जहां खजुराहो और नौगांव में तापमान सबसे ऊंचा दर्ज किया जा रहा है।

    खजुराहो सबसे गर्म

    शुक्रवार को खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां पारा करीब 44 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, खजुराहो में 43.9 डिग्री, नौगांव में 43.5 डिग्री और रतलाम में 43.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा सतना और टीकमगढ़ में 42.8 डिग्री, दमोह में 42.6 डिग्री, मंडला और रीवा में 42.5 डिग्री, जबकि धार, सीधी और रायसेन में 42.4 डिग्री तापमान रहा। दतिया और नर्मदापुरम में 42.3 डिग्री तथा श्योपुर और शाजापुर में 42.2 डिग्री दर्ज किया गया। मलाजखंड, उमरिया और खरगोन में तापमान 32 डिग्री के आसपास रहा।

    बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री पहुंच गया। भोपाल में 41.6 डिग्री, इंदौर में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 42 डिग्री और उज्जैन में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, महीने के अंत में मौसम कुछ राहत दे सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 और 28 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो सकता है।