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  • भीषण गर्मी की चपेट में उत्तर भारत, बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर, कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट

    भीषण गर्मी की चपेट में उत्तर भारत, बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर, कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट

    नई दिल्ली। उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बढ़ते तापमान के बीच उत्तर प्रदेश का बांदा जिला मंगलवार को देश का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने बांदा समेत कई शहरों में गंभीर लू की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में जब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, तो उसे हीटवेव की स्थिति माना जाता है। इसी कारण उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में लू का अलर्ट जारी किया गया है।

    उत्तर प्रदेश में बांदा के अलावा उरई में 45.8 डिग्री, झांसी में 45.5 डिग्री, प्रयागराज में 45.4 डिग्री, आगरा में 45.3 डिग्री और हमीरपुर में 45.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राज्य के कई इलाकों में रात के समय भी गर्म हवाओं का असर बना रहा, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल सकी।

    राजस्थान में भी गर्मी का प्रकोप जारी है। श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर और फलोदी में 46 डिग्री, जैसलमेर में 45.6 डिग्री और कोटा में 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी जयपुर में भी तेज गर्मी रही और अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

    महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। ब्रह्मपुरी में तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक रहा। चंद्रपुर में 46.4 डिग्री, वर्धा में 46 डिग्री, नागपुर के सोनेगांव क्षेत्र में 45.5 डिग्री और गोंदिया में 45.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    हरियाणा में सिरसा सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रोहतक में पारा 45.6 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं पंजाब के बठिंडा में अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिला। सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक था। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली के आयानगर, रिज और लोधी रोड क्षेत्रों में तापमान हीटवेव के आधिकारिक मानक से मामूली कम रहा, अन्यथा पूरी राजधानी गंभीर लू की चपेट में आ सकती थी।

    हालांकि मौसम विभाग ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को जल्द राहत मिलने की संभावना जताई है। IMD के अनुसार 29 मई से राजधानी में आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।

  • ग्वालियर में सीजन की सबसे गर्म रात, न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री; अगले 3-4 दिन और बढ़ेगी गर्मी

    ग्वालियर में सीजन की सबसे गर्म रात, न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री; अगले 3-4 दिन और बढ़ेगी गर्मी


    ग्वालियर । ग्वालियर में मौसम लगातार करवट बदल रहा है और गर्मी का असर अब दिन के साथ-साथ रातों में भी साफ महसूस होने लगा है। बुधवार की रात इस सीजन की अब तक की सबसे गर्म रात के रूप में दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार शहर का न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन में अब तक का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान है। इसके साथ ही हवा में नमी की मात्रा भी काफी कम हो गई है, जिससे वातावरण में गर्मी का असर और अधिक महसूस किया जा रहा है।

    दिन के समय भी तापमान लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को ग्वालियर का अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुरुवार सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को गर्मी का अहसास करा दिया। सुबह 10 बजे के बाद से ही धूप इतनी तीखी हो गई कि लोगों को बाहर निकलने में परेशानी होने लगी। दोपहर होते-होते गर्मी का असर और बढ़ गया, जिसके कारण शहर की सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम आवाजाही दिखाई दी।

    भीषण गर्मी के चलते लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। दोपहर के समय बाजारों और प्रमुख सड़कों पर भी अपेक्षाकृत सन्नाटा देखने को मिला। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण लोगों को खासा असहज महसूस करना पड़ रहा है। मौसम में आए इस बदलाव का असर दैनिक जीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है।

    मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले तीन से चार दिनों तक मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही बना रह सकता है। तापमान में ज्यादा राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम है। विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। विशेष रूप से किसानों को भी अपनी फसलों का ध्यान रखने के लिए कहा गया है, क्योंकि तापमान में बढ़ोतरी का असर खेती पर भी पड़ सकता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने भी लोगों को इस मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए लोगों को अधिक मात्रा में तरल पदार्थ जैसे पानी, नींबू पानी, छाछ और अन्य पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी और गर्मी के दुष्प्रभावों से बचाव किया जा सकेगा।

    इसके अलावा डॉक्टरों ने दोपहर के समय हल्का भोजन करने की सलाह दी है और खाने में ऐसी चीजों को शामिल करने को कहा है जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो। फल, सलाद और दही जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर और शरीर को पूरी तरह ढककर निकलना चाहिए, ताकि सीधे धूप के संपर्क से बचा जा सके।

    ग्वालियर में मार्च के महीने में ही इस तरह की गर्मी लोगों के लिए चिंता का विषय बन रही है। यदि तापमान में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक तीखी हो सकती है। ऐसे में नागरिकों को मौसम के प्रति सतर्क रहते हुए अपनी दिनचर्या और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी होगा।

  • उत्तरी सर्द हवाओं से ठिठुरन8 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी

    उत्तरी सर्द हवाओं से ठिठुरन8 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में शीतलहर का दौर लगातार जारी है और उत्तरी बर्फीली हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट आ रही हैजिससे ठंड में और बढ़ोतरी हो रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में सर्दी का असर बढ़ने के साथ-साथ मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। मंगलवार को प्रदेश के 24 से अधिक शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गयावहीं बुधवार को भी कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है।

    शीतलहर का प्रभावतापमान में गिरावट

    मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसारमंगलवार को शहडोल जिले में प्रदेश का सबसे कम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावाभोपालराजगढ़इंदौर और शाजापुर जैसे प्रमुख शहरों में भी शीतलहर का असर देखने को मिला। मौसम के शुष्क होने और उत्तरी बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश में ठिठुरन बनी हुई है। मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में शीतलहर के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए हैंखासकर सुबह और रात के समय में ठंड बहुत ज्यादा महसूस हो रही है।

    कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम

    मंगलवार को प्रदेश के 24 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी कम रहाजो ठंड की स्थिति को और गंभीर बना रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसारशीतलहर के कारण तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। इस दौरान दिन में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस नर्मदापुरम में रिकॉर्ड किया गयालेकिन रात के समय ठंडक बढ़ने से लोग परेशान हैं।

    आगे का मौसम तीन दिन तक शीतलहर का असर

    मौसम विभाग के मुताबिकअगले तीन दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। बुधवार को भी प्रदेश के आठ प्रमुख जिलों में शीतलहर का प्रभाव रहेगा। इनमें भोपालविदिशासीहोरराजगढ़इंदौरशाजापुरजबलपुर और सिवनी शामिल हैं। इन जिलों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है और सर्द हवाओं के कारण लोगों को ठंड का सामना करना पड़ेगा।

    किसानों पर असर

    मध्य प्रदेश में किसानों के लिए यह मौसम फसलें बचाने के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शीतलहर का असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता हैखासकर वे फसलें जो ठंडी के प्रति संवेदनशील होती हैं। किसान अपनी फसलों की रक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठा सकते हैंजैसे कि फसल के ऊपर कंबल डालना या फिर शेड का इस्तेमाल करना।

    नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

    मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी हैखासकर उन क्षेत्रों में जहां शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें और खासकर सुबह और रात के समय बाहर जाने से बचें। सर्दी के मौसम में श्वसन संबंधित बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ जाता हैइसलिए स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतना जरूरी है। कुल मिलाकरमध्य प्रदेश में सर्दी का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहने की संभावना है। प्रदेशवासियों को शीतलहर से बचने के लिए अतिरिक्त उपायों की आवश्यकता है और साथ ही मौसम के मिजाज के अनुसार अपनी दिनचर्या को अनुकूलित करना होगा।