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  • प्रकृति का कहर: यूपी में भारी बारिश और तूफान से 24 की मौत, प्रशासन राहत कार्य में जुटा”

    प्रकृति का कहर: यूपी में भारी बारिश और तूफान से 24 की मौत, प्रशासन राहत कार्य में जुटा”

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिनों से जारी मौसम का कहर अब एक बड़े संकट के रूप में सामने आया है। तेज आंधी, लगातार बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने राज्य के कई हिस्सों में भारी तबाही मचा दी है। इस आपदा में अब तक कम से कम 24 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है।

    राज्य के विभिन्न जिलों में अचानक बदले मौसम ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे रास्ते बाधित हो गए और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। कई ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

    खेतों में काम कर रहे किसान और खुले क्षेत्रों में मौजूद लोग इस प्राकृतिक आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर बिजली गिरने की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता दी जा सके।

    सरकारी स्तर पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता पहुंचाई जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी न हो।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही यह आदेश दिया गया है कि मृतकों के परिवारों, घायलों और पशुहानि का मुआवज़ा 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराया जाए।

    जिला प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। कई स्थानों पर अस्थायी राहत केंद्र भी बनाए गए हैं, जहां प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान और आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं।

    इस बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों को लेकर चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में अभी भी तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

    उत्तर प्रदेश के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम का असर देखने को मिल रहा है। कुछ स्थानों पर बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई इलाकों में यह राहत एक गंभीर आपदा में बदल गई है।

  • MP में बदला मौसम, कोहरे और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, 27-28 जनवरी को बारिश का अलर्ट

    MP में बदला मौसम, कोहरे और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, 27-28 जनवरी को बारिश का अलर्ट



    भोपाल।  मध्य प्रदेश में मौसम ने फिर से बदलती मार दिखाई है। रविवार की सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे ठंड और बढ़ गई और आम जीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर कम दृश्यता के कारण लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के लगभग आधे हिस्से में 27 और 28 जनवरी को बारिश और गरज-चमक के आसार हैं।

    विभाग के अनुसार, 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस काफी मजबूत है, जिसका असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ेगा। ग्वालियर-चंबल संभाग में पहले से ही बादल, हल्की बारिश और कोहरे का दौर जारी है।

    विभाग ने बताया कि उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक लो प्रेशर एरिया और ट्रफ लाइन सक्रिय हैं। इन मौसम प्रणालियों की वजह से पिछले 24 घंटों में ग्वालियर-चंबल के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई।

    शनिवार को भी प्रदेश में मौसम ठंडा बना रहा। छतरपुर, रतलाम समेत 10 से अधिक जिलों में तेज हवाओं ने ठंडक बढ़ाई। भोपाल में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। वहीं, शनिवार देर शाम नरसिंहपुर के सालीचौका क्षेत्र में 20-25 मिनट तक तेज बारिश हुई।

    मौसम विभाग ने 27 जनवरी को भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम तथा 28 जनवरी को जबलपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, कटनी, दमोह, सागर, नरसिंहपुर, विदिशा और रायसेन में बारिश की संभावना जताई है।

    शनिवार की रात मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजगढ़ में 7.4, नीमच के मरुखेड़ा में 7.9, कल्याणपुर में 8.2, पचमढ़ी में 8.2 और कटनी के करौंदी में 9.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल 12.5, इंदौर 12.2, ग्वालियर 13.3, उज्जैन 12.8 और जबलपुर 15.3 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहे।

    सर्द हवाओं और कोहरे की वजह से ग्वालियर-चंबल संभाग में दिन के तापमान में तेज गिरावट देखी गई। दतिया सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान केवल 18.6 डिग्री था। खजुराहो में तापमान 21.4 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि गुना 18.7, टीकमगढ़ 19, श्योपुर 19.4, ग्वालियर-धार 20, उज्जैन 21.5, रतलाम 21.2, इंदौर 22, नौगांव 22.5 और भोपाल 23.1 डिग्री सेल्सियस पर था। मौसम विभाग ने रविवार को भी दिन के तापमान में गिरावट की संभावना जताई है।