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  • MP: सागर-रीवा संभाग के 6 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, 4 दिन सक्रिय रहेंगे मानसूनी सिस्टम

    MP: सागर-रीवा संभाग के 6 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, 4 दिन सक्रिय रहेंगे मानसूनी सिस्टम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। प्रदेश के ऊपरी हिस्से में दो मौसम प्रणालियां बनी हुई हैं, जिनके प्रभाव से अगले चार दिन तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। सोमवार को सागर और रीवा संभाग के 6 जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मालवा-निमाड़ क्षेत्र यानी इंदौर और उज्जैन संभाग में हल्की बारिश होने की संभावना है।

    मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के मुताबिक, अगले 24 घंटे के दौरान निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर और दमोह में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    कलियासोत बांध के फिर खोले गए गेट

    प्रदेश के कई हिस्सों में रविवार को भी तेज बारिश हुई। भोपाल में कलियासोत बांध के दो गेट दोबारा खोलने पड़े। इससे एक दिन पहले शनिवार रात करीब 11 बजे बांध के चार गेट खोले गए थे। पानी छोड़े जाने के बाद रात 12 बजे इन्हें एक-एक करके बंद कर दिया गया था।

    उज्जैन में बारिश के चलते शनिवार देर रात महाकाल मंदिर से रामघाट जाने वाले मार्ग पर स्थित ऐतिहासिक महाकाल द्वार गिर गया।

    शिवपुरी जिले के सिकराऊदा गांव के 21 वर्षीय राम रावत का शव गहलोनी के पास नदी किनारे मिला। वह शुक्रवार को रपटा पार करते समय तेज बहाव में बह गया था। शनिवार को SDERF की टीम ने पूरे दिन सर्च ऑपरेशन चलाया था, लेकिन युवक का पता नहीं चल पाया था। रविवार को नदी का जलस्तर घटने पर ग्रामीणों को उसका शव दिखाई दिया।

    खेतों में पानी भरा, सड़क पर पुल डूबा

    शाजापुर के अकोदिया में बारिश का सिलसिला कभी धीमा तो कभी तेज रहा। खेतों में पानी भरने से सोयाबीन की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

    मुरैना के कैलारस में भी बारिश के बाद खेरली-पचोखरा रोड पर स्थित गुराह नाले का पुल पानी में डूब गया। जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों ने नाला पार करने के लिए बड़ी कढ़ाही जैसे बर्तन का सहारा लिया। वे इसमें बैठकर रस्सी के सहारे नाले के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंच रहे हैं।

    23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 23 जिलों में अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

    32 जिलों में सामान्य से 2% से 23% तक कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 1% तक कम दर्ज की गई है। वहीं बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2% से 23% तक कम बारिश हुई है।

    हालांकि पिछले एक सप्ताह में बारिश के आंकड़ों में काफी सुधार हुआ है। इस दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने, जिससे बारिश का आंकड़ा ऊपर आया। सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्सा आंकड़ों के लिहाज से बेहतर स्थिति में पहुंचा है और यहां बारिश का आंकड़ा 2% ज्यादा हो गया है।

    इसके उलट पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 54% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

  • एमपी में मौसम के दो सिस्टम सक्रिय, 28 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जिलों में चलेंगी तेज हवाएं

    एमपी में मौसम के दो सिस्टम सक्रिय, 28 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जिलों में चलेंगी तेज हवाएं


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में इस समय मौसम के दो सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके चलते प्रदेश के करीब आधे हिस्से यानी 28 जिलों में बुधवार को तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है।

    बुधवार को ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, शाम के समय मौसम में बदलाव ज्यादा स्पष्ट होगा, हालांकि कुछ जिलों में दिन के दौरान भी आंधी और बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    वहीं, प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिन के समय गर्मी का असर बना रहेगा। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, गुना, शिवपुरी और अशोकनगर शामिल हैं। मंगलवार को प्रदेश में लगातार पांचवें दिन भी आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहा। ग्वालियर, छतरपुर, धार, बड़वानी, डिंडौरी और बालाघाट सहित कई जिलों में सुबह से ही मौसम बदला रहा, जबकि रात में भोपाल समेत अन्य क्षेत्रों में तेज हवाएं चलीं।

    तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री, इंदौर 37.6 डिग्री, ग्वालियर 34.7 डिग्री, उज्जैन 38 डिग्री और जबलपुर 37 डिग्री सेल्सियस रहा। खरगोन सबसे गर्म रहा, जहां पारा 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खंडवा में 41.5 डिग्री और नरसिंहपुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, नौगांव में सबसे कम 33.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। अन्य शहरों में भी तापमान सामान्य से कम रहा।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल आंधी-बारिश का दौर कुछ दिन और जारी रह सकता है। वर्तमान में एक चक्रवाती परिसंचरण प्रदेश के मध्य भाग में सक्रिय है, जबकि दूसरा ऊपरी हिस्से में बना हुआ है। इसके साथ ही पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसके कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। साथ ही 10 मई से एक नया सिस्टम भी सक्रिय होने की संभावना है।