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ग्वालियर में बादलों का डेरा, सुबह हुई बूंदाबांदी, अगले दो दिन बारिश और तेज हवाओं से बदलेगा मौसम
ग्वालियर। ग्वालियर में शनिवार सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच हुई हल्की बूंदाबांदी ने वातावरण में ठंडक घोल दी। पिछले कुछ दिनों से तेज धूप और गर्मी का सामना कर रहे लोगों को सुबह के समय राहत महसूस हुई। ठंडी हवाओं और बढ़ी हुई नमी के कारण मौसम सुहावना बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 48 घंटों के दौरान ग्वालियर और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में अगले दो दिन शहर के मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।शनिवार सुबह दर्ज किए गए मौसम के आंकड़ों के मुताबिक ग्वालियर का न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक था। सुबह 5:30 बजे तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि सुबह 8:30 बजे यह बढ़कर 23.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 93 प्रतिशत रही जो सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक थी। वातावरण में नमी बढ़ने और बादल छाए रहने के कारण सुबह मौसम में ठंडक महसूस हुई। इस दौरान शहर में 0.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।पिछले कुछ दिनों के तापमान पर नजर डालें तो ग्वालियर में मौसम लगातार बदलाव के दौर से गुजर रहा है। मानसून की विदाई के बाद शहर में तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा था। इससे लोगों को दिन के समय गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि पिछले दो दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस था जबकि शुक्रवार को यह घटकर 30.3 डिग्री सेल्सियस रह गया। यानी एक ही दिन में अधिकतम तापमान में 4.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। इस बदलाव के बाद शनिवार सुबह हुई बूंदाबांदी ने मौसम में ठंडक बढ़ने के संकेत दिए।मौसम में आए इस बदलाव के पीछे बादलों की सक्रियता और हवाओं की दिशा में परिवर्तन को प्रमुख वजह माना जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसमी गतिविधियां बनी हुई हैं। इसका असर ग्वालियर चंबल संभाग के मौसम पर भी दिखाई दे रहा है। बादलों की आवाजाही के कारण धूप का असर कम हो रहा है और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की स्थिति बन रही है। हालांकि दिन के समय बादल छंटने और धूप निकलने पर तापमान में बढ़ोतरी भी हो सकती है। इसलिए पूरे दिन मौसम एक जैसा रहने की संभावना नहीं है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 घंटों में ग्वालियर सहित आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बारिश और हवाओं के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। लोगों को बदलते मौसम के बीच स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। फिलहाल शनिवार सुबह हुई बूंदाबांदी ने गर्मी से कुछ राहत जरूर दी है। अब आने वाले दो दिनों में बादलों की सक्रियता और बारिश की स्थिति तय करेगी कि ग्वालियर में ठंडक कितनी बढ़ती है और दिन के तापमान पर इसका कितना असर पड़ता है। -

MP Weather Update: 8 जून को गर्मी और उमस का डबल अटैक, कहीं बादल तो कहीं तेज धूप; मानसून की आहट का इंतजार
मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। जून का दूसरा सप्ताह शुरू होने के बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। 8 जून को भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहने की संभावना है। राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में दिनभर तेज धूप और उमस का असर देखने को मिल सकता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही राहत का अहसास करा सकती है।मौसम के ताजा संकेत बताते हैं कि भोपाल में सुबह के समय बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इसके बाद दिन चढ़ने के साथ धूप तेज होगी और तापमान तेजी से बढ़ेगा। दोपहर के समय पारा 39 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है। हवा में नमी अधिक रहने से गर्मी का एहसास वास्तविक तापमान से ज्यादा हो सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाई हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों में आगे बढ़ रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश में इसके प्रवेश में कुछ देरी देखने को मिल सकती है। यही कारण है कि लोगों को अभी कुछ और दिनों तक गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।
राजधानी भोपाल के अलावा इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, रीवा और जबलपुर संभाग के कई जिलों में भी मौसम लगभग इसी तरह बना रह सकता है। दोपहर के समय तेज धूप लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है, जबकि शाम के समय बादलों की हल्की आवाजाही और तेज हवाएं कुछ राहत दे सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान मौसम किसानों के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है। खरीफ फसलों की तैयारी कर रहे किसान मानसून की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं। यदि मानसून की रफ्तार सामान्य रहती है तो अगले एक-दो सप्ताह में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर 8 जून का दिन मध्य प्रदेश में गर्मी, उमस और मानसून की प्रतीक्षा के बीच गुजरने वाला है। लोगों को राहत की उम्मीद बादलों और संभावित हल्की बारिश से जरूर रहेगी, लेकिन व्यापक बारिश के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।