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  • श्रीगणेश की कृपा चाहिए तो जान लें उनकी प्रिय चीजें सही विधि से पूजा करने पर खुलेंगे तरक्की और धन लाभ के नए रास्ते

    श्रीगणेश की कृपा चाहिए तो जान लें उनकी प्रिय चीजें सही विधि से पूजा करने पर खुलेंगे तरक्की और धन लाभ के नए रास्ते


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में भगवान श्रीगणेश को प्रथम पूज्य देव माना गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा के बिना अधूरी मानी जाती है। उन्हें विघ्नहर्ता बुद्धि के दाता और शुभ लाभ के देवता कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भक्त सच्चे मन और पूर्ण श्रद्धा से भगवान गणेश की आराधना करता है उसके जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख समृद्धि सफलता तथा सौभाग्य का आगमन होता है। लेकिन बहुत से लोगों के मन में यह प्रश्न रहता है कि भगवान गणेश को सबसे अधिक क्या पसंद है और उन्हें शीघ्र प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका क्या है।

    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान गणेश को दूर्वा घास अत्यंत प्रिय है। पूजा के समय तीन या इक्कीस गांठ वाली ताजी दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और भक्त के जीवन से संकट दूर होने लगते हैं। इसके साथ ही उन्हें मोदक और बेसन के लड्डू का भोग लगाना भी विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि मोदक भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग है और इसे अर्पित करने से घर में सुख समृद्धि और धन की वृद्धि होती है।

    भगवान गणेश को लाल रंग भी अत्यंत प्रिय माना जाता है। इसलिए उनकी पूजा में लाल फूल लाल चंदन और सिंदूर अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। पूजा के समय शुद्ध घी का दीपक जलाकर धूप दिखानी चाहिए और श्रद्धा के साथ गणेश चालीसा अथवा गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना चाहिए। यदि समय कम हो तो केवल ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का 108 बार जाप भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इस मंत्र के नियमित जाप से मानसिक तनाव कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।

    भगवान गणेश केवल पूजा सामग्री से ही नहीं बल्कि भक्त के सच्चे भाव से भी प्रसन्न होते हैं। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति सत्य का पालन करता है विनम्र रहता है माता पिता और गुरु का सम्मान करता है तथा जरूरतमंदों की सहायता करता है उस पर भगवान गणेश की विशेष कृपा बनी रहती है। इसलिए पूजा के साथ अच्छे कर्म करना भी उतना ही आवश्यक माना गया है।

    बुधवार का दिन भगवान गणेश की विशेष आराधना के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान गणेश को दूर्वा लाल फूल सिंदूर तथा मोदक अर्पित करें। इसके बाद गरीबों को हरे मूंग फल या भोजन का दान करें। यह उपाय बुध ग्रह को भी मजबूत करता है और शिक्षा व्यापार नौकरी तथा करियर में आने वाली बाधाओं को दूर करने में सहायक माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश को क्रोध अहंकार छल कपट और अपमान बिल्कुल पसंद नहीं है। इसलिए उनकी पूजा करते समय मन को शांत रखें किसी के प्रति द्वेष न रखें और सकारात्मक विचारों के साथ आराधना करें। यदि किसी कार्य में बार बार बाधाएं आ रही हों या आर्थिक संकट बना हुआ हो तो नियमित रूप से भगवान गणेश के मंदिर जाकर उनके दर्शन करें और श्रद्धा के साथ उनकी आरती करें। ऐसा करने से धीरे धीरे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं।

    भगवान श्रीगणेश की कृपा पाने का सबसे बड़ा मंत्र सच्ची श्रद्धा विश्वास और अच्छे कर्म हैं। जब भक्ति के साथ सेवा और सदाचार जुड़ जाते हैं तब भगवान गणेश अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता सुख शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

  • बुधवार पूजा विधि: गणपति बप्पा की कृपा पाने के लिए अपनाएं ये आसान नियम और पूजा का सही तरीका

    बुधवार पूजा विधि: गणपति बप्पा की कृपा पाने के लिए अपनाएं ये आसान नियम और पूजा का सही तरीका


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि विधान से गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं और बुद्धि विवेक धन समृद्धि तथा सुख शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिन लोगों के कार्य बार बार रुकते हैं या शिक्षा व्यापार और नौकरी में बाधाएं आती हैं वे बुधवार के दिन विशेष रूप से भगवान गणेश की आराधना करते हैं।

    बुधवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ हरे या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर की साफ सफाई कर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं। इसके बाद शुद्ध जल से आचमन करें और भगवान का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें।

    भगवान गणेश को दूर्वा घास अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ लाल या पीले फूल चढ़ाएं। मोदक लड्डू गुड़ चना या मौसमी फल का भोग लगाएं। धूप दीप और नैवेद्य अर्पित करने के बाद गणेश जी की आरती करें। पूजा के दौरान गणेश अथर्वशीर्ष या गणेश चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।

    बुधवार के दिन इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना लाभकारी माना जाता है।

    ॐ गं गणपतये नमः

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंत्र का श्रद्धा से जाप करने से बुद्धि का विकास होता है और जीवन की बाधाएं दूर होने लगती हैं। इसके साथ ही बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए हरे मूंग का दान करना गाय को हरा चारा खिलाना और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी शुभ माना जाता है।

    यदि संभव हो तो बुधवार के दिन क्रोध झूठ और कटु वचन से बचें। किसी का अपमान न करें और परिवार के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करें। विद्यार्थियों के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है। वे भगवान गणेश की पूजा कर अपनी पढ़ाई में सफलता की प्रार्थना कर सकते हैं। व्यापारी भी नए कार्य की शुरुआत या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले गणेश जी का स्मरण करते हैं।

    मान्यता है कि सच्चे मन से की गई बुधवार की पूजा से भगवान गणेश भक्तों की मनोकामनाएं सुनते हैं और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर कर सुख समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। नियमित रूप से गणेश आराधना करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है।

  • बुधवार पूजा विधि: गणपति और बुध ग्रह की कृपा पाने के लिए करें ये सरल उपाय

    बुधवार पूजा विधि: गणपति और बुध ग्रह की कृपा पाने के लिए करें ये सरल उपाय


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित माना गया है। बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान गणेश और बुध ग्रह की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर बुद्धि, विवेक, वाणी और व्यापार में उन्नति प्राप्त होती है। विद्यार्थियों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए बुधवार की पूजा विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है।

    बुधवार की शुरुआत प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करने से करें। स्नान के बाद साफ और हरे रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। पूजा स्थल की सफाई करके भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद भगवान गणेश को गंगाजल अर्पित करें और हरे रंग के फूल, दूर्वा घास, सिंदूर तथा मोदक का भोग लगाएं। गणेश जी को दूर्वा अत्यंत प्रिय है, इसलिए कम से कम 21 दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है।

    पूजा के दौरान सबसे पहले दीपक जलाएं और भगवान गणेश का ध्यान करें। इसके बाद “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। यदि समय कम हो तो 21 या 51 बार भी जाप किया जा सकता है। गणेश अथर्वशीर्ष, गणेश चालीसा या संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करने से भी विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार का संबंध बुध ग्रह से है। जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर हो या शिक्षा, व्यापार, संचार और निर्णय क्षमता से जुड़ी समस्याएं हों, उन्हें बुधवार के दिन बुध ग्रह की पूजा भी करनी चाहिए। इसके लिए भगवान विष्णु का पूजन करें और “ॐ बुं बुधाय नमः” मंत्र का जाप करें। हरी मूंग, हरे फल या हरे वस्त्र का दान करना भी शुभ माना गया है।

    बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाना, गरीबों को हरी मूंग दान करना और पक्षियों को दाना डालना भी पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन क्रोध, कटु वचन और झूठ बोलने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से बुध ग्रह प्रसन्न होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    व्यापार में वृद्धि और आर्थिक समृद्धि की कामना रखने वाले लोग बुधवार को गणेश मंदिर में जाकर लड्डू या मोदक का भोग लगाएं। इसके बाद प्रसाद को परिवार और जरूरतमंद लोगों में बांट दें। इससे घर में सुख-समृद्धि और शुभता का वास होता है।

    बुधवार की पूजा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास भी प्रदान करती है। नियमित रूप से भगवान गणेश की आराधना करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सफलता के नए मार्ग खुलते हैं। इसलिए बुधवार के दिन श्रद्धा, विश्वास और नियमपूर्वक पूजा करके भगवान गणेश और बुध ग्रह का आशीर्वाद प्राप्त करें।

  • बुधवार की पूजा: गणपति कृपा पाने का सरल और प्रभावी उपाय, दूर होंगे विघ्न और बढ़ेगा सौभाग्य

    बुधवार की पूजा: गणपति कृपा पाने का सरल और प्रभावी उपाय, दूर होंगे विघ्न और बढ़ेगा सौभाग्य


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है। बुधवार का दिन विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता भगवान गणेश की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो व्यक्ति बुधवार को श्रद्धा और नियमपूर्वक गणेश जी की पूजा करता है, उसके जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता मिलने लगती है। भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक, ज्ञान और समृद्धि का देवता माना जाता है। इसलिए विद्यार्थी, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग इस दिन विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

    बुधवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद साफ और हरे रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद घर के मंदिर या पूजा स्थल की साफ-सफाई करें और भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें। पूजा के दौरान गणेश जी को दूर्वा घास, हरे रंग के पुष्प, सिंदूर, अक्षत और मोदक या लड्डू अर्पित करें। मान्यता है कि भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए इनका भोग लगाने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।

    पूजा के समय दीपक और धूप जलाकर गणेश मंत्रों का जाप करना चाहिए। “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। इसके साथ ही गणेश अथर्वशीर्ष या गणेश चालीसा का पाठ भी अत्यंत फलदायी माना गया है। पूजा के अंत में आरती कर भगवान से सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करनी चाहिए।

    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार बुधवार को हरे मूंग का दान करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों को हरे वस्त्र, हरी सब्जियां या मूंग दाल का दान करने से बुध ग्रह मजबूत होता है और आर्थिक परेशानियां कम होती हैं। जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है, उन्हें बुधवार का व्रत और गणेश पूजा विशेष लाभ प्रदान करती है।

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार बुधवार के दिन झूठ बोलने, किसी का अपमान करने और अनावश्यक विवाद से बचना चाहिए। इस दिन सकारात्मक सोच और संयमित व्यवहार रखने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। व्यापार और करियर में उन्नति की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए भी यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

    मान्यता है कि भगवान गणेश की कृपा जिस व्यक्ति पर बनी रहती है, उसके जीवन में आने वाली कठिनाइयां धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं। इसलिए बुधवार को श्रद्धा, विश्वास और नियमपूर्वक की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति, सफलता और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है।