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  • अभिनेता मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन, लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे मशहूर कॉमेडियन

    अभिनेता मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन, लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे मशहूर कॉमेडियन

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के अभिनेता और कॉमेडियन मुश्ताक खान का गुरुवार को 56 साल की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। बताया गया कि उन्होंने गुरुवार शाम करीब 7 बजे अंतिम सांस ली।

    मुश्ताक खान के निधन की पुष्टि अभिनेता और कॉमेडियन सुनील पाल ने की। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े संगठन के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने भी उनके निधन की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार, मुश्ताक खान की बीमारी काफी गंभीर हो चुकी थी और कैंसर आखिरी चरण में पहुंच गया था।

    मुश्ताक खान ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई चर्चित हिंदी फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने मुख्य भूमिकाओं के साथ-साथ सपोर्टिंग और कॉमिक किरदारों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी खासियत यह थी कि सीमित स्क्रीन टाइम में भी वह अपने अभिनय और कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का ध्यान खींच लेते थे।

    उनके फिल्मी सफर में ‘आशिकी’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘हेरा फेरी’, ‘जोड़ी नंबर 1’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘वेलकम’ और ‘राउडी राठौर’ जैसी चर्चित फिल्में शामिल रहीं। इसके अलावा उन्होंने बाद के वर्षों में ‘गदर 2’, ‘बधाई दो’ और ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों में भी काम किया।

    मुश्ताक खान की सबसे लोकप्रिय भूमिकाओं में अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ की फिल्म ‘वेलकम’ का बल्लू किरदार शामिल रहा। वर्ष 2007 में रिलीज हुई इस फिल्म में उनका किरदार दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय हुआ था। फिल्म का उनका चर्चित कॉमिक संवाद और उससे जुड़ा दृश्य लंबे समय तक लोगों की यादों में बना रहा। बाद में भी यह दृश्य सोशल मीडिया और मीम्स के जरिए चर्चा में आता रहा।

    हालांकि, मुश्ताक खान के करियर की पहचान केवल एक किरदार तक सीमित नहीं रही। कई दशकों तक उन्होंने फिल्मों और टेलीविजन में अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाईं। छोटे और सहायक किरदारों को अपने अंदाज से प्रभावशाली बनाना उनकी अभिनय शैली की प्रमुख विशेषता रही।

    मुश्ताक खान ने फिल्मों के अलावा टेलीविजन पर भी काम किया। वह लोकप्रिय टीवी शो ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ में नजर आए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका स्क्रीन डेब्यू वर्ष 1980 में आई फिल्म ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’ से हुआ था।

    मुश्ताक खान का जन्म 31 दिसंबर 1969 को मध्य प्रदेश में हुआ था। उनका परिवार मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर से जुड़ा रहा है। उनके परिवार में पत्नी सलमा खान और दो बेटे हैं। उनके निधन से हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसने लंबे समय तक सहायक और हास्य भूमिकाओं के जरिए दर्शकों का मनोरंजन किया।

  • MP: सिंधिया के स्वागत में ग्वालियर स्टेशन पर उमड़ी भीड़…. धक्का-मुक्की में 7 साल की बच्ची घायल

    MP: सिंधिया के स्वागत में ग्वालियर स्टेशन पर उमड़ी भीड़…. धक्का-मुक्की में 7 साल की बच्ची घायल


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर रेलवे स्टेशन (Gwalior Railway Station) पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के स्वागत के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने से भीड़ की स्थिति बन गई. इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में एक 7 साल की बच्ची के घायल होने की बात सामने आई है.

    दरअसल, बच्ची अपने परिवार के साथ यात्रा के लिए स्टेशन पहुंची थी, तभी वह भीड़ के बीच फंस गई. परिजनों ने बमुश्किल उसे बाहर निकाला. बच्ची के घायल होने की जानकारी उसके माता-पिता ने दी है।

    परिजनों ने आरोप लगाया है कि VVIP आगमन के दौरान पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से आम यात्रियों को परेशानी हुई. साथ ही स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य के चलते रास्ते संकरे होने की वजह से भी स्थिति और बिगड़ने की बात कही गई है. फिलहाल यह मामला चर्चा में है और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


    क्या है पूरा मामला?

    दरअसल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार रात अंचल के चार दिवसीय दौरे पर ग्वालियर स्टेशन पहुंचे थे, जहां उनके समर्थक स्वागत करने उमड़ पड़े. इस दौरान बेकाबू हुए समर्थकों के बीच धक्का मुक्की शुरू हो गई और इस तरह कई लोग इस धक्का मुक्की का शिकार हुए, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी गोवा एक्सप्रेस से गोवा जाने के लिए स्टेशन पहुंचे सिकंदर कंपू निवासी कुशवाह परिवार को हुई, जहां उनकी 7 साल की मासूम इक्षिता भीड़ के पैरों के नीचे दब गई.

    मासूम चीख पुकार मचाने लगी, लेकिन तब तक भीड़ उसके पैरों को कुचलती हुई आगे बढ़ गई. बमुश्किल मासूम के परिजनों ने उसे भीड़ से बचाया. रोती बिलखती हुई मासूम इक्षिता को परिजनों ने जैसे तैसे शांत कराया.


    परिजनों का फूटा गुस्सा

    वहीं, परिजनों का मासूम बेटी के पैर में चोट आने पर गुस्सा फूट बैठा. परिजनों ने कहा कि “माना VVIP का आगमन है, इसका मतलब ये नही की जनता को परेशान किया जाएगा. उनके साथ धक्का मुक्की होगी, बच्चों को पैरों तले दबा दिया जाएगा. परिजनों ने स्टेशन पर इस अव्यवस्था के लिए RPF,स्थानीय पुलिस बल, स्टेशन प्रबंधन को जिम्मदार माना है.


    संकरे रास्ते ने बढ़ाई मुश्किल

    बता दें कि स्टेशन पर पुनर्विकास का काम चल रहा है. जिसके चलते वैकल्पिक रास्ते प्लेटफॉर्म से बाहर आने के लिए तैयार किए गए हैं जो काफी संकरे भी हैं. यही वजह है कि हर बार की तरह बड़ी संख्या में पहुंचे सिंधिया समर्थकों के बीच स्वागत की होड़ में आम लोग, यात्री परेशान होते हुए दिखे।

  • भोपालः हिंदू नववर्ष के स्वागत में प्रभात चौराहे पर लहराया विशाल भगवा झंडा, हुई भव्य आतिशबाजी

    भोपालः हिंदू नववर्ष के स्वागत में प्रभात चौराहे पर लहराया विशाल भगवा झंडा, हुई भव्य आतिशबाजी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को हिंदू नववर्ष की पूर्व संध्या पर भोपाल के नरेला विधानसभा के प्रभात चौराहे पर आयोजित भव्य आतिशबाजी और देशभक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुति कार्यक्रम में सम्मिलित होकर विशाल भगवा झंडा लहराया और नागरिकों को हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दी।

    मंत्री सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू नववर्ष केवल एक तिथि परिवर्तन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और नवचेतना का प्रतीक है। यह दिन हमें हमारी सनातन परंपराओं, ऋषि-मुनियों के ज्ञान और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि चैत्र मास से प्रारंभ होने वाला यह नववर्ष सृष्टि के नवसृजन का प्रतीक है, जब प्रकृति स्वयं नवीन रूप में सजती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

    सारंग ने कहा कि भारतीय पंचांग पर आधारित यह नववर्ष वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ऋतु परिवर्तन, कृषि चक्र और जीवन के संतुलन से जुड़ा हुआ है। यह पर्व हमें अपने संस्कारों, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक प्रबल करने का अवसर प्रदान करता है।

    राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ मनाएं नववर्ष
    मंत्री सारंग ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि यह नववर्ष केवल उत्सव का अवसर न होकर, एक नई शुरुआत का प्रतीक बने। उन्होंने कहा कि हम सभी को इस पावन अवसर पर सामाजिक समरसता, स्वच्छता, सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। मंत्री सारंग ने आग्रह किया कि हर नागरिक अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, जरूरतमंदों की सहायता करने, समाज में भाईचारे और एकता को मजबूत करने तथा सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने का संकल्प ले। छोटे-छोटे प्रयास ही मिलकर बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं और यही प्रयास हमारे राष्ट्र को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


    भव्य आतिशबाजी और देशभक्ति गीतों के साथ हिंदू नववर्ष का स्वागत

    नववर्ष की पूर्व संध्या पर प्रभात चौराहे पर आकर्षक आतिशबाजी के साथ देशभक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुति से संपूर्ण वातावरण देशभक्ति और उत्साह से सराबोर हो उठा। रंग-बिरंगी रोशनी से सजा आकाश और देशभक्ति के जोश से भरे गीतों ने हर हृदय में गर्व, उत्साह और नई उमंग का संचार किया। कार्यक्रम में पार्षद सूर्यकांत गुप्ता, अशोक वाणी, राकेश यादव बाबा, विमलेश ठाकुर, प्रदीप शेखावत, मण्डल अध्यक्ष विक्की ठाकुर, नितिन पाठक, संदीप चौकसे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में युवा साथी उपस्थित रहे।

  • BJP में स्वागत है… CM मोहन यादव ने RSS की तारीफ पर दिग्विजय सिंह को दिया ऑफर

    BJP में स्वागत है… CM मोहन यादव ने RSS की तारीफ पर दिग्विजय सिंह को दिया ऑफर


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने भाजपा (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) (Rashtriya Swayamsevak Sangh – RSS) की संगठनात्मक शक्ति की प्रशंसा करने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने दिग्विजय को राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री ने ठुकरा दिया।

    दिग्विजय सिंह ने शनिवार को आरएसएस-भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना करते ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर साझा की थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आगे की तरफ नीचे बैठे हुए हैं तथा उनके पीछे भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं।

    दिग्विजय सिंह ने पोस्ट में कहा था, ‘‘कोरा वेबसाइट पर मुझे यह फोटो मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सियाराम।’’

    विवाद खड़ा होने पर सिंह ने कहा था कि उन्होंने केवल संगठन और इसकी शक्ति की तारीफ की है, अन्यथा वह आरएसएस और मोदी के घोर विरोधी हैं। दिग्विजय सिंह की ओर से आरएसएस-भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना किए जाने के बारे में एक समाचार चैनल से बातचीत में मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में कहा कि भाजपा है ही इस लायक कि उसकी तारीफ की जाए। उन्होंने कहा, ‘‘दिग्विजय सिंह जी को भी बधाई। आइए, भाजपा में आपका स्वागत है।’’

    कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने के बाद रविवार शाम भोपाल पहुंचे दिग्विजय सिंह से जब मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से भाजपा में शामिल होने को लेकर दिए गए प्रस्ताव के बारे में पूछा गया तो वह ‘अरे छोड़िए’ कहकर आगे बढ़ गए। राजनीतिक हलकों में दिग्विजय सिंह की इस टिप्पणी को सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को ठुकराए जाने के रूप में देखा जा रहा है।