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अभिषेक शर्मा के तूफान से पस्त हुआ वेस्टइंडीज, हार के बाद कप्तान शाई होप का बड़ा बयान, भारतीय गेंदबाजों की तारीफ में कही ये बात
नई दिल्ली । भारत के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 14 रन से मिली हार के बाद वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने अपनी टीम की गेंदबाजी को लेकर अहम बात कही है। उन्होंने माना कि गेंदबाज कुछ मौकों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे और भारतीय बल्लेबाजों को कुछ अतिरिक्त बाउंड्री देने से बचना चाहिए था। रविवार को खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 223 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम सात विकेट खोकर 209 रन तक ही पहुंच सकी। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है।मैच के बाद शाई होप ने कहा कि क्रिकेट में जीत और हार का अंतर कई बार बेहद कम होता है। ऐसे मुकाबलों में कुछ अहम पल पूरे परिणाम को बदल सकते हैं। उनके मुताबिक वेस्टइंडीज की टीम ने मैच में वापसी करने की कोशिश की और कुछ विकेट लेकर मुकाबले पर पकड़ भी बनाई। हालांकि गेंदबाजी के दौरान कुछ मौकों पर टीम बेहतर कर सकती थी। होप ने माना कि भारतीय बल्लेबाजों को बाउंड्री लगाने के अवसर मिले और इसका असर अंतिम परिणाम पर पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती साझेदारी काफी खतरनाक साबित हो सकती थी लेकिन रोस्टन चेज की मदद से टीम को जरूरी विकेट मिले।वेस्टइंडीज के कप्तान ने टीम की सलामी जोड़ी के प्रदर्शन पर भी बात की। सीरीज के शुरुआती तीनों मुकाबलों में ओपनिंग साझेदारी टीम को मजबूत शुरुआत देने में नाकाम रही है। होप ने कहा कि किसी भी टीम के लिए अच्छी शुरुआत बेहद जरूरी होती है क्योंकि इससे आगे आने वाले बल्लेबाजों को पारी संभालने और बड़े लक्ष्य का पीछा करने में मदद मिलती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खराब शुरुआत के लिए केवल एक या दो खिलाड़ियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। टीम को सामूहिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है।होप ने मुकाबले में ओस की स्थिति और गेंद की स्विंग का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक टीम को उम्मीद थी कि परिस्थितियां अलग होंगी लेकिन पारी के अंतिम हिस्से में गेंद अपेक्षाकृत ज्यादा स्विंग करती दिखाई दी। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अच्छी लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की और यॉर्कर का प्रभावी इस्तेमाल किया। होप के अनुसार भारतीय गेंदबाजों ने दबाव के क्षणों में सटीक गेंदें डालकर अपनी क्षमता दिखाई और उन्हें इसका श्रेय मिलना चाहिए।इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। अभिषेक शर्मा ने केवल 30 गेंदों पर 69 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और पांच छक्के शामिल रहे। ईशान किशन ने 18 गेंदों पर 37 रन बनाकर तेजी से रन जोड़े। तिलक वर्मा ने भी 16 गेंदों पर 28 रन की उपयोगी पारी खेली। इन योगदानों की मदद से भारतीय टीम 223 रन के बड़े स्कोर तक पहुंची और वेस्टइंडीज के सामने 224 रन का लक्ष्य रखा।लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने मुकाबले में बने रहने की कोशिश की। कामिल पूरन ने 27 गेंदों पर 42 रन और शिमरोन हेटमायर ने 26 गेंदों पर 43 रन बनाए। रदरफोर्ड ने 32 रन का योगदान दिया जबकि शमर स्प्रिंगर ने केवल 11 गेंदों पर नाबाद 35 रन बनाकर आखिरी ओवरों में तेजी से रन जुटाए। इसके बावजूद टीम लक्ष्य से 14 रन दूर रह गई। अब वेस्टइंडीज के सामने अगले मुकाबले में वापसी करने की चुनौती होगी जबकि भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करने के इरादे से उतरेगी। -

पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट में पाकिस्तान का शिकंजा, वेस्टइंडीज के 6 विकेट गिरे, हार का खतरा गहराया
नई दिल्ली। पोर्ट ऑफ स्पेन के क्वींस पार्क ओवल में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान ने तीसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली है। पहली पारी में बढ़त हासिल करने के बाद पाकिस्तानी गेंदबाजों ने दूसरी पारी में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह झकझोर दिया। दिन का खेल समाप्त होने तक मेजबान टीम 103 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी और उसकी कुल बढ़त सिर्फ 60 रन तक पहुंच सकी थी। ऐसे में चौथे दिन पाकिस्तान जीत से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है।वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 344 रन बनाए थे लेकिन पाकिस्तान ने शानदार जवाब देते हुए 387 रन बनाकर 43 रन की अहम बढ़त हासिल की। पाकिस्तान की इस बढ़त की सबसे बड़ी वजह अब्दुल्ला शफीक की धैर्यपूर्ण और शानदार बल्लेबाजी रही। टीम में शान मसूद की जगह शामिल किए गए शफीक ने 323 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 160 रन बनाए। उनकी पारी में 15 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। उन्होंने शुरुआत से अंत तक जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम भी शतक से चूक गए लेकिन उनकी 88 रन की पारी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। बाबर ने मध्यक्रम को मजबूती दी और अब्दुल्ला शफीक के साथ अहम साझेदारी निभाई। इसके अलावा अजान अवैस ने भी 55 रन का उपयोगी योगदान देकर टीम के स्कोर को मजबूत बनाया। वेस्टइंडीज की ओर से जोमेल वार्रिकन सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 6 विकेट हासिल किए जबकि शेमार जोसेफ ने 2 विकेट अपने नाम किए।
दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज टैगेनारिन चंदरपॉल 17 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। आमिर जांगू भी केवल 13 रन ही बना सके और साजिद खान ने उन्हें बोल्ड कर दिया। अनुभवी बल्लेबाज रोस्टन चेज 17 रन और शाई होप 15 रन बनाकर आउट हो गए जिससे टीम पर दबाव लगातार बढ़ता गया।
मध्यक्रम में केवम हॉज ने कुछ देर संघर्ष जरूर किया और 71 गेंदों में 34 रन बनाए लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। निचले क्रम में जेयडन सील्स बिना खाता खोले आउट हो गए जिससे वेस्टइंडीज की स्थिति और खराब हो गई। दिन का खेल समाप्त होने तक जस्टिन ग्रीव्स एक रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे और अब चौथे दिन मेजबान टीम की उम्मीदें काफी हद तक उन्हीं पर टिकी रहेंगी।
पाकिस्तान की ओर से अनुभवी स्पिनर साजिद खान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 32 रन देकर 4 विकेट झटके। उनकी सटीक लाइन और टर्न ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अली उस्मान ने भी बेहतरीन सहयोग करते हुए 2 विकेट हासिल किए और विपक्षी बल्लेबाजी पर लगातार दबाव बनाए रखा।
अब मैच का चौथा दिन बेहद अहम होने वाला है। वेस्टइंडीज को हार से बचने के लिए लंबी बल्लेबाजी करनी होगी और अपनी बढ़त को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाना होगा। दूसरी ओर पाकिस्तान की नजर जल्द से जल्द शेष चार विकेट लेकर आसान लक्ष्य हासिल करने और सीरीज में महत्वपूर्ण जीत दर्ज करने पर होगी। मौजूदा स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान का पलड़ा पूरी तरह भारी नजर आ रहा है और यदि गेंदबाज इसी लय में रहे तो टीम चौथे दिन ही मुकाबला अपने नाम कर सकती है।
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पाकिस्तानी गेंदबाजों पर भारी पड़े केवम हॉज पहले दिन वेस्टइंडीज ने तीन विकेट पर 194 रन बनाकर मजबूत की पकड़
नई दिल्ली। वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच त्रिनिदाद के ब्रायन लारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच का पहला दिन पूरी तरह मेजबान टीम के नाम रहा। कप्तान रोस्टन चेज के पहले बल्लेबाजी करने के फैसले को बल्लेबाजों ने सही साबित किया और दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज ने तीन विकेट के नुकसान पर 194 रन बनाकर मजबूत स्थिति हासिल कर ली। शुरुआती झटकों के बावजूद केवम हॉज और शाई होप ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान को पूरे दिन कोई और सफलता हासिल नहीं करने दी।टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज ब्रैंडन किंग 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए जबकि तेगनारायण चंद्रपॉल भी 21 रन से आगे नहीं बढ़ सके। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद पाकिस्तान ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की लेकिन इसके बाद कैरेबियाई बल्लेबाजों ने शानदार वापसी की।
तीसरे विकेट के लिए आमिर जांगू और केवम हॉज ने महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए पारी को संभाला। दोनों ने 42 रन जोड़कर टीम को शुरुआती संकट से बाहर निकाला। हालांकि आमिर जांगू 21 रन बनाकर मोहम्मद अब्बास की गेंद पर आउट हो गए लेकिन इसके बाद केवम हॉज ने अनुभवी बल्लेबाज शाई होप के साथ मिलकर पाकिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह निष्प्रभावी कर दिया।
केवम हॉज ने बेहद संयम और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हुए दिन का खेल समाप्त होने तक नाबाद 83 रन बनाए। अपनी शानदार पारी में उन्होंने नौ चौके लगाए और पाकिस्तान के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। दूसरी ओर शाई होप ने भी जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 39 रन बनाकर उनका शानदार साथ निभाया। दोनों बल्लेबाज चौथे विकेट के लिए 88 रन की अटूट साझेदारी कर चुके हैं और दूसरे दिन वेस्टइंडीज इस साझेदारी को बड़ी पारी में बदलने की कोशिश करेगा।
पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में सबसे सफल प्रदर्शन अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास का रहा। उन्होंने किफायती गेंदबाजी करते हुए 44 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। आमिर जमाल को एक सफलता मिली लेकिन अन्य गेंदबाज कैरेबियाई बल्लेबाजों पर प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। पाकिस्तान को दूसरे दिन जल्द विकेट निकालने होंगे ताकि वेस्टइंडीज को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका जा सके।
यह मुकाबला कई मायनों में खास भी है। पाकिस्तान की टीम की कमान एक बार फिर बाबर आजम के हाथों में है जिन्होंने टेस्ट कप्तान के रूप में वापसी की है। वहीं युवा खिलाड़ी अली उस्मान ने इस मैच के जरिए अपना टेस्ट डेब्यू किया। दूसरी ओर वेस्टइंडीज ने तीन तेज गेंदबाज एक स्पिनर और एक ऑलराउंडर के साथ संतुलित संयोजन मैदान में उतारा है।
मैच शुरू होने से पहले वेस्टइंडीज के कप्तान रोस्टन चेज ने महान क्रिकेटर गैरी सोबर्स के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। अब दूसरे दिन सभी की नजरें केवम हॉज पर रहेंगी जो अपने शतक के बेहद करीब हैं। यदि वह बड़ी पारी खेलने में सफल रहते हैं तो वेस्टइंडीज इस टेस्ट में पाकिस्तान पर मजबूत बढ़त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा सकता है।
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निसांका-मेंडिस का बल्ला गरजा, श्रीलंका ने पहले वनडे में वेस्टइंडीज को 41 रन से हराया
Sri Lanka national cricket team ने वेस्टइंडीज दौरे का आगाज शानदार जीत के साथ किया। किंग्स्टन के Sabina Park में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में श्रीलंका ने हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करते हुए West Indies cricket team को 41 रन से मात दी। इस जीत के साथ श्रीलंका ने वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 303 रन बनाए। टीम की शुरुआत भले ही जल्दी झटका लगने से हुई, लेकिन इसके बाद Pathum Nissanka और Kusal Mendis ने पारी को मजबूती दी। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 136 रन की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
निसांका ने 103 गेंदों पर 79 रन की संयमित पारी खेली, जिसमें 9 चौके और एक छक्का शामिल रहा। वहीं कुशल मेंडिस ने सिर्फ 62 गेंदों में 72 रन ठोकते हुए रनगति को तेज बनाए रखा। कप्तान Charith Asalanka ने 45 रन का उपयोगी योगदान दिया, जबकि अंत में Janith Liyanage ने 29 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाकर टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचाया।
304 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत ठीक रही। John Campbell और Justin Greaves ने पहले विकेट के लिए 50 रन जोड़े। हालांकि इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे।
कप्तान Shai Hope ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 56 रन बनाए और टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की। Roston Chase ने 33 रन और जस्टिन ग्रीव्स ने 45 रन का योगदान दिया, लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका।
श्रीलंका की ओर से तेज गेंदबाज Dushmantha Chameera जीत के सबसे बड़े नायक साबित हुए। उन्होंने 67 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके और वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। Maheesh Theekshana ने दो विकेट हासिल किए, जबकि Wanindu Hasaranga को एक सफलता मिली।
वेस्टइंडीज की पूरी टीम 49.2 ओवर में 262 रन पर सिमट गई और श्रीलंका ने 41 रन की प्रभावशाली जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बना ली। निसांका और मेंडिस की साझेदारी तथा चमीरा की घातक गेंदबाजी इस जीत की सबसे बड़ी वजह रही।
