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  • महिला टी20 विश्व कप भारत को हराने के बाद ऑस्ट्रेलिया का बढ़ा हौसला लूसी हैमिल्टन ने सेमीफाइनल से पहले भरी हुंकार

    महिला टी20 विश्व कप भारत को हराने के बाद ऑस्ट्रेलिया का बढ़ा हौसला लूसी हैमिल्टन ने सेमीफाइनल से पहले भरी हुंकार


    नई दिल्ली। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की युवा तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन ने कहा है कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिली जीत ने पूरी टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है। उनका मानना है कि बड़े मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने से खिलाड़ियों का भरोसा बढ़ता है और यही आत्मविश्वास अब वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल में भी टीम की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।

    क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से बातचीत में हैमिल्टन ने कहा कि नई गेंद के साथ गेंदबाजी करना उनके लिए हमेशा रोमांचक अनुभव रहता है। विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में नई गेंद संभालना बड़ी जिम्मेदारी होती है लेकिन भारत के खिलाफ सफल प्रदर्शन के बाद उनका आत्मविश्वास काफी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि टीम ने उस मुकाबले में जिस तरह दबाव झेलते हुए जीत हासिल की उससे सभी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है।

    हैमिल्टन ने स्वीकार किया कि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर खेलते समय दबाव महसूस होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान के दौरान हर खिलाड़ी के मन में घबराहट होती है लेकिन जैसे ही पहला ओवर शुरू होता है पूरा ध्यान सिर्फ खेल पर केंद्रित हो जाता है। उनके मुताबिक लगातार बड़े मुकाबले खेलने से मानसिक मजबूती भी बढ़ती है और खिलाड़ी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपटना सीखते हैं।

    ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ने कहा कि भारत के खिलाफ प्रदर्शन ने उन्हें यह भरोसा दिया कि वे बड़े मैचों में भी अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभा सकती हैं। यही अनुभव सेमीफाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले में उनके लिए काफी उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य पिछले मैचों की लय को बरकरार रखते हुए आक्रामक क्रिकेट खेलना है।

    हैमिल्टन ने मैचों के बीच कम अंतराल को भी टीम के लिए सकारात्मक बताया। उनके अनुसार लगातार मुकाबले खेलने से खिलाड़ियों की लय बनी रहती है और टीम का मोमेंटम भी कायम रहता है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया हाल के मैचों में जिस गुणवत्ता का क्रिकेट खेल रहा है उसे सेमीफाइनल में भी दोहराने की पूरी कोशिश की जाएगी।

    द ओवल मैदान पर पहली बार खेलने जा रहीं हैमिल्टन ने कहा कि मैच से पहले मैदान का निरीक्षण करने से परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने माना कि हालात तेजी से बदल सकते हैं इसलिए टीम का फोकस जल्द से जल्द खुद को परिस्थितियों के अनुरूप ढालने पर रहेगा।

    उन्होंने वेस्टइंडीज को भी बेहद खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बताया। हैमिल्टन का कहना है कि अंडरडॉग के रूप में उतरने वाली टीमों पर अतिरिक्त दबाव नहीं होता और वे खुलकर खेलती हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतेगा। दोनों टीमों के बीच होने वाले इस सेमीफाइनल की विजेता फाइनल में जगह बनाएगी जहां विश्व कप खिताब के लिए मुकाबला होगा।
  • महिला टी20 विश्व कप 2026: हेली मैथ्यूज और एलेने की घातक गेंदबाजी, वेस्टइंडीज ने स्कॉटलैंड को 7 रन से हराया

    महिला टी20 विश्व कप 2026: हेली मैथ्यूज और एलेने की घातक गेंदबाजी, वेस्टइंडीज ने स्कॉटलैंड को 7 रन से हराया


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 में वेस्टइंडीज ने अपना शानदार अभियान जारी रखते हुए स्कॉटलैंड को रोमांचक मुकाबले में 7 रन से हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। इंग्लैंड के लीड्स स्थित हेडिंग्ले क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए टूर्नामेंट के 12वें मुकाबले में कैरेबियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 153 रन बनाए, जिसके जवाब में स्कॉटलैंड की पूरी टीम 146 रन पर सिमट गई।

    154 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी स्कॉटलैंड की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही। डार्सी कार्टर और कैथरीन फ्रेजर ने पहले विकेट के लिए 51 रनों की मजबूत साझेदारी कर टीम को बेहतरीन शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए रन गति को बनाए रखा। हालांकि, कप्तान हेली मैथ्यूज ने कैथरीन फ्रेजर को 20 रन के निजी स्कोर पर आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा और मैच का रुख बदल दिया।

    इसके बाद स्कॉटलैंड की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। कप्तान कैथरीन ब्राइस बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं, जबकि सारा ब्राइस केवल 4 रन और मेगन मैककोल 1 रन बनाकर आउट हो गईं। एक समय मजबूत स्थिति में दिख रही स्कॉटिश टीम लगातार विकेट गंवाने लगी।

    दूसरे छोर पर डार्सी कार्टर ने संघर्ष जारी रखा और 62 गेंदों में 59 रनों की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 8 आकर्षक चौके लगाए और टीम को जीत के करीब ले जाने की कोशिश की। अंतिम ओवरों में ऐल्सा लिस्टर ने भी 25 गेंदों में 33 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सकीं।

    स्कॉटलैंड की हार का सबसे बड़ा कारण अंतिम ओवरों में बल्लेबाजी का बिखर जाना रहा। 18 ओवर के बाद टीम 5 विकेट पर 132 रन बनाकर मजबूत स्थिति में थी और जीत की प्रबल दावेदार लग रही थी, लेकिन इसके बाद उसने सिर्फ 14 रन जोड़कर अपने शेष पांच विकेट गंवा दिए। वेस्टइंडीज की अनुशासित गेंदबाजी ने मैच को पूरी तरह पलट दिया।

    गेंदबाजी में कप्तान हेली मैथ्यूज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 रन देकर 3 विकेट झटके। वहीं आलिया एलेने ने बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए केवल 11 रन खर्च कर 3 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। दोनों गेंदबाजों की घातक स्पेल ने स्कॉटलैंड के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया।

    इससे पहले वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी। कियाना जोसेफ 13 रन और कप्तान हेली मैथ्यूज 14 रन बनाकर आउट हो गईं। डिएंड्रा डॉटिन ने 14 और जाहजारा क्लैक्सटन ने 16 रन बनाए। मध्यक्रम में शेमेन कैम्पबेल ने 36 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को संभाला।

    हालांकि मैच का सबसे बड़ा आकर्षण अनुभवी बल्लेबाज स्टेफनी टेलर की विस्फोटक बल्लेबाजी रही। टेलर ने महज 19 गेंदों में नाबाद 47 रन ठोककर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। उनकी पारी में 4 चौके और 3 शानदार छक्के शामिल रहे। टेलर की तेजतर्रार बल्लेबाजी और गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन ने वेस्टइंडीज को टूर्नामेंट की एक और महत्वपूर्ण जीत दिला दी।