Tag: Wheat Procurement

  • मप्र में अब तक 9.09 लाख किसानों से 53.40 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का हुआ उपार्जन

    मप्र में अब तक 9.09 लाख किसानों से 53.40 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का हुआ उपार्जन


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में अभी तक 9 लाख 9 हजार किसानों से 53 लाख 40 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जा रहा है। तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है।

    यह जानकारी गुरुवार को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि अभी तक 14 लाख 81 हजार किसानों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं। किसानों के हित में गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों को 9525.70 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएँ की गई हैं।

    उन्होंने बताया कि किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है।

    खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ PP/HDP बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।

  • MP सरकार का किसानों के हित में बड़ा फैसला… गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग की डेडलाइन बढ़ाई

    MP सरकार का किसानों के हित में बड़ा फैसला… गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग की डेडलाइन बढ़ाई


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने किसानों के हित में गेहूं खरीद (Purchasing wheat) के लिए स्लॉट बुकिंग (Slot Booking) की समय-सीमा बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी है ताकि कोई भी किसान एमएसपी के लाभ से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने सोमवार को यह घोषणा की। पहले इसकी अंतिम तिथि नौ मई थी। एक अधिकारी ने बताया कि यह फैसला इस उद्देश्य से लिया गया है कि समर्थन मूल्य योजना से कोई भी किसान वंचित न रह जाए।

    चना और मसूर की खरीद की डेडलाइन
    अधिकारी के अनुसार, दो मई तक राज्य में किसानों से 34.73 टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। साल 2026 के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत लगभग 600 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। चना और मसूर की खरीद की डेडलाइन 30 मार्च से 28 मई तक निर्धारित की गई है।

    सरकार ने चना के लिए 6.49 लाख टन और मसूर के लिए 6.01 लाख टन खरीद का लक्ष्य तय किया है, जबकि अरहर की 1.31 लाख टन खरीद का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी गई उपज का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा रहा है।

    अधिकारी ने बताया कि किसानों की उपज की सुरक्षा के लिए खाद्यान्न भंडारण योजना के तहत लगभग 3.55 लाख टन क्षमता का भंडारण तैयार किया गया है। सामग्री भंडारण योजना के अंतर्गत 1.5 लाख टन क्षमता के आधुनिक गोदाम बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 1.1 लाख टन क्षमता वाले गोदामों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।


    भूमि और फसल का होगा पूरा डिजिटल रिकॉर्ड

    सीएम मोहन यादव ने बताया कि ‘ई-विकास’ और ‘ई-किसान’ प्रणाली के जरिए किसानों को योजनाओं, बाजार भाव, मौसम और तकनीकी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराई जा रही है। एक अप्रैल से राज्य के सभी जिलों में लागू ई-किसान प्रणाली के तहत हर किसान को एक विशिष्ट आईडी दी जा रही है, जिसमें उसकी भूमि और फसल का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड होगा।


    हर खेत का किया जा रहा भू-टैगिंग

    किसान रजिस्ट्री के माध्यम से प्रत्येक खेत का भू-टैगिंग किया जा रहा है, जिससे फसल बीमा, नुकसान का आकलन और ड्रोन से छिड़काव में सुविधा होगी।


    1,000 से अधिक कृषि ड्रोन आपरेटरों को ट्रेनिंग

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में मध्य प्रदेश देश और दुनिया में अग्रणी है, जहां 53 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खेती हो रही है और 6,000 से अधिक संकुल बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि प्रणाली के तहत 1,000 से अधिक कृषि ड्रोन ऑपरेटरों को जैविक कीटनाशकों के छिड़काव के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

  • MP: गेहूं ऊपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर किया गया रात 10 बजे तक

    MP: गेहूं ऊपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर किया गया रात 10 बजे तक


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में अभी तक 7 लाख 48 हजार किसानों से 39 लाख 2 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। वहीं गेहूं उपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है।

    यह जानकारी सोमवार को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि अभी तक 14 लाख 75 हजार किसानों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं। किसानों के हित में गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों को 6490.56 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएँ की गई हैं।

    उन्होंने बताया कि किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है।

    खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ पीपी एचडीपी बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।

  • MP में अब सप्ताह में 6 दिन गेहूं खरीदी…. किसान 9 मई तक कर सकेंगे स्लॉट बुक- CM ने की घोषणा

    MP में अब सप्ताह में 6 दिन गेहूं खरीदी…. किसान 9 मई तक कर सकेंगे स्लॉट बुक- CM ने की घोषणा


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए किसानों के हित में कई अहम घोषणाएं की हैं. उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन (Record Wheat Production) को देखते हुए राज्य ने केंद्र सरकार से खरीदी सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकार करते हुए अब गेहूं उपार्जन लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है. इससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब गेहूं खरीदी सप्ताह में 6 दिन होगी और स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई तक बढ़ा दी गई है।

    CM यादव ने बताया कि रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए सरकार ने खरीदी व्यवस्था को और सुगम बनाया है. गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर अब 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।


    6 दिन होगी गेहूं खरीदी

    अब गेहूं उपार्जन सप्ताह में 6 दिन होगा. शनिवार का अवकाश समाप्त कर दिया गया है ताकि किसान निर्बाध रूप से अपनी फसल बेच सकें. वहीं, 30 अप्रैल तक समाप्त होने वाली स्लॉट बुकिंग की अवधि को अब 9 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया है।


    भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा

    मुख्यमंत्री ने भू-अर्जन को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी दी. अब किसानों को उनकी अधिग्रहित भूमि के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा. यह कदम किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.


    फसलों पर बोनस और अन्य प्रोत्साहन

    तय समर्थन मूल्य (MSP) पर उड़द की खरीदी के साथ किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बोनस राशि दी जाएगी। सरसों पर भावांतर योजना के सकारात्मक परिणाम मिले हैं, जिससे किसानों को MSP से भी अधिक दाम मिल रहे हैं। ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत मात्र 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन दिया जा रहा है. साथ ही, कृषक मित्र योजना में 90% सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जा रहे हैं।


    मध्य प्रदेश बनेगा ‘मिल्क कैपिटल’

    पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को आय का मुख्य जरिया बनाने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है. प्रदेश में 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है. हर दिन का दूध संकलन 10 लाख किलो के पार पहुंच गया है. दुग्ध उत्पादक किसानों को अब दूध का दाम 8 से 10 रुपये प्रति किलो बढ़कर मिल रहा है।


    यूरिया की उपलब्धता

    वैश्विक युद्ध स्थितियों के बावजूद प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं होने दी गई है. वर्तमान में 5.90 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है. वितरण प्रणाली को डिजिटल और आधुनिक बनाया गया है ताकि किसानों को बिना लंबी लाइनों के खाद मिल सके।

  • एमपी में गेहूं खरीदी पर गरमाई सियासत, देरी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए घोटाले के आरोप

    एमपी में गेहूं खरीदी पर गरमाई सियासत, देरी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए घोटाले के आरोप

    भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की देरी को लेकर सियासत गरमा गई है। गुरुवार से प्रदेश के चार संभागों में खरीदी शुरू हो गई, लेकिन देरी को लेकर कांग्रेस पार्टी ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। सरकार जहां इस देरी के पीछे इजराइल-ईरान युद्ध का हवाला दे रही है, वहीं विपक्ष इसे किसानों के साथ अन्याय बता रहा है।

    प्रदेशभर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

    खंडवा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की, जिसमें हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। रतलाम में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कृषि उपज मंडी में धरना दिया गया, जहां बड़ी संख्या में किसान भी पहुंचे। भोपाल और श्योपुर में भी विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी देखने को मिली।

    जीतू पटवारी के आरोप

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गेहूं खरीदी में देरी एक “रणनीतिक घोटाला” है। उन्होंने आरोप लगाया कि बारदाने की कमी का बहाना बनाकर खरीदी टाली गई और किसानों को नुकसान पहुंचाया गया।

    पटवारी ने कहा कि करीब 10 लाख क्विंटल गेहूं ओपन मार्केट में बिक चुका है और लगभग 25% गेहूं 1600 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बेचा गया। उन्होंने नरेंद्र मोदी, शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं, 3100 रुपए धान और 6000 रुपए सोयाबीन के दाम अब तक लागू नहीं किए गए हैं।

    व्यवस्थाओं की कमी से किसान परेशान

    रायसेन जिले में कई खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाएं अधूरी रहीं। बम्होरी केंद्र पर न तो पर्याप्त बारदाना पहुंचा और न ही किसानों के लिए छाया की व्यवस्था थी। स्लॉट बुकिंग के बावजूद किसानों को असमंजस का सामना करना पड़ा। वहीं, सागर में मंडी बंद होने पर जीतू पटवारी ने कलेक्टर को फोन कर नाराजगी जताई और कहा कि तेज गर्मी में किसान कई दिनों से परेशान हैं।

    श्योपुर और भोपाल में भी प्रदर्शन

    श्योपुर में जिला कांग्रेस कमेटी ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें विधायक बाबू जंडेल भी शामिल रहे। वहीं भोपाल में कलेक्टर कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव कर खरीदी व्यवस्था पर सवाल उठाए।

    सरकार का पलटवार
    राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में एक दाना भी गेहूं नहीं खरीदा गया था, जबकि वर्तमान सरकार किसानों से खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण थोड़ी देरी हुई, लेकिन अब व्यवस्थाएं पटरी पर आ रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का काम केवल विरोध करना है, जबकि सरकार किसानों के हित में काम कर रही है।

  • किसान कल्याण वर्ष 2026: उपार्जन केंद्रों पर सुविधाओं और कंट्रोल रूम से होगी निगरानी

    किसान कल्याण वर्ष 2026: उपार्जन केंद्रों पर सुविधाओं और कंट्रोल रूम से होगी निगरानी


    भोपाल । भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में 9 अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूँ खरीदी को लेकर सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज और सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल और छायादार स्थान की विशेष व्यवस्था की जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसान और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से वर्चुअल संवाद भी किया और उन्हें प्रदेश की गेहूँ खरीदी प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की आय बढ़ाने और उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि गेहूँ की प्रति क्विंटल कीमत को वर्तमान स्तर तक लाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन इसे 2700 रुपये प्रति क्विंटल तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ दिलाना और कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहित करना है।

    उपार्जन केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं ताकि किसानों को तुरंत सहायता मिल सके। इसके साथ ही जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, और मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से संपूर्ण प्रक्रिया पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी। केंद्रों पर पंपलेट और होर्डिंग के माध्यम से किसानों को खरीदी प्रक्रिया, दस्तावेज़ और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने सामाजिक और सेवाभावी संस्थाओं से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठन उपार्जन केंद्रों पर आकर व्यवस्था में मदद कर सकते हैं, किसानों को मार्गदर्शन दे सकते हैं और प्रशासन के साथ मिलकर कार्य कर सकते हैं। इस वर्ष 2026 को प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, और इस दौरान किसानों को उनकी फसल, आय और कल्याण से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाएगी।

    डॉ. यादव ने बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता और खरीदी केंद्रों में व्यवस्थाओं को लेकर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और हर संभव प्रयास कर रही है कि उपार्जन प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो। किसानों के कल्याण के लिए यह सुनिश्चित किया गया है कि उन्हें सही मूल्य, उचित सुविधाएं और सरल प्रक्रिया के माध्यम से गेहूँ बेचने का अवसर मिले।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कल्याण और कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण के लिए इस प्रक्रिया में प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं का सहयोग अनिवार्य है। कंट्रोल रूम से निरंतर निगरानी, हेल्प डेस्क पर सहायता, पंपलेट और होर्डिंग के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराना तथा किसानों की सुविधाओं को प्राथमिकता देना इस प्रक्रिया की सफलता की कुंजी होगी।

    इस प्रकार प्रदेश में गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया किसानों के हित और सुविधा के अनुरूप पूरी तरह व्यवस्थित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से किसान कल्याण वर्ष 2026 में उपार्जन केंद्रों पर किसानों की संतुष्टि और कृषि क्षेत्र की उत्पादकता को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही सामाजिक संस्थाओं और प्रशासन के सहयोग से यह प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और सहज होगी।

  • मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू, 10 अप्रैल से होगी खरीदी

    मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू, 10 अप्रैल से होगी खरीदी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभागों में समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन 10 अप्रैल से शुरू होगा। इसके लिए पंजीकृत किसान आज यानी मंगलवार से अपने उपार्जन स्लॉट बुक कर सकते हैं।

    स्लॉट बुकिंग और तैयारी
    खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने बताया कि इस बार प्रदेश में 19,04,644 किसानों ने पंजीकरण कराया है। उपार्जन के लिए 3,627 केंद्र बनाए गए हैं। समर्थन मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा, इसके अलावा 40 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इस बार अनुमानित 78 लाख टन गेहूं का उपार्जन होगा। इसके लिए 3,12,000 गठान बारदान तैयार हैं और स्टॉक उपलब्ध है।

    खाद्य मंत्री का भरोसा
    गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि पंजीकृत किसानों से पूरी उपज खरीदी जाएगी। कुछ स्थानों पर नौ अप्रैल से भी खरीदी शुरू हो सकती है। जूट कमिश्नर से ढाई करोड़ बोरे आवंटित किए जा चुके हैं, साथ ही प्लास्टिक और एक बार उपयोग वाले जूट के बोरे भी टेंडर कर दिए गए हैं।

    कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

    कांग्रेस पार्टी नौ अप्रैल को जिलों में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करेगी। इसके अलावा 15 अप्रैल को भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री के आवास के बाहर उपवास कार्यक्रम भी रखा गया है। वहीं, मोहन यादव ने किसानों से खरीदी सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि पहले छोटे, फिर मध्यम और अंत में बड़े किसानों से उपज खरीदी जाएगी। सभी बारदाने की आपूर्ति पर्याप्त है। उपार्जन व्यवस्था पर नियमित निगरानी के लिए राज्य स्तरीय और कृषि उपज मंडियों में कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। किसानों के लिए बिजली, पीने का पानी, बैठक, छाया, प्रसाधन और पार्किंग की पूरी सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिए गए हैं।

  • राज्य सरकार हर घड़ी किसानों के साथ, तय वक्त पर प्रारंभ होगी गेहूं खरीदी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राज्य सरकार हर घड़ी किसानों के साथ, तय वक्त पर प्रारंभ होगी गेहूं खरीदी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों का हर तरह से कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। हमारी सरकार हर घड़ी किसानों के साथ है। प्रदेश में तय वक्त पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार देर शाम अपने निवास स्थित समत्व भवन में गेहूं उपार्जन कार्य के संबंध में सरकार द्वारा गठित मंत्री समूह के सदस्य एवं कृषक प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उपार्जन प्रक्रिया में पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद मध्यम एवं बड़े किसानों के गेहूं की खरीदी की जाएगी। स्लॉट बुकिंग वाले सभी किसानों का गेहूं चरणबद्ध रूप से खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है। सरकार सभी व्यवस्थाएं कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है। गेहूं उपार्जन में बारदान की उपलब्धता निरंतर बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में गेहूं खरीदी में किसानों को किसी भी प्रकार से बारदाने की समस्या नहीं आने दी जाएगी। केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर सहित अन्य बारदान प्रदाय एजेंसियों से बारदान आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है।


    उपार्जन शुरू होने से पहले कराएं तौल केन्द्रों का निरीक्षण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सरल, सहज और सुविधाजनक बनाया जाये। किसानों को उपार्जन केन्द्र तक आने और गेहूं बेचने में किसी भी तरह की कठिनाई न होने पाये। उन्होंने उपार्जन व्यवस्था पर नियमित रूप से निगरानी के लिए एक राज्य स्तरीय एवं कृषि उपज मंडियों में भी कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन के दृष्टिगत प्रदेश के सभी तौल केंद्रों का 10 अप्रैल से पहले गहन निरीक्षण करा लिया जाए, जिससे किसानों में किसी भी तरह का संशय न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियों के वर्तमान ढांचे में क्रमबद्ध सुधार किया जाये। सभी मंडियों को वैश्विक जरुरतों के मुताबिक अपग्रेड कर इन्हें वर्ल्ड क्लास मंडी की तरह तैयार किया जाये।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं उपार्जन केंद्रों में आने वाले किसानों को सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पीने का पानी, बैठक, छाया, प्रसाधन एवं पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाये। किसी को भी किसी भी प्रकार की प्रक्रियागत या व्यवस्थागत असुविधा का सामना न करना पड़े। किसी भी केन्द्र में किसानों/ट्रेक्टर-ट्राली की लंबी-लंबी कतारें न लगें, सभी किसानों का सहजता से गेहूं तुल जाये, ऐसी व्यवस्थाएं की जाएं। जिन किसानों से गेहूं खरीदा जाये, कम से कम समय में उनके खातों में भुगतान कर देने की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं।


    10 अप्रैल से प्रारंभ हो जाएगी गेहूं खरीदी

    खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से एवं अन्य सभी संभागों में 15 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन प्रारंभ होने जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि जिन संभागों में 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होनी है, उनके लिए आगामी मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो जायेगी। शुक्रवार, 10 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रारंभ कर दी जाएगी। उपार्जन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष प्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाये गये हैं। बीते उपार्जन वर्ष 2025-26 में 15 लाख 44 हजार 55 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया था। इस उपार्जन वर्ष के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों को गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल बोनस का लाभ भी इस वर्ष देने जा रही है।

    अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होना अनुमानित है। इसके लिए 3 लाख 12 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता होगी। प्रदेश में गेहूं खरीदी आरंभ करने के लिए आवश्यक बारदान का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केन्द्र सरकार की ओर से लिमिट भी तय कर दी गई है। राज्य सरकार को केन्द्र से हर जरूरी सहयोग भी मिल रहा है। जूट कमिश्नर कार्यालय सहित अन्य बारदाना प्रदायकर्ताओं से भी बारदान सामग्री प्राप्त की जा रही है। इसके साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए गठित मंत्री-मंडलीय समिति के निर्देश पर अतिरिक्त बारदान खरीदने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।

    बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, पशुपालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कृषक प्रतिनिधि और खाद्य, सहकारिता एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • MP कैबिनेट: गेहूं खरीदी पर बोनस को मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रुपये स्वीकृत

    MP कैबिनेट: गेहूं खरीदी पर बोनस को मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रुपये स्वीकृत


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार शाम को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिए जाने का निर्णय लिया है।

    सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने मंत्रालय में मंत्रि-परिषद के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रि-परिषद ने उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी से इंदौर गेट तक 4-लेन एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2-लेन ऐलिवेटेड कॉरीडोर के निर्माण के लिए 945 करोड़ 20 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके साथ रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इसी तरह मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की भी स्वीकृति दी है।

    उन्होंने बताया कि निर्णय अनुसार उपार्जित गेहूं में से भारत सरकार द्वारा स्वीकार न की जाने वाली सरप्लस मात्रा का निस्तारण मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा खुली निविदा के माध्यम से किया जाकर इस पर होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। किसानों को बोनस राशि का भुगतान विभागीय मद में बजट प्रावधान कराकर तथा सरप्लस मात्रा के निस्तारण व्यय की प्रतिपूर्ति मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजनांतर्गत आवंटित बजट से किया जाएगा।


    लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रुपये की स्वीकृति

    मंत्री काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) चौराहा से इंदौर गेट तक 4-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2 लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर लंबाई 5.32 कि.मी. के निर्माण कार्य को विभागीय सूचकांक से मुक्त रखते हुए लागल राशि 945 करोड़ 20 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 और जन भागीदारी अंतर्गत विकास हेतु अनुदान योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 7 करोड़ 38 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। एनडीबी से वित्त पोषण पुल और सड़क निर्माण की योजना की निरंतरता के लिए 50 करोड़ 10 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

    मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-6 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1543 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-7 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1,476 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। शासकीय आवास गृह, विश्राम गृहों के रखरखाव और अनुरक्षण के लिये 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 200 करोड़ 35 रुपये की स्वीकृति दी गई है। कार्यालय भवनों के रखरखाव, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अनुरक्षण कार्य एवं शौर्य स्मारक के संचालन और संधारण हेतु 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 300 करोड़ 70 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।


    रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति

    मंत्री काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 228 करोड़ 42 लाख रुपयें, सैंच्य क्षेत्र 7350 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 37 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।


    मध्य प्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम को वित्त विभाग के अंतर्गत किए जाने का अनुमोदन दिया गया है। “मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम” को एमएसएमई से वित्त विभाग को आवंटित किये जाने से राज्य पर कोई वित्तीय भार नहीं आयेगा।


    पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की मंजूरी

    मंत्रि-परिषद द्वारा मध्य प्रदेश कार्य (आवंटन) नियमों की अनुसूची में संशोधन की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम संशोधित कर गौपालन एवं पशुपालन विभाग और संचालनालय, पशुपालन एवं डेयरी का नाम परिवर्तित कर संचालनालय, गौपालन एवं पशुपालन किये जाने का अनुमोदन किया गया है।

  • मप्र सरकार का किसान हितैषी निर्णय, गेहूं उपार्जन के पंजीयन की तिथि 10 मार्च तक बढ़ी

    मप्र सरकार का किसान हितैषी निर्णय, गेहूं उपार्जन के पंजीयन की तिथि 10 मार्च तक बढ़ी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के किसानों के हित में मध्य प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन व्यवस्था को और अधिक किसान हितैषी बनाया है। गेहूं उपार्जन के पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च कर दी गई है। साथ ही सरकार ने गेहूं खरीदी पर 40 रुपये अतिरिक्त बोनस देने का भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस प्रकार अब प्रदेश में गेहूं की खरीदी 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शुक्रवार को बताया कि किसानों की सुविधा और हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा यह निर्णय लिया गया है। इससे अधिक से अधिक किसान अपना पंजीयन कराकर समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    मंत्री राजपूत ने इस किसान हितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागलवाड़ी में आयोजित कृषि कैबिनेट बैठक के पश्चात यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार ऐसे निर्णय ले रहे हैं, जिससे प्रदेश के अन्नदाता को सीधा लाभ मिल सके।


    12 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन

    मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक 12 लाख 4 हजार 708 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। जिला श्योपुर में 9428, खंडवा में 23017, दमोह में 21390, नरसिंहपुर में 24968, शहडोल में 4710, खरगोन में 11945, कटनी में 25497, रतलाम में 30466, सागर में 46731, राजगढ़ में 65029, शिवपुरी में 7633, डिण्डोरी में 2281, धार में 34283, बुरहानपुर में 206, विदिशा में 62996, मऊगंज में 2727, दतिया में 7420, गुना में 11984, मण्डला में 13391, रीवा में 23380, आगर मालवा में 31318, पन्ना में 11994, जबलपुर में 25698, नीमच में 8122, सीहोर में 80036, बालाघाट में 1766, सिंगरौली में 2811, अलीराजपुर में 248, मैहर में 8625, पांढुर्णा में 305, सिवनी में 35081, बैतूल में 9725, झाबुआ में 5256, शाजापुर में 58982, मंदसौर में 40204, ग्वालियर में 5984, निवाड़ी में 1802, उज्जैन में 95821, इंदौर में 32837, देवास में 57021, रायसेन में 51085, बड़वानी में 1911, अनूपपुर में 192, सतना में 31670, मुरैना में 4428, हरदा में 29805, छतरपुर में 15643, सीधी में 4357, टीकमगढ़ में 7141, अशोकनगर में 7339, नर्मदापुरम में 53086, छिंदवाड़ा में 14945, उमरिया में 5854, भोपाल में 27663 और भिण्ड में 6471 किसानों ने पंजीयन कराया है।


    पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था

    पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है।


    पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था

    पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है।