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  • इंदौर में विशालकाय कोबरा से दहशत, घर में छिपे 12 से 14 साल पुराने जहरीले सांप का सुरक्षित रेस्क्यू

    इंदौर में विशालकाय कोबरा से दहशत, घर में छिपे 12 से 14 साल पुराने जहरीले सांप का सुरक्षित रेस्क्यू


    इंदौर । इंदौर के श्रीयंत्र नगर में एक घर के भीतर पांच फीट लंबा विशाल कोबरा निकल आने से इलाके में दहशत फैल गई। परिवार के सदस्यों ने जैसे ही जहरीले सांप को देखा उनके होश उड़ गए। हालांकि घबराने के बजाय उन्होंने सूझबूझ दिखाई और तुरंत सर्पमित्र को सूचना दी। मौके पर पहुंचे सर्पमित्र ने महज पांच मिनट में कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे पकड़ लिया। बाद में सांप को प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

    जानकारी के अनुसार घटना सोमवार देर रात श्रीयंत्र नगर की है। परिवार के लोगों ने घर के भीतर एक बड़े आकार के कोबरा को देखा जो लोहे की चादर के नीचे छिपकर बैठा हुआ था। सांप का आकार और उसकी फुंफकार देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए लेकिन किसी ने उसे छेड़ने की कोशिश नहीं की। सभी लोग सुरक्षित दूरी बनाकर लगातार सांप पर नजर रखते रहे ताकि उसके स्थान की जानकारी बनी रहे।

    सूचना मिलने पर सर्पमित्र महेंद्र श्रीवास्तव तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले घर के लोगों को शांत रहने और सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। इसके बाद सावधानीपूर्वक लोहे की चादर हटाई गई जहां कोबरा छिपा बैठा था। कुछ ही मिनटों की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। पूरी रेस्क्यू प्रक्रिया करीब पांच मिनट में पूरी हो गई।

    महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि कोबरा का आकार सामान्य से काफी बड़ा था। उसकी लंबाई करीब पांच फीट थी और शरीर की मोटाई भी अन्य कोबरा सांपों की तुलना में अधिक दिखाई दे रही थी। उनके अनुभव के अनुसार यह कोबरा लगभग 12 से 14 वर्ष की उम्र का हो सकता है। इतना बड़ा और परिपक्व कोबरा रिहायशी इलाके में दिखाई देना असामान्य माना जाता है।

    उन्होंने बताया कि मकान के आसपास खुला क्षेत्र होने के कारण संभावना है कि सांप वहीं से घर के भीतर पहुंच गया होगा। बरसात के मौसम में बिलों में पानी भरने या भोजन की तलाश में सांप अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं। ऐसे समय लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत होती है।

    महेंद्र ने यह भी बताया कि इसी परिवार के लोगों ने लगभग एक महीने पहले भी घर के आसपास एक कोबरा देखा था। संभव है कि वही सांप आसपास के क्षेत्र में रह रहा हो और दोबारा भोजन या सुरक्षित स्थान की तलाश में घर के अंदर पहुंच गया हो।

    रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित कंटेनर में रखा गया और मंगलवार को उसे जंगल में प्राकृतिक वातावरण के बीच छोड़ दिया गया। सर्पमित्र ने लोगों से अपील की कि यदि घर या आसपास कहीं भी सांप दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें। तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित सर्पमित्र को सूचना दें क्योंकि अधिकांश मामलों में सांप बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रेस्क्यू किए जा सकते हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में घर के आसपास झाड़ियां साफ रखें खुले स्थानों पर कबाड़ जमा न होने दें और बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखें। किसी भी जहरीले सांप के दिखाई देने पर घबराने के बजाय सतर्कता और समय पर सूचना देना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

  • सागर विधायक निवास की गौशाला में घुसा सांप, बोरीयों के बीच छिपा मिला

    सागर विधायक निवास की गौशाला में घुसा सांप, बोरीयों के बीच छिपा मिला


    सागर मध्य प्रदेश के सागर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विधायक शैलेंद्र जैन के निवास स्थित गौशाला में अचानक एक सांप घुस आया। गौशाला में काम कर रहे कर्मचारियों ने जैसे ही सांप को देखा, वे घबरा गए और तुरंत बाहर निकलकर मदद के लिए कॉल किया।

    बोरियों के बीच छिपा बैठा था सांप

    घटना बुधवार की है, जब सांप गौशाला में रखी बोरियों के बीच छिपा हुआ मिला। कर्मचारियों को पहले लगा कि यह खतरनाक कोबरा है, जिससे दहशत और बढ़ गई। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर बबलू पवार मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

    ऐसे किया गया सुरक्षित रेस्क्यू

    स्नेक कैचर ने कर्मचारियों की मदद से धीरे-धीरे बोरियों को हटाया। कुछ देर की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। पूरे ऑपरेशन के दौरान सावधानी बरती गई ताकि किसी को नुकसान न पहुंचे।

    रेड स्नेक निकला, नहीं था खतरनाक

    रेस्क्यू के बाद पता चला कि यह सांप रेड स्नेक प्रजाति का है, जिसकी लंबाई करीब ढाई फीट थी। यह जहरीला नहीं था, लेकिन अज्ञानता के कारण लोग इसे कोबरा समझकर डर गए थे।

    गर्मी से बचने आया था गौशाला

    विशेषज्ञों के अनुसार, तेज गर्मी के चलते सांप अक्सर ठंडी और सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों या गौशालाओं में घुस आते हैं। यही कारण है कि यह सांप भी ठंडक पाने के लिए वहां पहुंच गया।

    जंगल में छोड़ा जाएगा

    स्नेक कैचर ने बताया कि सांप को सुरक्षित पकड़ने के बाद उसे प्राकृतिक वातावरण यानी जंगल में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में वापस जा सके।