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  • बिग बॉस 20 से पहले जानें पिछले 19 सीजन के विजेताओं की पूरी सूची, राहुल रॉय से गौरव खन्ना तक किसने जीती ट्रॉफी

    बिग बॉस 20 से पहले जानें पिछले 19 सीजन के विजेताओं की पूरी सूची, राहुल रॉय से गौरव खन्ना तक किसने जीती ट्रॉफी

    नई दिल्ली ।रियलिटी शो बिग बॉस भारतीय टेलीविजन के सबसे चर्चित और लंबे समय से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले कार्यक्रमों में शामिल है। साल 2006 में शुरू हुआ यह शो अब अपने 20वें सीजन में प्रवेश करने जा रहा है। छह सितंबर से शुरू होने वाले नए सीजन को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। शो की मेजबानी एक बार फिर सलमान खान करते नजर आएंगे। नए सीजन की थीम और कुछ नियमों में बदलाव की भी चर्चा है। ऐसे में बिग बॉस 20 की शुरुआत से पहले पिछले 19 सीजन के विजेताओं पर नजर डालना दिलचस्प है।

    बिग बॉस के पहले सीजन की ट्रॉफी अभिनेता राहुल रॉय ने अपने नाम की थी। आशिकी जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाले राहुल रॉय ने कैरोल ग्रेशियास और रवि किशन को पीछे छोड़ते हुए खिताब जीता था। इस सीजन को अरशद वारसी ने होस्ट किया था और विजेता को एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली थी।

    दूसरे सीजन में आशुतोष कौशिक विजेता बने। उन्होंने राजा चौधरी को पीछे छोड़कर ट्रॉफी अपने नाम की थी। इस सीजन की मेजबानी शिल्पा शेट्टी ने की थी और विजेता को ट्रॉफी के साथ एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली थी।

    तीसरे सीजन में अभिनेता विंदु दारा सिंह ने खिताब जीता। उन्होंने फाइनल में प्रवेश राणा को मात दी थी। अमिताभ बच्चन ने इस सीजन की मेजबानी की थी। चौथे सीजन में अभिनेत्री श्वेता तिवारी विजेता बनीं और बिग बॉस की पहली महिला विजेता के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने फाइनल में द ग्रेट खली को पीछे छोड़ा था।

    पांचवें सीजन की ट्रॉफी अभिनेत्री जूही परमार ने जीती। फाइनल में उनका मुकाबला महक चहल से था। इसके बाद छठे सीजन में उर्वशी ढोलकिया विजेता बनीं। उन्होंने इमाम सिद्दीकी को हराया था। सातवें सीजन में गौहर खान ने तनिषा मुखर्जी को पीछे छोड़कर ट्रॉफी जीती।

    आठवें सीजन के विजेता गौतम गुलाटी रहे। उन्होंने फाइनल में करिश्मा तन्ना को मात दी। नौवें सीजन में प्रिंस नरूला विजेता बने और ऋषभ सिन्हा उपविजेता रहे। दसवें सीजन में पहली बार आम आदमी के तौर पर शामिल हुए मनवीर गुर्जर ने वीजे बानी को पीछे छोड़कर खिताब अपने नाम किया।

    इसके बाद बिग बॉस के 11वें सीजन में शिल्पा शिंदे विजेता बनीं। टीवी धारावाहिक में अंगूरी भाभी के किरदार से लोकप्रिय शिल्पा ने फाइनल में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। 12वें सीजन की ट्रॉफी दीपिका कक्कड़ ने जीती।

    13वां सीजन शो के सबसे चर्चित सीजन में गिना जाता है। इसकी ट्रॉफी अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला ने अपने नाम की थी। साल 2021 में उनके निधन के बाद यह सीजन और उनका सफर दर्शकों की यादों का हिस्सा बना रहा।

    14वें सीजन में रुबीना दिलैक विजेता बनीं। इसके बाद 15वें सीजन की ट्रॉफी तेजस्वी प्रकाश ने जीती। 16वें सीजन में एमसी स्टैन विजेता बने, जबकि 17वें सीजन का खिताब मुनव्वर फारूकी ने अपने नाम किया। 18वें सीजन में करणवीर मेहरा विजेता बनकर सामने आए।

    बिग बॉस के 19वें सीजन की ट्रॉफी गौरव खन्ना ने अपने नाम की। उन्होंने फिनाले में फरहाना भट्ट को पीछे छोड़कर खिताब हासिल किया। अब 20वें सीजन की शुरुआत के साथ दर्शकों की नजर नए प्रतिभागियों, बदले नियमों और इस बार ट्रॉफी जीतने वाले नए नाम पर होगी। लंबे सफर में अलग अलग क्षेत्रों से आए प्रतियोगियों ने शो को नई पहचान दी है और हर सीजन ने दर्शकों के बीच अपनी अलग चर्चा बनाई है।

  • गणतंत्र दिवस पर पिछले 16 सालों में कौन-कौन से राज्य रहे झांकी के विजेता, जानिए कैसे होता है चयन ?

    गणतंत्र दिवस पर पिछले 16 सालों में कौन-कौन से राज्य रहे झांकी के विजेता, जानिए कैसे होता है चयन ?

    नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस की झांकियां भारत के राष्ट्रीय उत्सव में एक खास जगह रखती हैं। हर भारतीय के बचपन की यादें समेटे हुए यह परेड श की एक बदलती हुई कहानी दिखाती है। 1952 में कल्चरल झांकियां शुरू की गईं, जिससे परेड में गर्व और अनेकता की भावना का एक नया पहलू जुड़ा।

    सांस्कृतिक झांकियों की शुरुआत असल में “विविधता में एकता” के तहत हुई थी। शुरुआती परेड में साधारण झांकियां होती थीं जिनमें फ्लैटबेड ट्रकों पर क्षेत्रीय हस्तशिल्प और लोक कलाकार होते थे। धीरे-धीरे समय के साथ झांकियों की झलक भी बदलती गई। आज हम यहां पिछले 16 सालों में जो झांकियां विजेता रहीं, उनकी बात करेंगे।

    उत्तर प्रदेश, महाकुंभ 2025
    इस झांकी ने महाकुंभ मेले का एक शानदार नजारा पेश किया था। इसमें ‘समुद्र मंथन’, ‘अमृत कलश’ और संगम के किनारे पवित्र स्नान करते साधु-संतों को दिखाकर आध्यात्मिक भव्यता को दर्शाया गया था। इसमें ‘विरासत’ और ‘विकास’ के लाक्षणिक संगम को भी दिखाया गया था।
    ओडिशा, महिला सशक्तिकरण और रेशम 2024

    झांकी में पट्टाचित्र कला रूप दिखाया गया था और राज्य की हस्तशिल्प अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया गया था। इसकी बारीक हाथ से बनी डिटेल्स और पारंपरिक नर्तकियों की लाइव परफॉर्मेंस के लिए इसकी खूब तारीफ हुई।
    उत्तराखंड, मानसखंड 2023

    इस झांकी में घने देवदार के जंगलों के बीच जागेश्वर धाम को दिखाया गया था। यह कर्तव्य पथ पर शांत, ‘देवभूमि’ का माहौल लाने के लिए खास थी।

    उत्तर प्रदेश, अयोध्या और राम मंदिर 2021
    इसमें बन रहे राम मंदिर का एक भव्य मॉडल दिखाया गया था। इसमें दीपोत्सव की झलकियां और रामायण महाकाव्य की अलग-अलग कहानियों के साथ-साथ ऋषि वाल्मीकि की एक विशाल मूर्ति भी दिखाई गई थी।

    असम, भोरताल नृत्य और हस्तशिल्प 2020
    इस झांकी को भोरताल नृत्य और राज्य के बांस और बेंत की कारीगरी पर फोकस करके दिखाया गया था। झांकी पर कलाकारों द्वारा मंजीरों की लयबद्धता से एक अनोखा अनुभव हुआ।
    त्रिपुरा 2019

    इस झांकी में गांधीवादी तरीके से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनता हुआ दर्शाया गया था।
    महाराष्ट्र 2018

    इस झांकी में छत्रपति शिवाजी महाराज के राज तिलक को दर्शाया गया था।
    अरुणाचल प्रदेश 2017

    इस झांकी में मोनपास के याक डांस को दर्शाया गया।

    पश्चिम बंगाल 2016

    इस झांकी में भटके हुए जोगियों को दर्शाया गया।
    महाराष्ट्र 2015

    इस झांकी की थीम वारी से पंढर पुर थी।
    पश्चिम बंगाल 2014

    इस झांकी की थीम पुरुलिया छऊ नृत्य थी।
    केरल 2013

    इसने “गॉड्स ओन कंट्री” की प्राकृतिक सुंदरता को वहां के लोगों की आजीविका के साथ खूबसूरती से बैलेंस किया, जिसमें एक विशाल हाउस-बोट (केट्टुवल्लम) का रेप्लिका दिखाया गया था।
    एचआरडी मंत्रालय 2012

    इस झांकी थीम साक्षर भारत थी।
    दिल्ली 2011

    इस झांकी की थीम सांस्कृतिक और धार्मिक सद्भाव थी।
    संस्कृति मंत्रालय, 2010

    इस झांकी थीम भारतीय संगीत वाद्ययंत्र थी।

  • अभ्युदय मध्य प्रदेश क्विज के विजेताओं का मुख्यमंत्री आज करेंगे सम्मान

    अभ्युदय मध्य प्रदेश क्विज के विजेताओं का मुख्यमंत्री आज करेंगे सम्मान

    भोपाल। भय नहीं, भ्रम नहीं, पूरा विश्वास, विरासत के साथ विकास के मूलमंत्र पर आयोजित डॉ. मोहन यादव का अभ्युदय मध्य प्रदेश क्विज के 24 विजेताओं का सम्मान मंगलवार, 13 जनवरी, सायं 4 बजे मुख्यमंत्री के निवास पर आयोजित सम्मान समारोह में किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं विजेता अभ्यर्थियों को सम्मानित करेंगे एवं सभी विजेताओं के साथ चाय पर चर्चा करेंगे।


    वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि यह गौरव का झण है जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य विरासत को संरक्षित करते हुए विकास के पथ पर अग्रसर है। सेवा भाव, सुशासन और दायित्वबोध के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने विकास के दो सफल वर्ष पूर्ण किए हैं। परंपरा, धार्मिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों के सम्मान के साथ संस्कृति को केंद्र में रखकर प्रदेश निरंतर नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।


    अभ्युदय मध्य प्रदेश क्विज़ इसी दृष्टि का सशक्त माध्यम बना, जो युवाओं को हमारी सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और विकास यात्रा से जोड़ता है। इस आयोजन ने ज्ञान, उत्तरदायित्व और सहभागिता को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि प्रदेश के विभिन्न आयुवर्ग, हर समुदाय, दूरस्थ अंचलों से अभ्युदय मध्यप्रदेश क्विज में लाखों लोगों ने भागीदारी की। इसी कड़ी में 13 जनवरी को मुख्यमंत्री के निवास स्थित समत्व भवन में सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मुख्यमंत्री भव्य पुरस्कारों – लैपटॉप, ई-बाइक, ई-स्कूटी, 24 विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को पुरस्कार स्वरूप विजेताओं को प्रदान करेंगे।