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  • शिमला-मनाली की भीड़ से परेशान हैं? चंडीगढ़ के पास इन शांत हिल स्टेशनों पर बिताएं सुकून भरी छुट्टियां

    शिमला-मनाली की भीड़ से परेशान हैं? चंडीगढ़ के पास इन शांत हिल स्टेशनों पर बिताएं सुकून भरी छुट्टियां


    नई दिल्ली।सर्दियों की छुट्टियां शुरू होते ही देशभर के पर्यटक पहाड़ों की ओर रुख करने लगते हैं। बर्फ से ढकी वादियां, ठंडी हवा और पहाड़ों की खूबसूरती हर किसी को आकर्षित करती है। लेकिन बीते कुछ समय से शिमला, मनाली और मसूरी जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों पर हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बर्फीली सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम, घंटों फंसे वाहन और टूरिस्ट स्पॉट्स पर भारी भीड़ साफ देखी जा सकती है।ऐसे में अगर आप भी छुट्टियों में पहाड़ों का मजा लेना चाहते हैं, लेकिन भीड़ और ट्रैफिक से बचना चाहते हैं, तो कुछ ऑफबीट हिल स्टेशन आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। खास बात यह है कि ये जगहें चंडीगढ़ के पास स्थित हैं और यहां आपको प्रकृति के बीच शांति और सुकून दोनों मिलेंगे।

    शोजा, हिमाचल प्रदेश

    हिमाचल प्रदेश में स्थित शोजा एक बेहद खूबसूरत लेकिन कम चर्चित पहाड़ी गांव है। यह जगह तीर्थन वैली के पास बसी हुई है और अब भी बड़े पैमाने के पर्यटन से दूर है। जब मनाली और शिमला में होटल फुल हो जाते हैं और सड़कों पर जाम लगता है, तब शोजा शांति की मिसाल बन जाता है।यहां न तो बड़े-बड़े रिसॉर्ट्स हैं और न ही तेज म्यूजिक या पार्टी कल्चर। चारों ओर देवदार और चीड़ के घने जंगल, लकड़ी से बने छोटे-छोटे घर और पहाड़ों की ठंडी हवा इस जगह को खास बनाती है। सुबह की हल्की धुंध, पक्षियों की आवाज और प्राकृतिक नज़ारे शोजा को नेचर लवर्स के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं।

    कनाताल, उत्तराखंड

    उत्तराखंड में मसूरी के पास स्थित कनाताल उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है, जो शांति के साथ पहाड़ों का अनुभव लेना चाहते हैं। समुद्र तल से करीब 8,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह हिल स्टेशन भीड़-भाड़ से काफी हद तक दूर है।कनाताल में चौड़ी और खुली सड़कें, साफ हवा और शांत वातावरण मिलता है। यहां बड़े टूरिस्ट हब्स की तरह ट्रैफिक जाम या शोरगुल नहीं होता। यही वजह है कि परिवार, कपल्स और सोलो ट्रैवलर्स के बीच इसकी लोकप्रियता धीरे-धीरे बढ़ रही है। यहां से हिमालय की बर्फीली चोटियों का नज़ारा बेहद मनमोहक दिखाई देता है।

    पंगोट, उत्तराखंड

    पंगोट नैनीताल से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित एक छोटा और शांत पहाड़ी गांव है। नैनीताल में जब नए साल और छुट्टियों के दौरान होटल फुल हो जाते हैं और सड़कों पर जाम लगता है, तब पंगोट सुकून का अहसास कराता है।यह जगह खासतौर पर नेचर और बर्ड लवर्स के लिए जानी जाती है। घने जंगल, पहाड़ों की गोद में बसे छोटे घर और शांत माहौल पंगोट को भीड़ से दूर एक आदर्श डेस्टिनेशन बनाते हैं। यहां आपको नैनीताल जैसी चहल-पहल नहीं, बल्कि शांति और प्राकृतिक सुंदरता मिलेगी।

    क्यों चुनें ऑफबीट हिल स्टेशन

    पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि ऑफबीट डेस्टिनेशन न सिर्फ ट्रैफिक और भीड़ से राहत देते हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और प्रकृति को करीब से देखने का मौका भी देते हैं। इसके साथ ही ये जगहें मानसिक सुकून और असली छुट्टियों का अनुभव प्रदान करती हैं।अगर आप इस सर्दी पहाड़ों में भीड़ से दूर, शांति और खूबसूरती के साथ समय बिताना चाहते हैं, तो शिमला-मनाली की जगह इन ऑफबीट हिल स्टेशनों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें।

  • ठंड में घूमने का प्लान? ये 10 हिल स्टेशन बना देंगे ट्रिप को खास

    ठंड में घूमने का प्लान? ये 10 हिल स्टेशन बना देंगे ट्रिप को खास

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    नई दिल्ली/ज़्यादातर राज्य में नवंबर-दिसंबर में ठंड का मौसम शुरू हो जाता है. अगर आप भी इस सर्दी में हिल स्टेशन जाने का प्लान बना रहे है. तो यहां भारत की 10 छिपी हुई और खूबसूरत जगहों की लिस्ट है जो सर्दियों में घूमने के लिए एकदम सही है.
    मेचुका वैली, अरुणाचल प्रदेश
    नवंबर-दिसंबर के दौरान अरुणाचल प्रदेश बर्फ से ढका रहता है. आप इस समय मेचुका वैली घूमने जा सकते है. सर्दियों में यहां का तापमान फ्रीजिंग पॉइंट से नीचे चला जाता है. इसके अलावा यह वैली दूसरी जगहों के मुकाबले बहुत कम भीड़ वाली है. यहां आप पंचमुखी शिव मंदिर 400 साल पुरानी योंगचा मठ और कई झरने देख सकते है.

    कल्पा वैली, हिमाचल प्रदेश

    कांगड़ा, शिमला और मनाली के बजाय आप कल्पा वैली जा सकते है. यह एक छोटा सा गांव है जिसकी आबादी दूसरे गांवों के मुकाबले कम है. नवंबर से फरवरी तक यह वैली बर्फ की सफेद चादर से ढकी रहती है. यह जगह अपने पार्टनर और परिवार के साथ समय बिताने के लिए एकदम सही है.
    ज़ीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश
    ज़ीरो वैली की खूबसूरती हर किसी को मोह लेती है. यह समुद्र तल से 1700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यहां होने वाला म्यूजिक फेस्टिवल दुनिया भर में मशहूर है. अगर आप नॉर्थ-ईस्ट की संस्कृति को करीब से देखना और अनुभव करना चाहते है, तो यह जगह एकदम सही है.

    चोपता, उत्तराखंड
    समुद्र तल से लगभग 2,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चोपता, तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक के लिए जाना जाता है. सर्दियों में यहां से हिमालय की चोटियां और भी खूबसूरत दिखती है. इस जगह से चौखंबा और नंदा देवी जैसी चोटियां साफ देखी जा सकती है. अगर आप कम बजट में शानदार अनुभव चाहते हैं, तो आप यहां आ सकते है.

    लंबासिंगी, आंध्र प्रदेश

    लंबासिंगी दक्षिण भारत की एकमात्र ऐसी जगह है जहां सर्दियों में तापमान शून्य डिग्री के करीब रहता है. इतना ही नहीं, यहां कभी-कभी बर्फबारी भी होती है. यह हिल स्टेशन नवंबर से जनवरी के बीच कोहरे की चादर से ढका रहता है. यहां आखिरी बार बर्फबारी 2012 में हुई थी. अगर आप सुहावनी ठंड के साथ घाटियों का आनंद लेना चाहते हैं, तो आप यहां आ सकते है.

    मैनपाट, छत्तीसगढ़

    छत्तीसगढ़ में मैनपाट को मिनी तिब्बत के नाम से जाना जाता है. हालांकि यहां बहुत ज़्यादा ठंड नहीं पड़ती, लेकिन यहां एक सुहावनी ठंडक रहती है. यहां कई घूमने की जगहें है, जिनमें धकपो शेड्रूपलिंग मठ, परपतिया व्यू पॉइंट और टाइगर पॉइंट शामिल है. इनके अलावा यहां कई छोटे-बड़े झरने भी है जिनका आप मज़ा ले सकते है. मैनपाट में दिसंबर से जनवरी तक एक आदिवासी त्योहार मनाया जाता है, जो आपकी यात्रा में रोमांच का अनुभव देगा.

    तवांग, अरुणाचल प्रदेश

    3,048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, तवांग स्वर्ग का दूसरा नाम है. यहां सेला पास और सेला झील पूरी तरह से जम जाते है. एशिया का दूसरा सबसे बड़ा मठ तवांग मठ यहीं स्थित है. आप बटर टी के साथ पारंपरिक भोजन और संस्कृति का आनंद ले सकते है.

    लोहाजंग, उत्तराखंड

    उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित लोहाजंग गांव, ब्रह्मताल, अली बेदनी और बुग्याल ट्रेक के लिए बेस कैंप है. यहां से नंदा देवी और त्रिशूल चोटियों के शानदार नज़ारे दिखते है. दिन में धूप रहती है, लेकिन रात में तापमान -28°C से नीचे चला जाता है.

    बिनसर, उत्तराखंड

    अल्मोड़ा जिले में स्थित बिनसर समुद्र तल से 2,420 मीटर की ऊंचाई पर है. यहां से हिमालय का 360-डिग्री नज़ारा दिखता है. अगर आप अपने साथ कुछ शांति भरे पल बिताना चाहते है, तो आप यहां आ सकते है.

    खिरसू, उत्तराखंड

    पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित खिरसू एक शांत और छिपा हुआ हिल स्टेशन है. यहां से आप नंदा देवी, त्रिशूल और पंचाचूली सहित 300 से ज़्यादा पहाड़ों की चोटियां देख सकते है. गंडियाल देवी मंदिर सेब के बाग और देवदार के जंगल आपको एक अनोखी शांति का अनुभव देंगे.