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  • बिहार-असम में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस होंगे वापस, सरकार से वार्ता के बाद CJP का बड़ा अपडेट

    बिहार-असम में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस होंगे वापस, सरकार से वार्ता के बाद CJP का बड़ा अपडेट


    नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद बताया कि बिहार और असम समेत विभिन्न राज्यों में आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाएगा। पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने देर रात सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार की ओर से इस संबंध में सकारात्मक आश्वासन मिला है।

    सौरभ दास ने बताया कि पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे दिल्ली पुलिस के प्रतिनिधि उनसे मिलने पहुंचे। करीब डेढ़ से दो घंटे तक चली बैठक में सरकार की ओर से किए गए वादों के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।

    उन्होंने कहा कि पुलिस प्रतिनिधि अपने साथ बिहार सरकार के गृह विभाग की एक प्रेस विज्ञप्ति भी लाए थे, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी उनके विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

    सौरभ दास के मुताबिक बैठक में उन अन्य राज्यों पर भी चर्चा हुई, जहां प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जिन राज्यों को लेकर चिंता जताई गई है, वहां भी जल्द इसी तरह की अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी। यदि किसी राज्य में मामलों की वापसी नहीं होती है, तो पार्टी संबंधित सरकार से सीधे संपर्क कर समाधान सुनिश्चित करेगी। शेष राज्यों की सूची भी सरकार को उपलब्ध कराई जाएगी।

    उन्होंने कहा कि आंदोलन की शुरुआत से ही पार्टी हर प्रदर्शनकारी के साथ मजबूती से खड़ी रही है और आगे भी किसी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। इस दौरान उन्होंने रत्ना, आशु, अभिजीत और वैष्णवी समेत टीम के अन्य सदस्यों के योगदान का भी उल्लेख किया।

    वहीं, रत्ना सिंह ने कानूनी सहायता को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों की मदद करने वाले वकीलों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। फिलहाल औपचारिक लीगल टीम का गठन नहीं हुआ है, लेकिन इसे जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने यह सुनिश्चित किया है कि वकीलों के प्रयास व्यर्थ न जाएं और इस संबंध में लिखित आश्वासन भी प्राप्त हो चुका है।

  • बिहार सरकार का बड़ा फैसला: छात्र आंदोलन से जुड़े सभी मामले वापस होंगे, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना

    बिहार सरकार का बड़ा फैसला: छात्र आंदोलन से जुड़े सभी मामले वापस होंगे, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना


    पटना।
    बिहार सरकार ने हाल में हुए छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में बड़ा निर्णय लेते हुए प्रदर्शन के दौरान दर्ज सभी प्राथमिकी (एफआईआर), परिवाद और कानूनी नोटिस वापस लेने का आदेश जारी किया है। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, आंदोलन के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए छात्रों की रिहाई की प्रक्रिया भी तत्काल शुरू कर दी गई है।

    सरकार के निर्देश के मुताबिक, 26 जुलाई शाम 6 बजे तक आंदोलन और प्रदर्शन से संबंधित दर्ज सभी एफआईआर, परिवाद तथा जारी किए गए कानूनी नोटिस निरस्त किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इस अवधि से पहले गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए छात्रों को आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर शीघ्र रिहा किया जाए।

    छात्रों के भविष्य को देखते हुए लिया गया फैसला

    गृह विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय छात्रों के शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल आंदोलन या प्रदर्शन में भाग लेने के आधार पर किसी भी छात्र के खिलाफ आगे कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

    प्रशासन को दिए गए स्पष्ट निर्देश

    सरकार ने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया है कि अधिसूचना का तत्काल पालन सुनिश्चित किया जाए और सभी लंबित मामलों को निर्धारित समयसीमा के भीतर वापस लेने की कार्रवाई पूरी की जाए। साथ ही, हिरासत में मौजूद छात्रों की रिहाई में अनावश्यक देरी न हो।

    छात्र संगठनों ने जताई राहत

    सरकार के इस फैसले के बाद छात्र संगठनों और अभिभावकों ने राहत व्यक्त की है। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यह कदम छात्रों और सरकार के बीच विश्वास बहाल करने तथा आंदोलन के बाद बने तनावपूर्ण माहौल को सामान्य करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। फिलहाल राज्यभर में आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने और छात्रों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।