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  • सुबह तक सब कुछ सामान्य, कुछ घंटों बाद मातम; बच्चों को स्कूल भेजने के बाद महिला ने की आत्महत्या

    सुबह तक सब कुछ सामान्य, कुछ घंटों बाद मातम; बच्चों को स्कूल भेजने के बाद महिला ने की आत्महत्या


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास शहर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 38 वर्षीय महिला ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना शुक्रवारिया हाट क्षेत्र की है। महिला ने सुबह अपने बच्चों को स्कूल भेजा, मंदिर में पूजा-अर्चना की और घर लौटने के कुछ समय बाद यह कदम उठा लिया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में शोक और सनसनी का माहौल बन गया। फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

    मृतका की पहचान रिंकी पडियार (38) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह घर का माहौल सामान्य था। रिंकी ने रोज की तरह अपने बच्चों को स्कूल जाने के लिए तैयार किया और उन्हें ऑटो तक छोड़कर आईं। उस समय उनके पति मनोज पडियार सुबह की सैर पर गए हुए थे।

    स्थानीय पार्षद बाली घोषी के मुताबिक बच्चों को स्कूल भेजने के बाद रिंकी पास के मंदिर में दर्शन और पूजा करने गई थीं। पूजा के बाद वह घर लौटीं, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    जब पति मनोज पडियार सुबह घर लौटे तो उन्होंने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। रिंकी फंदे पर लटकी हुई थीं। उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि घटनास्थल से किसी सुसाइड नोट की जानकारी सामने नहीं आई है।

    कोतवाली थाना प्रभारी श्यामचंद शर्मा ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिला ने इतना बड़ा कदम किन परिस्थितियों में उठाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। सुबह तक सामान्य दिनचर्या निभाने वाली महिला के अचानक इस तरह आत्महत्या करने से परिवार और पड़ोसी भी सदमे में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

  • झाबुआ के कुएं में बुजुर्ग महिला का शव मिला, एक दिन पहले शादी में जाने निकली थीं

    झाबुआ के कुएं में बुजुर्ग महिला का शव मिला, एक दिन पहले शादी में जाने निकली थीं


    मध्यप्रदेश । झाबुआ जिले के मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर खरडू छोटी गांव के माल फालिया इलाके में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक बिना मुंडेर के कुएं में बुजुर्ग महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना का पता तब चला जब कुछ बच्चे कुएं के पास नीम के पेड़ पर खेल रहे थे।

    खेल के दौरान बच्चों की नजर अचानक कुएं के अंदर पड़ी, जहां उन्हें एक शव पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। घबराए बच्चों ने तुरंत गांव की ओर दौड़ लगाई और लोगों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

    ग्रामीणों ने तत्काल मामले की सूचना गांव के तड़वी (ग्राम प्रमुख) को दी, जिन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही झाबुआ कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई।

    पुलिस ने मृतका की पहचान झकेला गांव निवासी 70 वर्षीय तितली बाई (पति दूला बामनिया) के रूप में की है। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि बुजुर्ग महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं, जिससे मामले को लेकर कई पहलुओं पर जांच की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, तितली बाई रविवार शाम करीब 5 बजे एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए खरडू बड़ी गांव जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में अनसिग नामक व्यक्ति के खेत में बने बिना मुंडेर के कुएं के पास उनका संतुलन बिगड़ गया, जिससे उनके गिरने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    घटना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि कुआं बिना मुंडेर का था, जिससे हादसे की संभावना और बढ़ जाती है। वहीं, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है कि यह दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी हो सकता है।

    झाबुआ कोतवाली थाना प्रभारी आरसी भास्करे ने बताया कि शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

    इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण प्रशासन से ऐसे खुले कुओं पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित कारणों की गहनता से पड़ताल की जा रही है।

  • नवग्रह शक्तिपीठ कलश यात्रा में भगदड़, एक महिला की मौत; आयोजन में लापरवाही का आरोप

    नवग्रह शक्तिपीठ कलश यात्रा में भगदड़, एक महिला की मौत; आयोजन में लापरवाही का आरोप


    ग्वालियरडबरा । ग्वालियर के डबरा शहर में नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई, लेकिन यह भव्य आयोजन एक दुखद हादसे में बदल गया। स्टेडियम ग्राउंड से शुरू हुई कलश यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजर रही थी, जिसमें हजारों महिलाएं एक ही रंग की साड़ियों में शामिल थीं। भीड़भाड़ और उत्साह के बीच अचानक एक संकरे मार्ग या चौराहे पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की हुई और कई गिर पड़ीं।

    हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 5 महिलाएं घायल हो गईं। घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है।

    मृतक महिला के परिजन मौके पर पहुंचकर आयोजकों और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी और भीड़ नियंत्रण के उपाय न के बराबर थे। साथ ही आपातकालीन सुविधाओं की कमी और आयोजन स्थल पर समुचित व्यवस्था न होने का आरोप भी लगाया।

    यह आयोजन पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में आयोजक समिति द्वारा किया जा रहा है। 10 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस 11 दिवसीय महोत्सव में धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर धाम), प्रदीप मिश्रा और कुमार विश्वास जैसे संत-कवि शामिल होंगे। आयोजक समिति ने घटना पर दुख जताया है और मृतक के परिवार को सहायता देने की बात कही है।

    कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह यादव पहले ही आयोजन की तैयारियों का जायजा ले चुके थे, लेकिन आज की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं।इस दुखद घटना ने महोत्सव की शुरुआत को ही झकझोर दिया है और लोगों के बीच सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा दी है।