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  • MP में 6 साल बाद महिला आयोग को मिला अध्यक्ष, रेखा यादव की नियुक्ति से तेज हुई राजनीतिक नियुक्तियों की रफ्तार

    MP में 6 साल बाद महिला आयोग को मिला अध्यक्ष, रेखा यादव की नियुक्ति से तेज हुई राजनीतिक नियुक्तियों की रफ्तार


    नई दिल्ली।  मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला एक बार फिर तेज हो गया है। राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां करते हुए प्रशासनिक ढांचे को सक्रिय किया है। सबसे अहम फैसला राज्य महिला आयोग को लेकर सामने आया है, जहां रेखा यादव को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति लगभग 6 साल बाद हुई है, जिससे आयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    इसके साथ ही साधना स्थापक को महिला आयोग का सदस्य बनाया गया है। हालांकि, आयोग में अभी भी पूर्ण कोरम नहीं बन पाया है क्योंकि कुल 6 पदों में से 4 सदस्य पद खाली हैं। इससे आयोग के कामकाज की गति पर असर पड़ सकता है।

     समीक्षा की नियुक्ति पर ब्रेक

    ग्वालियर की पूर्व महापौर साधना गुप्ता को सदस्य बनाए जाने का प्रस्ताव था, लेकिन ग्वालियर से पहले ही अधिक नियुक्तियों और आंतरिक विरोध के चलते उनका नाम फिलहाल रोक दिया गया है। जल्द ही एक और सदस्य की नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है।

    अन्य अहम नियुक्तियां

    सरकार ने विभिन्न निगमों और बोर्डों में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं—

    रवि मालवीय को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया है
    कई अन्य प्रमुख संस्थानों में भी नई नियुक्तियां की गई हैं, जिनमें राज्य वन विकास निगम, पशुधन निगम, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड और लघु उद्योग निगम शामिल हैं

    प्रमुख नियुक्तियों की सूची
    अनुसूचित जनजाति आयोग – रामलाल रौतेल
    अनुसूचित जाति आयोग – कैलाश जाटव
    राज्य महिला आयोग – रेखा यादव
    युवा आयोग – प्रवीण शर्मा
    योग आयोग – राघवेंद्र शर्मा
    खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड – पंकज जोशी
     राजनीतिक संकेत

    इन नियुक्तियों को प्रशासनिक पुनर्गठन के साथ-साथ राजनीतिक संतुलन की दिशा में भी देखा जा रहा है। विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।

    मध्य प्रदेश में की गई ये नियुक्तियां आने वाले समय में कई बोर्डों और आयोगों के कामकाज को गति दे सकती हैं। हालांकि महिला आयोग में खाली पदों के कारण अभी भी पूर्ण सक्रियता आने में समय लग सकता है।

  • 'महिला आयोग को क्या समझ रखा है..' मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव किस पर भड़कीं?

    'महिला आयोग को क्या समझ रखा है..' मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव किस पर भड़कीं?

    उत्तर प्रदेश । उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव शुक्रवार को उस वक्त भड़क गईं जब किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति से मिलने पहुंचीं मगर उनसे कोई मिलना नहीं आया. अपर्णा यादव, रमीज और धर्मांतरण के मामले को लेकर केजीएमयू पहुंचीं थीं. इसके बाद एक प्रेस वार्ता में अपर्णा ने कहा कि महिला आयोग को केजीएमयू ने क्या समझ रखा है? मैं तो कुछ जानकारी करने के लिए आई थी लेकिन मुझसे मिलने वॉइस चांसलर नहीं आईं. उन्होंने कहा कि पीड़िता से मेरी बात हुई थी उसने बताया केजीएमयू के एचओडी के बताने के बाद में भी कोई सुनवाई नहीं हुई.

    यादव ने दावा किया कि पीड़िता को केजीएमयू के सीनियर डॉक्टर के द्वारा कहा गया कि आप महिला आयोग क्यों गई? उन्होंने आरोप लगाया कि उस व्यक्ति को बचाने के लिए व्यक्ति विशेष काम कर रहे हैं.यादव ने विशाखा कमेटी के द्वारा जारी रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने बयान दिया है उनके बयान बदलने के लिए दबाव दिया जा रहा है. अपर्णा ने दावा किया कि विशाखा कमेटी को अपनी तरह से तोड़ मरोड़ कर बताए गए.

    उन्होंने पूछा कि क्या महिला आयोग, संवैधानिक संस्था नहीं है?

    केजीएमयू वीसी से मुलाकात के संदर्भ में यादव ने कहा कि हमारी कुछ बात होती जिस पर हम किसी निष्कर्ष पर पहुंचते. शायद तब मैं प्रेसवार्ता भी नहीं करती. मुझे लगता है कि प्रदेश सरकार विधि और न्याय सम्मत काम करेगी. सीएम योगी आदित्यनाथ इन मामलों में सचेत रहते हैं.

    महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा-केजीएमयू में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ हो रही है, यह सब क्या चल रहा है और यहां का प्रशासन मौन है. उन्होंने आरोप लगाया कि 2 साल से बिना लाइसेंस के केजीएमयू में ब्लड बैंक चल रहा है.

    यादव ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वो इस बात को जानेंगी तो वह भी इसे गंभीरतापूर्वक समझेंगी. उन्होंने आरोप लगाया कि जब रमीज मलिक यहां से भागा तब प्रोफेसर वाहिद अली और सुरेश बाबू के संपर्क में रहे. केजीएमयू प्रशासन ने उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की?