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  • चेहरे पर अचानक निकलने वाले पिंपल्स हो सकते हैं हार्मोनल बदलाव का संकेत

    चेहरे पर अचानक निकलने वाले पिंपल्स हो सकते हैं हार्मोनल बदलाव का संकेत


    नई दिल्ली । पीरियड्स शुरू होने से कुछ दिन पहले चेहरे पर अचानक पिंपल्स निकल आना कई महिलाओं के लिए आम समस्या बन चुका है। खासतौर पर ठुड्डी, जॉलाइन और गालों के आसपास दर्द वाले दाने दिखाई देने लगते हैं। अक्सर लोग इसकी वजह गलत खानपान, धूल-मिट्टी या स्किन केयर प्रोडक्ट्स को मानते हैं, लेकिन असल कारण शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव होते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह केवल ब्यूटी प्रॉब्लम नहीं बल्कि शरीर की ओर से मिलने वाला एक अहम संकेत भी हो सकता है।

    जानकारी के अनुसार सामान्य तौर पर महिलाओं का पीरियड साइकिल लगभग 28 दिनों का होता है और इस दौरान शरीर में अलग-अलग हार्मोन्स का स्तर लगातार बदलता रहता है। शुरुआती दिनों में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ता है, जबकि बाद में प्रोजेस्टेरोन अधिक सक्रिय हो जाता है। जैसे-जैसे पीरियड्स नजदीक आते हैं, इन दोनों हार्मोन्स का स्तर कम होने लगता है, लेकिन टेस्टोस्टेरोन अपेक्षाकृत ज्यादा सक्रिय हो जाता है। यही बदलाव त्वचा पर असर डालता है और पिंपल्स की समस्या शुरू हो जाती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार पीरियड्स से पहले बढ़ा हुआ प्रोजेस्टेरोन त्वचा की ऑयल ग्लैंड्स को ज्यादा सक्रिय कर देता है। इससे सीबम यानी त्वचा का नेचुरल ऑयल अधिक मात्रा में बनने लगता है। इसके कारण रोमछिद्र बंद होने लगते हैं और त्वचा में सूजन बढ़ जाती है। जब अतिरिक्त तेल धूल, डेड स्किन और बैक्टीरिया के साथ मिल जाता है, तो ब्लैकहेड्स, व्हाइटहेड्स और दर्द वाले पिंपल्स बनने लगते हैं।

    हार्मोनल एक्ने का सबसे ज्यादा असर ठुड्डी और जॉलाइन के हिस्से पर दिखाई देता है। कई बार यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि त्वचा के अंदर गांठ जैसी सूजन और दर्द भरे सिस्ट बनने लगते हैं। ऐसे पिंपल्स सामान्य एक्ने की तुलना में ज्यादा दर्दनाक और लंबे समय तक रहने वाले हो सकते हैं।

    हालांकि कुछ आसान आदतों को अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। चेहरे को नियमित रूप से साफ रखना, बार-बार चेहरे को हाथ न लगाना, मोबाइल स्क्रीन की सफाई करना और धूम्रपान से दूरी बनाना फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा संतुलित वजन बनाए रखना भी जरूरी है, क्योंकि मोटापा हार्मोनल असंतुलन को बढ़ा सकता है।

    एक्सपर्ट्स जिंक, ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन ए, सी, डी और ई से भरपूर आहार लेने की सलाह देते हैं। पनीर, पालक, नट्स, सीफूड और पौष्टिक भोजन त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि केवल सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित डाइट और सही स्किन केयर रूटीन अपनाना ज्यादा जरूरी माना जाता है।

    अगर पिंपल्स हर महीने गंभीर रूप लेने लगें, दर्द बढ़ जाए या बार-बार चेहरे पर सूजन और दाग बनने लगें, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। कुछ मामलों में डॉक्टर हार्मोनल ट्रीटमेंट या दवाओं की सलाह भी दे सकते हैं। इसलिए पीरियड्स से पहले होने वाले पिंपल्स को नजरअंदाज करना सही नहीं माना जाता।

  • Women’s Day Special: 30 की उम्र के बाद महिलाएं क्या खाएं, स्किन ग्लो और कोलेजन के लिए डाइट टिप्स

    Women’s Day Special: 30 की उम्र के बाद महिलाएं क्या खाएं, स्किन ग्लो और कोलेजन के लिए डाइट टिप्स


    नई दिल्ली।  हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन केवल महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए नहीं बल्कि उनकी सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी बेहद खास माना जाता है। अक्सर महिलाएं घर और ऑफिस की जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत को पीछे छोड़ देती हैं। लेकिन 30 की उम्र के बाद शरीर में कई ऐसे बदलाव शुरू हो जाते हैं जिन पर ध्यान देना बेहद जरूरी होता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार 30 की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कोलेजन का स्तर धीरे धीरे कम होने लगता है। कोलेजन एक महत्वपूर्ण प्रोटीन होता है जो त्वचा को मजबूत, लचीला और चमकदार बनाए रखने में मदद करता है। जब शरीर में इसकी कमी होने लगती है तो त्वचा पर झुर्रियां दिखाई देने लगती हैं, त्वचा ढीली पड़ सकती है और प्राकृतिक ग्लो भी कम हो सकता है।

    इसी वजह से 30 की उम्र के बाद महिलाओं के लिए सही और संतुलित डाइट लेना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर खानपान में जरूरी पोषक तत्व शामिल किए जाएं तो न केवल कोलेजन का स्तर बेहतर बना रहता है बल्कि शरीर भी लंबे समय तक स्वस्थ रहता है।

    डाइट में सबसे पहले प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी है। क्योंकि कोलेजन खुद एक प्रकार का प्रोटीन है और इसकी पर्याप्त मात्रा शरीर को मिलना बेहद आवश्यक है। इसके लिए महिलाएं अपनी डाइट में पनीर, दही, मूंग दाल, राजमा, चना, सोयाबीन, टोफू और विभिन्न प्रकार के ड्राई फ्रूट्स और नट्स शामिल कर सकती हैं। ये खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ स्किन और मसल्स को भी मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

    इसके अलावा शरीर के लिए बायोटिन और जिंक भी बेहद जरूरी पोषक तत्व माने जाते हैं। इनकी कमी होने पर त्वचा पर दाग धब्बे दिखने लगते हैं, बाल कमजोर हो सकते हैं और नाखून भी टूटने लगते हैं। इसलिए डाइट में बादाम, कद्दू के बीज, तिल, मशरूम और अंडे की सफेदी जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल करना फायदेमंद माना जाता है।

    ओमेगा 3 फैटी एसिड भी महिलाओं की सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। यह शरीर में सूजन को कम करने, हड्डियों को मजबूत रखने और जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करता है। ओमेगा 3 की पर्याप्त मात्रा पाने के लिए डाइट में अलसी के बीज, चिया सीड्स, अखरोट और सूरजमुखी के बीज जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल किया जा सकता है।

    विटामिन C भी कोलेजन के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। अगर शरीर में विटामिन C की कमी हो जाए तो इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है और त्वचा भी जल्दी डैमेज होने लगती है। इसलिए महिलाओं को अपनी डाइट में आंवला, संतरा, नींबू, कीवी, स्ट्रॉबेरी और शिमला मिर्च जैसे विटामिन C से भरपूर फूड्स जरूर शामिल करने चाहिए।

    संतुलित आहार के साथ पर्याप्त पानी पीना, नियमित व्यायाम करना और अच्छी नींद लेना भी महिलाओं की सेहत के लिए उतना ही जरूरी है। सही डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर महिलाएं 30 की उम्र के बाद भी अपनी त्वचा को स्वस्थ और शरीर को ऊर्जावान बनाए रख सकती हैं।

    महिला दिवस का संदेश भी यही है कि महिलाएं अपने परिवार की देखभाल के साथ साथ अपनी सेहत को भी उतनी ही प्राथमिकता दें ताकि वे लंबे समय तक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकें।