Tag: Women Safety

  • इंदौर में छेड़छाड़ के दो मामले आए सामने, रिसेप्शनिस्ट से अश्लील हरकत का आरोप तो नाबालिग छात्रा पर मिलने का दबाव

    इंदौर में छेड़छाड़ के दो मामले आए सामने, रिसेप्शनिस्ट से अश्लील हरकत का आरोप तो नाबालिग छात्रा पर मिलने का दबाव


    इंदौर । इंदौर के द्वारकापुरी इलाके में एक निजी अस्पताल की रिसेप्शनिस्ट से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। युवती की शिकायत पर पुलिस ने सब्जी व्यापारी नरेंद्र साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। युवती का आरोप है कि व्यापारी पिछले करीब 20 दिनों से उसे देखकर अश्लील इशारे करता था और आपत्तिजनक हरकतों के जरिए परेशान कर रहा था। शनिवार रात हुई घटना के बाद युवती ने पुलिस से शिकायत की जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।

    द्वारकापुरी पुलिस के मुताबिक युवती फूटी कोठी क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती है। अस्पताल के बाहर सब्जियों की दुकानें लगती हैं जिनमें से एक दुकान नरेंद्र साहू की बताई गई है। युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी उसे देखकर अश्लील हरकतें करता था और इस वजह से वह कई दिनों से परेशान थी। मामले में पुलिस ने युवती के आरोपों के आधार पर प्रकरण दर्ज किया है।

    शिकायत के मुताबिक शनिवार रात अस्पताल से निकलने के दौरान युवती के साथ यह घटना हुई। अस्पताल का गार्ड उसे गेट तक छोड़ने आया था। युवती उस समय अपने भाई का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान आरोप है कि नरेंद्र साहू ने जानबूझकर अश्लील हरकत करते हुए अपना निजी अंग दिखाया। युवती ने इसका विरोध करते हुए आरोपी को ललकारा तो अस्पताल का स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। इसके बाद आरोपी वहां से चला गया।

    घटना के बाद युवती अपनी बहन के साथ द्वारकापुरी थाने पहुंची और पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना बाकी है।

    इसी बीच इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में भी छेड़छाड़ और परेशान करने का एक अलग मामला सामने आया है। यहां 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने संजय नाम के युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। छात्रा का आरोप है कि उसके साथ पहले पढ़ने वाला संजय उसे लगातार मोबाइल फोन पर कॉल करता था और मिलने के लिए दबाव बनाता था।

    शिकायत के अनुसार एक दिन पहले युवक छात्रा के घर के बाहर पहुंच गया और फोन कर उससे जबरन मिलने की जिद करने लगा। लगातार परेशान किए जाने से छात्रा ने अपने पिता को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। शनिवार को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।

    इंदौर में सामने आए इन दोनों मामलों में शिकायतकर्ताओं के आरोपों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। एक मामले में निजी अस्पताल की रिसेप्शनिस्ट ने सब्जी व्यापारी पर अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया है जबकि दूसरे मामले में नाबालिग छात्रा ने परिचित युवक पर मिलने के लिए दबाव बनाने की शिकायत की है। दोनों मामलों में पुलिस की जांच आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण होगी।

  • बेटियों की सुरक्षा पर शिवराज का बड़ा बयान, पुरुषों और माता-पिता से आत्ममंथन की अपील, बोले ये नारा कभी सफल न हो

    बेटियों की सुरक्षा पर शिवराज का बड़ा बयान, पुरुषों और माता-पिता से आत्ममंथन की अपील, बोले ये नारा कभी सफल न हो


    भोपाल। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बेटियों की सुरक्षा और समाज में महिलाओं के प्रति बदलते नजरिए को लेकर गंभीर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर चर्चित हो रहे एक कचौड़ी दो समोसा इन मर्दों का क्या भरोसा वाले नारे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी कि बेटियों को इस तरह की बात लिखने और कहने की जरूरत महसूस हुई। शिवराज ने कहा कि अगर बेटियां पुरुषों पर भरोसा नहीं कर पाएंगी तो समाज और देश आगे कैसे बढ़ेगा। उन्होंने पुरुषों बेटों और उनके माता पिता से इस विषय पर आत्ममंथन करने की अपील की।
    भोपाल में नवगति एजुकेशन स्कॉलरशिप कार्यक्रम में पहुंचे शिवराज ने कहा कि बेटियों का सम्मान और उनकी सुरक्षा सिर्फ उनके परिवार की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। इसके लिए पूरे समाज को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों के साथ गलत व्यवहार करने वाले कई बार कोई अनजान व्यक्ति नहीं होते बल्कि परिचित या आसपास के लोग भी हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि परिवार अपने बच्चों के संस्कार और व्यवहार को लेकर गंभीरता से सोचें।
    शिवराज ने कहा कि ऐसा माहौल बनना चाहिए जिसमें बेटियां बिना डर के आगे बढ़ सकें और पुरुषों पर भरोसा कर सकें। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस नारे का आज जिक्र हो रहा है वह कभी सार्थक और सफल नहीं होना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को मां और बेटियों को देवी के समान बताते हुए उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करने की बात कही।
    कार्यक्रम में शिवराज ने ड्राइवरों के बच्चों के लिए शुरू की गई छात्रवृत्ति योजना की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ड्राइवर केवल वाहन चलाने वाला व्यक्ति नहीं है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ड्राइवर कई दिनों तक अपने परिवार से दूर रहकर देश के अलग अलग हिस्सों तक सामान पहुंचाते हैं। किसान की उपज को बाजार तक पहुंचाने से लेकर निर्माण सामग्री और जरूरी वस्तुओं की ढुलाई तक उनका योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ड्राइवर देश और लोगों की जिंदगी को चलाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
    शिवराज ने छात्रवृत्ति योजना के तहत मिलने वाली सहायता की जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा आठवीं से दसवीं तक 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सालाना चार हजार रुपए की छात्रवृत्ति दी जाएगी। 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह राशि 4500 रुपए होगी। वहीं 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को पांच हजार रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि मेहनत से पढ़ाई कर अच्छे अंक हासिल करने वाले बच्चों की आगे भी मदद की जाएगी।
    उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल छात्रवृत्ति देना ही उद्देश्य नहीं है बल्कि उन्हें आगे की पढ़ाई कौशल विकास प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार से जोड़ना भी जरूरी है। शिवराज ने अपने संसदीय क्षेत्र में चल रही मामा कोचिंग क्लास का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में निशुल्क सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है। ऑनलाइन शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने पर भी काम किया जा रहा है।
    कार्यक्रम के दौरान शिवराज ने भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने क्रिकेट में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम की जीत और एशियन गेम्स में खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के बेटे और बेटियां अलग अलग क्षेत्रों में भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं।
    इसके बाद शिवराज सिंह चौहान विदिशा के सांची पहुंचे जहां उन्होंने मधुमेह पर आयोजित वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि मधुमेह तेजी से बढ़ती चुनौती है और इससे निपटने के लिए उपचार के साथ रोकथाम जागरूकता और लगातार शोध पर जोर देना जरूरी है। उन्होंने चिकित्सा विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता बताई। इस तरह एक ही दिन में शिवराज ने बेटियों की सुरक्षा से लेकर शिक्षा रोजगार खेल और स्वास्थ्य जैसे कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।

  • कचरा फेंकने के विवाद में महिला से मारपीट का आरोप FIR के बाद भी धमकाने का दावा लेकर SP ऑफिस पहुंची पीड़िता

    कचरा फेंकने के विवाद में महिला से मारपीट का आरोप FIR के बाद भी धमकाने का दावा लेकर SP ऑफिस पहुंची पीड़िता


    शिवपुरी । शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र की संजय कॉलोनी में कचरा फेंकने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। 29 वर्षीय मोनिका खटीक ने प्रशांत यादव और उसके भाई निशांत यादव पर मारपीट करने और थाने के अंदर धमकाने का आरोप लगाया है। शुक्रवार 2 अक्टूबर को पीड़िता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और आवेदन देकर आरोपियों से अपनी तथा परिवार की जान को खतरा बताया। महिला ने सुरक्षा देने और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

    मोनिका खटीक संजय कॉलोनी के वार्ड क्रमांक 35 की निवासी है। उसने बताया कि गुरुवार रात करीब 8:30 बजे वह अपने घर से कूड़ा-कचरा लेकर उसे डालने के लिए एकांत स्थान की ओर जा रही थी। इसी दौरान उसके घर से तीन-चार मकान दूर रहने वाले प्रशांत यादव और उसके भाई निशांत यादव ने उसे रास्ते में रोक लिया। मोनिका का आरोप है कि दोनों भाइयों ने उसके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

    महिला के मुताबिक जब उसने गाली देने का विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि दोनों भाइयों ने उसके बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से मारपीट की। मोनिका के चिल्लाने पर उसकी नानी आशा खटीक और मामी मंजू खटीक मौके पर पहुंचीं। दोनों ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।

    थाने में भी धमकाने का लगाया आरोप

    मोनिका के अनुसार वह अपने भाई के साथ देर रात फिजिकल थाने पहुंची थी जहां उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि महिला ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज होने के दौरान आरोपी और उनके कुछ सहयोगी भी थाने पहुंच गए। पीड़िता का दावा है कि वहां उसे डराया धमकाया गया और जान से मारने के साथ झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई।

    पीड़िता ने इस घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है। उसने थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की बात भी कही है। उसका कहना है कि फुटेज से थाने के अंदर हुई घटना के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है। हालांकि थाने में धमकी देने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।

    मोनिका का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि उसे उसके भाई और परिवार के अन्य सदस्यों को भी धमकियां दी जा रही हैं। इससे परिवार के लोग डरे हुए हैं और उन्हें किसी अप्रिय घटना की आशंका है।

    पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए आवेदन में महिला ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उसने यह भी कहा कि भविष्य में उसके या परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ शिकायत की जाती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    फिलहाल मामला महिला की शिकायत और लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। पुलिस जांच के बाद ही मारपीट और थाने में धमकी देने के आरोपों से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पीड़िता ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और परिवार को सुरक्षा देने की अपील की है।

  • बिहार में कानून व्यवस्था पर BJP सांसद ने उठाए सवाल बोले पुलिसिंग हुई कमजोर अब नए मुख्य सचिव और DGP की जरूरत

    बिहार में कानून व्यवस्था पर BJP सांसद ने उठाए सवाल बोले पुलिसिंग हुई कमजोर अब नए मुख्य सचिव और DGP की जरूरत


    नई दिल्ली । बिहार में महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राज्य में लड़कियों से कथित उत्पीड़न के कई मामले सामने आने के बीच अब सत्तारूढ़ बीजेपी के राज्यसभा सांसद शंभू शरण पटेल ने भी पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में पटेल ने कहा कि बिहार में पुलिसिंग व्यवस्था चरमरा गई है और कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए नए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक की जरूरत है। उनके इस बयान ने सरकार के सामने अपनी ही पार्टी के भीतर से उठ रही चिंता को सामने ला दिया है।

    शंभू शरण पटेल ने कहा कि राज्य में अपराधियों के बीच कानून का डर दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कानून व्यवस्था पर पूरी तरह से दोबारा नियंत्रण स्थापित करने की जरूरत बताई। सांसद ने अपने एक हालिया अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि एक लड़की से जुड़ी घटना के बाद उन्होंने पटना प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की थी लेकिन SSP ने उनका फोन नहीं उठाया। उन्होंने दावा किया कि संबंधित मामले में अब तक FIR भी दर्ज नहीं हुई है। हालांकि इस मामले के बारे में स्वतंत्र रूप से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    पटेल ने कहा कि सत्ता पक्ष का हिस्सा होने के कारण उनके हाथ बंधे हुए हैं लेकिन जनता ने सरकार को सुशासन और कानून व्यवस्था बनाए रखने का जनादेश दिया है। उन्होंने महिला के साथ किसी भी तरह के अत्याचार को गंभीर बताते हुए पुलिस व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उनका बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में पिछले कुछ दिनों के दौरान लड़कियों के कथित उत्पीड़न से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं।

    जमुई में 19 सितंबर को एक नाबालिग लड़की और उसके साथी को कथित तौर पर रोककर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने कई संदिग्धों की पहचान की और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। मामले की जांच के लिए SIT भी गठित की गई थी। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव के पैर में गोली लगने की जानकारी भी सामने आई।

    इसके कुछ ही दिनों बाद समस्तीपुर में भी एक लड़की के कथित उत्पीड़न का वीडियो सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक दिनदहाड़े हुई इस घटना में कुछ युवकों पर लड़की को घेरने और उसके साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा। पुलिस ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया और संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की।

    समस्तीपुर से ही एक अन्य कथित घटना का वीडियो सामने आने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है। इसके अलावा बांका के मंदार हिल से जुड़ा एक पुराना वीडियो भी सामने आया जिसके बाद पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की। इस तरह अलग अलग जिलों से सामने आए मामलों ने महिला और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं।

    इन घटनाओं को लेकर विपक्षी दलों ने भी बिहार सरकार पर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर सामने आए मामलों को लेकर सरकार और प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट में जमुई मामले की पीड़िता की तस्वीर साझा किए जाने को लेकर भी विवाद हुआ और आरजेडी सांसद मीसा भारती ने शिकायत दर्ज कराने की बात कही।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच शंभू शरण पटेल का बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने कानून व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की मांग की है। फिलहाल इन मामलों में पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है और अलग अलग घटनाओं के अंतिम तथ्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

  • 3 महीने से पीछा कर रहा था मनचला, घर में घुसकर की गलत हरकत की कोशिश; 10वीं की छात्रा ने चप्पलों से कर दी पिटाई

    3 महीने से पीछा कर रहा था मनचला, घर में घुसकर की गलत हरकत की कोशिश; 10वीं की छात्रा ने चप्पलों से कर दी पिटाई

    उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक 10वीं कक्षा की छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए उसका पीछा करने वाले युवक का डटकर सामना किया। आरोप है कि युवक पिछले करीब तीन महीने से छात्रा का पीछा कर उसे परेशान कर रहा था। रविवार देर शाम जब छात्रा घर पर अकेली थी तब आरोपी उसके घर में घुस गया और उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। छात्रा ने डरने के बजाय शोर मचाकर विरोध किया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद छात्रा ने भी चप्पल उतारकर युवक की पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।

    जानकारी के मुताबिक 16 वर्षीय छात्रा कोंच कोतवाली क्षेत्र में अपने दादा के साथ रहती है। उसकी मां का कुछ साल पहले निधन हो चुका है जबकि पिता ने दूसरी शादी कर ली है और अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं। छात्रा की सौतेली मां दूसरे जिले में शिक्षिका हैं। छात्रा के मुताबिक उसे पढ़ाई के लिए रोजाना घर से करीब दो किलोमीटर दूर स्कूल जाना पड़ता है। इसी दौरान भगतसिंहनगर निवासी 22 वर्षीय युवक नजर खान कथित तौर पर उसका पीछा करता था। छात्रा ने पुलिस को बताया कि आरोपी कई बार उससे बातचीत करने की कोशिश करता था और लगातार परेशान करता था। उसकी हरकतों से वह डरने लगी थी।

    रविवार शाम छात्रा के दादा किसी काम से घर से बाहर गए थे। छात्रा उस समय घर पर अकेली थी। आरोप है कि इसी दौरान युवक घर के अंदर घुस आया और छात्रा के साथ अभद्रता करने की कोशिश की। छात्रा ने उसका विरोध किया और जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंच गए और आरोपी को पकड़ लिया। लोगों ने आरोपी की पिटाई की। इसके बाद छात्रा ने भी चप्पल से उसकी पिटाई कर दी। वीडियो में आरोपी कथित तौर पर माफी मांगते हुए दिखाई दे रहा है और दोबारा ऐसी हरकत नहीं करने की बात कह रहा है।

    मामले की सूचना छात्रा ने पुलिस को भी दी। डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने साथ ले गई। छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी पहले से छात्रा को किस तरह परेशान करता था और उसके खिलाफ पहले कोई शिकायत हुई थी या नहीं।

    कोंच कोतवाली प्रभारी निग्वेंद्र प्रताप के मुताबिक युवक को मौके से पकड़ा गया है। छात्रा की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस स्कूल जाने वाली छात्रा की सहपाठी छात्राओं से भी पूछताछ करेगी ताकि आरोपी की कथित गतिविधियों और पीछा करने की पूरी जानकारी सामने आ सके। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • सहेली के साथ रहने की जिद पर युवती से मारपीट, इंदौर में घर में घुसकर हमले का आरोप

    सहेली के साथ रहने की जिद पर युवती से मारपीट, इंदौर में घर में घुसकर हमले का आरोप


    इंदौर । इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में दो युवतियों की दोस्ती और साथ रहने की इच्छा ने गंभीर विवाद का रूप ले लिया है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसकी सहेली के परिजनों ने उसके घर में घुसकर मारपीट की और उसे गंभीर रूप से घायल किया।

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता स्वाति की शिकायत पर नितेश, उमेश, कृष्णा और नेहा के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है।

    पीड़िता का कहना है कि उसकी एक युवती से पिछले लगभग पांच वर्षों से गहरी दोस्ती है और दोनों साथ रहने की इच्छा रखती हैं। इसी संबंध को लेकर दोनों के परिवारों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा था।

    मामले में नया मोड़ उस समय आया जब आरोप है कि सहेली के परिजन रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे पीड़िता के घर पहुंचे और वहां जमकर विवाद किया। शिकायत के मुताबिक उमेश नामक आरोपी ने युवती का सिर दीवार से टकराया, जबकि अन्य लोगों ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद कथित तौर पर उसे घर से बाहर सड़क पर भी खींचकर पीटा गया।

    पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है, जिससे जांच में मदद मिल सकती है।

    जानकारी के मुताबिक, यह विवाद नया नहीं है। दोनों युवतियां कुछ समय पहले वैष्णो देवी, मथुरा, जम्मू-कश्मीर और हरिद्वार की यात्रा पर साथ गई थीं, जिसके बाद सहेली के परिवार को उनके संबंध पर आपत्ति होने लगी थी।

    पीड़िता का आरोप है कि पहले भी उसने और उसकी सहेली ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर साथ रहने और सुरक्षा की मांग की थी। शिकायत महिला थाने को भेजी गई थी, लेकिन कथित रूप से उन्हें अलग रहने की सलाह दी गई थी। बाद में सहेली को उसके परिजन अपने साथ ले गए थे, लेकिन वह फिर से स्वाति के पास लौट आई।

    घटना के बाद दोनों युवतियों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए इंदौर पुलिस के डीसीपी जोन-4 कार्यालय में भी सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्हें अपने-अपने परिवारों से जान का खतरा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • दहेज उत्पीड़न मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, शादी बचाने की जिद बेटियों को मौत की ओर धकेल रही

    दहेज उत्पीड़न मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, शादी बचाने की जिद बेटियों को मौत की ओर धकेल रही

    नई दिल्ली । देश में दहेज उत्पीड़न और विवाहित महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सर्वोच्च अदालत ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील टिप्पणी की है। एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने भारतीय समाज की उस मानसिकता पर चिंता व्यक्त की, जिसमें बेटियों की खुशियों और सुरक्षा से अधिक शादी बचाने और सामाजिक प्रतिष्ठा को महत्व दिया जाता है। अदालत ने कहा कि कई बार परिवारों की यही सोच महिलाओं को ऐसे हालात में रहने के लिए मजबूर कर देती है, जो आगे चलकर गंभीर और दुखद परिणामों का कारण बनते हैं।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि समाज में आज भी तलाक को लेकर संकोच और सामाजिक दबाव की भावना बनी हुई है। इसी कारण कई परिवार अपनी बेटियों को ससुराल में हो रही मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना के बावजूद वापस घर लाने से हिचकिचाते हैं। कई मामलों में माता-पिता यह मानते हैं कि शादी टूटने से सामाजिक छवि प्रभावित होगी, इसलिए वे बेटियों को हर परिस्थिति में रिश्ता निभाने की सलाह देते हैं। अदालत ने माना कि यह सोच कई बार महिलाओं को बेहद कठिन परिस्थितियों में रहने के लिए मजबूर कर देती है।

    अदालत ने यह भी कहा कि शादी को किसी भी कीमत पर बचाने की मानसिकता समाज में लंबे समय से मौजूद है। परिवार अक्सर यह सोचते हैं कि रिश्ते टूटने की बजाय उन्हें किसी भी तरह जारी रखना बेहतर विकल्प है। लेकिन जब किसी महिला को लगातार प्रताड़ना, हिंसा या मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है, तब यही सोच उसके जीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। अदालत ने इस सामाजिक सोच को बदलने की जरूरत पर जोर दिया।

    सुनवाई के दौरान न्यायालय ने माता-पिता और अभिभावकों को भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। अदालत ने कहा कि परिवारों को अपनी बेटियों को यह भरोसा देना चाहिए कि उनका घर हमेशा उनके लिए सुरक्षित स्थान रहेगा। यदि किसी महिला को अपने वैवाहिक जीवन में उत्पीड़न या असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है तो उसे मजबूरी में वहां रहने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट कहा कि किसी भी सामाजिक धारणा या प्रतिष्ठा से अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति की सुरक्षा और जीवन होता है।

    न्यायालय ने यह भी रेखांकित किया कि कानूनों के बावजूद दहेज जैसी सामाजिक बुराइयां अब भी समाज में मौजूद हैं। समय के साथ कानूनी प्रावधानों को मजबूत किया गया है, लेकिन केवल कानूनों के सहारे इस समस्या का समाधान संभव नहीं माना जा सकता। अदालत का मानना है कि इसके लिए सामाजिक सोच में व्यापक बदलाव की आवश्यकता है, ताकि महिलाओं को भय और दबाव के बिना जीवन जीने का अवसर मिल सके।

    विशेषज्ञों का भी मानना है कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानूनी ढांचे से नहीं बल्कि सामाजिक स्वीकार्यता और पारिवारिक समर्थन से भी जुड़ी होती है। जब तक समाज में तलाक और वैवाहिक असफलता को लेकर नकारात्मक सोच बनी रहेगी, तब तक कई महिलाएं दबाव में कठिन परिस्थितियों का सामना करती रहेंगी। अदालत की यह टिप्पणी केवल एक कानूनी टिप्पणी नहीं बल्कि समाज के लिए एक गंभीर संदेश के रूप में भी देखी जा रही है।

  • ग्वालियर में 'कट्टा तांडव': घर की कुंडी लगाकर महिला को किया कैद, विरोध पर लहराया हथियार; जांबाज पत्नी ने बनाया लाइव वीडियो

    ग्वालियर में 'कट्टा तांडव': घर की कुंडी लगाकर महिला को किया कैद, विरोध पर लहराया हथियार; जांबाज पत्नी ने बनाया लाइव वीडियो


    ग्वालियर। ग्वालियर के शताब्दीपुरम (आस्तिव देव नगर) में रविवार की रात दहशत और दिलेरी की एक अनूठी कहानी लिखी गई। यहाँ एक 21 वर्षीय महिला, शिवानी कौरव, को उनके ही घर में बंधक बनाने की कोशिश की गई। एक सिरफिरे नशेड़ी, गोलू उर्फ किशोर सिंह परिहार, ने शिवानी के घर के बाहर से कुंडी लगाकर उन्हें कैद कर दिया और विरोध करने पर सरेआम कट्टा लहराकर जान से मारने की धमकी दी।

    दहशत का वो मंजर: “मैं अल्लू शर्मा हूँ, गोली मार दूँगा”
    घटना तब हुई जब शिवानी का पति हरेंद्र कौरव बाजार गया हुआ था। आरोपी गोलू ने पहले शिवानी को घर के अंदर बंद किया और फिर बाहर से गालियां देने लगा। जब शिवानी ने खिड़की से विरोध किया, तो आरोपी ने अपना नाम ‘अल्लू शर्मा’ बताकर खौफ पैदा करने की कोशिश की और कट्टा तान दिया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने घर की ओर फायरिंग भी की, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।

    महिला की बहादुरी: मौत के सामने भी नहीं कांपा हाथ
    इस खौफनाक स्थिति में भी शिवानी ने गजब का साहस दिखाया। उन्होंने डरकर छिपने के बजाय अपने मोबाइल से आरोपी का 21 सेकंड का वीडियो शूट कर लिया। इस वीडियो में आरोपी खुलेआम कट्टा लहराते और बदतमीजी करते हुए साफ नजर आ रहा है। यही वीडियो बाद में आरोपी की गिरफ्तारी का सबसे बड़ा आधार बना। शिवानी ने तुरंत फोन कर अपने पति और पुलिस को इसकी जानकारी दी।

    पुलिस का एक्शन: घेराबंदी कर दबोचा गया ‘अल्लू’
    महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे। पुलिस की मुस्तैदी के कारण आरोपी भाग नहीं सका और उसे अवैध कट्टे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी बुरी तरह नशे में धुत था और बिना किसी पुराने विवाद के इस वारदात को अंजाम दे रहा था।आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया कट्टा बरामद कर लिया गया है। हालांकि, वह गोली चलाने की बात से मुकर रहा है, लेकिन पुलिस वीडियो और स्थानीय गवाहों के आधार पर जांच कर रही है।

  • झारखंड में हैवानियत: 15 वर्षीय नाबालिग को अगवा कर तीन दिनों तक बंधक बनाकर गैंगरेप, तीन आरोपी गिरफ्तार

    झारखंड में हैवानियत: 15 वर्षीय नाबालिग को अगवा कर तीन दिनों तक बंधक बनाकर गैंगरेप, तीन आरोपी गिरफ्तार


    पाकुड़ झारखंड । झारखंड के पाकुड़ जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को अगवा कर छह दरिंदों ने तीन दिनों तक बंधक बनाए रखा और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म गैंगरेप जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के प्रकाश में आते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों सहित तीन लोगों को दबोच लिया है जबकि अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है।

    दुकान से सामान लेने गई थी पीड़िता हाईवा में किया अगवा

    जानकारी के अनुसार यह खौफनाक वारदात 17 फरवरी को घटित हुई थी। पीड़िता अपने गांव की एक दुकान से सामान लेने निकली थी तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे छह युवकों ने उसे जबरन एक हाईवा ट्रक में खींच लिया। आरोपी उसे किसी सुनसान स्थान पर ले गए जहाँ उसे तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दहशत के कारण पीड़िता काफी समय तक चुप रही लेकिन अंततः 6 मार्च को उसने साहस जुटाकर थाने में आवेदन दिया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई: तीन गिरफ्तार हाईवा जब्त

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकुड़ एसपी निधि द्विवेदी ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी ने बताया कि पुलिस ने दबिश देकर तीन आरोपियों दशरथ किस्कू सकल टुडू दोनों मालपहाड़ी निवासी और प्रधान मरांडी महेशपुर निवासी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल किए गए हाईवा ट्रक को भी पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

    फरार आरोपियों की तलाश तेज

    एसपी निधि द्विवेदी ने आश्वस्त किया है कि घटना में शामिल शेष तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की मेडिकल जांच करा ली गई है और उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि फरार आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा ताकि पीड़िता को उचित न्याय मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है।

  • Women’s Day 2026: रात में कार ड्राइव करते समय महिलाएं अपनाएं ये 5 सेफ्टी टिप्स, सफर होगा सुरक्षित

    Women’s Day 2026: रात में कार ड्राइव करते समय महिलाएं अपनाएं ये 5 सेफ्टी टिप्स, सफर होगा सुरक्षित



    नई दिल्ली। गाड़ी चलाते समय हर व्यक्ति को ट्रैफिक नियमों और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी होता है। लेकिन जब महिलाएं ड्राइव कर रही हों, खासकर रात के समय, तो उन्हें अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होती है। कई महिलाएं देर रात ऑफिस से घर लौटती हैं या अन्य कामों के लिए यात्रा करती हैं, ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं। इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जानते हैं कि महिलाओं को रात में कार चलाते समय किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।

    1. गाड़ी के सभी दरवाजे लॉक रखें

    ड्राइविंग शुरू करते ही कार के सभी दरवाजों को लॉक कर लेना चाहिए। सिर्फ ड्राइविंग सीट का दरवाजा लॉक करना पर्याप्त नहीं होता। रास्ते में किसी अनजान व्यक्ति को लिफ्ट देने से बचना भी सुरक्षित रहता है।

    2. सुनसान रास्तों से बचें

    रात के समय शॉर्टकट के चक्कर में सुनसान या कम आवाजाही वाले रास्तों से बचना बेहतर होता है। यदि नेविगेशन का उपयोग कर रहे हैं तो छोटे रास्तों की बजाय मुख्य सड़क या हाईवे का चयन करना अधिक सुरक्षित हो सकता है।

    3. कार की स्थिति पहले से जांच लें

    ड्राइव पर निकलने से पहले वाहन की स्थिति जरूर जांच लें। कार की समय पर सर्विसिंग हो, बैटरी सही हो, टायर में पर्याप्त हवा हो और हेडलाइट समेत सभी जरूरी सिस्टम ठीक से काम कर रहे हों।

    4. सेफ्टी टूल्स साथ रखें

    कार में कुछ जरूरी सुरक्षा उपकरण रखना फायदेमंद हो सकता है। जैसे पेपर स्प्रे, इलेक्ट्रिक शॉक रॉड या अन्य सेल्फ डिफेंस टूल्स, जो जरूरत पड़ने पर काम आ सकें।

    5. फोन और लोकेशन हमेशा एक्टिव रखें

    रात में यात्रा करते समय मोबाइल फोन पूरी तरह चार्ज होना चाहिए। अपनी लाइव लोकेशन परिवार या भरोसेमंद व्यक्ति के साथ शेयर करना भी सुरक्षित कदम है। इसके अलावा मोबाइल के डायल पैड पर पुलिस या किसी करीबी का नंबर सबसे ऊपर सेव रखें ताकि आपात स्थिति में तुरंत कॉल किया जा सके।

    इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर महिलाएं रात में भी ज्यादा सुरक्षित तरीके से ड्राइव कर सकती हैं।