Tag: Women Safety

  • सहेली के साथ रहने की जिद पर युवती से मारपीट, इंदौर में घर में घुसकर हमले का आरोप

    सहेली के साथ रहने की जिद पर युवती से मारपीट, इंदौर में घर में घुसकर हमले का आरोप


    इंदौर । इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में दो युवतियों की दोस्ती और साथ रहने की इच्छा ने गंभीर विवाद का रूप ले लिया है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसकी सहेली के परिजनों ने उसके घर में घुसकर मारपीट की और उसे गंभीर रूप से घायल किया।

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता स्वाति की शिकायत पर नितेश, उमेश, कृष्णा और नेहा के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है।

    पीड़िता का कहना है कि उसकी एक युवती से पिछले लगभग पांच वर्षों से गहरी दोस्ती है और दोनों साथ रहने की इच्छा रखती हैं। इसी संबंध को लेकर दोनों के परिवारों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा था।

    मामले में नया मोड़ उस समय आया जब आरोप है कि सहेली के परिजन रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे पीड़िता के घर पहुंचे और वहां जमकर विवाद किया। शिकायत के मुताबिक उमेश नामक आरोपी ने युवती का सिर दीवार से टकराया, जबकि अन्य लोगों ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद कथित तौर पर उसे घर से बाहर सड़क पर भी खींचकर पीटा गया।

    पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है, जिससे जांच में मदद मिल सकती है।

    जानकारी के मुताबिक, यह विवाद नया नहीं है। दोनों युवतियां कुछ समय पहले वैष्णो देवी, मथुरा, जम्मू-कश्मीर और हरिद्वार की यात्रा पर साथ गई थीं, जिसके बाद सहेली के परिवार को उनके संबंध पर आपत्ति होने लगी थी।

    पीड़िता का आरोप है कि पहले भी उसने और उसकी सहेली ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर साथ रहने और सुरक्षा की मांग की थी। शिकायत महिला थाने को भेजी गई थी, लेकिन कथित रूप से उन्हें अलग रहने की सलाह दी गई थी। बाद में सहेली को उसके परिजन अपने साथ ले गए थे, लेकिन वह फिर से स्वाति के पास लौट आई।

    घटना के बाद दोनों युवतियों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए इंदौर पुलिस के डीसीपी जोन-4 कार्यालय में भी सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्हें अपने-अपने परिवारों से जान का खतरा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • दहेज उत्पीड़न मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, शादी बचाने की जिद बेटियों को मौत की ओर धकेल रही

    दहेज उत्पीड़न मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, शादी बचाने की जिद बेटियों को मौत की ओर धकेल रही

    नई दिल्ली । देश में दहेज उत्पीड़न और विवाहित महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सर्वोच्च अदालत ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील टिप्पणी की है। एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने भारतीय समाज की उस मानसिकता पर चिंता व्यक्त की, जिसमें बेटियों की खुशियों और सुरक्षा से अधिक शादी बचाने और सामाजिक प्रतिष्ठा को महत्व दिया जाता है। अदालत ने कहा कि कई बार परिवारों की यही सोच महिलाओं को ऐसे हालात में रहने के लिए मजबूर कर देती है, जो आगे चलकर गंभीर और दुखद परिणामों का कारण बनते हैं।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि समाज में आज भी तलाक को लेकर संकोच और सामाजिक दबाव की भावना बनी हुई है। इसी कारण कई परिवार अपनी बेटियों को ससुराल में हो रही मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना के बावजूद वापस घर लाने से हिचकिचाते हैं। कई मामलों में माता-पिता यह मानते हैं कि शादी टूटने से सामाजिक छवि प्रभावित होगी, इसलिए वे बेटियों को हर परिस्थिति में रिश्ता निभाने की सलाह देते हैं। अदालत ने माना कि यह सोच कई बार महिलाओं को बेहद कठिन परिस्थितियों में रहने के लिए मजबूर कर देती है।

    अदालत ने यह भी कहा कि शादी को किसी भी कीमत पर बचाने की मानसिकता समाज में लंबे समय से मौजूद है। परिवार अक्सर यह सोचते हैं कि रिश्ते टूटने की बजाय उन्हें किसी भी तरह जारी रखना बेहतर विकल्प है। लेकिन जब किसी महिला को लगातार प्रताड़ना, हिंसा या मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है, तब यही सोच उसके जीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। अदालत ने इस सामाजिक सोच को बदलने की जरूरत पर जोर दिया।

    सुनवाई के दौरान न्यायालय ने माता-पिता और अभिभावकों को भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। अदालत ने कहा कि परिवारों को अपनी बेटियों को यह भरोसा देना चाहिए कि उनका घर हमेशा उनके लिए सुरक्षित स्थान रहेगा। यदि किसी महिला को अपने वैवाहिक जीवन में उत्पीड़न या असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है तो उसे मजबूरी में वहां रहने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट कहा कि किसी भी सामाजिक धारणा या प्रतिष्ठा से अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति की सुरक्षा और जीवन होता है।

    न्यायालय ने यह भी रेखांकित किया कि कानूनों के बावजूद दहेज जैसी सामाजिक बुराइयां अब भी समाज में मौजूद हैं। समय के साथ कानूनी प्रावधानों को मजबूत किया गया है, लेकिन केवल कानूनों के सहारे इस समस्या का समाधान संभव नहीं माना जा सकता। अदालत का मानना है कि इसके लिए सामाजिक सोच में व्यापक बदलाव की आवश्यकता है, ताकि महिलाओं को भय और दबाव के बिना जीवन जीने का अवसर मिल सके।

    विशेषज्ञों का भी मानना है कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानूनी ढांचे से नहीं बल्कि सामाजिक स्वीकार्यता और पारिवारिक समर्थन से भी जुड़ी होती है। जब तक समाज में तलाक और वैवाहिक असफलता को लेकर नकारात्मक सोच बनी रहेगी, तब तक कई महिलाएं दबाव में कठिन परिस्थितियों का सामना करती रहेंगी। अदालत की यह टिप्पणी केवल एक कानूनी टिप्पणी नहीं बल्कि समाज के लिए एक गंभीर संदेश के रूप में भी देखी जा रही है।

  • ग्वालियर में 'कट्टा तांडव': घर की कुंडी लगाकर महिला को किया कैद, विरोध पर लहराया हथियार; जांबाज पत्नी ने बनाया लाइव वीडियो

    ग्वालियर में 'कट्टा तांडव': घर की कुंडी लगाकर महिला को किया कैद, विरोध पर लहराया हथियार; जांबाज पत्नी ने बनाया लाइव वीडियो


    ग्वालियर। ग्वालियर के शताब्दीपुरम (आस्तिव देव नगर) में रविवार की रात दहशत और दिलेरी की एक अनूठी कहानी लिखी गई। यहाँ एक 21 वर्षीय महिला, शिवानी कौरव, को उनके ही घर में बंधक बनाने की कोशिश की गई। एक सिरफिरे नशेड़ी, गोलू उर्फ किशोर सिंह परिहार, ने शिवानी के घर के बाहर से कुंडी लगाकर उन्हें कैद कर दिया और विरोध करने पर सरेआम कट्टा लहराकर जान से मारने की धमकी दी।

    दहशत का वो मंजर: “मैं अल्लू शर्मा हूँ, गोली मार दूँगा”
    घटना तब हुई जब शिवानी का पति हरेंद्र कौरव बाजार गया हुआ था। आरोपी गोलू ने पहले शिवानी को घर के अंदर बंद किया और फिर बाहर से गालियां देने लगा। जब शिवानी ने खिड़की से विरोध किया, तो आरोपी ने अपना नाम ‘अल्लू शर्मा’ बताकर खौफ पैदा करने की कोशिश की और कट्टा तान दिया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने घर की ओर फायरिंग भी की, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।

    महिला की बहादुरी: मौत के सामने भी नहीं कांपा हाथ
    इस खौफनाक स्थिति में भी शिवानी ने गजब का साहस दिखाया। उन्होंने डरकर छिपने के बजाय अपने मोबाइल से आरोपी का 21 सेकंड का वीडियो शूट कर लिया। इस वीडियो में आरोपी खुलेआम कट्टा लहराते और बदतमीजी करते हुए साफ नजर आ रहा है। यही वीडियो बाद में आरोपी की गिरफ्तारी का सबसे बड़ा आधार बना। शिवानी ने तुरंत फोन कर अपने पति और पुलिस को इसकी जानकारी दी।

    पुलिस का एक्शन: घेराबंदी कर दबोचा गया ‘अल्लू’
    महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे। पुलिस की मुस्तैदी के कारण आरोपी भाग नहीं सका और उसे अवैध कट्टे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी बुरी तरह नशे में धुत था और बिना किसी पुराने विवाद के इस वारदात को अंजाम दे रहा था।आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया कट्टा बरामद कर लिया गया है। हालांकि, वह गोली चलाने की बात से मुकर रहा है, लेकिन पुलिस वीडियो और स्थानीय गवाहों के आधार पर जांच कर रही है।

  • झारखंड में हैवानियत: 15 वर्षीय नाबालिग को अगवा कर तीन दिनों तक बंधक बनाकर गैंगरेप, तीन आरोपी गिरफ्तार

    झारखंड में हैवानियत: 15 वर्षीय नाबालिग को अगवा कर तीन दिनों तक बंधक बनाकर गैंगरेप, तीन आरोपी गिरफ्तार


    पाकुड़ झारखंड । झारखंड के पाकुड़ जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को अगवा कर छह दरिंदों ने तीन दिनों तक बंधक बनाए रखा और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म गैंगरेप जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के प्रकाश में आते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों सहित तीन लोगों को दबोच लिया है जबकि अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है।

    दुकान से सामान लेने गई थी पीड़िता हाईवा में किया अगवा

    जानकारी के अनुसार यह खौफनाक वारदात 17 फरवरी को घटित हुई थी। पीड़िता अपने गांव की एक दुकान से सामान लेने निकली थी तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे छह युवकों ने उसे जबरन एक हाईवा ट्रक में खींच लिया। आरोपी उसे किसी सुनसान स्थान पर ले गए जहाँ उसे तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दहशत के कारण पीड़िता काफी समय तक चुप रही लेकिन अंततः 6 मार्च को उसने साहस जुटाकर थाने में आवेदन दिया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई: तीन गिरफ्तार हाईवा जब्त

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकुड़ एसपी निधि द्विवेदी ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी ने बताया कि पुलिस ने दबिश देकर तीन आरोपियों दशरथ किस्कू सकल टुडू दोनों मालपहाड़ी निवासी और प्रधान मरांडी महेशपुर निवासी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल किए गए हाईवा ट्रक को भी पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

    फरार आरोपियों की तलाश तेज

    एसपी निधि द्विवेदी ने आश्वस्त किया है कि घटना में शामिल शेष तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की मेडिकल जांच करा ली गई है और उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि फरार आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा ताकि पीड़िता को उचित न्याय मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है।

  • Women’s Day 2026: रात में कार ड्राइव करते समय महिलाएं अपनाएं ये 5 सेफ्टी टिप्स, सफर होगा सुरक्षित

    Women’s Day 2026: रात में कार ड्राइव करते समय महिलाएं अपनाएं ये 5 सेफ्टी टिप्स, सफर होगा सुरक्षित



    नई दिल्ली। गाड़ी चलाते समय हर व्यक्ति को ट्रैफिक नियमों और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी होता है। लेकिन जब महिलाएं ड्राइव कर रही हों, खासकर रात के समय, तो उन्हें अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होती है। कई महिलाएं देर रात ऑफिस से घर लौटती हैं या अन्य कामों के लिए यात्रा करती हैं, ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं। इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जानते हैं कि महिलाओं को रात में कार चलाते समय किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।

    1. गाड़ी के सभी दरवाजे लॉक रखें

    ड्राइविंग शुरू करते ही कार के सभी दरवाजों को लॉक कर लेना चाहिए। सिर्फ ड्राइविंग सीट का दरवाजा लॉक करना पर्याप्त नहीं होता। रास्ते में किसी अनजान व्यक्ति को लिफ्ट देने से बचना भी सुरक्षित रहता है।

    2. सुनसान रास्तों से बचें

    रात के समय शॉर्टकट के चक्कर में सुनसान या कम आवाजाही वाले रास्तों से बचना बेहतर होता है। यदि नेविगेशन का उपयोग कर रहे हैं तो छोटे रास्तों की बजाय मुख्य सड़क या हाईवे का चयन करना अधिक सुरक्षित हो सकता है।

    3. कार की स्थिति पहले से जांच लें

    ड्राइव पर निकलने से पहले वाहन की स्थिति जरूर जांच लें। कार की समय पर सर्विसिंग हो, बैटरी सही हो, टायर में पर्याप्त हवा हो और हेडलाइट समेत सभी जरूरी सिस्टम ठीक से काम कर रहे हों।

    4. सेफ्टी टूल्स साथ रखें

    कार में कुछ जरूरी सुरक्षा उपकरण रखना फायदेमंद हो सकता है। जैसे पेपर स्प्रे, इलेक्ट्रिक शॉक रॉड या अन्य सेल्फ डिफेंस टूल्स, जो जरूरत पड़ने पर काम आ सकें।

    5. फोन और लोकेशन हमेशा एक्टिव रखें

    रात में यात्रा करते समय मोबाइल फोन पूरी तरह चार्ज होना चाहिए। अपनी लाइव लोकेशन परिवार या भरोसेमंद व्यक्ति के साथ शेयर करना भी सुरक्षित कदम है। इसके अलावा मोबाइल के डायल पैड पर पुलिस या किसी करीबी का नंबर सबसे ऊपर सेव रखें ताकि आपात स्थिति में तुरंत कॉल किया जा सके।

    इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर महिलाएं रात में भी ज्यादा सुरक्षित तरीके से ड्राइव कर सकती हैं।

  • जबलपुर: कैफे में महिला के साथ दुष्कर्म, वॉल्यूम तेज कर वारदात को अंजाम

    जबलपुर: कैफे में महिला के साथ दुष्कर्म, वॉल्यूम तेज कर वारदात को अंजाम


    जबलपुर । जबलपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक कैफे में महिला के साथ दुष्कर्म की घटना ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि मुख्य आरोपी जुनैद ने महिला को कैफे में बुलाया और उसे केबिन में ले जाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार महिला की शिकायत पर तुरंत मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।

    जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता महिला की एक युवती के माध्यम से आरोपी जुनैद से परिचित हुई थी। पुलिस ने बताया कि जुनैद ने महिला को कैफे में मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही महिला कैफे पहुंची आरोपी ने उसे केबिन में खींचकर अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। महिला ने विरोध किया लेकिन आरोपी ने धमकी दी और कैफे के कर्मचारी से साउंड सिस्टम का वॉल्यूम बढ़वाया ताकि महिला की आवाज बाहर न जा सके। इसके बाद आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया।

    इस मामले में कैफे के संचालक और एक कर्मचारी भी आरोपी बनाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अधारताल ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कैफे जैसी सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा और निगरानी की कमी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सिर्फ पुलिस ही नहीं बल्कि समाज और स्थानीय प्रशासन की सतर्कता भी आवश्यक है। महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से सार्वजनिक स्थानों में सीसीटीवी कैमरा सुरक्षा गार्ड और साउंड अलर्ट जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य होनी चाहिए। वहीं आम नागरिकों को भी इस तरह की परिस्थितियों में सतर्क रहने और तुरंत मदद लेने की शिक्षा देने की जरूरत है।

    महिला अधिकार संगठन और समाजसेवी इस घटना की निंदा कर रहे हैं और प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई हो और आरोपी कठोर दंड के दायरे में आएं। इससे न केवल पीड़ित को न्याय मिलेगा बल्कि समाज में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।

    अधारताल पुलिस ने कहा कि वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं जिसमें आरोपी के नेटवर्क घटना के समय कैफे की स्थिति और वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों की भूमिका शामिल है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को घटना के संदर्भ में जानकारी हो तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। जबलपुर का यह मामला यह साफ करता है कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा की कमजोरियां कितनी घातक हो सकती हैं। महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन समाज और आम नागरिकों को मिलकर कदम उठाना जरूरी है।

  • महिलाएं अकेले ट्रैवल की हिम्मत जुटा रही हैं पहाड़ से समुद्र तक सफर के लिए जानें 7 जरूरी बातें

    महिलाएं अकेले ट्रैवल की हिम्मत जुटा रही हैं पहाड़ से समुद्र तक सफर के लिए जानें 7 जरूरी बातें


    नई दिल्ली । आजकल महिलाएं अकेले यात्रा करने में पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो रही हैं। यह एक अद्भुत अनुभव हैजो न केवल नया उत्साह देता है बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। लेकिन जैसा कि हर नया अनुभव थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता हैखासकर जब अकेले सफर किया जा रहा होकुछ जरूरी बातें ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। अगर आप भी पहली बार अकेली यात्रा करने की सोच रही हैंतो यहां कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दी गई हैंजो आपकी यात्रा को सहज और सुरक्षित बना सकती हैं।

    टिकट बुकिंग से शुरुआत करें

    अकेले ट्रैवल की शुरुआत भरोसेमंद तरीके से करें। चाहे फ्लाइट होट्रेन हो या बसहमेशा आधिकारिक वेबसाइट या भरोसेमंद ऐप से ही टिकट बुक करें। अपने टिकट और होटल बुकिंग की सारी जानकारी एक ही जगह पर रखें ताकि आप उन्हें तुरंत एक्सेस कर सकें। इसके अलावायात्रा के दौरान समयसीट और कैंसलेशन पॉलिसी को भी चेक कर लें।

     मदद लेने में हिचकिचाएं नहीं

    अगर आप अकेले सफर कर रही हैं और अजनबी जगह पर हैंतो यह जरूरी नहीं है कि आपको हर चीज खुद ही संभालनी हो। अगर आप रास्ता भूल जाएं या कोई दिक्कत होतो नजदीकी होटल स्टाफपुलिस या स्थानीय लोगों से मदद लेने में कोई बुराई नहीं है। हालांकिअपनी पर्सनल जानकारी को ज्यादा साझा न करें और किसी संदिग्ध व्यक्ति से बचकर रहें।

     डर पर काबू पाएं

    पहली बार अकेले यात्रा करने पर डर लगना स्वाभाविक हैलेकिन यह जरूरी है कि आप अपनी चिंता को शांत करें और अपने डर को काबू में रखें। याद रखेंलाखों महिलाएं अकेले यात्रा करती हैं और यह अनुभव उन्हें आत्मनिर्भर और मजबूत बनाता है। आप भी छोटे-छोटे कदम उठाकर इस यात्रा को सफल बना सकती हैं।

     बुरे हालात में शांत रहें

    यात्रा के दौरान कभी-कभी किसी चीज़ के खो जानेरास्ता भटकने या होटल ढूंढने में मुश्किल हो सकती है। ऐसे समय में शांत रहें और सोचे-समझे फैसले लें। यह भी जरूरी है कि आप स्थानीय मोबाइल नेविगेशन का इस्तेमाल करें या पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क करें।

    खुद पर भरोसा रखें

    अकेले यात्रा करने से आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ती है। जब आप अकेले टिकट बुक करती हैंहोटल चेक-इन करती हैं और नए रास्ते पर चलती हैंतो आपको खुद पर विश्वास होता है। यह आत्मविश्वास आपकी अगली यात्रा को और भी आसान और मजेदार बना देगा।

     कोई परेशान करे तो तुरंत कदम उठाएं

    अगर यात्रा के दौरान कोई आपको परेशान करता है या गलत व्यवहार करता हैतो तुरंत कदम उठाएं। बिना झिझक के उस व्यक्ति से दूरी बनाएंपास के लोगों को बताएं और होटल या पुलिस को शिकायत करें। आजकल वुमन सेफ्टी ऐप्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता हैजो संकट के समय में सहायक होते हैं।

    कानून की जानकारी जरूरी है

    अकेले यात्रा करने से पहलेहमेशा स्थानीय और राष्ट्रीय कानूनों की जानकारी रखें। खासकर अगर आप विदेश यात्रा कर रही हैंतो विदेशी यात्रा नियमहेल्पलाइन नंबर 1121091 और सुरक्षा नियमों को पहले से जान लें। यह जानकारी आपको किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा का अहसास दिलाएगी।

    अकेले यात्रा करना न केवल एक रोमांचक अनुभव हैबल्कि यह आपके व्यक्तित्व और आत्मविश्वास को भी नया आकार देता है। सही तैयारी और सुरक्षा उपायों के साथमहिलाएं किसी भी यात्रा को सुरक्षित और आनंददायक बना सकती हैं। यदि आप पहली बार सोलो ट्रिप पर जा रही हैंतो इन 7 जरूरी बातों को ध्यान में रखें और अपनी यात्रा का पूरी तरह से आनंद लें।

  • इंदौर: 8 माह की गर्भवती महिला से मारपीट, पति और सास पर FIR दर्ज—दादी ने अस्पताल पहुँचाकर बचाई जान

    इंदौर: 8 माह की गर्भवती महिला से मारपीट, पति और सास पर FIR दर्ज—दादी ने अस्पताल पहुँचाकर बचाई जान

    इंदौर । के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में 8 महीने की गर्भवती महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति और सास के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। महिला का आरोप है कि घरेलू विवाद के दौरान पति ने उसके पेट पर लात मारी और सास ने बाल पकड़कर उसे घसीटा, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई।

    अमर पैलेस कॉलोनी निवासी मुस्कान गायकवाड़ ने बताया कि बुधवार रात पुरानी बात को लेकर फिर बहस हो गई। उसने कहा कि कुछ दिनों पहले, 4 दिसंबर को, नौकरी पर जाने की बात को लेकर पति अरुण राणे से झगड़ा हुआ था और तब भी उसने मारपीट की थी। बुधवार को वही विवाद दोबारा निकल आया और गुस्से में पति ने उसके पेट पर लात मारी, जिससे तेज दर्द शुरू हो गया। इसी दौरान सास सोनू राणे ने उसका बाल पकड़कर खींचा और लगातार अपशब्द कहे।

    दर्द बढ़ने पर मुस्कान ने अपनी दादी मंगीबाई को फोन किया। दादी तुरंत घर पहुँचीं और उसे अस्पताल ले गईं। इलाज के बाद पीड़िता ने पुलिस में पति और सास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। मुस्कान ने बताया कि लगभग डेढ़ साल पहले उसने अरुण राणे से कोर्ट मैरिज की थी, लेकिन शादी के बाद से ही विवाद और मारपीट की घटनाएँ बढ़ती जा रही थीं।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।