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  • यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बढ़ेगा मानदेय, अब 12 हजार रुपए मिलेंगे, सहायिकाओं को 6 हजार

    यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बढ़ेगा मानदेय, अब 12 हजार रुपए मिलेंगे, सहायिकाओं को 6 हजार

    अयोध्या। उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में इसका ऐलान किया। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मौजूदा 8 हजार रुपए का मानदेय बढ़ाकर 12 हजार रुपए किया जाएगा। वहीं, सहायिकाओं को अब 4 हजार रुपए की जगह 6 हजार रुपए मानदेय मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाएगा। इसके अलावा अतिरिक्त साड़ी के लिए भी राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

    अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज में हुआ कार्यक्रम

    सीएम योगी ने अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति खराब थी और केंद्रों के लिए भेजे जाने वाले पैसे का दुरुपयोग होता था।

    उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उनकी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका और कामकाज को व्यवस्थित करने का प्रयास किया है। उनके मुताबिक, जिस तरह अयोध्या की तस्वीर बदली है, उसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की स्थिति में भी सुधार हुआ है।

    ‘पहले अयोध्या में सड़क-बिजली की स्थिति खराब थी’

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के शासन में अयोध्या के विकास पर ध्यान नहीं दिया गया। उनके मुताबिक, पहले शहर में बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति खराब थी। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या सोलर सिटी बन चुकी है और विकास के नए काम हो रहे हैं।

    योगी ने कहा कि पहले अयोध्या में सिर्फ दो-तीन घंटे बिजली आती थी, जबकि अब शहर रोशन हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में अयोध्या में जिस तरह बदलाव आया है, उसी अवधि में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम और सुविधाओं में भी सुधार किया गया है।
    योगी ने कहा कि पहले अयोध्या में सिर्फ दो-तीन घंटे बिजली आती थी, जबकि अब शहर रोशन हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में अयोध्या में जिस तरह बदलाव आया है, उसी अवधि में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम और सुविधाओं में भी सुधार किया गया है।

    राम मंदिर और अयोध्या के विकास का मुद्दा उठाया

    सीएम योगी ने कांग्रेस और सपा पर राम मंदिर के निर्माण का विरोध करने और अयोध्या के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विकास के लिए इच्छाशक्ति जरूरी होती है और इसी इच्छाशक्ति के कारण अयोध्या में लगातार विकास हुआ।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब देश और दुनिया के लोग अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अयोध्या में हुए बदलाव ने शहर को नई पहचान दी है।

  • बैतूल में योजना पर सवाल पात्र होने के बावजूद नहीं हुआ पंजीयन, कलेक्टर से शिकायत

    बैतूल में योजना पर सवाल पात्र होने के बावजूद नहीं हुआ पंजीयन, कलेक्टर से शिकायत


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें एक युवती ने पात्र होने के बावजूद पंजीयन नहीं किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला चिखली आमढ़ाना निवासी 21 वर्षीय सोनम से जुड़ा है, जिसने जिला प्रशासन से शिकायत कर अधिकारियों पर लापरवाही और पक्षपात का आरोप लगाया है।

    सोनम का कहना है कि वह योजना के तहत सभी पात्रता मानदंड पूरे करती है, इसके बावजूद उसका आवेदन जनपद पंचायत बैतूल में स्वीकार नहीं किया जा रहा है। पिछले तीन से चार दिनों से वह लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रही है, लेकिन बार-बार आवेदन लेने से इनकार किया जा रहा है, जिससे वह सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो रही है।

    इस मामले को लेकर युवती ने कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर हस्तक्षेप की मांग की है और कहा है कि संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण उसका हक प्रभावित हो रहा है। आरोप है कि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे योजना का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है।

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता प्रदान करना है, ताकि उन्हें सामाजिक और आर्थिक सहयोग मिल सके। लेकिन इस तरह के मामलों से योजना के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।

    फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस शिकायत पर जांच की संभावना जताई जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो सकती है। वहीं युवती का कहना है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलता, वह लगातार अपनी शिकायत को आगे बढ़ाती रहेगी। यह मामला एक बार फिर सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पहुंचने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।