Tag: WomenCricket

  • चौकों छक्कों की बारिश से चमकी स्मृति मंधाना भारत की स्टार बल्लेबाज ने द हंड्रेड में रचा नया इतिहास

    चौकों छक्कों की बारिश से चमकी स्मृति मंधाना भारत की स्टार बल्लेबाज ने द हंड्रेड में रचा नया इतिहास


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह दुनिया की सबसे खतरनाक सलामी बल्लेबाजों में क्यों गिनी जाती हैं। द हंड्रेड 2026 टूर्नामेंट में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की ओर से खेलते हुए मंधाना ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसने न केवल उनकी टीम को रोमांचक जीत दिलाई बल्कि कई बड़े रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज करा दिए। उनकी शानदार बल्लेबाजी ने दर्शकों को आखिरी गेंदों तक रोमांचित रखा और विरोधी टीम के गेंदबाजों की रणनीति पूरी तरह ध्वस्त कर दी।

    सनराइजर्स लीड्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 100 गेंदों में चार विकेट के नुकसान पर 142 रन बनाए। टीम की ओर से फोएबे लिचफील्ड ने 31 रन एनाबेल सदरलैंड ने 35 रन ब्रायोनी स्मिश ने 26 रन और कप्तान डैनी गिब्सन ने नाबाद 18 रन की उपयोगी पारी खेली। लक्ष्य चुनौतीपूर्ण जरूर था लेकिन मंधाना के इरादे उससे भी बड़े थे।

    143 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कप्तान मेग लैनिंग 24 रन बनाकर आउट हो गईं और इसके बाद लगातार विकेट गिरते रहे। महज 71 रन तक टीम के पांच बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ऋचा घोष पेज शॉल्फिल्ड और मैडी विलियर्स जैसी प्रमुख बल्लेबाज भी बड़ी पारी नहीं खेल सकीं। ऐसे मुश्किल समय में स्मृति मंधाना ने एक छोर संभालकर टीम को जीत की राह पर बनाए रखा।

    मंधाना ने शुरुआत से ही संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। उन्होंने केवल 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद मैच का पूरा रुख बदल दिया। जब आखिरी 25 गेंदों में टीम को 44 रन की जरूरत थी तब मंधाना ने अपने आक्रामक तेवर दिखाते हुए बड़े शॉट खेलने शुरू किए। भारतीय खिलाड़ी दीप्ति शर्मा की गेंद पर लगाया गया लंबा छक्का मुकाबले का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। इसके बाद उन्हें एक जीवनदान भी मिला जिसका पूरा फायदा उठाते हुए उन्होंने लगातार दो छक्के जड़कर मैच समाप्त कर दिया।

    स्मृति मंधाना ने 50 गेंदों में नाबाद 88 रन बनाए जिसमें सात चौके और चार शानदार छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी की बदौलत मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने चार गेंद शेष रहते चार विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह जीत टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही और मंधाना की पारी पूरे टूर्नामेंट की सबसे यादगार पारियों में शामिल हो गई।

    इस शानदार प्रदर्शन के साथ स्मृति मंधाना ने कई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। नाबाद 88 रन द हंड्रेड 2026 के मौजूदा सीजन का अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गया। इसके साथ ही यह द हंड्रेड के इतिहास में मंधाना का सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी है। इससे पहले उनका सर्वोच्च स्कोर 2021 में सदर्न ब्रेव के लिए बनाया गया 78 रन था। इसके अलावा द हंड्रेड में किसी भारतीय बल्लेबाज का यह दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी बन गया। इस सूची में शीर्ष स्थान पर जेमिमा रोड्रिग्स हैं जिन्होंने नाबाद 92 रन बनाए थे।

    स्मृति मंधाना की यह पारी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रही बल्कि इसने यह भी दिखाया कि दबाव की परिस्थितियों में वह अकेले दम पर मैच का परिणाम बदलने की क्षमता रखती हैं। उनकी शानदार फॉर्म भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए भी बेहद सकारात्मक संकेत है क्योंकि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में उनसे ऐसी ही दमदार पारियों की उम्मीद की जाएगी।

  • भारतीय महिला टीम की जीत लगभग तय लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड पर शिकंजा सिर्फ चार विकेट की दरकार

    भारतीय महिला टीम की जीत लगभग तय लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड पर शिकंजा सिर्फ चार विकेट की दरकार


    नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले जा रहे टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत की मजबूत नींव रख दी है। बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन के बाद भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार खेल दिखाया और इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक मेजबान टीम छह विकेट खोकर केवल 130 रन ही बना सकी है। अब इंग्लैंड को जीत के लिए अभी भी 327 रन चाहिए जबकि उसके सिर्फ चार विकेट शेष हैं। ऐसे में भारतीय टीम ऐतिहासिक जीत से महज चार विकेट दूर खड़ी है।

    मैच की शुरुआत भारत के लिए आसान नहीं रही थी। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआती 37 रन तक दो विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद स्मृति मंधाना ने शानदार जिम्मेदारी निभाते हुए जेमिमा रोड्रिगेज और कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं। मंधाना ने आकर्षक बल्लेबाजी करते हुए 83 रन बनाए जबकि हरमनप्रीत कौर ने 58 और दीप्ति शर्मा ने 57 रन का अहम योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत भारत पहली पारी में 285 रन तक पहुंचने में सफल रहा।

    इंग्लैंड की पहली पारी भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकी। शुरुआती झटकों के बाद कप्तान नैट साइवर ब्रंट और एमी जोन्स ने कुछ संघर्ष जरूर किया लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट अपने नाम किए और इंग्लैंड की पूरी टीम केवल 170 रन पर सिमट गई। भारत को पहली पारी के आधार पर 115 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई जिसने मैच की दिशा बदल दी।

    दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। स्मृति मंधाना ने एक बार फिर शानदार बल्लेबाजी करते हुए 70 रन बनाए जबकि शेफाली वर्मा के साथ पहले विकेट के लिए 88 रन की मजबूत साझेदारी की। इसके बाद यास्तिका भाटिया ने करियर की सबसे यादगार पारी खेलते हुए 113 रन बनाए और लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। ऋचा घोष ने भी तेज अंदाज में नाबाद 50 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। भारत ने सात विकेट पर 341 रन बनाकर पारी घोषित की और इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा।

    इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही सटीक लाइन और लेंथ के साथ दबाव बनाया। इंग्लैंड ने केवल दो रन के स्कोर पर पहला विकेट गंवा दिया और देखते ही देखते 59 रन तक पांच बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। हालांकि मैडी विलियर्स और एमी जोन्स ने कुछ देर संघर्ष किया लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी। तीसरे दिन के अंत तक सायली सातघारे क्रांति गौड़ और स्नेह राणा ने दो दो विकेट लेकर इंग्लैंड की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया।

    यह मुकाबला इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित मैदान पर पहली बार महिला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। भारतीय टीम अब इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार जीत में बदलने से सिर्फ चार विकेट दूर है। यदि चौथे दिन भारतीय गेंदबाज अपनी लय बरकरार रखते हैं तो टीम इंडिया लॉर्ड्स में सुनहरे इतिहास का नया अध्याय लिख देगी।

  • एक साल की चोट से वापसी और लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक यास्तिका बोलीं यह मेरे जीवन का सबसे गर्व भरा पल

    एक साल की चोट से वापसी और लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक यास्तिका बोलीं यह मेरे जीवन का सबसे गर्व भरा पल


    नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर ऐसा का रनामा कर दिखाया जिसे भारतीय क्रिकेट लंबे समय तक याद रखेगा। इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र महिला टेस्ट मैच में यास्तिका ने शानदार 113 रन की पारी खेलते हुए न केवल भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया बल्कि लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला क्रिकेटर भी बन गईं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि वह करीब एक साल तक चोट के कारण क्रिकेट से दूर रहने के बाद मैदान पर लौटी थीं।

    यास्तिका की यह पारी केवल एक शतक नहीं बल्कि संघर्ष धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल बनकर सामने आई। लंबे समय तक चोट से जूझने के कारण उन्हें कई बड़े टूर्नामेंट से बाहर रहना पड़ा था। घरेलू वनडे विश्व कप और महिला प्रीमियर लीग जैसे महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाने का दर्द उनके लिए बेहद कठिन था। उन्होंने स्वीकार किया कि उस दौर में कई बार उन्हें लगा कि इतनी बड़ी उपलब्धि शायद अब कभी हासिल नहीं हो पाएगी।

    उन्होंने बताया कि चोट के दौरान पुनर्वास का समय मानसिक और शारीरिक दोनों ही रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण था। लेकिन परिवार टीम प्रबंधन और सहयोगी खिलाड़ियों ने लगातार उनका हौसला बढ़ाया। यही भरोसा उन्हें दोबारा मैदान तक लेकर आया। उन्होंने कहा कि यदि छह महीने पहले कोई उनसे कहता कि उनका नाम लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज होगा तो शायद वह खुद भी इस बात पर विश्वास नहीं करतीं। आज यह सपना सच होने जैसा महसूस हो रहा है।

    यास्तिका ने अपनी ऐतिहासिक पारी के बाद भावुक होते हुए कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि शतक पूरा होने के बाद उन्होंने जश्न मनाने की अलग योजना बनाई थी लेकिन उस पल भावनाएं इतनी प्रबल थीं कि उन्होंने सिर्फ भारतीय तिरंगे को चूमकर अपनी खुशी जाहिर की। उनके लिए यह सबसे बड़ा सम्मान था कि वह भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए इतिहास का हिस्सा बनीं।

    उन्होंने कहा कि जब उन्होंने हेलमेट उतारा तो उनकी आंखों के सामने पिछले एक साल का पूरा संघर्ष घूम गया। परिवार की यादें कठिन दौर की चुनौतियां और मैदान पर वापसी की मेहनत सब कुछ एक साथ याद आने लगा। वह पल इतना भावुक था कि खुद को संभालना भी मुश्किल हो गया। उनके अनुसार यह उनके क्रिकेट जीवन का सबसे खास क्षण है।

    यास्तिका ने स्पष्ट किया कि उनका सपना केवल इस शतक तक सीमित नहीं है। वह भारत के लिए और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करना चाहती हैं। उनका लक्ष्य टीम को विश्व कप जिताना है और देश के लिए लगातार यादगार प्रदर्शन करना है। उन्होंने कहा कि भारतीय जर्सी पहनकर खेलने से बड़ा सम्मान कोई नहीं हो सकता और वह आने वाले वर्षों में टीम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहती हैं।

    भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी यह उपलब्धि बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट शतक लगाकर यास्तिका ने न केवल नया इतिहास रचा बल्कि आने वाली पीढ़ी की महिला क्रिकेटरों के लिए भी नई प्रेरणा तैयार की है। कठिन परिस्थितियों से निकलकर शीर्ष स्तर पर सफलता हासिल करने की उनकी कहानी यह साबित करती है कि मेहनत धैर्य और विश्वास के दम पर हर सपना पूरा किया जा सकता है।

  • स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास T20I में 600 चौके लगाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनीं

    स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास T20I में 600 चौके लगाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनीं


    नई द‍िल्‍ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने न केवल 74 रनों की शानदार पारी खेली बल्कि इस प्रारूप में 600 चौके पूरे करने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनकर एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया जो अब तक पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट में कोई भी खिलाड़ी हासिल नहीं कर सका था।

    हेडिंग्ले में खेले गए इस मैच में मंधाना ने अपनी पारंपरिक आक्रामक और क्लासिक बल्लेबाजी का बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 47 गेंदों पर 74 रन बनाते हुए कई आकर्षक चौके लगाए और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने चौकों की संख्या 600 के पार पहुंचा दी। यह उपलब्धि उन्होंने अपने 168वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में हासिल की, जो उनकी निरंतरता और उच्च स्तर की बल्लेबाजी क्षमता को दर्शाता है।

    मंधाना की पारी की खासियत उनकी टाइमिंग और गैप्स का सटीक उपयोग रहा, जिसके दम पर उन्होंने लगातार रन गति बनाए रखी और भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी इस पारी के चलते भारत ने नीदरलैंड्स के खिलाफ विशाल स्कोर खड़ा किया और मुकाबले में 95 रनों से शानदार जीत दर्ज की।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा चौके लगाने वाली खिलाड़ियों की सूची में अब मंधाना शीर्ष पर पहुंच चुकी हैं। उनके 604 चौकों के साथ न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स 521 चौकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि पाकिस्तान के बाबर आजम, आयरलैंड के पॉल स्टर्लिंग और भारत के रोहित शर्मा क्रमशः पीछे हैं। यह आंकड़ा बताता है कि मंधाना किस तरह लगातार विश्व क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दबदबा बनाए हुए हैं।

    इस ऐतिहासिक पारी के दौरान मंधाना ने एक और उपलब्धि हासिल की। उन्होंने भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर को पीछे छोड़ते हुए महिला टी20 विश्व कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा 50 से अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। यह उनका छठा 50+ स्कोर रहा, जो उनकी स्थिरता और बड़े मैचों में योगदान को दर्शाता है।

    मैच की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की 115 रनों की मजबूत साझेदारी की बदौलत 209 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में नीदरलैंड्स की टीम 114 रनों पर सिमट गई। भारत की ओर से गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जहां श्री चरणी ने चार विकेट झटके और शेफाली वर्मा ने तीन विकेट लेकर टीम की जीत को सुनिश्चित किया।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम ने विश्व कप में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। अब टीम का अगला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से होगा, जहां एक बार फिर सभी की नजरें स्मृति मंधाना पर टिकी होंगी कि क्या वह अपनी यह शानदार फॉर्म आगे भी जारी रख पाती हैं।