Tag: Women’s respect

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दी मातृशक्ति को हार्दिक बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दी मातृशक्ति को हार्दिक बधाई


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी महिलाओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं की समाज देश और परिवार में भूमिका को सराहा और कहा कि महिलाएं हर चुनौती का सामना साहस और धैर्य के साथ करती हैं। उन्होंने मातृशक्ति के योगदान को अद्भुत बताते हुए कहा कि देश की प्रगति समाज की मजबूती और परिवार की खुशहाली में महिलाओं का योगदान अनमोल है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि आज की महिलाएं शिक्षा स्वास्थ्य खेल कला विज्ञान और प्रशासन सभी क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। महिलाएं केवल घर या पारिवारिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रह गई हैं बल्कि हर क्षेत्र में अपनी क्षमताओं और प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं के प्रयासों और संघर्षों को नमन किया जाना चाहिए क्योंकि उनके बिना समाज का संतुलन अधूरा है।

    डॉ. यादव ने यह भी कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिला स्वास्थ्य शिक्षा सुरक्षा रोजगार और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि महिलाएं इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने जीवन को और अधिक सशक्त और स्वतंत्र बनाएंगी।

    मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे हर चुनौती को अवसर में बदलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभाएं और नई मिसाल कायम करें। उन्होंने कहा कि महिला दिवस केवल समारोह या एक दिन की प्रतिबद्धता नहीं है बल्कि यह महिलाओं के सम्मान उनके अधिकारों और उनके योगदान की सराहना का दिन है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करें और उनके विकास में सहयोग दें।

    डॉ. यादव ने अपने संदेश में विशेष रूप से महिलाओं की बहुआयामी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की रीढ़ होती हैं समाज की दिशा निर्धारित करती हैं और राष्ट्र की शक्ति का आधार होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं का हर क्षेत्र में योगदान प्रेरणादायक है और हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके प्रयासों को उचित मान्यता और सम्मान मिले।

    अंत में मुख्यमंत्री ने सभी माताओं बहनों बेटियों और महिलाओं को एक बार फिर से शत-शत नमन करते हुए उनकी उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि मेरी मंगलकामनाएं हैं कि महिलाएं हर क्षेत्र में सफल हों नए प्रतिमान गढ़ें और समाज को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ।

  • राजस्थान बजट सत्र में BJP विधायक के विवादित बयान ने मचाया हंगामा: 'BJP सरकार ने छोरा, गहलोत ने छोरी पैदा की'

    राजस्थान बजट सत्र में BJP विधायक के विवादित बयान ने मचाया हंगामा: 'BJP सरकार ने छोरा, गहलोत ने छोरी पैदा की'


    नई दिल्ली । राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक बार फिर सियासी और सांस्कृतिक विवाद उभर गया है। सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के विधायक बहादुर सिंह कोली ने सदन में एक विवादित बयान देते हुए बजट की तुलना ‘बेटे’ और ‘बेटी’ से कर दी। बहादुर सिंह कोली जो भरतपुर जिले से विधायक और पूर्व लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं ने कहा कि भजनलाल शर्मा की बीजेपी सरकार का बजट छोरा था जबकि अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार का बजट ‘छोरी’ था और इसी वजह से कांग्रेस चुनाव में हार गई।

    बीजेपी विधायक ने बजट सत्र के दौरान रात करीब 8 बजे सदन में कहा हमारी सरकार ने पहले बजट में छोरा पैदा किया फिर दूसरे और तीसरे बजट में भी छोरा पैदा किया। जो जवानी में छोरा पैदा करता है वह हमेशा काम आता है। जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे उन्होंने अपने आखिरी बजट में घोषणाएं कीं लेकिन छोरा नहीं पैदा हुआ छोरी पैदा हुई और इसी वजह से आप विपक्ष में बैठे हैं। इस बयान ने सदन में मौजूद सदस्यों को झकझोर दिया और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया।

    कांग्रेस ने इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। पार्टी के अनुसार यह बयान लड़कों और लड़कियों में भेदभाव को दर्शाता है और सदन में इस तरह की संवेदनहीन टिप्पणी देना महिलाओं के प्रति पक्षपात को उजागर करता है। कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान ने कहा कि बीजेपी विधायक के इस बयान ने उनकी पार्टी की सोच को सार्वजनिक कर दिया है। बीजेपी के लोग महिलाओं को लेकर क्या सोच रखते हैं यह अब साफ हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह के बयान केवल राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के प्रति नजरिए को हल्के में दिखाने वाले हैं।

    वहीं बीजेपी की तरफ से गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम ने बहादुर सिंह कोली के बयान की व्याख्या करते हुए कहा कि विधायक बजट पर चर्चा कर रहे थे और कांग्रेस केवल हंगामा कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी और हमारी सरकार बेटियों का सम्मान करती है और उन्हें देवी स्वरूप में पूजती है। मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि भाजपा सरकार ने संसद में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिलाने का काम किया है और महिलाओं के सम्मान को सर्वोपरि माना जाता है।

    राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह बयान न केवल बजट सत्र में विवाद पैदा करने वाला है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी संवेदनशील है। महिलाओं और लड़कियों के प्रति राजनीतिक दलों की सोच पर भी बहस छिड़ा है। सत्तारूढ़ दल का कहना है कि यह केवल बजट पर व्यंग्य था जबकि विपक्ष इसे महिलाओं के प्रति पक्षपातपूर्ण टिप्पणी मान रहा है। यह घटना राज्य में आगामी चुनावों के मद्देनजर भी राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर सकती है।

    कुल मिलाकर बहादुर सिंह कोली के बयान ने विधानसभा में बहस का नया मुद्दा खड़ा किया है जहां बजट पर चर्चा के दौरान संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को भी राजनीति की भेंट चढ़ाया गया। बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी और प्रतिक्रिया जारी रही और राज्य की सियासत में यह विवाद केंद्र में बन गया।

  • सीएम नीतीश को पाकिस्तानी डॉन की धमकी, हिजाब विवाद ने पकड़ा सियासी तूल; महिला चिकित्सक के नौकरी छोड़ने की चर्चा

    सीएम नीतीश को पाकिस्तानी डॉन की धमकी, हिजाब विवाद ने पकड़ा सियासी तूल; महिला चिकित्सक के नौकरी छोड़ने की चर्चा


    नई दिल्ली।
    बिहार की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक आस्था महिला सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा केंद्र में आ गया है। आयुष चिकित्सकों के नियुक्तिपत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला चिकित्सक से हिजाब हटाने को कहे जाने की घटना अब राज्य से बाहर तक चर्चा का विषय बन गई है। इस मामले ने इतना तूल पकड़ लिया है कि सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को धमकी देने का वीडियो सामने आया है जिसकी जांच बिहार पुलिस ने शुरू कर दी हैबताया जा रहा है कि पाकिस्तान के कुख्यात डॉन शहजाद भट्टी की ओर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खुलेआम धमकी दी गई है। वीडियो में कहा गया है कि मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से माफी मांगें अन्यथा भविष्य में होने वाली घटनाओं की शिकायत न करें। इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए बिहार पुलिस के साइबर थाना को जांच सौंपी गई है।

    डीजीपी विनय कुमार ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि वीडियो की सत्यता और उसके स्रोत की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं आर्थिक अपराध इकाईईओयू के अपर पुलिस महानिदेशक नैयर हसनैन खान ने कहा कि ईओयू का साइबर प्रभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर एक और दावा तेजी से वायरल हो रहा है। कहा जा रहा है कि जिस महिला आयुष चिकित्सक को नियुक्तिपत्र देने के दौरान मुख्यमंत्री ने हिजाब हटाने को कहा था उसने नौकरी ज्वॉइन न करने का फैसला किया है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। न तो संबंधित महिला चिकित्सक की ओर से कोई सार्वजनिक बयान आया है और न ही विभाग की तरफ से इस पर कोई स्पष्ट जानकारी दी गई है।

    विभागीय अधिकारी इस मुद्दे पर फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नियुक्तिपत्र मिलने के बाद ज्वॉइनिंग के लिए पर्याप्त समय दिया जाता है और अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। गौरतलब है कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद भवन में आयुष चिकित्सकों का नियुक्तिपत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में कुल 1283 नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों को नियुक्तिपत्र सौंपे गए थे जिनमें से 10 चिकित्सकों को प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री ने स्वयं नियुक्तिपत्र दिया था।हिजाब विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दलराजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने इस घटना को धार्मिक स्वतंत्रता का हनन बताया है। उन्होंने कहा कि नियुक्तिपत्र वितरण जैसे गरिमामय कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला से हिजाब हटाने को कहना न केवल महिला सम्मान के खिलाफ है बल्कि यह अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति सरकार की सोच को भी दर्शाता है। एजाज अहमद ने मुख्यमंत्री और सरकार से इस घटना के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

    वहीं सत्तारूढ़ जनता दलयूनाइटेड ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जदयू के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेटियों के सशक्तीकरण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने हर धर्म जाति और वर्ग की महिलाओं की सामाजिक आर्थिक और शैक्षणिक उन्नति के लिए लगातार काम किया है। नीरज कुमार ने राजद पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष को पहले अपने अतीत पर नजर डालनी चाहिए। फिलहाल हिजाब विवाद महिला चिकित्सक के नौकरी छोड़ने की चर्चा और पाकिस्तान से आई धमकी-इन तीनों मुद्दों ने बिहार की राजनीति को गर्मा दिया है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगी।