Tag: Women’s T20 World Cup

  • महिला टी20 विश्व कप: सेमीफाइनल में इंग्लैंड का पलड़ा भारी, लेकिन साउथ अफ्रीका से मिलेगी कड़ी चुनौती

    महिला टी20 विश्व कप: सेमीफाइनल में इंग्लैंड का पलड़ा भारी, लेकिन साउथ अफ्रीका से मिलेगी कड़ी चुनौती


    नई दिल्ली । महिला ICC Women’s T20 World Cup 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में गुरुवार को England women’s cricket team और South Africa women’s national cricket team आमने-सामने होंगी। मुकाबला लंदन के केनिंग्टन ओवल में खेला जाएगा। रिकॉर्ड इंग्लैंड के पक्ष में जरूर है, लेकिन हाल के बड़े टूर्नामेंटों में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लिश टीम को कड़ी चुनौती दी है।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोनों टीमों के बीच अब तक 28 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें इंग्लैंड ने 23 मैच जीते हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका को केवल 5 जीत मिली हैं। यह आंकड़ा इंग्लैंड के स्पष्ट दबदबे को दर्शाता है।

    हालांकि, नॉकआउट मुकाबलों की कहानी अलग रही है। ICC Women’s T20 World Cup 2023 के सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने इंग्लैंड को हराया था। इसके बाद ICC Women’s Cricket World Cup 2025 के सेमीफाइनल में भी प्रोटियाज टीम ने इंग्लैंड का सफर रोक दिया था। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी।

    इंग्लैंड ने इस विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप चरण के सभी पांच मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है। बल्लेबाजी में Danni Wyatt-Hodge बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने पांच मैचों में 94 की औसत और 153 के स्ट्राइक रेट से 282 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में Sophie Ecclestone विरोधी बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

    दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका ने कठिन ग्रुप से बाहर निकलकर अंतिम चार में जगह बनाई है। Marizanne Kapp ने गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव छोड़ा है, जबकि Tazmin Brits ने एक शतक सहित तीन मैचों में 174 रन बनाकर टीम की बल्लेबाजी संभाली है। तेज गेंदबाज Shabnim Ismail नई गेंद से लगातार असरदार साबित हुई हैं।

    हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के लिए चिंता की बात कप्तान Laura Wolvaardt की फॉर्म है। उन्होंने पांच पारियों में 117 रन बनाए हैं और सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में टीम को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी।

    रिकॉर्ड इंग्लैंड के पक्ष में है, लेकिन हालिया नॉकआउट इतिहास और दक्षिण अफ्रीका की मौजूदा लय को देखते हुए यह मुकाबला बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला होने की उम्मीद है।

  • महिला टी20 विश्व कप भारत को हराने के बाद ऑस्ट्रेलिया का बढ़ा हौसला लूसी हैमिल्टन ने सेमीफाइनल से पहले भरी हुंकार

    महिला टी20 विश्व कप भारत को हराने के बाद ऑस्ट्रेलिया का बढ़ा हौसला लूसी हैमिल्टन ने सेमीफाइनल से पहले भरी हुंकार


    नई दिल्ली। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की युवा तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन ने कहा है कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिली जीत ने पूरी टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है। उनका मानना है कि बड़े मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने से खिलाड़ियों का भरोसा बढ़ता है और यही आत्मविश्वास अब वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल में भी टीम की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।

    क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से बातचीत में हैमिल्टन ने कहा कि नई गेंद के साथ गेंदबाजी करना उनके लिए हमेशा रोमांचक अनुभव रहता है। विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में नई गेंद संभालना बड़ी जिम्मेदारी होती है लेकिन भारत के खिलाफ सफल प्रदर्शन के बाद उनका आत्मविश्वास काफी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि टीम ने उस मुकाबले में जिस तरह दबाव झेलते हुए जीत हासिल की उससे सभी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है।

    हैमिल्टन ने स्वीकार किया कि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर खेलते समय दबाव महसूस होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान के दौरान हर खिलाड़ी के मन में घबराहट होती है लेकिन जैसे ही पहला ओवर शुरू होता है पूरा ध्यान सिर्फ खेल पर केंद्रित हो जाता है। उनके मुताबिक लगातार बड़े मुकाबले खेलने से मानसिक मजबूती भी बढ़ती है और खिलाड़ी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपटना सीखते हैं।

    ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ने कहा कि भारत के खिलाफ प्रदर्शन ने उन्हें यह भरोसा दिया कि वे बड़े मैचों में भी अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभा सकती हैं। यही अनुभव सेमीफाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले में उनके लिए काफी उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य पिछले मैचों की लय को बरकरार रखते हुए आक्रामक क्रिकेट खेलना है।

    हैमिल्टन ने मैचों के बीच कम अंतराल को भी टीम के लिए सकारात्मक बताया। उनके अनुसार लगातार मुकाबले खेलने से खिलाड़ियों की लय बनी रहती है और टीम का मोमेंटम भी कायम रहता है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया हाल के मैचों में जिस गुणवत्ता का क्रिकेट खेल रहा है उसे सेमीफाइनल में भी दोहराने की पूरी कोशिश की जाएगी।

    द ओवल मैदान पर पहली बार खेलने जा रहीं हैमिल्टन ने कहा कि मैच से पहले मैदान का निरीक्षण करने से परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने माना कि हालात तेजी से बदल सकते हैं इसलिए टीम का फोकस जल्द से जल्द खुद को परिस्थितियों के अनुरूप ढालने पर रहेगा।

    उन्होंने वेस्टइंडीज को भी बेहद खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बताया। हैमिल्टन का कहना है कि अंडरडॉग के रूप में उतरने वाली टीमों पर अतिरिक्त दबाव नहीं होता और वे खुलकर खेलती हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतेगा। दोनों टीमों के बीच होने वाले इस सेमीफाइनल की विजेता फाइनल में जगह बनाएगी जहां विश्व कप खिताब के लिए मुकाबला होगा।
  • वर्ल्ड कप में मिली मायूसी ओलंपिक से आई बड़ी खुशखबरी भारतीय महिला टीम ने LA28 के लिए किया क्वालिफाई

    वर्ल्ड कप में मिली मायूसी ओलंपिक से आई बड़ी खुशखबरी भारतीय महिला टीम ने LA28 के लिए किया क्वालिफाई


    नई दिल्ली। आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का अभियान उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और टीम ग्रुप चरण से ही बाहर हो गई। हालांकि इस निराशा के बीच हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत ने लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 के लिए क्वालिफाई कर लिया है और अब पहली बार ओलंपिक क्रिकेट में पदक जीतने का सपना साकार करने का मौका मिलेगा।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने क्रिकेट की 128 साल बाद ओलंपिक में वापसी के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया का एलान कर दिया है। इसी के साथ महिला क्रिकेट की पहली चार क्वालिफाई करने वाली टीमों के नाम भी तय हो गए हैं जिनमें भारत भी शामिल है। भारत को एशिया का एकमात्र सीधा कोटा मिला क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाली एशियाई टीमों में उसका प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा।

    आईसीसी के नए नियमों के अनुसार अफ्रीका एशिया यूरोप और ओशिनिया से एक एक टीम को सीधे ओलंपिक का टिकट दिया गया है। इसी आधार पर भारत एशिया से ऑस्ट्रेलिया ओशिनिया से दक्षिण अफ्रीका अफ्रीका से और ग्रेट ब्रिटेन यूरोप से लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली चार टीमें बन गई हैं।

    छह टीमों वाले महिला क्रिकेट टूर्नामेंट में पांचवां स्थान मेजबान अमेरिका को मिल सकता है। इसके लिए अमेरिका को इस साल के अंत तक आईसीसी महिला टी20 रैंकिंग में शीर्ष 15 में जगह बनानी होगी। यदि ऐसा नहीं होता है तो यह स्थान आईसीसी रैंकिंग में सबसे ऊंची रैंकिंग वाली गैर क्वालिफाई टीम को मिलेगा। वहीं छठी और अंतिम टीम का फैसला 2027 में होने वाले आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर से होगा जिसमें आठ टीमें हिस्सा लेंगी।

    आईसीसी ने वेस्टइंडीज को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। चूंकि ओलंपिक में अलग अलग देशों का प्रतिनिधित्व होता है इसलिए यदि वेस्टइंडीज पात्र होता है तो कैरेबियाई देशों के बीच अलग क्वालिफाइंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

    पुरुष क्रिकेट स्पर्धा के लिए भी छह टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें से चार महाद्वीपों की शीर्ष रैंकिंग वाली टीमें सीधे क्वालिफाई करेंगी जबकि मेजबान अमेरिका के लिए भी विशेष प्रावधान रखा गया है। यदि अमेरिका निर्धारित अवधि में शीर्ष 15 रैंकिंग में जगह नहीं बना पाता है तो उसका स्थान किसी अन्य पात्र टीम को दिया जाएगा।

    आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने क्रिकेट की ओलंपिक में वापसी को ऐतिहासिक अवसर बताया है। उनके अनुसार यह फैसला दुनिया भर में क्रिकेट के विस्तार और नए देशों तक इस खेल को पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। वहीं आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजोग गुप्ता का कहना है कि नया क्वालिफिकेशन मॉडल प्रतिस्पर्धा और वैश्विक प्रतिनिधित्व के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करता है।

    गौरतलब है कि क्रिकेट आखिरी बार 1900 के पेरिस ओलंपिक का हिस्सा था। अब 128 साल बाद लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी होगी। महिला और पुरुष दोनों वर्गों में छह छह टीमें हिस्सा लेंगी और पहली बार क्रिकेट में ओलंपिक पदक के लिए मुकाबला होगा।

  • हरमनप्रीत की अर्धशतकीय पारी भी नहीं बचा सकी भारत ऑस्ट्रेलिया ने जीत के साथ किया वर्ल्ड कप से बाह

    हरमनप्रीत की अर्धशतकीय पारी भी नहीं बचा सकी भारत ऑस्ट्रेलिया ने जीत के साथ किया वर्ल्ड कप से बाह


    नई दिल्ली।  महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का अभियान सेमीफाइनल से पहले ही समाप्त हो गया। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए अहम मुकाबले में छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने भारत को छह विकेट से हराकर अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदों पर विराम लगा दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर की शानदार अर्धशतकीय पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी और भारतीय टीम लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट पर 170 रन का मजबूत स्कोर बनाया। टीम को आक्रामक शुरुआत शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने दिलाई। शेफाली ने 26 गेंदों में 34 रन बनाए जबकि स्मृति ने 37 गेंदों पर 38 रन की उपयोगी पारी खेली। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तेज बल्लेबाजी करते हुए केवल 27 गेंदों में 56 रन बनाए और टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया।

    ऑस्ट्रेलिया की ओर से गेंदबाजी में सोफी मोलिनेक्स सबसे सफल रहीं। उन्होंने चार ओवर में 46 रन देकर दो विकेट हासिल किए और भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। हालांकि भारतीय बल्लेबाजों ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन जोड़कर ऑस्ट्रेलिया के सामने 171 रन का लक्ष्य रखा।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती चरण में चुनौती दी और रन गति पर भी कुछ समय तक नियंत्रण बनाए रखा। एक समय आवश्यक रन गति लगातार बढ़ती हुई दिखाई दे रही थी और मुकाबला पूरी तरह संतुलित नजर आ रहा था। लेकिन भारतीय टीम दबाव को अंत तक बनाए रखने में सफल नहीं रही। कुछ महत्वपूर्ण मौकों पर खराब गेंदबाजी और फील्डिंग में हुई चूक का फायदा ऑस्ट्रेलिया ने पूरी तरह उठाया।

    ऑस्ट्रेलिया की जीत में एलिस पेरी और एश गार्डनर ने अहम भूमिका निभाई। एलिस पेरी ने 38 गेंदों पर 56 रन की जिम्मेदार पारी खेली जबकि एश गार्डनर ने केवल 29 गेंदों में 53 रन बनाकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। फोएबे लिचफील्ड ने भी 24 रन का उपयोगी योगदान देकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद की। इन पारियों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और शानदार जीत दर्ज की।

    यह हार भारतीय महिला टीम के लिए इसलिए भी निराशाजनक रही क्योंकि 2024 महिला टी20 विश्व कप में भी ऑस्ट्रेलिया ने ही भारत का सफर समाप्त किया था। इस बार भी बड़े मुकाबले में वही कहानी दोहराई गई। भारतीय टीम ने बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन गेंदबाजी और फील्डिंग में महत्वपूर्ण क्षणों पर हुई गलतियां भारी पड़ गईं। अब टीम इंडिया को इस हार से सीख लेकर भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी पर ध्यान देना होगा ताकि आने वाले वैश्विक मंचों पर बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

  • महिला टी20 विश्व कप की सबसे अनुभवी सितारे: उम्र को मात देकर मैदान में चमकीं ये दिग्गज खिलाड़ी

    महिला टी20 विश्व कप की सबसे अनुभवी सितारे: उम्र को मात देकर मैदान में चमकीं ये दिग्गज खिलाड़ी


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत 12 जून से इंग्लैंड में होने जा रही है। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें एक बार फिर दुनिया की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ियों पर टिकी हैं। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में जहां युवा प्रतिभाएं अपनी छाप छोड़ने को तैयार हैं, वहीं कई अनुभवी खिलाड़ियों ने भी वर्षों तक अपने प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता से महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। पिछले संस्करणों में कुछ ऐसी खिलाड़ी भी मैदान पर उतरीं जिन्होंने उम्र को महज एक संख्या साबित करते हुए शानदार खेल का प्रदर्शन किया।

    इस सूची में सबसे ऊपर श्रीलंका की तेज गेंदबाज उदेशिका प्रबोधनी का नाम आता है। उन्होंने महिला टी20 विश्व कप 2024 में 40 वर्ष की आयु में हिस्सा लिया था। प्रबोधनी लंबे समय तक श्रीलंका की गेंदबाजी आक्रमण की अहम कड़ी रहीं और देश के लिए कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में योगदान दिया। अपने अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर में उन्होंने 100 से अधिक मैच खेलते हुए 84 विकेट हासिल किए। हालांकि, आगामी विश्व कप के लिए उन्हें श्रीलंकाई टीम में जगह नहीं मिली है।

    श्रीलंका की ही अनुभवी स्पिन गेंदबाज इनोका रणवीरा इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। रणवीरा ने 2024 के विश्व कप में 38 वर्ष की उम्र में हिस्सा लिया था। उन्होंने अपने करियर में 90 से अधिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलते हुए लगभग 100 विकेट हासिल किए हैं। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और दबाव में गेंदबाजी करने की क्षमता ने श्रीलंका को कई महत्वपूर्ण मौकों पर सफलता दिलाई।

    न्यूजीलैंड की स्टार बल्लेबाज सूजी बेट्स भी महिला क्रिकेट की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। 2024 के टी20 विश्व कप में उन्होंने 37 वर्ष की आयु में हिस्सा लिया और अपने शानदार प्रदर्शन से टीम को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बेट्स लंबे समय से न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट की पहचान रही हैं और उनके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि 2026 विश्व कप के बाद वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई ले सकती हैं।

    वेस्टइंडीज की अनुभवी स्पिनर एफी फ्लेचर भी 37 वर्ष की उम्र में टी20 विश्व कप का हिस्सा रही थीं। फ्लेचर को उनकी प्रभावी स्पिन गेंदबाजी और मैच का रुख बदलने की क्षमता के लिए जाना जाता है। कैरेबियाई टीम की सफलता में उनका योगदान लगातार महत्वपूर्ण रहा है और वह आज भी टीम की प्रमुख गेंदबाजों में गिनी जाती हैं।

    भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर भी इस सूची में शामिल हैं। उन्होंने 2024 के विश्व कप में 35 वर्ष की आयु में भाग लिया था। हरमनप्रीत भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक मानी जाती हैं। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने कई यादगार जीत दर्ज की हैं। हालांकि, 2024 विश्व कप भारतीय टीम के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। इसी आयु वर्ग में न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन भी शामिल रही थीं।

    ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज ऑलराउंडर एलिसा पेरी ने 33 वर्ष की आयु में 2024 विश्व कप खेला था। महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार पेरी के नाम विश्व कप में सबसे अधिक मैच खेलने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में ऑस्ट्रेलिया को कई बड़ी सफलताएं दिलाई हैं।

    इन खिलाड़ियों की मौजूदगी यह साबित करती है कि अनुभव, फिटनेस और समर्पण के दम पर खिलाड़ी लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन कर सकते हैं। महिला क्रिकेट के विकास में इन दिग्गज खिलाड़ियों का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

  • महिला टी20 वर्ल्ड कप में इन बल्लेबाजों का रहा दबदबा: टॉप-5 रन स्कोरर्स में कोई भारतीय नहीं, हरमनप्रीत टॉप-10 में

    महिला टी20 वर्ल्ड कप में इन बल्लेबाजों का रहा दबदबा: टॉप-5 रन स्कोरर्स में कोई भारतीय नहीं, हरमनप्रीत टॉप-10 में


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 का आगाज 12 जून से होने जा रहा है और क्रिकेट प्रेमियों की नजरें एक बार फिर दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों पर टिकी हैं। इंग्लैंड में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का फाइनल 5 जुलाई को खेला जाएगा। टी20 क्रिकेट के तेजी से बदलते स्वरूप में बल्लेबाजों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाजों की सूची भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

    महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड की दिग्गज बल्लेबाज Suzie Bates के नाम दर्ज है। उन्होंने 2009 से 2024 के बीच खेले गए 42 मैचों की 42 पारियों में 1,216 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 8 अर्धशतक निकले। बेट्स लंबे समय से न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की रीढ़ रही हैं और आगामी विश्व कप में उनके पास इस रिकॉर्ड को और मजबूत करने का मौका होगा। खास बात यह है कि यह टूर्नामेंट उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी विश्व कप भी माना जा रहा है।

    दूसरे स्थान पर इंग्लैंड की पूर्व स्टार बल्लेबाज Sarah Taylor हैं। उन्होंने 35 मैचों में 1,014 रन बनाकर महिला टी20 विश्व कप इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई। विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और निरंतरता ने इंग्लैंड को कई अहम जीत दिलाई।

    ऑस्ट्रेलिया की विस्फोटक ओपनर Alyssa Healy तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 39 पारियों में 1,008 रन बनाए हैं। बड़े मैचों में दबाव झेलने और तेज शुरुआत देने की उनकी क्षमता ने उन्हें महिला क्रिकेट की सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल किया है।

    चौथे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान Meg Lanning हैं। उन्होंने 32 पारियों में 992 रन बनाए, जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं। लैनिंग की कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों ने ऑस्ट्रेलिया को महिला क्रिकेट की सबसे सफल टीमों में शामिल करने में बड़ी भूमिका निभाई।

    पांचवें स्थान पर न्यूजीलैंड की अनुभवी ऑलराउंडर Sophie Devine हैं। उन्होंने 37 पारियों में 785 रन बनाकर इस सूची में अपनी जगह बनाई है। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और मैच जिताऊ प्रदर्शन के लिए डिवाइन दुनिया भर में जानी जाती हैं।

    भारतीय दृष्टिकोण से देखें तो टॉप-10 में केवल कप्तान हरमनप्रीत कौर का नाम शामिल है। हरमनप्रीत ने 39 मैचों में 726 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं। वह इस समय दसवें स्थान पर हैं। आगामी विश्व कप में यदि उनका बल्ला चला, तो उनके पास शीर्ष पांच बल्लेबाजों की सूची में जगह बनाने का सुनहरा अवसर होगा।

    महिला टी20 विश्व कप 2026 के साथ क्रिकेट प्रशंसकों को न केवल नई चैंपियन टीम देखने का मौका मिलेगा, बल्कि यह भी देखना दिलचस्प होगा कि क्या मौजूदा खिलाड़ी इन ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स को चुनौती दे पाती हैं या नहीं। भारतीय फैंस को खास उम्मीद हरमनप्रीत कौर से होगी, जो अपने अनुभव और विस्फोटक बल्लेबाजी से नया इतिहास रच सकती हैं।