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  • नौकरी छोड़ने की बढ़ती तैयारी के बीच कार्यस्थलों में जेन जी का प्रभाव बढ़ा, एआई को लेकर भी कर्मचारियों में चिंता

    नौकरी छोड़ने की बढ़ती तैयारी के बीच कार्यस्थलों में जेन जी का प्रभाव बढ़ा, एआई को लेकर भी कर्मचारियों में चिंता

    नई दिल्ली ।भारत के प्रोफेशनल सर्विसेज क्षेत्र में कर्मचारियों के बीच नौकरी बदलने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार करीब हर दो में से एक कर्मचारी सक्रिय रूप से नई नौकरी की तलाश कर रहा है। वहीं, चार में से तीन कर्मचारी अगले 12 महीनों के भीतर अपनी मौजूदा कंपनी छोड़ने की योजना बना रहे हैं। यह स्थिति कंपनियों के सामने प्रतिभाओं को बनाए रखने की चुनौती को और गंभीर बनाती है।

    रिपोर्ट के मुताबिक कार्यबल की संरचना में भी बड़ा बदलाव आया है। जेन जी यानी नई पीढ़ी के कर्मचारियों की हिस्सेदारी 2023 में 17 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 34 प्रतिशत हो गई है। यानी केवल तीन वर्षों में इस पीढ़ी की कार्यबल में हिस्सेदारी दोगुनी हो गई है। इसके साथ ही कंपनियों को नई पीढ़ी की बदलती अपेक्षाओं के अनुरूप कार्यस्थल नीतियों में बदलाव की जरूरत महसूस हो रही है।

    जेन जी कर्मचारियों में वेतन, पहचान और पदोन्नति के मानदंडों को लेकर अस्पष्टता स्वीकार करने की क्षमता अपेक्षाकृत कम बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार जब उन्हें अपनी अपेक्षाओं और वास्तविक कार्यस्थल अनुभव के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है तो वे नौकरी बदलने का फैसला तेजी से ले सकते हैं।

    कर्मचारियों को बनाए रखने की समस्या केवल युवा कार्यबल तक सीमित नहीं है। आंकड़ों के अनुसार 86 प्रतिशत फ्रंटलाइन मैनेजर और सुपरवाइजर सक्रिय रूप से नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं। व्यक्तिगत योगदान देने वाले कर्मचारियों में यह आंकड़ा 53 प्रतिशत है। इससे प्रबंधन स्तर पर बढ़ते दबाव और असंतोष की स्थिति का संकेत मिलता है।

    फ्रंटलाइन मैनेजर और सुपरवाइजर कंपनियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे एक ओर प्रोजेक्ट पूरा करने और ग्राहकों की अपेक्षाओं का दबाव संभालते हैं, वहीं दूसरी ओर अपनी टीम की जरूरतों और समस्याओं पर भी ध्यान देते हैं। संगठन में होने वाले बदलावों को कर्मचारियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी अक्सर इन्हीं स्तरों पर आती है।

    रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कर्मचारियों की अपनी औपचारिक जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर अतिरिक्त प्रयास करने की इच्छा में कमी आई है। हालांकि कार्यस्थल की बुनियादी परिस्थितियों में सुधार हुआ है, लेकिन केवल सुविधाओं में बदलाव कर्मचारियों के लंबे समय तक जुड़े रहने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हो रहा है। कर्मचारी संगठन की संस्कृति, विकास के अवसर और काम की स्पष्टता जैसे व्यापक पहलुओं को भी महत्व दे रहे हैं।

    प्रोफेशनल सर्विसेज क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है। करीब 10 में से छह संगठन अपने रोजमर्रा के कामकाज में एआई का उपयोग कर रहे हैं। इसके बावजूद केवल 10 में से दो कर्मचारियों ने पूरी तरह सहमति जताई कि उन्हें एआई उपकरणों से जुड़े संभावित फायदे और जोखिमों की पर्याप्त जानकारी दी गई है।

    इस स्थिति में कंपनियों के सामने दोहरी चुनौती है। उन्हें एक तरफ नई पीढ़ी के कर्मचारियों की बदलती अपेक्षाओं को समझना होगा और दूसरी तरफ अनुभवी कर्मचारियों तथा प्रबंधकीय स्तर पर बढ़ते नौकरी बदलाव के रुझान को रोकना होगा। स्पष्ट वेतन और पदोन्नति व्यवस्था, बेहतर संवाद, विकास के अवसर और एआई के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • भारत में AI क्रांति को मिलेगी नई रफ्तार, TCS और Anthropic की साझेदारी से हजारों कर्मचारियों को मिलेगा उन्नत AI प्लेटफॉर्म

    भारत में AI क्रांति को मिलेगी नई रफ्तार, TCS और Anthropic की साझेदारी से हजारों कर्मचारियों को मिलेगा उन्नत AI प्लेटफॉर्म

    नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच देश की प्रमुख आईटी कंपनी टीसीएस ने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम उठाया है। कंपनी ने एआई क्षेत्र की अग्रणी संस्था एंथ्रोपिक के साथ साझेदारी कर अपने डिजिटल परिवर्तन अभियान को नई दिशा देने का फैसला किया है। इस सहयोग का उद्देश्य विभिन्न उद्योगों में एआई आधारित समाधानों के विकास को गति देना और ग्राहकों को उन्नत तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

    इस साझेदारी के तहत टीसीएस अपने लगभग 50 हजार कर्मचारियों को Claude AI प्लेटफॉर्म तक पहुंच उपलब्ध कराएगी। इस पहल का लाभ इंजीनियरिंग, वित्त, कानूनी सेवाओं, विपणन, बिक्री और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में कार्यरत पेशेवरों को मिलेगा। कंपनी का मानना है कि कर्मचारियों को अत्याधुनिक एआई उपकरणों से जोड़ने से उत्पादकता बढ़ेगी और जटिल कार्यों को अधिक दक्षता के साथ पूरा किया जा सकेगा।

    टीसीएस इस सहयोग के अंतर्गत एक विशेष विशेषज्ञ टीम का गठन भी करेगी, जो Claude एआई मॉडल पर आधारित नए तकनीकी समाधान विकसित करेगी। कंपनी को इन एआई क्षमताओं और टूल्स तक शुरुआती पहुंच मिलने से वह अपने ग्राहकों के लिए तेजी से नवाचार करने की स्थिति में होगी। इससे एंटरप्राइज ग्राहकों को अत्याधुनिक एआई तकनीकों का लाभ अपेक्षाकृत कम समय में मिल सकेगा।

    दोनों कंपनियां मिलकर बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवाओं, सरकारी प्रशासन, जीवन विज्ञान, विमानन, दूरसंचार और चिकित्सा प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए एआई आधारित समाधान विकसित करेंगी। विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जहां डेटा सुरक्षा, विश्वसनीयता और नियामकीय अनुपालन सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हैं। ऐसे क्षेत्रों में एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना इस साझेदारी का प्रमुख लक्ष्य माना जा रहा है।

    तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को एआई टूल्स से जोड़ना भविष्य की कार्यशैली को बदल सकता है। इससे न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि संगठन के भीतर नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता भी मजबूत होगी। आधुनिक व्यवसायों में एआई की बढ़ती भूमिका को देखते हुए यह कदम उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

    यह साझेदारी ग्राहकों के लिए भी कई नए अवसर लेकर आएगी। कंपनियां ऐसे एआई समाधान विकसित करेंगी जो व्यावसायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, पुराने तकनीकी ढांचे को आधुनिक बनाने और ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। इससे डिजिटल परिवर्तन परियोजनाओं की गति बढ़ने और परिचालन लागत को कम करने की संभावना भी जताई जा रही है।

    एआई तकनीक के तेजी से विस्तार के बीच यह सहयोग भारत के तकनीकी क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर एआई अपनाने की बढ़ती मांग के बीच भारतीय आईटी कंपनियां नई तकनीकों में निवेश कर अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही हैं। टीसीएस और एंथ्रोपिक की यह साझेदारी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

    उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में एआई आधारित समाधान व्यवसायों की कार्यप्रणाली को व्यापक रूप से प्रभावित करेंगे। ऐसे में बड़े पैमाने पर एआई प्रशिक्षण, उन्नत प्लेटफॉर्म तक पहुंच और उद्योग-विशिष्ट समाधानों का विकास कंपनियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार कर सकता है।