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  • गुल्की जोशी ने बताया फिटनेस और खूबसूरती का राज, डाइट-वर्कआउट के साथ मी टाइम को भी दिया महत्व

    गुल्की जोशी ने बताया फिटनेस और खूबसूरती का राज, डाइट-वर्कआउट के साथ मी टाइम को भी दिया महत्व

    नई दिल्ली । अभिनेत्री गुल्की जोशी इन दिनों एक शो में डॉ. सृष्टि अग्रवाल का किरदार निभा रही हैं। अपने फिट और आकर्षक लुक को बनाए रखने के लिए वह केवल एक्सरसाइज पर निर्भर नहीं रहतीं, बल्कि खान-पान, नींद, हाइड्रेशन और मानसिक सुकून को भी अपनी दिनचर्या का अहम हिस्सा मानती हैं। उनके मुताबिक फिटनेस और खूबसूरती के लिए किसी बेहद सख्त रूटीन की बजाय ऐसा संतुलित तरीका अपनाना जरूरी है, जिसे लंबे समय तक आसानी से जारी रखा जा सके।

    गुल्की जोशी सख्त डाइट के बजाय बैलेंस्ड और सस्टेनेबल डाइट को प्राथमिकता देती हैं। वह अपने खाने में पर्याप्त प्रोटीन, सब्जियां और फल शामिल करने की कोशिश करती हैं। घर का बना भोजन उनकी डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शूटिंग के व्यस्त शेड्यूल के कारण कभी-कभी खाने का समय प्रभावित हो जाता है, लेकिन वह अपनी दिनचर्या को संतुलित रखने की कोशिश करती हैं।

    हाइड्रेशन पर भी वह खास ध्यान देती हैं। उनका मानना है कि किसी भी तरह के भोजन को पूरी तरह छोड़ने के बजाय संतुलन बनाए रखना बेहतर है। जंक और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड को सीमित मात्रा में लेना उनकी प्राथमिकता है। उनके अनुसार डाइट ऐसी होनी चाहिए, जिसे बिना परेशानी और दबाव के लंबे समय तक फॉलो किया जा सके।

    वर्कआउट की बात करें तो गुल्की नियमित रूप से एक्सरसाइज करने की कोशिश करती हैं। हालांकि शूटिंग शेड्यूल के कारण उनके वर्कआउट रूटीन में बदलाव आता रहता है। वह ऐसे व्यायाम पसंद करती हैं, जिनमें स्ट्रेंथ, मोबिलिटी और कार्डियो का संतुलन बना रहे।

    गुल्की के लिए वॉकिंग भी फिटनेस रूटीन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर किसी दिन जिम जाना संभव नहीं हो पाता, तो वह पूरे दिन खुद को शारीरिक रूप से सक्रिय रखने की कोशिश करती हैं। उनके मुताबिक फिटनेस में सबसे महत्वपूर्ण चीज निरंतरता है। यानी किसी एक दिन बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने के बजाय नियमित रूप से एक्टिव रहना ज्यादा जरूरी है।

    मानसिक स्वास्थ्य और सुकून के लिए वह अपने लिए मी टाइम निकालना भी जरूरी मानती हैं। कभी कुछ समय शांत बैठना, फोन से दूरी बनाना या पसंदीदा लोगों के साथ वक्त बिताना उन्हें मानसिक रूप से बेहतर महसूस कराता है। वह कोशिश करती हैं कि तनाव को खुद पर हावी न होने दें और उन चीजों को लेकर ज्यादा परेशान न हों, जो उनके नियंत्रण में नहीं हैं।

    गुल्की के अनुसार सकारात्मक सोच एक दिन में विकसित होने वाली आदत नहीं है। इसके लिए रोज खुद को समझने और बेहतर महसूस करने की कोशिश करनी पड़ती है। उनके लिए मानसिक शांति भी फिटनेस और अच्छी लाइफस्टाइल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    नींद को वह अपनी फिटनेस और ब्यूटी रूटीन का सबसे जरूरी हिस्सा मानती हैं। उनके मुताबिक पर्याप्त और अच्छी नींद का असर चेहरे की खूबसूरती पर भी दिखाई देता है। इसके साथ वह शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने और बेसिक स्किन केयर में नियमितता पर ध्यान देती हैं।

    शूटिंग के दौरान लगातार मेकअप करना पड़ता है, इसलिए मेकअप को अच्छी तरह हटाना और त्वचा को साफ व मॉयश्चराइज रखना उनकी स्किन केयर रूटीन का हिस्सा है। वह जरूरत से ज्यादा नए प्रोडक्ट्स आजमाने के बजाय अपनी त्वचा के अनुकूल बेसिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना पसंद करती हैं। उनका मानना है कि जब व्यक्ति अंदर से स्वस्थ और खुश महसूस करता है, तो उसका सकारात्मक असर चेहरे पर भी नजर आता है।

  • एक्सरसाइज के बावजूद क्यों नहीं घट रहा फैट, विशेषज्ञों ने ओवरट्रेनिंग और हार्मोनल असंतुलन पर जताई चिंता

    एक्सरसाइज के बावजूद क्यों नहीं घट रहा फैट, विशेषज्ञों ने ओवरट्रेनिंग और हार्मोनल असंतुलन पर जताई चिंता

    नई दिल्ली ।नियमित रूप से कड़ा व्यायाम करने और खानपान पर ध्यान देने के बावजूद वजन नियंत्रित न होना एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वजन घटाने के प्रयास में अक्सर लोग अत्यधिक पसीना बहाते हैं, लेकिन परिणाम उम्मीद के विपरीत मिलते हैं। इस स्थिति के पीछे केवल आहार ही मुख्य वजह नहीं होती, बल्कि शरीर को पर्याप्त आराम न देना, खराब नींद और जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करना भी एक बड़ा कारण हो सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि व्यायाम के बाद मांसपेशियों की रिकवरी के लिए शरीर को पर्याप्त समय मिलना अत्यंत आवश्यक है। जब कोई व्यक्ति लगातार भारी वर्कआउट करता है और रात में गहरी नींद नहीं ले पाता, तो शरीर में अंदरूनी तनाव बढ़ने लगता है। यह स्थिति ऊर्जा स्तर, पाचन क्रिया और दैनिक कार्यक्षमता को प्रभावित करती है। अत्यधिक शारीरिक परिश्रम के कारण शरीर का मेटाबॉलिज्म सुस्त हो सकता है और हार्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे फैट घटने के बजाय जमा होने लगता है।

    क्रॉनिक डिजीज विशेषज्ञों के मुताबिक, बिना किसी विश्राम दिवस के रोज कड़ा व्यायाम करने से शरीर में क्रॉनिक लो-ग्रेड इंफ्लेमेशन यानी अंदरूनी सूजन और तनाव उत्पन्न होता है। यह अंदरूनी तनाव हार्मोनल बैलेंस को प्रभावित करता है, जिससे विशेष रूप से पेट के आसपास फैट जमा होने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। इसके अलावा, ओवरट्रेनिंग के कारण महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमतिता जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं, जो कि शरीर द्वारा अत्यधिक थकान का स्पष्ट संकेत है।

    व्यायाम से शरीर पूरी तरह थक जाने के बाद भी यदि रात में नींद न आने की समस्या हो रही है, तो यह ओवरट्रेनिंग और एड्रिनल ग्लैंड पर पड़ रहे अत्यधिक दबाव को दर्शाता है। ऐसी स्थिति में शरीर थायरॉइड और चयापचय दर को धीमा कर देता है, जिससे वजन घटाने की प्रक्रिया पूरी तरह रुक जाती है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि फिटनेस के लिए हमेशा अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही कसरत करनी चाहिए।

    एक स्वस्थ जीवन शैली और प्रभावी वजन नियंत्रण के लिए केवल कठिन वर्कआउट ही पर्याप्त नहीं है। इसके साथ संतुलित आहार, समय पर पर्याप्त आराम और प्रतिदिन कम से कम सात से आठ घंटे की नींद लेना अनिवार्य है। शरीर को अत्यधिक थका देने के बजाय संयमित दिनचर्या अपनाकर ही टिकाऊ फिटनेस और सही वजन प्राप्त किया जा सकता है।