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  • टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा

    टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा


    नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट में नया इतिहास रचने वाले इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर ने भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने के बाद बटलर ने कहा कि भविष्य में यदि कोई खिलाड़ी उनका रिकॉर्ड तोड़ सकता है तो वह 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी हैं। बटलर का यह बयान युवा भारतीय खिलाड़ी की प्रतिभा और उसके उज्ज्वल भविष्य पर बड़ी मुहर माना जा रहा है।

    द हंड्रेड टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ दिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में बटलर ने कहा कि सबसे ज्यादा टी20 रन बनाने वाला खिलाड़ी कहलाना उनके लिए बेहद खास एहसास है लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि एक दिन यह रिकॉर्ड कोई और खिलाड़ी तोड़ेगा और संभवतः वह खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी होंगे।

    बटलर ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह सोचना बेहद रोमांचक है कि उन्होंने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं लेकिन रिकॉर्ड हमेशा टूटने के लिए ही बनते हैं। उनके अनुसार वैभव सूर्यवंशी में इतनी क्षमता है कि वह भविष्य में इस उपलब्धि को अपने नाम कर सकते हैं। दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज से मिली यह तारीफ युवा भारतीय बल्लेबाज के लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं मानी जा रही।

    वैभव सूर्यवंशी ने पिछले एक वर्ष में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को लगातार प्रभावित किया है। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी विस्फोटक शैली से अलग पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने वाले खिलाड़ियों में शामिल वैभव ने अपने शुरुआती मुकाबलों में ही शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि उनमें बड़े मंच पर खेलने का आत्मविश्वास और क्षमता दोनों मौजूद हैं।

    हाल के मुकाबलों में वैभव ने तेज गति से रन बनाकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 श्रृंखला में बेहद कम गेंदों में अर्धशतक जड़कर सबका ध्यान खींचा था। इसके अलावा एक अन्य मुकाबले में उन्होंने दमदार पारी खेलते हुए शानदार स्कोर बनाया और टीम की जीत में अहम योगदान दिया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास दोनों साफ दिखाई देते हैं।

    घरेलू टी20 लीग में भी वैभव का प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना रहा। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए और कई यादगार पारियां खेलीं। उनकी तेज रन बनाने की क्षमता और लंबे शॉट लगाने की कला ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया सितारा बना दिया है।

    दूसरी ओर जोस बटलर भी इस समय शानदार फॉर्म में हैं। रिकॉर्ड बनाने वाले मुकाबले में उन्होंने केवल 20 गेंदों में 51 रन की तूफानी पारी खेली जिसमें दो चौके और छह शानदार छक्के शामिल रहे। इस पारी के साथ उन्होंने टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज का स्थान हासिल किया। बटलर के नाम अब 14833 टी20 रन दर्ज हैं जबकि कीरोन पोलार्ड 14803 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इस सूची में वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    बटलर की यह भविष्यवाणी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है। यदि वैभव सूर्यवंशी अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखते हैं तो आने वाले वर्षों में वह न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में अपनी जगह बना सकते हैं।

  • सफदरजंग अस्पताल की बड़ी उपलब्धि: सीने की हड्डी काटे बिना बदला दिल का वॉल्व, बना विश्व रिकॉर्ड

    सफदरजंग अस्पताल की बड़ी उपलब्धि: सीने की हड्डी काटे बिना बदला दिल का वॉल्व, बना विश्व रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने रोबोटिक तकनीक की मदद से एक दुर्लभ और जटिल हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक कर चिकित्सा क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है। डॉक्टरों ने बिना सीने की हड्डी (स्टर्नम) काटे मरीज के खराब हृदय वाल्व को बदल दिया। अस्पताल का दावा है कि इस तरह की सर्जरी दुनिया में पहली बार इस तकनीक और प्रक्रिया से की गई है।

    दाईं ओर था मरीज का दिल
    मरीज जन्म से एक दुर्लभ हृदय विकार से पीड़ित था। उसका दिल सामान्य स्थिति के विपरीत सीने के दाईं ओर था। साथ ही, हृदय की प्रमुख धमनियां भी अपनी सामान्य संरचना से अलग थीं। इस असामान्य बनावट के कारण हृदय का एक वाल्व गंभीर रूप से लीक कर रहा था, जिससे दिल पर लगातार अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था और मरीज की हालत बिगड़ती जा रही थी।

    रोबोटिक तकनीक से हुई जटिल सर्जरी
    डॉ. अनुभव गुप्ता और उनकी टीम ने इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम दिया। पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी की तरह सीने की हड्डी काटने के बजाय डॉक्टरों ने सीने में छोटे-छोटे चीरे लगाए। इसके बाद रोबोटिक आर्म्स और हाई-रिजॉल्यूशन 3D कैमरे की सहायता से खराब वाल्व को बदल दिया गया। ऑपरेशन से पहले डॉक्टरों ने मरीज के हृदय का 3D मॉडल तैयार किया, जिससे दिल की असामान्य संरचना को समझने और सर्जरी की सटीक योजना बनाने में मदद मिली।

    अस्पताल का विश्व रिकॉर्ड का दावा
    सफदरजंग अस्पताल के अनुसार, इस तरह की दुर्लभ हृदय संरचना वाले मरीज में बाईं ओर से रोबोटिक तकनीक के जरिए वाल्व रिप्लेसमेंट करने का यह दुनिया का पहला मामला है। अस्पताल ने इसे चिकित्सा विज्ञान में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

    रोबोटिक सर्जरी के फायदे
    डॉक्टरों के मुताबिक, इस तकनीक से ऑपरेशन के दौरान खून की कमी बहुत कम होती है। संक्रमण का खतरा घट जाता है, मरीज को कम दर्द होता है और वह अपेक्षाकृत कम समय में स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा सकता है।

    सरकारी अस्पताल के लिए बड़ी उपलब्धि
    अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता शर्मा ने कहा कि यह सफलता सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है। उनके अनुसार, अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक के माध्यम से अब सरकारी अस्पतालों में भी जटिल से जटिल हृदय रोगों का प्रभावी उपचार संभव हो रहा है।

  • नशे के खिलाफ इंदौर का विश्व रिकॉर्ड: 8,534 लोगों की मानव श्रृंखला, पुलिस ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड

    नशे के खिलाफ इंदौर का विश्व रिकॉर्ड: 8,534 लोगों की मानव श्रृंखला, पुलिस ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड


    इंदौर । नशे के खिलाफ जनजागरण की दिशा में इंदौर ने एक बार फिर देश के सामने मिसाल पेश की है। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत सोमवार को शहर में 8,534 लोगों ने एक साथ मानव श्रृंखला बनाकर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। इस उपलब्धि के साथ इंदौर पुलिस ने अपना ही पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। इससे पहले नशे के खिलाफ 7,100 लोगों की मानव श्रृंखला का विश्व रिकॉर्ड भी इंदौर पुलिस के नाम दर्ज था। इस बार बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी ने न केवल रिकॉर्ड बनाया, बल्कि समाज को नशामुक्त बनाने का सशक्त संदेश भी दिया।

    इस ऐतिहासिक आयोजन में स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थी, खिलाड़ी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, नगर सुरक्षा समिति के सदस्य, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और शहर के हजारों नागरिक शामिल हुए। सभी ने हाथों में हाथ डालकर लंबी मानव श्रृंखला बनाई और नशे के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने मौजूद सभी लोगों को नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके खिलाफ जागरूक करने की शपथ दिलाई। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त इंदौर और नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

    इंदौर पुलिस के अनुसार इस आयोजन में केवल मानव श्रृंखला का रिकॉर्ड ही नहीं बनाया गया, बल्कि एक साथ इतने बड़े समूह को पुलिस कमिश्नर द्वारा नशामुक्ति की शपथ दिलाने के आधार पर भी दूसरे विश्व रिकॉर्ड का दावा किया गया है। यानी एक ही कार्यक्रम के माध्यम से दो अलग-अलग विश्व रिकॉर्ड दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित एजेंसी को सभी आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण भेजे जा रहे हैं।

    ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान पिछले कुछ समय से शहरभर में लगातार चलाया जा रहा है। इसके तहत पुलिस स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, बस्तियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों तक पहुंचकर युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर रही है। अभियान के दौरान संवाद कार्यक्रम, शपथ समारोह, रैलियां और जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं ताकि समाज के हर वर्ग तक यह संदेश पहुंचे कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है।

    इंदौर पहले भी स्वच्छता, जनभागीदारी और सामाजिक अभियानों में अपनी अलग पहचान बना चुका है। अब नशामुक्त समाज के संकल्प के साथ शहर ने एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली है। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि यदि प्रशासन और समाज मिलकर किसी उद्देश्य के लिए काम करें तो सकारात्मक बदलाव संभव है।

    पुलिस का कहना है कि अभियान भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगा और शहर के अधिक से अधिक युवाओं को इससे जोड़ा जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ ऐसी सामाजिक चेतना विकसित करना है, जिससे आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में आगे बढ़ सकें। इंदौर का यह प्रयास देश के अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

  • महज 3 साल 9 महीने की जुड़वां बहनों ने रचा इतिहास दुनिया की सबसे कम उम्र की फीमेल ड्रमर बनकर लंदन में जीता सम्मान

    महज 3 साल 9 महीने की जुड़वां बहनों ने रचा इतिहास दुनिया की सबसे कम उम्र की फीमेल ड्रमर बनकर लंदन में जीता सम्मान


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की जुड़वां बहनें सान्वी नाहर और समन्वी नाहर ने बेहद कम उम्र में ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरे देश का नाम रोशन कर दिया है। महज 3 वर्ष 9 माह की उम्र में दोनों बच्चियों ने दुनिया की सबसे कम उम्र की फीमेल ड्रमर बनने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन की ओर से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ब्रिटेन की संसद के हाउस ऑफ कॉमंस में आयोजित हुआ जहां दोनों बच्चियों को प्रमाण पत्र मेडल और ट्रॉफी प्रदान की गई।

    सान्वी और समन्वी ने 21 मार्च 2026 को निर्धारित नियमों के अनुसार ड्रम सेट पर एक विशेष ट्रैक को लगातार 1 मिनट 20 सेकंड तक सफलतापूर्वक बजाकर यह रिकॉर्ड बनाया। उनकी प्रस्तुति का मूल्यांकन करने के बाद वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने इसे आधिकारिक रूप से स्वीकार किया और दोनों का नाम अपने रिकॉर्ड में दर्ज किया। उनकी उपलब्धि संस्था के डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधिकारिक प्रकाशनों में भी शामिल की गई है।

    बच्चियों की मां डॉ निकिता नाहर ने बताया कि ड्रमिंग संगीत की सबसे कठिन विधाओं में गिनी जाती है। इसमें दोनों हाथों और दोनों पैरों का एक साथ तालमेल बनाना पड़ता है। सामान्य तौर पर बच्चों को पांच वर्ष की आयु के बाद ही ड्रम सीखने की सलाह दी जाती है लेकिन सान्वी और समन्वी ने सवा तीन साल की उम्र से ही इसकी शुरुआत कर दी थी। नियमित अभ्यास और समर्पण की बदौलत उन्होंने बहुत कम समय में ऐसा कौशल विकसित किया कि विश्व रिकॉर्ड बना डाला।

    इस उपलब्धि के पीछे उनके प्रशिक्षक युग नामदेव की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। बच्चियों के माता पिता उन्हें ड्रम सिखाने के लिए कई संगीत शिक्षकों के पास पहुंचे लेकिन लगभग सभी ने इतनी कम उम्र का हवाला देते हुए प्रशिक्षण देने से इनकार कर दिया। ऐसे समय में युग नामदेव ने इस चुनौती को स्वीकार किया और दोनों बच्चियों को शुरुआती स्तर से प्रशिक्षण देना शुरू किया। मात्र दो महीने में दोनों ने ड्रम की मूल तकनीकों पर अच्छी पकड़ बना ली और बाद में एक स्कूल कार्यक्रम में उनकी प्रस्तुति ने सभी को प्रभावित किया। इसी प्रस्तुति का वीडियो वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तक पहुंचा और रिकॉर्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

    रिकॉर्ड के लिए दोनों बहनों ने करीब एक महीने तक प्रतिदिन एक ही ट्रैक का लगातार अभ्यास किया। आखिरकार उन्होंने निर्धारित समय तक बिना रुके प्रस्तुति देकर सभी शर्तें पूरी कर लीं। आवश्यक वीडियो और दस्तावेज भेजने के बाद उनका रिकॉर्ड स्वीकृत हो गया।

    सान्वी और समन्वी चिकित्सक परिवार से संबंध रखती हैं। उनके दादा डॉ अक्षय नाहर ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं जबकि पिता डॉ सक्षम नाहर सर्जन और मां डॉ निकिता नाहर दंत चिकित्सक हैं। परिवार का कहना है कि उन्होंने बच्चियों की रुचि को पहचानकर उन्हें सही वातावरण और लगातार प्रोत्साहन दिया। प्रशिक्षक युग नामदेव के अनुसार इतनी कम उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली यह भारत की पहली जुड़वां फीमेल ड्रमर हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास मिले तो उम्र कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती।

  • ऋषभ पंत के निशाने पर ऐतिहासिक रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में रच सकते हैं नया विश्व कीर्तिमान

    ऋषभ पंत के निशाने पर ऐतिहासिक रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में रच सकते हैं नया विश्व कीर्तिमान


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत एक ऐसे मुकाम के करीब पहुंच चुके हैं, जहां से इतिहास उनका इंतजार कर रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में पंत ने पहले दिन शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद अर्धशतक जमाया और साथ ही एक बड़े विश्व रिकॉर्ड की ओर भी कदम बढ़ा दिए। अब उन्हें टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्कों का आंकड़ा छूने के लिए केवल तीन और छक्कों की जरूरत है।

    पहले दिन का खेल समाप्त होने तक भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। कप्तान शुभमन गिल और उप-कप्तान केएल राहुल के शानदार शतकों के बीच ऋषभ पंत ने भी अपनी आक्रामक शैली का प्रदर्शन करते हुए अर्धशतक जड़ा। उनकी पारी में कई आकर्षक शॉट देखने को मिले, जिनमें तीन लंबे छक्के भी शामिल रहे। इन छक्कों के साथ पंत के टेस्ट करियर में कुल 97 छक्के हो गए हैं।

    अगर पंत मैच के दूसरे दिन तीन और छक्के लगाने में सफल रहते हैं, तो वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। फिलहाल यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट के नाम दर्ज है, जिन्होंने 137 पारियों में 100 टेस्ट छक्के पूरे किए थे। वहीं न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्कुलम ने यह उपलब्धि 176 पारियों में हासिल की थी, जबकि इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने 178 पारियों में यह आंकड़ा छुआ था।

    ऋषभ पंत की बात करें तो वह अभी अपने टेस्ट करियर की 87वीं पारी खेल रहे हैं। ऐसे में यदि वह इस मैच में 100 छक्कों का आंकड़ा छू लेते हैं तो न केवल गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड ध्वस्त होगा, बल्कि वह 100 से कम पारियों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बन जाएंगे। यह उपलब्धि उनके 50वें टेस्ट मैच में दर्ज हो सकती है, जो इसे और भी खास बना देगी।

    टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड फिलहाल इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के नाम है, जिन्होंने 136 छक्के लगाए हैं। उनके बाद ब्रेंडन मैक्कुलम 107 और एडम गिलक्रिस्ट 100 छक्कों के साथ सूची में शामिल हैं। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज टिम साउदी और वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल भी 98-98 छक्कों के साथ शीर्ष खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।

    दिलचस्प बात यह है कि अफगानिस्तान टेस्ट से पहले टीम प्रबंधन ने ऋषभ पंत से उप-कप्तानी की जिम्मेदारी वापस लेकर केएल राहुल को यह भूमिका सौंपी है। चयनकर्ताओं का मानना है कि पंत को फिलहाल अपनी बल्लेबाजी पर अधिक ध्यान देना चाहिए। ऐसा लगता है कि पंत ने इस फैसले का जवाब अपने बल्ले से देना शुरू कर दिया है।

    क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब मैच के दूसरे दिन पर टिकी हैं। सभी को उम्मीद है कि पंत न केवल अपना शतक पूरा करेंगे, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज 100 छक्कों का नया विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर भारतीय क्रिकेट को एक और गौरवपूर्ण क्षण देंगे।

  • WI को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में भारत, ईडन गार्डन्स में रचा सबसे बड़े रन चेज का विश्व रिकॉर्ड

    WI को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में भारत, ईडन गार्डन्स में रचा सबसे बड़े रन चेज का विश्व रिकॉर्ड


    कोलकाता।
    भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) ने टी-20 विश्वकप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर आठ के रोमांचक मुकाबले में वेस्टइंडीज (West Indies) को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बाद भारत अंतिम चार में पहुंचने वाली चौथी और आखिरी टीम बन गया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में छठी बार है जब भारत ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया है।

    कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 195 रन बनाए। जवाब में भारत ने 4 गेंद शेष रहते 196 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। इसके साथ ही टीम इंडिया ने ईडन गार्डन्स में टी20 में सबसे बड़े सफल रन चेज का विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले यहां 158 रन का सबसे बड़ा चेज दर्ज था, जो भारत ने ही वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाया था।

    सैमसन की ऐतिहासिक पारी
    जब कप्तान सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन सस्ते में आउट हो गए, तब संजू सैमसन ने जिम्मेदारी संभाली। सैमसन ने 97 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 12 चौके और 4 छक्के शामिल थे। उन्होंने शुरुआत से अंत तक क्रीज पर टिके रहकर टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया। कप्तान सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा ने छोटी लेकिन उपयोगी पारियां खेलकर सहयोग दिया, मगर असली हीरो सैमसन ही रहे।

    शिवम दुबे के दो चौकों ने पलटा मैच
    आखिरी दो ओवरों में भारत को 17 रन की जरूरत थी। 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर हार्दिक पांड्या 17 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे दबाव बढ़ गया। इसी बीच शिवम दुबे ने क्रीज पर आते ही तीन गेंदों के भीतर दो चौके जड़ दिए। इन दो शॉट्स ने मैच का रुख बदल दिया और सैमसन पर से दबाव कम कर दिया। आखिरकार भारत ने लक्ष्य हासिल कर न सिर्फ सेमीफाइनल में जगह बनाई, बल्कि ईडन गार्डन्स में टी20 इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज भी दर्ज कर लिया।

  • भोपाल में दिव्यांग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ, सीएम डॉ. मोहन ने कहा- वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी

    भोपाल में दिव्यांग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ, सीएम डॉ. मोहन ने कहा- वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी


    भोपाल। राजधानी भोपाल में एक अनूठा और प्रेरक आयोजन शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेहरू नगर स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड में दिव्यांग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन 5 दिन तक लगातार बिना रुके क्रिकेट खेलेंगे और यह आयोजन वर्ल्ड रिकॉर्ड के आधार पर चल रहा है।

    सीएम ने खिलाड़ियों को किया प्रोत्साहित

    मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी और कहा कि दिव्यांग होने के बावजूद खिलाड़ियों ने चुनौतियों को स्वीकार कर खेल में हिस्सा लिया है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे न्यास के माध्यम से आयोजित किया गया है जिसमें मन की बात कार्यक्रम के तहत दिव्यांग क्रिकेट महोत्सव भी शामिल है। सीएम ने यह भी कहा कि 100 घंटे लगातार क्रिकेट मैच खेला जाएगा जिससे खेलों को बढ़ावा मिलेगा और प्रतिभाओं को पहचान मिलेगी।

    प्रतियोगिता का स्वरूप

    इस टूर्नामेंट में 8 राज्यों की 6 टीमें भाग ले रही हैं। कुल 100 घंटे तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में 25 टी-20 मैच दिन-रात खेले जाएंगे। खिलाड़ियों की मेहनत और जोश को देखते हुए यह आयोजन वर्ल्ड रिकॉर्ड लिंका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया गया है।

    खेल और समर्पण की मिसाल

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी शरीर की सीमाओं के बावजूद खेल के मैदान में पूरी ऊर्जा के साथ भाग ले रहे हैं। यह न केवल खेलों को बढ़ावा देगा बल्कि समाज में दिव्यांग प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संदेश भी देगा। खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण इस आयोजन को और भी खास बनाता है। यह टूर्नामेंट न केवल क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांचक साबित होगा बल्कि यह यह भी दिखाएगा कि सीमाएँ केवल मानसिक हैं और सही अवसर मिलने पर कोई भी खेल की ऊँचाइयों को छू सकता है।

  • भारत ने तोड़ा ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड, ICC टूर्नामेंट्स में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम बनी टीम इंडिया

    भारत ने तोड़ा ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड, ICC टूर्नामेंट्स में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम बनी टीम इंडिया


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया अब आईसीसी टूर्नामेंट्स में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम बन गई है। टी20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी और WTC फाइनल को मिलाकर भारत ने कुल 123 मैच जीतकर ऑस्ट्रेलिया के 122 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस उपलब्धि के साथ भारतीय टीम ने न सिर्फ अपनी निरंतरता साबित की है, बल्कि यह भी दिखाया है कि लंबे समय से वह आईसीसी टूर्नामेंट्स में कितनी मजबूत और खतरनाक टीम रही है।

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार तरीके से की। भारत ने अपने पहले मैच में यूएसए को 29 रनों से हराया और कई रिकॉर्ड्स बनाए। इस जीत के साथ भारत ICC वर्ल्ड कप में 100 जीत हासिल करने वाला दूसरा देश बन गया। वहीं ओवरऑल आईसीसी टूर्नामेंट्स की बात करें तो टीम इंडिया ने इतिहास रचते हुए ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

    ऑस्ट्रेलिया के नाम क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक 10 ICC ट्रॉफी जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। कंगारू टीम ने 6 वनडे वर्ल्ड कप, 1 टी20 वर्ल्ड कप, 2 चैंपियंस ट्रॉफी और 1 WTC का खिताब जीता है। इन 10 ट्रॉफियों के लिए उन्होंने कुल 122 मैच जीते थे। हालांकि ट्रॉफियों की संख्या में ऑस्ट्रेलिया अभी भी आगे है, लेकिन मैच जीतने के आंकड़ों में भारत अब शीर्ष पर है।

    टीम इंडिया के नाम फिलहाल 7 ICC ट्रॉफी हैं, जिसमें 2 वनडे वर्ल्ड कप, 2 टी20 वर्ल्ड कप और 3 चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं। भारत के बाद इस सूची में न्यूजीलैंड 101 जीत के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि इंग्लैंड 95, साउथ अफ्रीका 92 और पाकिस्तान 91 जीत के साथ आगे हैं। श्रीलंका 87, वेस्टइंडीज 82, बांग्लादेश 30, जिम्बाब्वे 19 और अफगानिस्तान 18 जीत के साथ सूची में शामिल हैं।

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया का अगला मैच 12 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ है। इसके बाद 15 फरवरी को टूर्नामेंट का सबसे हाईवोल्टेज मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाना है। लेकिन इस मुकाबले पर फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर दिया है। हालांकि अभी तक उन्होंने ICC को आधिकारिक तौर पर कोई पत्र नहीं भेजा है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान इस फैसले पर पुनर्विचार करेगा और मैच तय समय पर होगा।