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  • इंग्लैंड की जीत से बदली WTC Points Table की तस्वीर: पाकिस्तान की हालत खस्ता, श्रीलंका खिसका और इंग्लिश टीम ने लगाई छलांग

    इंग्लैंड की जीत से बदली WTC Points Table की तस्वीर: पाकिस्तान की हालत खस्ता, श्रीलंका खिसका और इंग्लिश टीम ने लगाई छलांग


    नई दिल्ली। इंग्लैंड ने लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान को 194 रनों से करारी शिकस्त देकर न सिर्फ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की प्वाइंट्स टेबल में भी अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। लीड्स के बाद लॉर्ड्स में लगातार दूसरी जीत दर्ज करने वाली इंग्लैंड की टीम अब डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में एक पायदान ऊपर पहुंच गई है। इस जीत के बाद इंग्लैंड का जीत प्रतिशत बढ़कर 34.44 हो गया है और टीम छठे स्थान पर पहुंच गई है। इंग्लैंड की इस छलांग का सीधा असर श्रीलंका पर पड़ा है जो एक स्थान नीचे खिसककर सातवें नंबर पर पहुंच गया है। दूसरी ओर पाकिस्तान के लिए स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और टीम महज 16.67 के जीत प्रतिशत के साथ अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर बनी हुई है।

    डब्ल्यूटीसी प्वाइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा बरकरार है। ऑस्ट्रेलियाई टीम 80 के जीत प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर मौजूद है जबकि साउथ अफ्रीका 75 प्रतिशत जीत के साथ दूसरे नंबर पर है। न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर काबिज है। बांग्लादेश 55.56 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर बना हुआ है। भारतीय टीम 51.52 प्रतिशत जीत प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर है। इंग्लैंड की लॉर्ड्स टेस्ट में जीत के बाद टेबल में एक अहम बदलाव देखने को मिला और वह श्रीलंका को पीछे छोड़ते हुए छठे स्थान पर पहुंच गई।

    लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। पहली पारी में इंग्लिश टीम ने 290 रन बनाए। इसके जवाब में पाकिस्तान की बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई और पूरी टीम सिर्फ 110 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और पहली पारी में ही मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

    इसके बाद इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 208 रन बनाए और पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 389 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम से बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों ने एक बार फिर अपना दम दिखाया। ओली रॉबिन्सन जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की शानदार गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान की दूसरी पारी भी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। पूरी टीम 194 रन पर ऑलआउट हो गई और इंग्लैंड ने 194 रनों से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन क्रिकेट मैदान पर खेला जाएगा। इंग्लैंड की नजर अब सीरीज में क्लीन स्वीप के साथ डब्ल्यूटीसी अभियान में अपनी स्थिति और मजबूत करने पर होगी जबकि पाकिस्तान के सामने वापसी की बड़ी चुनौती होगी।

  • WTC में बदला समीकरण: ऑस्ट्रेलिया नंबर-1 पर मजबूत, बांग्लादेश की हार से भारत को राहत; अब श्रीलंका टेस्ट पर नजर

    WTC में बदला समीकरण: ऑस्ट्रेलिया नंबर-1 पर मजबूत, बांग्लादेश की हार से भारत को राहत; अब श्रीलंका टेस्ट पर नजर


    नई दिल्ली। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की प्वाइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट के नतीजे का असर साफ दिखाई देने लगा है। मैके में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को पारी और 51 रन से हराकर न सिर्फ दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबर की बल्कि डब्ल्यूटीसी की तालिका में अपनी स्थिति भी और मजबूत कर ली। इस हार का सीधा फायदा भारतीय टीम को मिला है क्योंकि बांग्लादेश का जीत प्रतिशत गिर गया है और अब अगर भारत श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में जीत दर्ज करता है तो वह बांग्लादेश को पीछे छोड़कर अंक तालिका में ऊपर पहुंच सकता है। ऑस्ट्रेलिया इस समय 80 प्रतिशत जीत के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है जबकि दक्षिण अफ्रीका 75 प्रतिशत जीत के साथ दूसरे नंबर पर है। न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद है। बांग्लादेश को दूसरे टेस्ट से पहले तक 66 प्रतिशत जीत हासिल थी लेकिन ऑस्ट्रेलिया से मिली करारी हार के बाद उसका जीत प्रतिशत घटकर 55.56 हो गया है और टीम चौथे स्थान पर है।

    भारत के लिए यह स्थिति इसलिए अहम हो जाती है क्योंकि टीम इस समय श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है। पहले टेस्ट में शानदार जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम दूसरे टेस्ट में भी मजबूत स्थिति बनाने की कोशिश कर रही है। यदि टीम इंडिया कोलंबो टेस्ट अपने नाम करने में सफल रहती है तो डब्ल्यूटीसी प्वाइंट्स टेबल में उसका समीकरण और बेहतर हो सकता है। ऐसे में बांग्लादेश की हार भारतीय टीम के लिए राहत लेकर आई है। हालांकि डब्ल्यूटीसी में सिर्फ जीत ही महत्वपूर्ण नहीं होती बल्कि जीत प्रतिशत के आधार पर टीमों की स्थिति तय होती है इसलिए हर टेस्ट का परिणाम बेहद अहम माना जाता है।

    मैके में खेले गए दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआत से ही बांग्लादेश पर दबाव बनाए रखा। बांग्लादेश की पहली पारी महज 64 रन पर सिमट गई जिसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 210 रन बनाए और 146 रन की बड़ी बढ़त हासिल की। इसके बाद बांग्लादेश की दूसरी पारी भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम सिर्फ 95 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे दिन ही पारी और 51 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस मैच में मिचेल स्टार्क ऑस्ट्रेलिया की जीत के सबसे बड़े नायक रहे। उन्होंने पहली पारी में छह और दूसरी पारी में चार विकेट लेकर मैच में कुल 10 विकेट झटके।

    ऑस्ट्रेलिया की इस शानदार जीत में कप्तान पैट कमिंस और नाथन लायन ने भी अहम भूमिका निभाई। कमिंस ने दोनों पारियों में कुल छह विकेट लिए जबकि लायन ने भी महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। बांग्लादेश ने सीरीज के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से हराकर बड़ा उलटफेर किया था लेकिन दूसरे टेस्ट में कंगारू टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए मेहमान टीम को कोई मौका नहीं दिया। अब सीरीज 1-1 से बराबर हो चुकी है और डब्ल्यूटीसी की दौड़ में ऑस्ट्रेलिया ने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। वहीं भारतीय टीम की नजर अब श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के नतीजे पर है क्योंकि जीत उसे डब्ल्यूटीसी की तालिका में महत्वपूर्ण बढ़त दिला सकती है।

  • गॉल की जीत ने बढ़ाई उम्मीद लेकिन खतरा बरकरार, 8 टेस्ट में एक भी बड़ी चूक भारत का बिगाड़ सकती है पूरा खेल

    गॉल की जीत ने बढ़ाई उम्मीद लेकिन खतरा बरकरार, 8 टेस्ट में एक भी बड़ी चूक भारत का बिगाड़ सकती है पूरा खेल

    नई दिल्ली । श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में 165 रनों की शानदार जीत दर्ज कर टीम इंडिया ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त जरूर बना ली है लेकिन वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 के फाइनल की दौड़ में भारत की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। गॉल में मिली जीत से भारतीय टीम के अंक प्रतिशत में सुधार हुआ है और फाइनल की उम्मीदें भी मजबूत हुई हैं लेकिन अंक तालिका में टीम अभी पांचवें स्थान पर ही बनी हुई है। ऐसे में अब बचे हुए आठ टेस्ट मुकाबले भारत के लिए बेहद अहम हो गए हैं और फाइनल की रेस में बने रहने के लिए टीम को लगभग हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

    गॉल टेस्ट से पहले भारत ने नौ मुकाबलों में चार जीत दर्ज की थीं और उसका पॉइंट्स प्रतिशत 48.15 था। इस जीत के बाद भारत का पीसीटी बढ़कर 53.33 हो गया है। हालांकि इस सुधार के बावजूद भारतीय टीम अभी बांग्लादेश से पीछे है। बांग्लादेश ने पांच टेस्ट में तीन जीत के साथ 66.67 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं और वह चौथे स्थान पर है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 77.78 प्रतिशत के साथ तालिका में सबसे ऊपर है। दक्षिण अफ्रीका 75 प्रतिशत और न्यूजीलैंड 72.22 प्रतिशत के साथ भारत से आगे हैं। इससे साफ है कि भारत को सिर्फ अपने प्रदर्शन पर निर्भर रहने से काम नहीं चलेगा बल्कि दूसरी टीमों के नतीजे भी फाइनल की तस्वीर तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

    भारत के पास अब इस चक्र में आठ टेस्ट मैच बाकी हैं। अगर टीम इन सभी मुकाबलों में जीत दर्ज करती है तो उसका पॉइंट्स प्रतिशत करीब 74.07 तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में भारत की फाइनल में पहुंचने की संभावना बेहद मजबूत हो जाएगी। लेकिन समस्या यह है कि इन आठ मुकाबलों में एक भी हार भारत के समीकरण को काफी प्रभावित कर सकती है। एक हार की स्थिति में पीसीटी लगभग 68.52 तक गिर सकता है जबकि दो हार होने पर यह करीब 62.96 और तीन हार की स्थिति में लगभग 57.41 तक पहुंच जाएगा। यानी भारत के लिए अब हर टेस्ट का महत्व कई गुना बढ़ गया है।

    श्रीलंका के खिलाफ सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो के एसएससी मैदान पर खेला जाएगा। भारत की कोशिश इस मुकाबले को जीतकर सीरीज 2-0 से अपने नाम करने की होगी। इसके बाद टीम इंडिया के सामने न्यूजीलैंड की चुनौती होगी जहां उसे दो टेस्ट मैच खेलने हैं। न्यूजीलैंड की परिस्थितियां भारतीय टीम के लिए आसान नहीं होंगी और हाल के वर्षों में कीवी टीम ने भारत को टेस्ट क्रिकेट में कड़ी चुनौती दी है।

    इसके बाद भारत की अगली बड़ी परीक्षा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी होगी। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ घरेलू मैदान पर होने वाली यह सीरीज WTC फाइनल की दौड़ में निर्णायक साबित हो सकती है। भारत अगर ऑस्ट्रेलिया को 4-1 या 3-1 से हराने में सफल रहता है तो उसके फाइनल की राह काफी मजबूत हो जाएगी। इसके उलट सीरीज में ज्यादा नुकसान भारत के समीकरण को मुश्किल बना सकता है।

    WTC में जीत के लिए 12 अंक मिलते हैं जबकि ड्रॉ होने पर चार अंक हासिल होते हैं और हार की स्थिति में कोई अंक नहीं मिलता। यही वजह है कि भारत के लिए अब हर टेस्ट में जीत की अहमियत बढ़ गई है। गॉल की जीत ने टीम इंडिया को राहत जरूर दी है लेकिन फाइनल का टिकट अभी दूर है। आने वाले आठ टेस्ट मुकाबले अब भारत के लिए सिर्फ सीरीज जीतने की लड़ाई नहीं बल्कि WTC फाइनल में जगह बनाने की निर्णायक जंग बनने वाले हैं।

  • WTC फाइनल की रेस में भारत की अग्निपरीक्षा, अब हर मैच जीतना जरूरी; एक गलती बिगाड़ देगी पूरा गणित

    WTC फाइनल की रेस में भारत की अग्निपरीक्षा, अब हर मैच जीतना जरूरी; एक गलती बिगाड़ देगी पूरा गणित


    नई दिल्ली। वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 में भारतीय क्रिकेट टीम की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। शुरुआती मुकाबलों के बाद टीम इंडिया अंक प्रतिशत के मामले में पांचवें स्थान पर पहुंच गई है और अब उसके सामने फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए बेहद कठिन चुनौती है। भारत ने अब तक 9 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उसे 4 मुकाबलों में जीत मिली है और उसका पॉइंट्स परसेंटेज यानी पीसीटी 48.15 है। मौजूदा स्थिति में भारत बांग्लादेश से भी पीछे है। ऐसे में अब टीम इंडिया के लिए WTC का हर मुकाबला लगभग करो या मरो जैसा हो गया है।

    भारतीय टीम के पास इस चक्र में अभी 9 टेस्ट मैच बाकी हैं। अगर टीम अपने सभी बचे हुए मुकाबले जीतने में सफल रहती है तो उसका पीसीटी करीब 74.07 तक पहुंच सकता है। यह आंकड़ा उसे फाइनल की दौड़ में बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा सकता है। लेकिन समस्या यह है कि आने वाले सभी मुकाबले आसान नहीं होने वाले हैं। भारत को पहले श्रीलंका का दौरा करना है जहां दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजी हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है और गॉल की पिच पर भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा होना तय माना जा रहा है।

    श्रीलंका के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। वहां उसे दो टेस्ट मैच खेलने हैं। न्यूजीलैंड की परिस्थितियां भी भारतीय टीम के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। तेज गेंदबाजी के अनुकूल परिस्थितियों में भारतीय बल्लेबाजों को नई गेंद का सामना करना होगा। इसके बाद भारत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। ऑस्ट्रेलिया मौजूदा WTC चक्र में मजबूत टीमों में शामिल है और उसके खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज भारत के लिए सबसे बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है।

    भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा यह है कि अब एक भी हार उसके अंक प्रतिशत को काफी नीचे ला सकती है। अगर टीम अपने बचे हुए नौ मैचों में से एक मुकाबला हार जाती है तो उसका पीसीटी करीब 68.5 तक गिर सकता है। दो हार होने पर यह आंकड़ा करीब 62.9 और तीन हार की स्थिति में लगभग 57.41 तक पहुंच सकता है। ऐसे में सिर्फ एक मुकाबले का नतीजा भी फाइनल की रेस में भारत की स्थिति को काफी प्रभावित कर सकता है।

    मौजूदा अंक तालिका पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलिया 87.50 पीसीटी के साथ शीर्ष पर है। दक्षिण अफ्रीका 75 पीसीटी के साथ दूसरे जबकि न्यूजीलैंड 72.22 के साथ तीसरे स्थान पर है। बांग्लादेश 58.33 पीसीटी के साथ भारत से आगे है। इसका मतलब साफ है कि भारत को अपने बचे हुए मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करने के साथ साथ दूसरी टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी। अगर शीर्ष टीमों में से कोई लगातार अंक गंवाती है तो भारत को उसका फायदा मिल सकता है।

    WTC में जीत के लिए 12 अंक मिलते हैं जबकि ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को 4-4 अंक दिए जाते हैं और हारने वाली टीम को कोई अंक नहीं मिलता। अंक प्रतिशत की यही व्यवस्था टीमों की अंतिम स्थिति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए भारत के लिए अब ड्रॉ भी उतना फायदेमंद नहीं होगा जितनी लगातार जीत होगी।

    शुभमन गिल की अगुआई वाली भारतीय टीम के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती जीत की लय कायम रखने की है। श्रीलंका में दो टेस्ट से लेकर न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मुकाबलों तक टीम को लगातार दबाव में खेलना होगा। भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा जबकि गेंदबाजों को भी हर मैच में निर्णायक प्रदर्शन करना होगा।

    कुल मिलाकर WTC 2025-27 में भारत के लिए तस्वीर बिल्कुल साफ है। फाइनल में पहुंचने का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है लेकिन गलती की गुंजाइश बेहद कम बची है। भारत अगर अपने बचे हुए नौ टेस्ट में लगातार जीत दर्ज करता है तो फाइनल की उम्मीद मजबूत रहेगी लेकिन हार की संख्या बढ़ते ही समीकरण मुश्किल होता जाएगा। अब टीम इंडिया के सामने हर टेस्ट सिर्फ एक मुकाबला नहीं बल्कि WTC फाइनल की ओर बढ़ने का एक बड़ा कदम होगा।

  • पाकिस्तान की जीत से बदला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का गणित, वेस्टइंडीज को झटका

    पाकिस्तान की जीत से बदला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का गणित, वेस्टइंडीज को झटका


    नई दिल्ली। पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 विकेट से जीत दर्ज की और इसके साथ ही आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भी महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। इस जीत का सीधा फायदा पाकिस्तान को रैंकिंग में मिला और टीम एक स्थान ऊपर चढ़कर आठवें स्थान पर पहुंच गई। दूसरी ओर इस हार का खामियाजा वेस्टइंडीज को भुगतना पड़ा और कैरेबियाई टीम एक पायदान नीचे खिसककर नौवें यानी अंतिम स्थान पर पहुंच गई।

    पाकिस्तान के लिए यह जीत कई मायनों में खास रही। टीम ने न केवल तीन साल बाद विदेशी सरजमीं पर टेस्ट मैच जीता बल्कि डब्ल्यूटीसी में अपनी स्थिति भी मजबूत की। अब तक खेले गए छह टेस्ट मैचों में पाकिस्तान ने दो मुकाबलों में जीत दर्ज की है जबकि चार मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। इस जीत के बाद टीम का जीत प्रतिशत बढ़कर 22.22 हो गया है जिससे उसे अंक तालिका में लाभ मिला। दूसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान सबसे निचले स्थान पर था लेकिन अब उसने वेस्टइंडीज को पीछे छोड़ दिया है।

    वेस्टइंडीज की स्थिति इस हार के बाद और कमजोर हो गई है। टीम ने डब्ल्यूटीसी चक्र में अब तक 12 टेस्ट मुकाबले खेले हैं जिनमें केवल दो जीत दर्ज कर सकी है जबकि आठ मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। टीम का जीत प्रतिशत अब 20.83 रह गया है और इसी वजह से वह अंक तालिका में अंतिम स्थान पर पहुंच गई है। लगातार खराब प्रदर्शन ने कैरेबियाई टीम के लिए आगे की राह और कठिन बना दी है।

    मुकाबले की बात करें तो वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 344 रन बनाए थे और मजबूत शुरुआत की थी। इसके जवाब में पाकिस्तान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 387 रन बनाए और 43 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। पहली पारी में मिली यही बढ़त अंत में निर्णायक साबित हुई। दूसरी पारी में पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखेर दी।

    वेस्टइंडीज दूसरी पारी में केवल 117 रन पर सिमट गई। टीम के पांच बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। पाकिस्तान की ओर से अली उस्मान और साजिद खान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार चार विकेट अपने नाम किए। दोनों स्पिनरों ने लगातार दबाव बनाकर कैरेबियाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और पूरी टीम को जल्दी समेट दिया।

    75 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत भले ही थोड़ी धीमी रही लेकिन टीम ने बिना किसी परेशानी के केवल दो विकेट खोकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। कप्तान बाबर आजम और अब्दुल्ला शफीक दोनों 24 24 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि अजान अवैस ने 18 रन का योगदान दिया। इमाम उल हक 9 रन बनाकर आउट हुए लेकिन तब तक जीत लगभग तय हो चुकी थी।

    यह जीत पाकिस्तान के आत्मविश्वास के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि टीम ने जुलाई 2023 के बाद पहली बार विदेशी धरती पर टेस्ट मुकाबला जीता है। इससे पहले पाकिस्तान ने श्रीलंका में आखिरी विदेशी टेस्ट जीत दर्ज की थी। बाबर आजम की कप्तानी में मिली इस सफलता ने टीम को नई ऊर्जा दी है और डब्ल्यूटीसी की अंक तालिका में भी उसकी स्थिति पहले से बेहतर हो गई है।

  • WTC 2025-27 अंकतालिका: जीत के बावजूद वेस्टइंडीज को नहीं मिला फायदा, पाकिस्तान सबसे आखिरी पायदान पर

    WTC 2025-27 अंकतालिका: जीत के बावजूद वेस्टइंडीज को नहीं मिला फायदा, पाकिस्तान सबसे आखिरी पायदान पर

    नई दिल्ली ।  वेस्टइंडीज ने पहले टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 90 रन से हराकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। हालांकि इस अहम जीत के बावजूद कैरेबियाई टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंकतालिका में कोई बड़ा फायदा नहीं मिला और वह आठवें स्थान पर ही बनी हुई है। दूसरी ओर पाकिस्तान की लगातार खराब फॉर्म ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। चौथी हार के बाद टीम अंकतालिका में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई है।

    वेस्टइंडीज ने मौजूदा WTC चक्र में अब तक 11 टेस्ट मुकाबले खेले हैं, जिनमें उसे केवल दो जीत मिली हैं, जबकि सात मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। इस प्रदर्शन के बाद टीम का जीत प्रतिशत 22.73 हो गया है। दूसरी ओर पाकिस्तान ने अब तक पांच टेस्ट खेले हैं, जिनमें सिर्फ एक जीत दर्ज कर सका है। चार हार के साथ उसका जीत प्रतिशत महज 6.67 रह गया है, जो सभी टीमों में सबसे कम है।

    अंकतालिका में ऑस्ट्रेलिया अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए शीर्ष स्थान पर कायम है। टीम ने आठ टेस्ट मैचों में सात जीत हासिल की हैं और उसका जीत प्रतिशत 87.50 है। दक्षिण अफ्रीका चार मैचों में तीन जीत के साथ 75 प्रतिशत जीत दर लेकर दूसरे स्थान पर है। न्यूजीलैंड छह मैचों में चार जीत और एक हार के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है। बांग्लादेश 58.33 प्रतिशत जीत दर के साथ चौथे स्थान पर है, जबकि भारत नौ टेस्ट में चार जीत और 48.15 प्रतिशत जीत के साथ पांचवें स्थान पर मौजूद है।

    पहले टेस्ट में पाकिस्तान को जीत के लिए 211 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन उसकी बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। पूरी टीम दूसरी पारी में केवल 120 रन पर सिमट गई। कप्तान बाबर आजम ने सबसे अधिक 58 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से किसी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। पाकिस्तान के आठ बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके।

    वेस्टइंडीज की जीत के नायक तेज गेंदबाज जयडेन सील्स रहे, जिन्होंने दूसरी पारी में 20 रन देकर पांच विकेट झटके। केमार रोच और जस्टिन ग्रीव्स ने भी दो-दो विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इससे पहले वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 311 रन बनाए थे, जिसके जवाब में पाकिस्तान 282 रन पर ऑलआउट हो गया। दूसरी पारी में कैरेबियाई टीम ने 181 रन बनाकर पाकिस्तान के सामने 211 रन का लक्ष्य रखा था, जिसे मेहमान टीम हासिल नहीं कर सकी।

    इस जीत से वेस्टइंडीज ने सीरीज में बढ़त तो बना ली है, लेकिन WTC अंकतालिका में उसकी स्थिति फिलहाल नहीं बदली है। वहीं पाकिस्तान के लिए अब अगला टेस्ट मुकाबला केवल सीरीज बचाने ही नहीं, बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में अपनी स्थिति सुधारने के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण होगा।

  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे इबादत हुसैन, पारिवारिक कारणों से लिया बड़ा फैसला

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे इबादत हुसैन, पारिवारिक कारणों से लिया बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले बांग्लादेश क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज इबादत हुसैन इस महत्वपूर्ण दौरे का हिस्सा नहीं होंगे। पारिवारिक कारणों की वजह से उन्होंने खुद को इस सीरीज से अलग रखने का फैसला किया है। उनकी पत्नी जल्द ही अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली हैं और इसी खास मौके पर परिवार के साथ रहने को प्राथमिकता देते हुए इबादत ने राष्ट्रीय टीम से अस्थायी दूरी बनाई है। ऐसे में बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अपने प्रमुख तेज गेंदबाज के बिना मैदान में उतरना पड़ेगा।

    बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 13 अगस्त से डार्विन में होगी जबकि दूसरा मुकाबला 22 अगस्त से खेला जाएगा। यह सीरीज आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है इसलिए दोनों टीमों के लिए हर मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। इबादत हुसैन की गैरमौजूदगी बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी आक्रमण को कमजोर कर सकती है क्योंकि वह नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं और विदेशी परिस्थितियों में भी प्रभावी प्रदर्शन कर चुके हैं।

    इधर टीम के एक अन्य प्रमुख तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने भी बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे की बेहतर तैयारी के लिए लंका प्रीमियर लीग से अपना नाम वापस ले लिया है। तस्कीन का मानना है कि यदि वह लीग क्रिकेट खेलते तो टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खेलने का अवसर बार बार नहीं मिलता इसलिए उन्होंने फ्रेंचाइजी क्रिकेट की बजाय राष्ट्रीय टीम को प्राथमिकता दी।

    तस्कीन ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीएल से हटने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है लेकिन देश के लिए खेलने और टेस्ट क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि अच्छी तैयारी के साथ मैदान में उतरना टीम के हित में होगा और यही फैसला भविष्य में बेहतर परिणाम देने में मदद करेगा।

    उधर बांग्लादेश टीम की चिंता केवल इबादत हुसैन तक सीमित नहीं है। तेज गेंदबाज नाहिद राणा की फिटनेस पर भी संशय बना हुआ है। उनकी चोट का स्कैन कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि वह पहले टेस्ट में खेल पाएंगे या नहीं। इसके अलावा अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास भी पिंडली की चोट से उबर रहे हैं। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि वह समय रहते पूरी तरह फिट होकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान में उतरेंगे।

    बांग्लादेश की टीम अगले महीने की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया पहुंचेगी जहां 3 अगस्त से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेला जाएगा। इस मुकाबले के जरिए खिलाड़ी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की कोशिश करेंगे। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज बांग्लादेश के लिए बड़ी चुनौती होगी और टीम चाहेगी कि उपलब्ध खिलाड़ियों के दम पर मजबूत प्रदर्शन कर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अहम अंक हासिल किए जा सकें।