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  • मोहम्मद शमी की टीम इंडिया में वापसी पर जहीर खान ने दिया बड़ा संकेत, 2027 वर्ल्ड कप को लेकर चयनकर्ताओं को समझाया नजरिया

    मोहम्मद शमी की टीम इंडिया में वापसी पर जहीर खान ने दिया बड़ा संकेत, 2027 वर्ल्ड कप को लेकर चयनकर्ताओं को समझाया नजरिया

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को राष्ट्रीय टीम की योजनाओं से बाहर रखे जाने को लेकर चर्चा लगातार बनी हुई है। घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करने के बावजूद टीम में जगह नहीं मिलने के बीच पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान ने शमी के समर्थन में अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि भारत को 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों में शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज के अनुभव का इस्तेमाल करना चाहिए।

    जहीर खान का मानना है कि शमी को बाहरी चर्चाओं और टीम में चयन से जुड़ी परिस्थितियों पर अधिक ध्यान देने के बजाय अपने प्रदर्शन पर फोकस बनाए रखना चाहिए। उनके अनुसार, किसी खिलाड़ी के नियंत्रण में सबसे महत्वपूर्ण चीज उसका प्रदर्शन होता है। इसलिए शमी को लगातार मैच खेलकर विकेट हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए।

    जहीर ने कहा कि अगर शमी नियमित रूप से क्रिकेट खेल रहे हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, तो वह 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए उपलब्ध विकल्प हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि घरेलू क्रिकेट में मजबूत प्रदर्शन करने वाले अनुभवी खिलाड़ी को राष्ट्रीय टीम की भविष्य की योजनाओं में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

    मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से अपनी तेज गेंदबाजी और नई गेंद से विकेट लेने की क्षमता के लिए पहचाने जाते रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके अनुभव को देखते हुए आगामी बड़े टूर्नामेंट के लिए उनकी संभावित भूमिका को लेकर चर्चा स्वाभाविक है। जहीर खान के बयान ने इसी बहस को और प्रमुखता दी है।

    जहीर के मुताबिक, यदि कोई अनुभवी खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो चयनकर्ताओं को उसके प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि टीम प्रबंधन को भविष्य की योजनाएं बनाते समय ऐसे खिलाड़ियों के अनुभव को ध्यान में रखना उपयोगी हो सकता है।

    2027 का वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका में आयोजित होना है। इस टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम के पास अपनी गेंदबाजी इकाई तैयार करने के लिए पर्याप्त समय है। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के बीच सही संतुलन बनाने की चुनौती भी रहेगी।

    जहीर ने शमी को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें उन चीजों पर ध्यान देना चाहिए जो उनके नियंत्रण में हैं। चयन को लेकर होने वाली चर्चा खिलाड़ी के हाथ में नहीं होती, लेकिन मैदान पर प्रदर्शन और फिटनेस बनाए रखना उसके नियंत्रण में रहता है। लगातार अच्छा प्रदर्शन करने से राष्ट्रीय टीम में वापसी की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।

    शमी के लिए घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राष्ट्रीय चयन के दौरान मौजूदा फॉर्म और फिटनेस जैसे पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाता है। जहीर की राय में यदि शमी प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेल रहे हैं और विकेट हासिल कर रहे हैं, तो उनकी उपलब्धता को भारतीय टीम की योजनाओं में गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

    पूर्व तेज गेंदबाज की इस टिप्पणी से 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम की संभावित गेंदबाजी रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भारत के सामने आने वाले वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबले और आईसीसी प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका और युवा गेंदबाजों को तैयार करने के बीच संतुलन अहम होगा।

    फिलहाल अंतिम फैसला चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को करना है। शमी की वापसी उनकी फिटनेस, प्रदर्शन और टीम की जरूरतों समेत कई पहलुओं पर निर्भर करेगी। हालांकि जहीर खान की टिप्पणी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट के अनुभवी खिलाड़ियों में से एक को 2027 वर्ल्ड कप की योजनाओं में शामिल किए जाने की संभावना पर चर्चा जारी है।

  • फुटबॉल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय हुआ खत्म, फ्रेंको बारेसी के निधन पर दुनिया भर में शोक

    फुटबॉल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय हुआ खत्म, फ्रेंको बारेसी के निधन पर दुनिया भर में शोक


    नई दिल्ली। विश्व फुटबॉल के इतिहास में जब भी महान डिफेंडरों का नाम लिया जाएगा तब फ्रेंको बारेसी का नाम हमेशा सबसे सम्मान के साथ लिया जाएगा। इटली के पूर्व कप्तान और एसी मिलान की पहचान बन चुके फ्रेंको बारेसी का 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों खिलाड़ियों और खेल विशेषज्ञों में शोक की लहर दौड़ गई। एसी मिलान ने आधिकारिक बयान जारी कर अपने सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल बारेसी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और कहा कि क्लब ने सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं बल्कि अपनी आत्मा को खो दिया है।

    फ्रेंको बारेसी का पूरा करियर समर्पण अनुशासन और वफादारी का प्रतीक रहा। ऐसे दौर में जब खिलाड़ी बेहतर अनुबंध और बड़ी रकम के लिए क्लब बदलते रहते हैं तब बारेसी ने अपने पूरे पेशेवर करियर में केवल एसी मिलान की जर्सी पहनी। उन्होंने 1974 में क्लब की युवा अकादमी से सफर शुरू किया और 1978 में सीनियर टीम में पदार्पण किया। इसके बाद लगभग दो दशकों तक उन्होंने एसी मिलान की रक्षा पंक्ति को मजबूती प्रदान की और क्लब को कई ऐतिहासिक सफलताएं दिलाईं।

    महज 22 वर्ष की उम्र में उन्हें टीम का कप्तान बना दिया गया था। कप्तान के रूप में उन्होंने अपने नेतृत्व कौशल से पूरी टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। एसी मिलान के लिए उन्होंने 719 मुकाबले खेले जो लंबे समय तक क्लब का रिकॉर्ड रहा। उनके सम्मान में क्लब ने उनकी प्रतिष्ठित नंबर 6 जर्सी को हमेशा के लिए रिटायर कर दिया जो किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है।

    फ्रेंको बारेसी ने डिफेंडर की भूमिका को नई पहचान दी। उनकी बेहतरीन पोजिशनिंग खेल को पढ़ने की क्षमता और शांत स्वभाव उन्हें दुनिया के बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता था। पाओलो माल्डिनी माउरो टैसोटी और एलेसांद्रो कोस्टाकुर्ता के साथ उन्होंने ऐसी रक्षापंक्ति बनाई जिसे फुटबॉल इतिहास की सबसे मजबूत डिफेंस लाइन में गिना जाता है। उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत एसी मिलान ने छह सीरी ए खिताब और तीन यूरोपीय कप जीतकर यूरोपीय फुटबॉल में अपना दबदबा कायम किया।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनका योगदान बेहद यादगार रहा। वे 1982 में विश्व कप जीतने वाली इटली की टीम का हिस्सा थे। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय टीम की कप्तानी भी संभाली और 1994 फीफा विश्व कप में इटली को फाइनल तक पहुंचाया। हालांकि ब्राजील के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार के कारण उनका दूसरा विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया लेकिन उनके प्रदर्शन की आज भी मिसाल दी जाती है।

    पिछले वर्ष उनके फेफड़े में गांठ मिलने के बाद सर्जरी हुई थी लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी नहीं बनाई। वे लगातार एसी मिलान के मुकाबलों में दिखाई देते रहे और खेल से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते रहे। हाल ही में आयोजित विंटर ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में भी उन्होंने मशाल लेकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी।

    फ्रेंको बारेसी सिर्फ एक महान फुटबॉलर नहीं बल्कि अनुशासन समर्पण और खेल भावना की जीवंत मिसाल थे। उन्होंने यह साबित किया कि महान खिलाड़ी केवल ट्रॉफियों से नहीं बल्कि अपने चरित्र और मूल्यों से भी पहचाने जाते हैं। उनका जाना फुटबॉल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है लेकिन उनकी उपलब्धियां और प्रेरणादायक विरासत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेंगी।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड का धमाका: नॉर्वे को हराकर सेमीफाइनल में मारी एंट्री, जूड बेलिंगहैम ने दागे दो ऐतिहासिक गोल

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड का धमाका: नॉर्वे को हराकर सेमीफाइनल में मारी एंट्री, जूड बेलिंगहैम ने दागे दो ऐतिहासिक गोल

    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट चरण में फुटबॉल जगत का एक बड़ा उलटफेर और रोमांचक मुकाबला देखने को मिला है। स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम के असाधारण और दमदार प्रदर्शन के दम पर इंग्लैंड की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने नॉर्वे को शिकस्त देकर फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में शान से प्रवेश कर लिया है। इस खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड की जीत के सबसे बड़े नायक जूड बेलिंगहैम रहे, जिन्होंने मैच के बेहद दबाव वाले क्षणों में दो बेहतरीन गोल दागकर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित की। इस हार के साथ ही नॉर्वे का विश्व कप का सफर क्वार्टर फाइनल में ही समाप्त हो गया है।

    मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। नॉर्वे की टीम ने अपने मजबूत डिफेंस और आक्रामक विंगर्स के दम पर शुरुआती हाफ में इंग्लैंड के फॉरवर्ड लाइन को काफी परेशान किया। हालांकि, खेल के आगे बढ़ने के साथ ही इंग्लिश टीम ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत करना शुरू कर दी। मध्यक्रम में खेलते हुए जूड बेलिंगहैम ने न केवल नॉर्वे के आक्रमण को विफल किया, बल्कि इंग्लैंड के लिए लगातार गोल करने के बेहतरीन मौके भी बनाए। उनके इस आक्रामक खेल का नॉर्वे के पास कोई जवाब नहीं था।

    हाफ टाइम के बाद मैच का रोमांच चरम पर पहुंच गया, जब बेलिंगहैम ने विपक्षी टीम के डिफेंस को छकाते हुए पहला शानदार मैदानी गोल दागा और इंग्लैंड को बढ़त दिला दी। इसके कुछ ही समय बाद नॉर्वे ने भी पलटवार करने की कोशिश की, लेकिन बेलिंगहैम के रणनीतिक खेल और दूसरे निर्णायक गोल ने नॉर्वे की वापसी की उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया। इस पूरे मुकाबले में बेलिंगहैम का फुटवर्क और मैदान पर उनकी सूझबूझ अद्भुत रही, जिसके लिए उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया।

    इंग्लैंड के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह एक बेहद ऐतिहासिक और भावुक कर देने वाला क्षण है, क्योंकि टीम लंबे समय बाद विश्व कप के इतने करीब पहुंची है। टीम के मुख्य कोच ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जूड बेलिंगहैम की जमकर तारीफ की और कहा कि बेलिंगहैम ने न केवल अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि एक सच्चे लीडर की तरह पूरी टीम को एकजुट रखकर सेमीफाइनल का टिकट दिलाया। कतर विश्व कप की कड़वी यादों को पीछे छोड़ते हुए अब इंग्लिश टीम इस बार खिताब अपने नाम करने के लिए प्रबल दावेदार मानी जा रही है।

    दूसरी ओर, इस हार से नॉर्वे के खेमे में मायूसी छा गई है, लेकिन टूर्नामेंट में उनके जुझारू प्रदर्शन की हर तरफ सराहना हो रही है। अब सभी फुटबॉल प्रेमियों की नजरें आगामी सेमीफाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां इंग्लैंड का सामना दुनिया की अन्य दिग्गज टीमों से होगा। खेल समीक्षकों का मानना है कि यदि जूड बेलिंगहैम का यह शानदार फॉर्म आगे भी जारी रहता है, तो इंग्लैंड को इस साल विश्व चैंपियन बनने से रोकना किसी भी टीम के लिए बेहद मुश्किल चुनौती साबित होने वाला है।

  • महिला क्रिकेट के एक स्वर्णिम युग का अंत: इंग्लैंड की विश्व विजेता कप्तान हीदर नाइट ने किया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान

    महिला क्रिकेट के एक स्वर्णिम युग का अंत: इंग्लैंड की विश्व विजेता कप्तान हीदर नाइट ने किया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान

    नई दिल्ली । महिला क्रिकेट जगत से एक बेहद भावुक और बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ इंग्लैंड की महान और दिग्गज क्रिकेटर हीदर नाइट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। भारत के खिलाफ ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान पर खेला जा रहा महिला टेस्ट मैच उनके 16 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मुकाबला साबित होने जा रहा है। उनके साथ ही इंग्लैंड की एक और अनुभवी खिलाड़ी टैमी ब्यूमोंट भी इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच की समाप्ति के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को हमेशा के लिए अलविदा कह देंगी। इस तरह इंग्लैंड महिला क्रिकेट के एक बेहद सफल और स्वर्णिम युग का समापन हो रहा है।

    हीदर नाइट ने साल 2010 में इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए पदार्पण किया था और तब से लेकर अब तक वे टीम के मध्यक्रम की सबसे मजबूत रीढ़ बनी रहीं। उन्होंने अपने करियर में तीनों प्रारूपों को मिलाकर कुल 320 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने 7,994 रन बनाए। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 6 शानदार शतक और 42 अर्धशतक दर्ज हैं, जबकि अपनी उपयोगी गेंदबाजी के दम पर उन्होंने 84 विकेट भी चटकाए हैं। वह इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली महिला क्रिकेटर हैं। साल 2020 में उन्होंने टी20 विश्व कप में शतक जड़कर क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में शतक लगाने वाली इंग्लैंड की पहली महिला खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया था।

    नाइट के पूरे क्रिकेटिंग सफर का सबसे ऐतिहासिक और यादगार पल साल 2017 में आया था। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए महिला वनडे विश्व कप के बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम का सपना तोड़ते हुए विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। उन्होंने साल 2016 में दिग्गज खिलाड़ी चार्लोट एडवर्ड्स के बाद टीम की कमान संभाली थी और साल 2025 तक कुल 199 मैचों में इंग्लैंड का नेतृत्व किया, जिसमें से टीम ने 134 मुकाबलों में जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली एशेज सीरीज में पराजय के बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ दी थी।

    अपने संन्यास की घोषणा करते हुए हीदर नाइट बेहद भावुक नजर आईं और उन्होंने कहा कि पिछले 16 वर्षों की यह यात्रा उनके लिए किसी सौभाग्य से कम नहीं रही है। उन्होंने इस सफर में मिले अनुभवों, यादों और ड्रेसिंग रूम के साथियों का आभार व्यक्त किया। पिछले कुछ वर्षों में नाइट को गंभीर चोटों का भी सामना करना पड़ा, जिसमें साल 2024 के टी20 विश्व कप के दौरान पिंडली की चोट और साल 2025 में हैमस्ट्रिंग टेंडन की गंभीर चोट शामिल थी। इन बाधाओं के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी की और हालिया टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 58 रनों की जुझारू पारी खेलकर अपनी टीम को संकट से निकाला था।

    इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की मैनेजिंग डायरेक्टर क्लेयर कॉनर और चेयरमैन रिचर्ड थॉम्पसन ने हीदर नाइट के योगदान को असाधारण बताते हुए उनकी प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता की जमकर सराहना की है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद हीदर नाइट अब खेल प्रशासनिक भूमिका में कदम रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्हें द हंड्रेड टूर्नामेंट की प्रसिद्ध टीम ‘लंदन स्पिरिट’ का नया जनरल मैनेजर नियुक्त किया गया है, जिसकी जिम्मेदारी वे जुलाई के अंत में शुरू होने वाले नए सीजन से संभालेंगी।

  • फिलाडेल्फिया में फ्रांस का जलवा एम्बाप्पे के दो गोल से नॉकआउट में एंट्री

    फिलाडेल्फिया में फ्रांस का जलवा एम्बाप्पे के दो गोल से नॉकआउट में एंट्री


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस ने एक बार फिर अपना दमखम दिखाते हुए इराक को 3 0 से हराकर नॉकआउट राउंड में जगह पक्की कर ली। फिलाडेल्फिया में खेले गए इस मुकाबले में बारिश और खराब मौसम भी खेल का रोमांच कम नहीं कर सके और पूरे मैच में फ्रांस का दबदबा बना रहा। इस जीत के सबसे बड़े हीरो रहे Kylian Mbappé जिन्होंने दो गोल दागकर टीम को आसान जीत दिलाई।

    मैच की शुरुआत से ही फ्रांस ने आक्रामक खेल दिखाया। एम्बाप्पे ने 14वें मिनट में पहला गोल कर टीम को बढ़त दिला दी। इसके बाद इराक की टीम संभलने की कोशिश करती रही लेकिन फ्रांस का दबाव लगातार बढ़ता गया। दूसरे हाफ में 54वें मिनट में एम्बाप्पे ने एक और गोल कर स्कोर 2 0 कर दिया। यह गोल इराकी डिफेंडर की गलती का फायदा उठाकर किया गया, जिसमें एम्बाप्पे ने अपनी तेज रफ्तार और सटीक फिनिशिंग का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

    इसके बाद उस्मान डेम्बेले ने तीसरा गोल कर फ्रांस की जीत पर मुहर लगा दी। इस जीत के साथ फ्रांस ने न केवल नॉकआउट राउंड में जगह बनाई बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वह इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत दावेदार टीमों में शामिल है।

    यह मुकाबला मौसम की वजह से भी चर्चा में रहा। पहले हाफ के बाद तेज बारिश और तूफान की चेतावनी के चलते मैच को करीब दो घंटे तक रोकना पड़ा। मैदान पर पानी भर जाने के कारण खेल दोबारा शुरू कराना चुनौतीपूर्ण रहा लेकिन ग्राउंड स्टाफ की मेहनत के बाद मैच फिर से शुरू हुआ और फ्रांस ने अपनी लय बनाए रखी।

    इस मुकाबले में एम्बाप्पे के लिए यह और भी खास रहा क्योंकि यह उनका 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच था। अपने करियर के इस अहम पड़ाव पर उन्होंने दो गोल कर इसे यादगार बना दिया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व कप में अपने गोलों की संख्या 16 तक पहुंचा दी और कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया।

    एम्बाप्पे ने इस उपलब्धि के साथ जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज की बराबरी कर ली और ब्राजील के दिग्गज रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया। अब उनसे आगे केवल अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी हैं जिनके नाम 18 विश्व कप गोल दर्ज हैं।

    इराक की टीम के लिए यह मैच निराशाजनक रहा। टीम के प्रमुख स्ट्राइकर अयमेन हुसैन चोट के कारण मैदान छोड़ने को मजबूर हुए जिससे टीम की आक्रामक क्षमता कमजोर पड़ गई। इराक के लिए यह विश्व कप में सिर्फ दूसरा ही मौका था और इस हार के बाद उनका आगे का सफर काफी मुश्किल हो गया है।

    दूसरी ओर ग्रुप I से नॉर्वे ने भी नॉकआउट में जगह बना ली है। इस ग्रुप में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा जिसमें नॉर्वे ने सेनेगल को 3 2 से हराया। नॉर्वे की जीत में एर्लिंग हालैंड ने दो गोल दागे जबकि मार्कस पेडरसन ने एक गोल किया। सेनेगल की ओर से इस्माइला सार ने दोनों गोल किए।

    इस तरह फ्रांस और नॉर्वे दोनों ने नॉकआउट में प्रवेश कर लिया है और अब आगे के मुकाबलों में खिताब की दौड़ और भी दिलचस्प हो गई है।

  • ऑस्ट्रिया पर जीत के साथ मेसी ने रचा इतिहास वर्ल्ड कप के सर्वाधिक गोल का नया कीर्तिमान

    ऑस्ट्रिया पर जीत के साथ मेसी ने रचा इतिहास वर्ल्ड कप के सर्वाधिक गोल का नया कीर्तिमान


    नई दिल्ली। डलास में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप मुकाबले में अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को 2 0 से हराकर नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। इस मुकाबले में सबसे बड़ा आकर्षण लियोनेल मेसी रहे जिन्होंने दो गोल करके इतिहास रच दिया। इसी प्रदर्शन के साथ Lionel Messi ने वर्ल्ड कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

    मैच की शुरुआत में अर्जेंटीना को पेनल्टी का मौका मिला। लॉटारो मार्टिनेज को बॉक्स के अंदर फाउल किया गया था। पूरे स्टेडियम में उम्मीद थी कि मेसी इस मौके को गोल में बदल देंगे लेकिन उनकी किक गोल पोस्ट से बाहर चली गई। इस चूक के बाद कुछ पल के लिए मैच का माहौल बदल गया और ऑस्ट्रिया की टीम को राहत मिली।

    हालांकि मेसी का खेल यहां से और खतरनाक हो गया। उन्होंने पहले हाफ के अंत से ठीक पहले गेंद को बॉक्स के किनारे लिया और शानदार नियंत्रण के साथ गोलकीपर के ऊपर से गेंद को नेट में पहुंचा दिया। यह गोल न केवल खूबसूरत था बल्कि ऐतिहासिक भी था क्योंकि इसी के साथ उन्होंने वर्ल्ड कप में सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

    इस मैच में अर्जेंटीना की टीम ने मजबूत संतुलन दिखाया। मिडफील्ड में लगातार पासिंग और तेज मूवमेंट से टीम ने ऑस्ट्रिया पर दबाव बनाए रखा। ऑस्ट्रिया ने भी कुछ आक्रामक प्रयास किए लेकिन अर्जेंटीना के डिफेंस और गोलकीपर ने उन्हें सफल नहीं होने दिया।

    दूसरे हाफ में ऑस्ट्रिया ने वापसी की कोशिश की। फ्री किक और तेज काउंटर अटैक से उन्होंने अर्जेंटीना की रक्षा को चुनौती दी। लेकिन कप्तान मेसी लगातार टीम को आगे बढ़ाते रहे और मैच पर पकड़ बनाए रखी।

    स्टॉपेज टाइम में मेसी ने अपना दूसरा गोल भी दाग दिया। इस बार उन्होंने राइट साइड से अंदर की ओर ड्रिबल करते हुए गेंद को गोल की ओर भेजा। पहले शॉट को उनके साथी खिलाड़ी जूलियन अल्वारेज पूरा नहीं कर सके लेकिन गेंद रिबाउंड हुई और मेसी ने तुरंत मौके का फायदा उठाकर उसे नेट में डाल दिया। यह उनका इस टूर्नामेंट में दूसरा गोल था और कुल मिलाकर वर्ल्ड कप में 18वां गोल भी बन गया।

    मैच खत्म होते ही स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने मेसी के नाम के नारे लगाए। अर्जेंटीना की यह लगातार दूसरी जीत थी जिससे टीम ने बिना किसी हार के नॉकआउट में प्रवेश किया। इस प्रदर्शन के बाद टीम को टूर्नामेंट की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल माना जा रहा है।

    अर्जेंटीना अब अपना अगला ग्रुप मैच 27 जून को जॉर्डन के खिलाफ खेलेगा। टीम का लक्ष्य लगातार जीत के साथ आगे बढ़ते हुए खिताब बचाने का है।

  • श्री चरणी और शेफाली की फिरकी में उलझा नीदरलैंड, भारत ने 209 रन बनाकर दर्ज की टूर्नामेंट की लगातार दूसरी जीत

    श्री चरणी और शेफाली की फिरकी में उलझा नीदरलैंड, भारत ने 209 रन बनाकर दर्ज की टूर्नामेंट की लगातार दूसरी जीत

    नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। टूर्नामेंट के अपने दूसरे मुकाबले में भारत ने नीदरलैंड को 95 रनों के बड़े अंतर से हराकर अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज की। बुधवार को लीड्स के मैदान पर खेले गए इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में नीदरलैंड की पूरी टीम 17.3 ओवरों में महज 114 रनों पर ही सिमट गई।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने बेहद आक्रामक और मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने डच गेंदबाजों की जमकर खबर ली और पहले विकेट के लिए 90 से अधिक रनों की बेहतरीन साझेदारी की। शेफाली वर्मा ने शानदार फॉर्म दिखाते हुए मात्र 32 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, हालांकि वह 38 गेंदों में 55 रन बनाकर हीदर साइगर्स का शिकार बनीं। दूसरी छोर पर जमीं उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने भी कप्तानी पारी खेली और 47 गेंदों में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से 74 रनों की धुआंधार पारी खेली।

    मध्यक्रम में जेमिमा रोड्रिग्स ने 14 गेंदों में 23 रनों का उपयोगी योगदान दिया, जबकि यास्तिका भाटिया सिर्फ 3 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। अंतिम ओवरों में ऋचा घोष और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के स्कोर को 200 के पार पहुँचाया। भारतीय टीम का यह स्कोर महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में उसका अब तक का सर्वोच्च स्कोर है, जबकि विश्व कप इतिहास में यह किसी भी टीम द्वारा बनाया गया तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। नीदरलैंड की ओर से गेंदबाजी करते हुए कैरोलीन डी लैंग ने दो विकेट चटकाए, जबकि आइरिस विलिंग, हीदर साइगर्स और मायरेथ वैन डेन रॉड को एक-एक सफलता मिली।

    210 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सधे हुए आक्रमण के सामने शुरू से ही दबाव में नजर आई। सलामी बल्लेबाज हीदर साइगर्स ने 21 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन भारतीय तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने उन्हें स्मृति मंधाना के हाथों कैच कराकर नीदरलैंड को पहला झटका दिया। इसके बाद डच टीम की पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण नीदरलैंड की टीम कभी भी आवश्यक रन रेट के करीब नहीं पहुंच सकी। फीबी मोलकेन्बोर और स्टेयर कैलिस के सस्ते में आउट होने के बाद कप्तान बैबेट डी लीड और रॉबिन रिज्क भी क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिक सकीं।

    भारत की इस ऐतिहासिक जीत में गेंदबाजों की भूमिका बेहद अहम रही। युवा सनसनी श्री चरणी ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए नीदरलैंड के चार बल्लेबाजों को आउट कर डच बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। बल्लेबाजी में कमाल दिखाने वाली शेफाली वर्मा ने गेंद से भी अपना हुनर दिखाया और शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा नंदनी शर्मा को दो और अनुभवी स्पिनर दीप्ति शर्मा को एक सफलता मिली। पाकिस्तान को हराने के बाद नीदरलैंड पर मिली इस धमाकेदार जीत से भारतीय महिला टीम का आत्मविश्वास शीर्ष पर है और उसने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है।

  • इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से सजेगा महिला टी20 विश्व कप का भव्य मंच: 12 सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच 24 दिनों तक मचेगा क्रिकेट का घमासान

    इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से सजेगा महिला टी20 विश्व कप का भव्य मंच: 12 सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच 24 दिनों तक मचेगा क्रिकेट का घमासान

    नई दिल्ली । महिला क्रिकेट जगत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का बिगुल बज चुका है। आगामी 12 जून से इंग्लैंड और वेल्स की मेजबानी में क्रिकेट के इस सबसे छोटे और रोमांचक प्रारूप का महाकुंभ शुरू होने जा रहा है। इस भव्य वैश्विक प्रतियोगिता में दुनिया की 12 सर्वश्रेष्ठ टीमें प्रतिष्ठित ट्रॉफी को अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। कुल 24 दिनों तक चलने वाले इस व्यापक टूर्नामेंट का समापन 5 जुलाई को क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले खिताबी मुकाबले के साथ होगा।

    टूर्नामेंट के प्रारूप के अनुसार सभी 12 टीमों को दो अलग-अलग ग्रुपों में विभाजित किया गया है। ग्रुप-1 में भारतीय टीम को मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान, बांग्लादेश और पहली बार इस वैश्विक मंच पर जगह बनाने वाली नीदरलैंड की टीम के साथ रखा गया है। वहीं ग्रुप-2 में मेजबान इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, आयरलैंड और स्कॉटलैंड की टीमें शामिल हैं। टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला 12 जून को एजबेस्टन के मैदान पर मेजबान इंग्लैंड और एशियाई चैंपियन श्रीलंका के बीच खेला जाएगा, जो इस टूर्नामेंट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें विशेष रूप से 14 जून की तारीख पर टिकी हुई हैं, जब एजबेस्टन के ऐतिहासिक मैदान पर भारत और पाकिस्तान की महिला टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों देशों के बीच होने वाला यह मुकाबला हमेशा की तरह भारी दबाव, रोमांच और खेल भावना से भरपूर होने की उम्मीद है। भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल की राह आसान नहीं होगी, क्योंकि ग्रुप चरण में उन्हें न केवल पाकिस्तान बल्कि दक्षिण अफ्रीका और महिला क्रिकेट की सबसे मजबूत टीम ऑस्ट्रेलिया की कड़ी चुनौती का भी सामना करना पड़ेगा। भारत अपने ग्रुप चरण के मुकाबले एजबेस्टन, हेडिंग्ले, ओल्ड ट्रैफर्ड और लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदानों पर खेलेगा।

    इस विश्व कप की कुछ प्रमुख विशेषताओं की बात करें तो पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल 33 कड़े मुकाबले खेले जाएंगे। दर्शकों के रोमांच को दोगुना करने के लिए आईसीसी ने इस बार के कार्यक्रम में पांच ट्रिपल हेडर (एक दिन में तीन मैच) और पांच डबल हेडर (एक दिन में दो मैच) को शामिल किया है। नीदरलैंड की महिला टीम के लिए यह आयोजन बेहद खास है क्योंकि वह अपने इतिहास में पहली बार महिला टी20 विश्व कप की मुख्य प्रतियोगिता में भाग ले रही है। भारतीय समयानुसार ग्रुप चरण के मुकाबले दोपहर 3:00 बजे, शाम 7:00 बजे और रात 11:00 बजे से प्रसारित किए जाएंगे।

    ग्रुप चरण के कड़े मुकाबलों के बाद शीर्ष पर रहने वाली टीमें नॉकआउट चरण में प्रवेश करेंगी। टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल मुकाबला 30 जून को द ओवल के मैदान पर भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे से खेला जाएगा, जबकि दूसरा सेमीफाइनल मैच इसी मैदान पर 2 जुलाई को रात 11:00 बजे आयोजित होगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस बार अपनी तैयारियों को पुख्ता कर पहली बार टी20 विश्व कप के खिताब को चूमने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी बादशाहत को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी, जिससे इस बार का विश्व कप इतिहास का सबसे प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट बनने जा रहा है।

  • कपिल देव ने गौतम गंभीर को लेकर दी बड़ी प्रतिक्रिया  क्या वह टीम के कोच बन सकते हैं

    कपिल देव ने गौतम गंभीर को लेकर दी बड़ी प्रतिक्रिया क्या वह टीम के कोच बन सकते हैं


    नई दिल्ली । भारत के क्रिकेट जगत में हाल ही में एक बयान ने सबको चौंका दिया है और वह था कपिल देव का गौतम गंभीर को लेकर दिया गया बयान। कपिल देव ने गुरुवार को इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स शताब्दी सत्र में यह टिप्पणी की कि गौतम गंभीर को टीम का मुख्य कोच नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि वर्तमान समय में ‘कोच’ शब्द को गलत समझा जाता है और इस भूमिका को केवल खिलाड़ी प्रबंधन तक सीमित कर दिया गया है। कपिल देव ने स्पष्ट रूप से कहा गौतम गंभीर कोच नहीं हो सकते वह टीम के मैनेजर हो सकते हैं।”

    यह बयान ऐसे समय में आया है जब साउथ अफ्रीका से भारत की टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार के बाद गौतम गंभीर की कोचिंग रणनीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। खासतौर पर उनकी रणनीति जिसमें उन्होंने लगातार खिलाड़ियों को रोटेट किया और कामचलाऊ खिलाड़ियों पर निर्भर रहने की कोशिश की को लेकर आलोचनाएं हो रही हैं। कपिल देव ने इस मुद्दे पर और भी खुलकर बात करते हुए कहा आज के दौर में कोच वह नहीं होता जिसे आप स्कूल और कॉलेज में सीखते थे बल्कि यह एक प्रकार का प्रबंधन कार्य है। आपको खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके मनोबल को बढ़ाने की भूमिका निभानी होती है।

    कपिल ने यह भी कहा कि यदि सुनील गावस्कर आज के दौर में खेल रहे होते तो वह टी20 क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज होते। उनका मानना था कि जिन खिलाड़ियों का डिफेंस मजबूत होता है वे आसानी से आक्रामक खेल सकते हैं क्योंकि उनके पास अधिक समय होता है। इस टिप्पणी में कपिल ने क्रिकेट के आधुनिक रूपों जैसे टी20 और टी10 के बारे में भी अपनी राय दी और यह बताया कि वे इन सभी प्रारूपों में रुचि रखते हैं।

    कपिल देव की यह टिप्पणी भारतीय क्रिकेट में नई बहस का कारण बन सकती है क्योंकि गंभीर की कोचिंग शैली और उनके द्वारा उठाए गए कदमों को लेकर कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने विरोध जताया है। वहीं मिताली राज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान ने भी क्रिकेट के इस नए युग को लेकर अपनी राय साझा की। उन्होंने हाल ही में भारत के स्वदेश में हुए महिला विश्व कप जीतने के बारे में याद किया और बताया कि कैसे इंडिया नाम के साथ ट्रॉफी हासिल करना उनके लिए एक खास अनुभव था।

    गौतम गंभीर की कोचिंग को लेकर चल रही बहस को लेकर कपिल देव के बयान ने अब इसे और भी गंभीर बना दिया है। कई क्रिकेट विशेषज्ञ अब इस मुद्दे पर विचार कर रहे हैं कि क्या गंभीर को आगे चलकर टीम का मुख्य कोच बनने की भूमिका निभानी चाहिए या फिर उनके लिए यह और भी बेहतर होगा कि वे किसी अन्य भूमिका में खेल जगत की सेवा करें।