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  • वियतनाम में गूंजेगा भारत का दम, पिकलबॉल वर्ल्ड कप के लिए मजबूत टीम का ऐलान, हर्ष मेहता बने कप्तान

    वियतनाम में गूंजेगा भारत का दम, पिकलबॉल वर्ल्ड कप के लिए मजबूत टीम का ऐलान, हर्ष मेहता बने कप्तान


    नई दिल्ली । भारतीय पिकलबॉल एसोसिएशन ने पिकलबॉल वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 30 अगस्त से 6 सितंबर तक वियतनाम के दा नांग शहर में खेला जाएगा, जहां दुनिया की शीर्ष टीमें खिताब के लिए मुकाबला करेंगी। कड़े ट्रायल और चयन प्रक्रिया के बाद चुनी गई भारतीय टीम इस बार विश्व मंच पर दमदार प्रदर्शन करने और खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेगी।

    भारतीय टीम की कमान अनुभवी खिलाड़ी हर्ष मेहता को सौंपी गई है। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हर्ष से टीम को काफी उम्मीदें हैं। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी दी है। वहीं युवा प्रतिभा अर्जुन सिंह को अंडर 18 वर्ग की टीम का कप्तान बनाया गया है। अर्जुन पिछले कुछ समय से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें भारतीय पिकलबॉल का भविष्य माना जा रहा है।

    पुरुष टीम में हर्ष मेहता के अलावा अर्जुन सिंह, अनीश फ्रोलियन और अमन पटेल को जगह मिली है। महिला वर्ग में मिहिका यादव, आलिया इब्राहिम, पर्ल अमलसदीवाला और नाओमी अमलसदीवाला भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। चयनकर्ताओं का मानना है कि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का यह संतुलित मिश्रण टीम को विश्व कप में मजबूत दावेदार बनाएगा।

    कप्तान बनाए जाने के बाद हर्ष मेहता ने खुशी जताते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की व्यक्तिगत प्रतिभा मैच जिता सकती है, लेकिन चैंपियन वही टीम बनती है जो एकजुट होकर खेलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि पूरी टीम अपनी क्षमता के अनुरूप सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी और भारत को विश्व कप में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी। साथ ही उन्होंने कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपने के लिए भारतीय पिकलबॉल एसोसिएशन का आभार भी व्यक्त किया।

    महिला टीम की खिलाड़ियों पर्ल अमलसदीवाला और नाओमी अमलसदीवाला ने पिछले एक वर्ष में घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। दोनों खिलाड़ियों ने महिला डबल्स और मिक्स्ड डबल्स स्पर्धाओं में कई महत्वपूर्ण पदक अपने नाम किए हैं। खास बात यह है कि नाओमी अमलसदीवाला और अर्जुन सिंह की जोड़ी मिक्स्ड डबल्स में भारत की सबसे मजबूत जोड़ियों में गिनी जाती है। हाल के महीनों में इस जोड़ी ने विश्व रैंकिंग की कई शीर्ष टीमों को हराकर अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया है।

    भारतीय पिकलबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष सूर्यवीर सिंह भुल्लर ने टीम पर भरोसा जताते हुए कहा कि इस बार भारत के पास संतुलित और बेहद मजबूत टीम है। उन्होंने कहा कि हर्ष मेहता के नेतृत्व में सभी खिलाड़ी केवल भागीदारी के लिए नहीं बल्कि विश्व खिताब जीतने के इरादे से वियतनाम जाएंगे। उनका विश्वास है कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करेंगे।

    पिछले पिकलबॉल वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। इस बार लक्ष्य उससे एक कदम आगे बढ़कर स्वर्ण पदक जीतने का है। इसी उद्देश्य से चयनित खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें तकनीकी कौशल, फिटनेस, मानसिक मजबूती और खेल पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भारतीय टीम पूरी तैयारी के साथ विश्व कप में उतरकर एक बार फिर देश को गौरवान्वित करने की कोशिश करेगी।

  • मेसी-रोनाल्डो की अटूट भूख ही उनकी सबसे बड़ी ताकत, युवा फुटबॉलरों को उनसे सीखना चाहिए समर्पण और निरंतर उत्कृष्टता का मंत्र: सुनील छेत्री

    मेसी-रोनाल्डो की अटूट भूख ही उनकी सबसे बड़ी ताकत, युवा फुटबॉलरों को उनसे सीखना चाहिए समर्पण और निरंतर उत्कृष्टता का मंत्र: सुनील छेत्री

    नई दिल्ली । भारतीय फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी सुनील छेत्री ने विश्व फुटबॉल के दो सबसे बड़े नामों लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो की जमकर सराहना की है। उनका मानना है कि इन दोनों खिलाड़ियों की सबसे बड़ी विशेषता केवल उनकी उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि वर्षों तक शीर्ष स्तर पर बने रहने की उनकी अद्भुत इच्छाशक्ति और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की भूख है। छेत्री ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को यदि इन दिग्गजों से कोई सबसे महत्वपूर्ण सीख लेनी चाहिए तो वह उनकी प्रतिबद्धता, अनुशासन और निरंतर उत्कृष्टता की चाह है।

    सुनील छेत्री के अनुसार मेसी और रोनाल्डो ने अपने करियर में लगभग हर बड़ा सम्मान हासिल कर लिया है, लेकिन इसके बावजूद उनके खेल में जुनून और जीतने की इच्छा आज भी वैसी ही दिखाई देती है जैसी करियर के शुरुआती वर्षों में थी। यही गुण उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाता है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक विश्व फुटबॉल के शीर्ष स्तर पर बने रहना असाधारण उपलब्धि है और इसके पीछे लगातार मेहनत करने की मानसिकता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    फुटबॉल जगत में पिछले दो दशकों से मेसी और रोनाल्डो का दबदबा कायम रहा है। दोनों खिलाड़ियों ने क्लब और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक रिकॉर्ड बनाए हैं और करोड़ों प्रशंसकों के दिलों में विशेष स्थान हासिल किया है। अब जबकि दोनों खिलाड़ी अपने करियर के अंतिम चरण की ओर बढ़ रहे हैं, फिर भी उनका प्रदर्शन दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों को प्रभावित कर रहा है। छेत्री का मानना है कि वर्तमान पीढ़ी के खिलाड़ी उनके करियर से प्रेरणा लेकर अपने खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

    उन्होंने हालिया टूर्नामेंट के कुछ यादगार पलों का भी उल्लेख किया। छेत्री ने मेसी की शानदार हैट्रिक को टूर्नामेंट का सबसे खास क्षण बताया। उनके अनुसार इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि मेसी को फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में क्यों गिना जाता है। इसके अलावा जापान की प्रभावशाली जीत को भी उन्होंने एशियाई फुटबॉल के बढ़ते स्तर का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि एशियाई देशों की टीमों का लगातार बेहतर प्रदर्शन महाद्वीप के फुटबॉल विकास का सकारात्मक संकेत है।

    छेत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान समय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए बेहद खास है क्योंकि वे एक ओर मेसी और रोनाल्डो जैसे दिग्गजों के करियर के अंतिम अध्याय का आनंद ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नई पीढ़ी के सितारे भी तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने काइलियन एम्बाप्पे और एर्लिंग हालैंड जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये खिलाड़ी आने वाले वर्षों में विश्व फुटबॉल की नई दिशा तय कर सकते हैं।

    भारतीय कप्तान का मानना है कि अलग-अलग पीढ़ियों के खिलाड़ियों की तुलना करना उचित नहीं है। उनके अनुसार हर युग के महान खिलाड़ियों की अपनी अलग कहानी और उपलब्धियां होती हैं। मेसी और रोनाल्डो ने जो विरासत बनाई है, वह अद्वितीय है, जबकि एम्बाप्पे, हालैंड और अन्य युवा खिलाड़ी अपनी नई पहचान गढ़ रहे हैं। फुटबॉल प्रेमियों को इस बदलाव का आनंद लेना चाहिए और हर पीढ़ी के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान करना चाहिए।

    विश्व फुटबॉल में इस समय कई बड़े फॉरवर्ड खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। मेसी, रोनाल्डो, एम्बाप्पे, हालैंड, हैरी केन और अन्य स्टार खिलाड़ियों ने अपने खेल से दर्शकों को रोमांचित किया है। छेत्री का कहना है कि किसी बड़े टूर्नामेंट में इतने सारे शीर्ष खिलाड़ियों का एक साथ बेहतरीन प्रदर्शन करना खेल प्रेमियों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं मिलती, बल्कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सीखने की इच्छा से हासिल होती है। मेसी और रोनाल्डो इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। यही कारण है कि वे केवल महान फुटबॉलर ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत भी बने हुए हैं।

  • T20 वर्ल्ड कप 2026: IND vs PAK मैच को लेकर पाकिस्तान की तीन शर्तें, क्‍या भारत मानेगा?

    T20 वर्ल्ड कप 2026: IND vs PAK मैच को लेकर पाकिस्तान की तीन शर्तें, क्‍या भारत मानेगा?


    नई दिल्ली। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर विवाद अभी भी जारी है। पाकिस्तान ने फिलहाल मैच में हिस्सा लेने से इनकार किया है, हालांकि यह अब तक आईसीसी को आधिकारिक रूप से लिखित नहीं बताया गया।

    आईसीसी इस हाईवोल्टेज मुकाबले को कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। 8 फरवरी को आईसीसी अधिकारियों और PCB चीफ मोहसिन नकवी की बैठक हुई, जिसमें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष भी मौजूद थे।

    पाकिस्तान की तीन डिमांड

    जानकारों के अनुसार, पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच में हिस्सा लेने के लिए तीन बड़ी डिमांड आईसीसी के सामने रखीं:अधिक रेवेन्यू शेयर: टूर्नामेंट में होने वाली कमाई में पाकिस्तान को अधिक हिस्सा चाहिए।बाइलेटरल क्रिकेट बहाली: भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज फिर से शुरू की जाए।खिलाड़ियों का हाथ मिलाना: टूर्नामेंट के दौरान भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों को एक-दूसरे से हाथ मिलाना होगा।

    भारत नहीं मानेगा ये मांग

    इन तीन डिमांड्स में से दूसरी शर्त, यानी बाइलेटरल क्रिकेट शुरू करने की मांग, भारत कभी स्वीकार नहीं करेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीज 2012 में खेली गई थी। राजनीतिक तनाव और पिछले साल पहलगाम हमला के बाद भारत का पाकिस्तान के प्रति रुख और भी सख्त हो गया है। इसी वजह से एशिया कप 2025 से टीम इंडिया ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाना भी बंद कर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान की बाकी दो डिमांड रेवेन्यू शेयर बढ़ाना और हाथ मिलाना पूरी की जा सकती हैं, लेकिन द्विपक्षीय सीरीज का फिर से शुरू होना फिलहाल असंभव लगता है।