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  • देशभर में हो रही झमाझम बारिश….कई राज्यों में भूस्खलन और बाढ़ ने मचाई तबाही

    देशभर में हो रही झमाझम बारिश….कई राज्यों में भूस्खलन और बाढ़ ने मचाई तबाही


    नई दिल्ली।
    पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) के पहुंचने के बाद झमाझम बारिश (Heavy downpour) हो रही है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, विशेषतौर पर हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) में तो बारिश प्रचंड चरण में है। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में वर्षा जनित घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। दोनों राज्यों में मूसलाधार बारिश से नदियां और पहाड़ी नाले उफान पर हैं, बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचा रखी है।

    उत्तराखंड के यमुनोत्री हाईवे के साथ दोनों राज्यों में सैकड़ों सड़के बंद हैं, संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार को मूसलाधार बारिश से स्थिति इतनी भयावह हुई कि कई क्षेत्रों में स्कूलों को बंद करना पड़ा। मौसम विभाग ने इन दोनों राज्यों समेत उत्तर-पश्चिम भारत और देश के कई अन्य हिस्सों में तीन-चार दिन भार बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम की सबसे भारी मार सिरमौर और सोलन जिलों में पड़ी है। कुल्लू जिले में पहाड़ी से गिरे बड़े पत्थर की चपेट में आने से 70 वर्ष के एक व्यक्ति की जान चली गई। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर भी कई जगह भूस्खलन में लोगों के घायल होने की खबर है। त्रिपुरा में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। राज्य के उनकोटी, खोवाई और धलाई जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। बाढ़ और बारिश के कारण करीब 11 हजार लोग बेघर हो गए हैं, जबकि 4,027 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।


    देहरादून समेत सात जिलों में स्कूल बंद

    मूसलाधार बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन से उत्तराखंड में भी जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 118 सड़कें बंद हैं। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को बारिश और बार-बार हो रहे भूस्खलन के चलते अभी तक खोला नहीं जा सका है। भारी बारिश के चलते देहरादून समेत सात जिलों में शुक्रवार को 12वीं तक के स्कूल बंद रहे। हरिद्वार जिले के भगवानपुर में उफनती नदी में डूबने से 18 साल के एक लड़के की मौत हो गई है।


    हरियाणा, पंजाब व यूपी में भारी बारिश

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में मूसलाधार बारिश हुई। हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार और पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्यों में भारी से बहुत बारिश (7-20 सेमी) दर्ज की गई। इन राज्यों के साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा, राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात क्षेत्र, कच्छ, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल, रायलसीमा, तेलंगाना और कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में कुछ जगहों पर 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं।


    वायनाड में मृतक संख्या सात हुई

    केरल के वायनाड जिले में भूस्खलन वाली जगह से शुक्रवार को एक और शव मिला, जिससे इस आपदा में मरने वालों की संख्या 7 हो गई है। बरामद शव की पहचान पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर निवासी सर्वेयर राकेश गुचैत के रूप में हुई है। उनका शव यहां मीनाक्षी पुल के पास से निकाला गया। हिमाचल प्रदेश के कंस्ट्रक्शन मैनेजर विक्रम राणा अभी भी लापता हैं। गुरुवार तक, भूस्खलन वाली जगह से छह शव बरामद किए गए थे। बता दें कि सात जुलाई को अनाक्कोम्पोयिल-मेप्पाडी टनल प्रोजेक्ट वाली जगह पर भूस्खलन हुआ था। यह टनल वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है।


    पुणे में इमारत में अभी भी दबे हैं आठ लोग, 30 ट्रेनों को किया गया रद्द

    मुंबई में शुक्रवार को तो बारिश से राहत मिली, लेकिन पुणे में कूड़े के पहाड़ के नीचे गिरने से दबी इमारत में अभी भी 8 लोग फंसे हुए हैं। हादसे के तीन दिन बाद भी उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका है। अधिकारियों ने बताया कि लोगों को बाहर निकालने के लिए मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इमारत के सामने वाला हिस्सा पूरी तरह मलबे में दबा है, इसलिए लोगों को पीछे से रास्ता बनाकर निकालने की कोशिशें की जा रही हैं। भोर घाट खंड में भारी भूस्खलन के चलते मुंबई-पुणे कॉरिडोर पर रेल सेवा बाधित हुई, जिसके 17 जुलाई से पहले सुचारू होने की संभावना नहीं है। इसके चलते लंबी दूरी की 30 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।

  • तेज आंधी-बारिश का कहर… UP में 54 लोगों की मौत, दिल्ली से उत्तराखंड तक बदला मौसम

    तेज आंधी-बारिश का कहर… UP में 54 लोगों की मौत, दिल्ली से उत्तराखंड तक बदला मौसम


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) से लेकर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) तक मौसम (Weather) में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. बुधवार को कई जगहों पर तेज आंधी (Strong Storm), भारी बारिश और ओलावृष्टि (Heavy Rain and Hailstorm) देखने को मिली. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम का कहर देखने को मिला है. यहां कई जिलों में 54 लोगों की मौत हो गई. भदोही जिले में अचानक बदले मौसम ने बड़ा कहर बरपाया. यहां तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण 11 लोगों की मौत हुई है. कई जगह पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए. इससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ.

    वहीं हरदोई जिले में बदले मौसम ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं. तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए हादसों में दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई. एक बच्ची की शौचालय की दीवार गिरने से मौत हुई, जबकि दूसरी किशोरी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई. दोनों घटनाओं के बाद गांवों में मातम पसरा हुआ है. वहीं कानपुर देहात के कपड़ाहट ग्राम पंचायत के मजरा भैथरी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक युवती की मौत हो गई, जबकि करीब 35 बकरियां भी चपेट में आकर मर गईं।

    फतेहपुर में भी आंधी-तूफान का कहर बरपा. यहां 5 महिला सहित 9 की मौत हो गई जबकि 17 लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा 8 मवेशियों की मौत हुई है. घटना सदर और खागा तहसील क्षेत्र की हैं. कौशांबी जिले के सिराथू तहसील क्षेत्र के केसारी गांव में पेड़ की भारी डाल टूटकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से एक वृद्ध महिला की दबने से मौके पर ही मौत हो गई. इसके अलावा तरसौरा गांव में तेज आंधी के बाद लगी भीषण आग से एक दर्जन घरों में आग लग गई, जिसमें एक भैंस की जलकर मौत हो गई।


    प्रयागराज में 17 लोगों की मौत

    संगम नगरी प्रयागराज में बुधवार शाम आए तेज आंधी तूफान ने जमकर तबाही मचाई है. तेज तूफान के कारण अलग-अलग स्थान में 17 व्यक्तियों की मौत हुई है. कई जगह पेड़ गिरे हैं और कई गाड़ियां दबी हैं. प्रयागराज के हंडिया, सोरांव, फूलपुर और मेजा इलाके में मौत ने अपना कहर बरपाया है. हंडिया में सात लोगों की मौत हुई है. वहीं फूलपुर में चार, सोरांव में तीन और मेजा में दो लोगों की मौत हुई है. वहीं तेज आंधी और तूफान के कारण कई बड़े पेड़ धराशाई हो गए. हवाओं के साथ धूल भरी आंधी के बीच कई जगहों पर सड़क पर पुराने पेड़ गिर गए हैं।


    दिल्ली में अचानक बदला मौसम

    उधर, दिल्ली में भी मौसम ने अचानक करवट ली. पश्चिमी दिल्ली में सुबह से मौसम सुहाना बना हुआ था, हालांकि दोपहर में तेज गर्मी महसूस की गई. लेकिन रात करीब 8 बजे अचानक मौसम बदला और कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई. उत्तम नगर इलाके में बारिश के दौरान ओले भी पड़े. दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है. लगातार बढ़ती गर्मी के बीच ठंडी हवाओं ने लोगों को राहत दी है।


    उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

    वहीं उत्तराखंड में भी मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है. देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में कई जगहों पर बारिश की संभावना जताई गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने देहरादून और नैनीताल समेत छह जिलों में बिजली कड़कने, ओलावृष्टि, तेज बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. देहरादून में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने का अनुमान है और यहां बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया. मैदानी इलाकों में भी तापमान सामान्य से कम रहा.

    लगातार खराब मौसम और भारी बारिश-ओलावृष्टि को देखते हुए प्रशासन ने आदि कैलाश तीर्थयात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी है. सोमवार को जिले में भारी बारिश और ओलावृष्टि के बाद धारचूला बेस कैंप पर तीर्थयात्रियों के 36 सदस्यीय जत्थे को रोक दिया गया. प्रशासन ने ऊंचाई वाले यात्रा मार्गों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया है. प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.


    राजस्थान में भी आंधी-तूफान का कहर

    राजस्थान के अलवर में भी अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ आए आंधी तूफान ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दीं. तेज हवाओं और बरसात के चलते शहर के कई इलाकों में पेड़ ओर बिजली के पोल गिर गए, जिससे यातायात व्यवस्था ओर बिजली आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई. यहां तूफान से टीन शेड गिरने से एक युवक की मौत हो गई. वहीं रामगढ़ के नेमरा में वज्रपात से एक साथ 26 मवेशियों की मौत हो गई. मुख्यमंत्री के पैतृक गांव में सात गाय और 19 बैल की मौत से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. इसके अलावा महाराष्ट्र के सतारा में बिजली गिरने से 22 भेड़ों की मौत हो गई।

  • 48 घंटे में खोलो होर्मुज स्ट्रेट, डेडलाइन पार हुई बरपेगा कहर… ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी

    48 घंटे में खोलो होर्मुज स्ट्रेट, डेडलाइन पार हुई बरपेगा कहर… ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी


    वाशिंगटन।
    मिडिल ईस्ट (Middle East.) में तनाव चरम पर है. ईरान और अमेरिका (America) के बीच को भी पीछे हटने या झुकने को तैयार नहीं है. सीजफायर की कोशिशों के बीच लगातार हमले जारी है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने ईरान (Iran) को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को खोलने की तय समय सीमा का पालन नहीं किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

    डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आक्रामक अंदाज में लिखा कि समय तेजी से खत्म हो रहा है. ईरान को समझौते और होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए पहले ही समय दिया गया था, लेकिन अब सिर्फ 48 घंटे बचे हैं. यदि ये डेडलाइन पार हुई, तो ईरान पर अमेरिका कहर बनकर टूटेगा. हैरानी की बात ये है कि कुछ दिन पहले तक ट्रंप का रुख अपेक्षाकृत नरम दिखाई दे रहा था।

    उन्होंने ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर उम्मीद जताई थी और समय सीमा को 10 दिन तक बढ़ाते हुए 6 अप्रैल तक का वक्त दिया था. यह कदम संकेत दे रहा था कि वाशिंगटन अभी भी कूटनीतिक रास्ता खुला रखना चाहता है. लेकिन अब उनके तेवर बदल चुके हैं. उन्होंने साफ संदेश दे दिया है कि धैर्य की सीमा खत्म होने के करीब है. इसके बाद भीषण हमले किए जाएंगे।

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है. इससे अमेरिका मुद्दे को सिर्फ क्षेत्रीय विवाद के तौर पर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा स्थिरता से जुड़ा मामला मानता है.

    ट्रंप की बातों से साफ है कि अब यह मामला सिर्फ कूटनीतिक बातचीत तक सीमित नहीं रहा. 48 घंटे की चेतावनी ने संकेत दिया है कि आने वाले दिन बेहद अहम होने वाले हैं. ईरान की ओर से अभी तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन जिस तरह से हालात तेजी से बदल रहे हैं, उससे दोनों देशों के बीच तनाव एक नए स्तर पर पहुंच सकता है।

    28 फरवरी को जब डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का आगाज किया तब उनके इरादे बिल्कुल साफ थे. दोनों ईरान की मिसाइल शक्ति को मिट्टी में मिलाना चाहते थे. उसके परमाणु ख्वाबों पर हमेशा के लिए ताला जड़ना चाहते थे. लेकिन युद्ध के पांचवें हफ्ते तक आते-आते अमेरिकी प्रशासन के ये लक्ष्य किसी पहेली की तरह उलझ गए हैं।

    कभी ट्रंप आक्रामकता की बात करते हैं, तो कभी अपने ही पुराने बयानों का खंडन कर दुनिया को हैरत में डाल देते हैं. इस टकराव का सबसे विचित्र पहलू ट्रंप के विरोधाभासी बयान रहे हैं. युद्ध के शुरुआती हफ्तों में उन्होंने बड़े आत्मविश्वास से कहा था कि इस लड़ाई का तेल से कोई लेना-देना नहीं है. लेकिन कुछ ही समय बाद उनके सुर बदल गए. अब ईरान के तेल पर कब्जे की बात करते हैं।

    होर्मुज स्ट्रेट पर भी वॉशिंगटन का रुख डगमगाता दिखता है. पहले ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के हटने पर दूसरे देश इसे खोल सकते हैं, लेकिन महज कुछ ही दिनों में उन्होंने जोर देकर कहा कि वो आसानी से खुद संभाल सकते हैं. कभी वे जंग खत्म होने का ऐलान करते हैं, तो कभी बुनियादी ढांचे पर हफ्तों तक बमबारी की चेतावनी देते हैं. यह अनिश्चितता वैश्विक बाजारों के लिए चिंता का सबब बन गई है।

  • Bihar: पटना समेत 13 जिलों में आंधी-पानी ने मचाई तबाही… 4 लोगों की मौत, आज यहां अलर्ट

    Bihar: पटना समेत 13 जिलों में आंधी-पानी ने मचाई तबाही… 4 लोगों की मौत, आज यहां अलर्ट


    पटना।
    बिहार (Bihar) में शुक्रवार को पटना (Patna ) समेत 13 जिलों में आंधी- बारिश से भारी तबाही (Heavy Destruction Storm and Rain) हुई। इस दौरान ठनका और दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, मोकामा में 12 मजदूर झुलस गए। तेज आंधी-बारिश से जगह-जगह पेड़ और बिजली के पोल भी धराशायी हो गए। फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। दूसरी ओर,राज्यभर में शनिवार को गरज-चमक के साथ धूल भरी तेज आंधी और 16 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    शुक्रवार को ज्यादातर जिलों में दोपहर बाद मौसम में बदला और तेज गति से हवा चलने लगी। मोतिहारी में 10, वाल्मीकिनगर व राजगीर में 8, पूसा में 7 मिलीमीटर बारिश हुई। गया जी, रोहतास सहित 11 जिलों में बूंदाबांदी और हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को कटिहार, किशनगंज और अररिया के एक-दो स्थानों पर 50 से 60 किमी की रफ्तार से हवा चलने का ऑरेंज अलर्ट है। अन्य जगहों पर 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चलेगी। पटना, गयाजी, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद, बांका, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार में बारिश के आसार हैं।


    ओएचई पर गिरा पेड़, तीन घंटे तक रेल परिचालन बाधित

    तेज आंधी और बारिश के कारण शुक्रवार की शाम करीब सात बजे मोकामा के शिवनार हॉल्ट के समीप ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर (ओएचई) पर पेड़ गिर गया। इस कारण मोकामा-दानापुर रेलखंड की अप लाइन पर करीब तीन घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। वंदे भारत एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुक गई। कई यात्रियों की गंगा दामोदर, साउथ बिहार सहित कई कनेक्टिंग ट्रेनें भी छूट गईं। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।


    एक दर्जन से अधिक ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहीं

    शुक्रवार की शाम सात बजे मोकामा-दानापुर रेलखंड के शिवनार हॉल्ट के निकट ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर (ओएचई) के ऊपर एक पेड़ गिर गया। इसकी वजह से लगभग सात से 10 बजे तक अपलाइन पर ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। इस दौरान औटा हॉल्ट पर टाटा-बक्सर एक्सप्रेस, सहरसा इंटरसिटी एक्सप्रेस, किऊल जंक्शन पर जनशताब्दी एक्सप्रेस, जमुई जंक्शन पर वंदे भारत एक्सप्रेस सहित लगभग एक दर्जन से अधिक ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहीं। मोकामा के टीआरडी टेक्निशन ने करीब तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ को काटकर हटाया। इसके बाद ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर को सीधा कर रात 10:05 बजे ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया।

    सहरसा-पटना इंटरसिटी में सवार सुप्रिया सुमन ने बताया कि वह सहरसा से पटना जा रही थीं। औंटा हॉल्ट के आगे लगभग चार घंटे से ट्रेन रुकी रही। इस दौरान एसी को बंद कर ब्लोअर चला दिया गया, जिस कारण कोच में घुटन होने लगी। खाना और पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। पानी के लिए लोग इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन अंधेरा होने के कारण कहीं भी कुछ नहीं मिला। शनिवार को ईद की छुट्टी और रविवार के अवकाश के कारण ज्यादातर नौकरी करने वाले लोग अपने-अपने घर जा रहे थे। इस दौरान कई लोगों को कनेक्टिंग ट्रेन से झारखंड भी जाना था, लेकिन उनकी ट्रेन छूट गई। ट्रेन में पानी खत्म हो गया था। इस कारण शौचालय जाने में भी लोगों को समस्या हो रही थी। पुरुष तो ट्रेन से उतरकर इधर-उधर चले जा रहे थे, लेकिन महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    मोकामा रेलवे स्टेशन के प्रभारी प्रबंधक चंदन कुमार ने बताया कि शिवनार हॉल्ट के पास तेज आंधी और पानी के कारण ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर के ऊपर एक पेड़ गिर गया। टीआरडी टेक्नीशियन ने लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ काटकर हटाया। इसके बाद रात करीब 10:05 बजे ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ।