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  • झुर्रियों के लिए घरेलू नुस्खा अपनाने से पहले जानें अलसी और एलोवेरा मिश्रण बनाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

    झुर्रियों के लिए घरेलू नुस्खा अपनाने से पहले जानें अलसी और एलोवेरा मिश्रण बनाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली । उम्र बढ़ने के साथ त्वचा में प्राकृतिक बदलाव दिखाई देना सामान्य है। समय के साथ त्वचा की लोच कम हो सकती है और चेहरे पर फाइन लाइन्स तथा झुर्रियां नजर आने लगती हैं। इन्हें कम करने के लिए लोग अलग-अलग एंटी-एजिंग उत्पादों और घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। अलसी, एलोवेरा जेल और बादाम तेल से तैयार किया जाने वाला मिश्रण भी इसी तरह के घरेलू स्किन केयर उपायों में शामिल है।

    इस मिश्रण को तैयार करने के लिए सबसे पहले अलसी के बीजों से जेल बनाया जाता है। इसके लिए दो बड़े चम्मच अलसी के बीज लेकर उन्हें एक कप पानी में डालें और मध्यम आंच पर करीब पांच से सात मिनट तक पकाएं। जब पानी गाढ़ा और कुछ चिपचिपा दिखाई देने लगे, तब गैस बंद कर दें।

    अलसी और पानी के इस मिश्रण को गर्म रहते हुए बारीक छलनी या साफ सूती कपड़े से छान लें। इससे बीज अलग हो जाएंगे और जेल जैसा पदार्थ बच जाएगा। इसके बाद इस जेल को पूरी तरह ठंडा करना जरूरी है, ताकि आगे इसमें मिलाए जाने वाले दूसरे पदार्थों का टेक्सचर प्रभावित न हो।

    ठंडे अलसी जेल में दो बड़े चम्मच एलोवेरा जेल मिलाया जा सकता है। इसके बाद इसमें एक छोटा चम्मच बादाम तेल डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं। चम्मच या छोटे व्हिस्कर की सहायता से मिश्रण को कुछ मिनट तक फेंटने पर इसका टेक्सचर अपेक्षाकृत चिकना और क्रीमी हो सकता है।

    तैयार मिश्रण को साफ और सूखे कांच के छोटे कंटेनर में रखना चाहिए। इसमें पानी और पौधों से प्राप्त ताजा सामग्री होती है तथा इसमें सामान्य कॉस्मेटिक प्रिजर्वेटिव मौजूद नहीं होते। इसलिए इसे लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखना उचित नहीं है। फ्रिज में रखने के बावजूद खराब होने के संकेतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

    रंग, गंध या टेक्सचर में बदलाव नजर आए तो मिश्रण का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। घरेलू मिश्रण के लिए एक निश्चित अवधि तक सुरक्षित रहने की गारंटी नहीं दी जा सकती, क्योंकि इसकी स्वच्छता, सामग्री और भंडारण की स्थिति के आधार पर इसकी गुणवत्ता बदल सकती है।

    अगर त्वचा इस मिश्रण को सहन करती है तो रात में चेहरा साफ करने के बाद थोड़ी मात्रा लगाई जा सकती है। हल्के हाथों से चेहरे और गर्दन पर इसे लगाया जा सकता है। हालांकि इसे लगाने से झुर्रियां खत्म होने या त्वचा में कोलेजन उत्पादन बढ़ने की गारंटी नहीं है।

    दरअसल, अलसी, एलोवेरा और बादाम तेल से बने इस घरेलू मिश्रण को सीधे तौर पर कोलेजन बढ़ाने वाली प्रमाणित क्रीम कहना सही नहीं होगा। इनके त्वचा को मॉइश्चराइज करने या मुलायम बनाए रखने से जुड़े संभावित फायदे हो सकते हैं, लेकिन एंटी-एजिंग और कोलेजन उत्पादन पर मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।

    इस मिश्रण का इस्तेमाल शुरू करने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है। थोड़ी मात्रा हाथ या कान के पीछे की त्वचा पर लगाकर देखें। लालिमा, खुजली, जलन या किसी अन्य प्रतिक्रिया की स्थिति में इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। संवेदनशील त्वचा, एलर्जी या पहले से त्वचा संबंधी समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

    त्वचा की देखभाल में पर्याप्त मॉइश्चराइजिंग के साथ धूप से बचाव और नियमित स्किन केयर अधिक महत्वपूर्ण हैं। झुर्रियों या उम्र से जुड़े त्वचा परिवर्तन को लेकर किसी खास उपचार की जरूरत हो तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना अधिक सुरक्षित विकल्प है।

  • झुर्रियों से पहले संभल जाएं! हेल्दी और यंग स्किन के लिए रखें इन बातों का ध्यान

    झुर्रियों से पहले संभल जाएं! हेल्दी और यंग स्किन के लिए रखें इन बातों का ध्यान


    नई दिल्ली।आजकल 30 की उम्र पार करते ही चेहरे पर झुर्रियां और फाइन लाइन्स दिखने लगती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले एजिंग की सबसे बड़ी वजह अनियमित जीवनशैली और स्किन केयर में लापरवाही है। प्रदूषण, धूप, तनाव और गलत प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल त्वचा को समय से पहले बूढ़ा बना सकता है। ऐसे में जरूरी है कि रोजमर्रा की दिनचर्या में कुछ बुनियादी बातों को शामिल किया जाए, ताकि त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ और दमकती रहे।

    सुबह की शुरुआत सही सफाई से’
    त्वचा की देखभाल की पहली शर्त है नियमित और सही क्लीनिंग। सुबह उठकर कॉटन पैड या माइल्ड क्लींजर से चेहरे की सफाई करें, ताकि रातभर जमा ऑयल और गंदगी हट सके। बाहर से लौटने के बाद भी चेहरा जरूर धोएं। ध्यान रखें कि हार्श साबुन या बार-बार स्क्रब करने से त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो सकती है। किसी भी स्क्रबर या फेसवॉश का इस्तेमाल करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। सफाई के बाद मॉइस्चराइज़र लगाना न भूलें। बढ़ती उम्र में त्वचा रूखी होने लगती है, जिससे रिंकल्स जल्दी उभरते हैं। ऐसे में हाइड्रेशन बेहद जरूरी है।

    सनस्क्रीन है सबसे बड़ा कवच
    धूप में मौजूद यूवी किरणें एजिंग की प्रक्रिया को तेज करती हैं। इसलिए घर से बाहर निकलते समय कम से कम SPF 50 वाला सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। इसे हर 2-3 घंटे में दोबारा लगाना भी उतना ही अहम है, खासकर अगर आप लंबे समय तक बाहर रहते हैं। सनस्क्रीन सिर्फ गर्मियों में ही नहीं, बल्कि हर मौसम में लगाना चाहिए।

    सस्ते प्रोडक्ट्स से बचें, एंटीऑक्सीडेंट को अपनाएं
    त्वचा पर सस्ते और अनजाने ब्रांड के उत्पाद इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे प्रोडक्ट्स में मौजूद केमिकल्स त्वचा को डैमेज कर सकते हैं। इसके बजाय एंटीऑक्सीडेंट युक्त प्रोडक्ट्स चुनें, जिनमें विटामिन C और विटामिन E जैसे तत्व हों। ये फ्री रैडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं और त्वचा को लंबे समय तक युवा बनाए रखने में सहायक होते हैं।

    रात की देखभाल भी उतनी ही जरूरी
    सोने से पहले मेकअप हटाना अनिवार्य है। मेकअप के साथ सोने से पोर्स बंद हो जाते हैं, जिससे त्वचा बेजान दिखने लगती है। भले ही मेकअप न किया हो, फिर भी चेहरा धोकर ही सोएं।

    घरेलू नुस्खों की बात करें तो बेसन, हल्दी, दही, शहद और एलोवेरा जैसे प्राकृतिक तत्व त्वचा को पोषण देने में मददगार हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले त्वचा के प्रकार को ध्यान में रखना जरूरी है। नियमित देखभाल, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीना-ये तीनों मिलकर त्वचा को उम्र के असर से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।