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  • ऑस्ट्रेलिया की जीत से WTC फाइनल की रेस हुई रोमांचक, भारत के पास बचे सात टेस्ट, जानिए कैसे मिलेगी फाइनल में जगह

    ऑस्ट्रेलिया की जीत से WTC फाइनल की रेस हुई रोमांचक, भारत के पास बचे सात टेस्ट, जानिए कैसे मिलेगी फाइनल में जगह

    नई दिल्ली । वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 के फाइनल में पहुंचने की दौड़ ऑस्ट्रेलिया की दक्षिण अफ्रीका पर जीत के बाद और दिलचस्प हो गई है। डरबन में खेले गए टेस्ट मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान दक्षिण अफ्रीका को 214 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। इस जीत से ऑस्ट्रेलिया ने अंक तालिका में अपनी शीर्ष स्थिति मजबूत कर ली, जबकि मौजूदा चैंपियन दक्षिण अफ्रीका तीसरे स्थान पर खिसक गया। न्यूजीलैंड दूसरे और भारतीय टीम पांचवें स्थान पर बनी हुई है।

    ऑस्ट्रेलिया ने मौजूदा WTC चक्र में 11 मैचों में नौ जीत दर्ज की हैं। उसके खाते में 108 अंक हैं और अंक प्रतिशत यानी पीसीटी 81.82 हो गया है। न्यूजीलैंड छह मैचों में चार जीत, एक हार और एक ड्रॉ के साथ 72.22 प्रतिशत अंक लेकर दूसरे स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका ने पांच मैचों में तीन जीत और दो हार के बाद 36 अंक जुटाए हैं। उसका पीसीटी 60 है। बांग्लादेश 55.56 प्रतिशत अंकों के साथ चौथे स्थान पर है।

    भारतीय टीम ने अब तक 11 टेस्ट खेले हैं, जिनमें पांच जीत, चार हार और दो ड्रॉ शामिल हैं। भारत के खाते में 68 अंक हैं और उसका पीसीटी 51.52 है। टीम ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 1-0 से जीती थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की ताजा जीत के बाद भारतीय टीम की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ। बांग्लादेश फिलहाल भारत से आगे है, इसलिए टीम इंडिया को अपनी स्थिति बेहतर बनाने के लिए आगामी मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करनी होगी।

    अंक तालिका में इंग्लैंड 38.54 प्रतिशत अंकों के साथ छठे स्थान पर है। उसने 16 मैचों में सात जीत, आठ हार और एक ड्रॉ दर्ज किया है। धीमी ओवर गति के कारण उसके 14 अंक काटे गए हैं। श्रीलंका 33.33 प्रतिशत अंकों के साथ सातवें, वेस्टइंडीज 20.83 प्रतिशत के साथ आठवें और पाकिस्तान 4.63 प्रतिशत अंकों के साथ नौवें स्थान पर है। वेस्टइंडीज के दो और पाकिस्तान के नौ अंक पेनल्टी के कारण काटे गए हैं।

    भारत के सामने अब सात टेस्ट मैच बाकी हैं। इनमें न्यूजीलैंड के खिलाफ उसके घर में दो मुकाबले और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर पांच टेस्ट शामिल हैं। फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को इन मैचों में अधिकतम जीत हासिल करने के साथ अन्य टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी। WTC में टीमों की रैंकिंग कुल अंकों के बजाय अंक प्रतिशत के आधार पर तय होती है। जीत पर 12, ड्रॉ पर चार और टाई होने पर छह अंक मिलते हैं। चक्र के अंत में अंक तालिका की शीर्ष दो टीमें फाइनल खेलती हैं।

    अगर भारत अपने बाकी सभी सात टेस्ट जीत लेता है, तो उसके कुल अंक 152 हो जाएंगे। इस चक्र में भारत के कुल 18 मैच होने हैं और अधिकतम उपलब्ध अंक 216 हैं। इस हिसाब से उसका पीसीटी 70.37 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। यह स्कोर भारत को फाइनल की दौड़ में मजबूत स्थिति में ला सकता है। हालांकि, क्वालिफिकेशन दूसरी टीमों के प्रदर्शन और उनके अंतिम अंक प्रतिशत पर भी निर्भर करेगा। केवल छह मैच जीतना अपने आप में फाइनल में जगह की गारंटी नहीं देता।

    ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा स्थिति भारत के लिए बड़ी चुनौती है। अगर ऑस्ट्रेलिया लगातार जीत दर्ज करता है, तो उसका अंक प्रतिशत भारत के संभावित स्कोर से ऊपर रह सकता है। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बाकी मुकाबलों में जीतना भारतीय टीम के लिए मददगार हो सकता है, क्योंकि इससे ऑस्ट्रेलिया के अंक प्रतिशत पर असर पड़ेगा। भारत को अपने पांचों घरेलू टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को हराने की भी जरूरत पड़ सकती है।

    न्यूजीलैंड भी भारत की राह में चुनौती बना हुआ है। उसके पास अभी दस टेस्ट बाकी हैं और मौजूदा अंक प्रतिशत 72.22 है। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने दोनों मुकाबले जीतने होंगे, लेकिन इसके बावजूद कीवी टीम अन्य मैचों में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी स्थिति मजबूत कर सकती है।

    पिछली WTC साइकिलों के नतीजे बताते हैं कि फाइनल में पहुंचने के लिए कोई एक स्थायी अंक प्रतिशत तय नहीं है। 2021-23 चक्र में भारत 58.80 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे और ऑस्ट्रेलिया 66.67 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा था। 2023-25 चक्र में दक्षिण अफ्रीका ने 69.44 और ऑस्ट्रेलिया ने 67.54 प्रतिशत अंकों के साथ फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था। ऐसे में भारत की उम्मीदें अभी कायम हैं, लेकिन सातों टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन और प्रतिद्वंद्वी टीमों के नतीजे निर्णायक होंगे।

  • जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से रह सकते हैं बाहर, टीम मैनेजमेंट ने टेस्ट क्रिकेट के लिए बनाई खास रणनीति

    जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से रह सकते हैं बाहर, टीम मैनेजमेंट ने टेस्ट क्रिकेट के लिए बनाई खास रणनीति


    नई दिल्ली ।
    भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी पांच मैचों की वनडे सीरीज में खेलते नजर नहीं आ सकते हैं। उनके इस सीरीज से बाहर रहने की संभावित वजह चोट नहीं, बल्कि टीम मैनेजमेंट की रणनीति बताई जा रही है। बुमराह पूरी तरह फिट हैं और फिलहाल टेस्ट क्रिकेट की तैयारी पर ध्यान दे रहे हैं।

    भारतीय टीम उन्हें आगामी महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबलों के लिए तरोताजा और पूरी तरह तैयार रखना चाहती है।टीम प्रबंधन की योजना के अनुसार, बुमराह को वनडे सीरीज में उतारने के बजाय लाल गेंद से खेले जाने वाले क्रिकेट के लिए तैयार किया जा सकता है। वह अहमदाबाद में टेस्ट क्रिकेट की तैयारी शुरू कर चुके हैं। अक्टूबर के आखिर में उनके भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचने की संभावना है। इसके बाद वह न्यूजीलैंड रवाना हो सकते हैं। हालांकि, वनडे सीरीज में उनकी अनुपस्थिति को लेकर अंतिम स्थिति टीम की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

    वर्कलोड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान
    लंबे अंतरराष्ट्रीय दौरे और लगातार होने वाले मुकाबलों को देखते हुए बुमराह के कार्यभार का प्रबंधन भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण है। वह टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज हैं और टेस्ट क्रिकेट में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए खेलने के कार्यक्रम की योजना बना रहा है।

    बुमराह को आगामी टेस्ट मुकाबलों से पहले मैच अभ्यास दिलाने के लिए इंडिया ए की टीम के साथ मैदान पर उतारने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। योजना के मुताबिक, उन्हें 6 नवंबर से शुरू होने वाले इंडिया ए के तीसरे मुकाबले में खेलने का मौका मिल सकता है। इससे उनके कार्यभार को धीरे-धीरे बढ़ाने और टेस्ट क्रिकेट के लिए लय हासिल करने में मदद मिल सकती है।इसके बाद 19 नवंबर से वेलिंगटन में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मुकाबले से पहले उन्हें पर्याप्त आराम और तैयारी का समय मिल सकता है। टीम प्रबंधन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बुमराह महत्वपूर्ण टेस्ट मैचों में अपनी पूरी क्षमता के साथ गेंदबाजी कर सकें।

    चोट के बाद टेस्ट क्रिकेट पर नजर
    बुमराह को इस साल की शुरुआत में घुटने की चोट के कारण श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों से बाहर रहना पड़ा था। इसके बाद उनकी फिटनेस और आगामी मुकाबलों में उपलब्धता को लेकर टीम प्रबंधन सावधानी बरत रहा है। बुमराह ने पिछले साल घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पिछला बहुदिवसीय मुकाबला खेला था। ऐसे में टेस्ट प्रारूप में वापसी के लिए उनकी तैयारी को अहम माना जा रहा है।उनके खेलने के कार्यक्रम को लेकर टीम से जुड़े अधिकारियों के बीच कई दौर की चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य यह तय करना है कि तेज गेंदबाज को किस तरह पर्याप्त अभ्यास, आराम और मैच खेलने का अवसर दिया जाए, ताकि लंबे प्रारूप में उनकी उपलब्धता बनी रहे।

    ऑस्ट्रेलिया सीरीज और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप पर नजर
    भारतीय टीम की रणनीति केवल न्यूजीलैंड दौरे तक सीमित नहीं है। अगले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को भी ध्यान में रखा जा रहा है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज की उपलब्धता महत्वपूर्ण होगी।इसी वजह से टीम मैनेजमेंट उन्हें हर द्विपक्षीय सीरीज में खिलाने के बजाय महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबलों के लिए सुरक्षित रखने की रणनीति अपना सकता है। वनडे सीरीज में उनकी संभावित अनुपस्थिति को इसी योजना से जोड़कर देखा जा रहा है।

    टीम चयन पर जल्द साफ होगी तस्वीर
    भारत की वनडे और टेस्ट टीमों की घोषणा आने वाले दिनों में होने की संभावना है। चयनकर्ता हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों की फिटनेस तथा उपलब्धता से जुड़ी जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। इन खिलाड़ियों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद टीम संयोजन को अंतिम रूप दिया जा सकता है। बुमराह के वनडे सीरीज में खेलने या आराम दिए जाने पर भी आधिकारिक घोषणा के बाद स्थिति साफ होगी।

  • रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, WTC में 50 टेस्ट खेलने वाले एशिया के पहले क्रिकेटर बने

    रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, WTC में 50 टेस्ट खेलने वाले एशिया के पहले क्रिकेटर बने


    नई दिल्ली।
    श्रीलंका (Sri Lanka) के खिलाफ कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (Sinhalese Sports Club, Colombo) में रविवार को मैच के पहले दिन भारतीय बल्लेबाजों का दमदार प्रदर्शन देखने को मिला. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने पहले दिन पांच विकेट खोकर 300 रन बना लिए हैं।

    यह टेस्ट मैच भारत (India) के स्टार ऑलराउंडर (Star all-rounder) रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) के लिए ऐतिहासिक बन गया है. इस मैच में मैदान पर कदम रखते ही जडेजा ने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया जो अब तक कोई भी भारतीय या एशियाई खिलाड़ी नहीं कर पाया था.

    जडेजा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के इतिहास में 50 मैच खेलने वाले पहले एशियाई और भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं. दुनिया के नंबर एक टेस्ट ऑलराउंडर ने अपनी फिरकी और बल्ले के दम पर इस टूर्नामेंट में एक खास मुकाम हासिल किया है।


    WTC में कैसा रहा है जडेजा का सफर?

    साल 2012 में अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले जडेजा ने WTC के हर साइकल में भारत के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन किया है. अब तक खेले गए अपने 50 मैचों में उन्होंने 2675 रन बनाए हैं और 160 विकेट भी चटकाए हैं. 2019-21 के दौरान उन्होंने 11 मैच खेले, जिसमें 500 रन बनाए और 29 विकेट लिए. दूसरे वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में साल 2021-23 के दौरान उन्होंने 13 मैचों में अपनी अहम भूमिका निभाते हुए 721 रन ठोके और 47 विकेट झटके।

    तीसरी साइकल 2023-25 के 15 मुकाबलों में जडेजा 664 रन बनाए और 55 शिकार किए. मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप साइकल में वह अब तक 11 मैच खेल चुके हैं, जिसमें उनके नाम 700 से अधिक रन और 29 विकेट दर्ज हो चुके हैं।


    दूसरे भारतीय खिलाड़ियों का हाल

    भारत की तरफ से सबसे ज्यादा WTC मैच खेलने के मामले में जडेजा के बाद तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज दूसरे नंबर पर हैं. कोलंबो में चल रहा टेस्ट सिराज का 47वां मैच है, जिसमें उनके नाम अब तक 141 विकेट हैं. विराट कोहली ने 2019 से 2025 के बीच 46 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 2617 रन बनाए हैं।

    कोहली के बाद युवा स्टार शुभमन गिल और विकेटकीपर ऋषभ पंत का नंबर आता है. दोनों ने 42-42 मैच खेले हैं. पंत के नाम इस टूर्नामेंट में 2885 और गिल के नाम 2867 रन दर्ज हैं. दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 41 मैचों में 195 विकेट चटकाए हैं, जबकि कप्तान रोहित शर्मा 40 मैचों में 2716 रन बना चुके हैं।

  • गॉल टेस्ट में श्रीलंका पर धमाकेदार जीत से भारतीय टीम की डब्ल्यूटीसी स्थिति मजबूत, फाइनल का समीकरण हुआ दिलचस्प

    गॉल टेस्ट में श्रीलंका पर धमाकेदार जीत से भारतीय टीम की डब्ल्यूटीसी स्थिति मजबूत, फाइनल का समीकरण हुआ दिलचस्प

    नई दिल्ली ।गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान श्रीलंका को 165 रनों के भारी अंतर से हरा दिया। इस बड़ी जीत के साथ ही भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। इस मुकाबले में मिली जीत से आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप की अंक तालिका में भारतीय टीम के खाते में महत्वपूर्ण अंक जुड़े हैं और उसकी फाइनल में पहुंचने की संभावनाएं काफी मजबूत हुई हैं।

    मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का भारतीय कप्तान का फैसला पूरी तरह सही साबित हुआ। पहली पारी में देवदत्त पड़िक्कल ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अपने करियर का पहला टेस्ट शतक जमाया और 167 रनों की यादगार पारी खेली। भारत की पहली पारी 462 रनों पर समाप्त हुई, जिसके जवाब में श्रीलंकाई टीम अपनी पहली पारी में 284 रन ही बना सकी। इससे भारतीय टीम को पहली पारी के आधार पर 178 रनों की मजबूत बढ़त हासिल हुई।

    दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने तेज गति से रन बनाते हुए श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। दूसरी पारी के दौरान विकेटकीपर बल्लेबाज ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए एक बड़ा कीर्तिमान भी अपने नाम किया। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम भारतीय गेंदबाजों के सटीक आक्रमण के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम सस्ते में सिमट गई।

    भारत की इस जीत में गेंदबाजों का योगदान बेहद सराहनीय रहा। युवा स्पिनर मानव सुथार ने मैच में घातक गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में चार और दूसरी पारी में छह विकेट झटके। पूरे मैच में कुल दस विकेट लेकर उन्होंने श्रीलंकाई टीम को मुकाबले में वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने भारत की जीत की राह आसान कर दी।

    वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 की ताजा रैंकिंग के अनुसार भारतीय टीम अब 10 मैचों में 5 जीत, 4 हार और 1 ड्रॉ के साथ 64 अंक अर्जित कर 53.33 प्रतिशत पीसीटी के साथ पांचवें स्थान पर बनी हुई है। वहीं भारत से करारी हार झेलने के बाद श्रीलंकाई टीम तालिका में खिसक कर छठे पायदान पर आ गई है। वर्तमान तालिका में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जबकि दक्षिण अफ्रीका दूसरे और न्यूजीलैंड तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 23 अगस्त से कोलंबो के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाएगा। इस सीरीज के समाप्त होने के बाद भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलनी है। मध्य प्रदेश सहित पूरे देश के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भारतीय टीम आगामी मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन बरकरार रखकर फाइनल में अपनी जगह कैसे पक्की करती है।

  • IND vs SL टेस्ट में रिकॉर्ड बुक पर नजर, जडेजा-जायसवाल दे सकते हैं रोहित-कोहली को चुनौती; गिल का दबदबा कायम

    IND vs SL टेस्ट में रिकॉर्ड बुक पर नजर, जडेजा-जायसवाल दे सकते हैं रोहित-कोहली को चुनौती; गिल का दबदबा कायम


    नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज सिर्फ मुकाबले के लिहाज से ही अहम नहीं रहने वाली है बल्कि इस दौरान भारतीय बल्लेबाजों के बीच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में रिकॉर्ड की रेस भी देखने को मिलेगी। रवींद्र जडेजा और यशस्वी जायसवाल के पास WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीयों की सूची में पूर्व कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ने का शानदार मौका है। खास बात यह है कि जडेजा इस रिकॉर्ड की रेस में विराट कोहली से महज 8 रन पीछे हैं। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में ही वह कोहली को पीछे छोड़ सकते हैं।

    भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज से पहले तीन दिन का प्रैक्टिस मैच भी खेला जा रहा है। इस मुकाबले में रवींद्र जडेजा ने अर्धशतक लगाकर अपनी शानदार फॉर्म के संकेत दे दिए हैं। दूसरी ओर यशस्वी जायसवाल इस अभ्यास मैच में कुछ खास नहीं कर सके और बिना खाता खोले आउट हो गए। भारतीय कप्तान शुभमन गिल चोट के कारण इस प्रैक्टिस मैच का हिस्सा नहीं हैं। इसके बावजूद WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में गिल का दबदबा कायम है।

    वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज शुभमन गिल हैं। गिल ने 40 मैचों में 2843 रन बनाए हैं और इस सूची में नंबर एक पर हैं। उनके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का नंबर आता है जिन्होंने WTC में 2780 रन बनाए हैं। पूर्व कप्तान रोहित शर्मा 2716 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि विराट कोहली 2617 रन बनाकर चौथे पायदान पर हैं। रवींद्र जडेजा 2610 रन के साथ पांचवें नंबर पर मौजूद हैं।

    जडेजा के लिए यह सीरीज इसलिए खास है क्योंकि उन्हें विराट कोहली को पीछे छोड़ने के लिए सिर्फ 8 रन की जरूरत है। उनके मौजूदा 2610 रन हैं जबकि कोहली के नाम 2617 रन दर्ज हैं। यानी श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जडेजा जैसे ही 8 रन पूरे करेंगे वह WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीयों की सूची में विराट कोहली को पीछे छोड़कर चौथे स्थान पर पहुंच जाएंगे। इसके बाद उनकी नजर रोहित शर्मा के 2716 रन के आंकड़े पर होगी। जडेजा और रोहित के बीच फिलहाल 106 रन का अंतर है। अगर वह सीरीज में 107 रन या उससे ज्यादा बना लेते हैं तो रोहित शर्मा को भी पीछे छोड़ सकते हैं।

    यशस्वी जायसवाल की स्थिति भी काफी दिलचस्प है। वह अभी 2511 रन के साथ छठे स्थान पर हैं और टॉप-5 में शामिल होने से केवल 100 रन दूर हैं। पांचवें नंबर पर मौजूद जडेजा के 2610 रन हैं। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में जायसवाल के पास टॉप-5 में पहुंचने का बेहतरीन मौका है। उन्हें विराट कोहली के 2617 रन से आगे निकलने के लिए 107 रन और रोहित शर्मा के 2716 रन को पीछे छोड़ने के लिए 206 रन बनाने होंगे।

    रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब WTC की इस रन रेस में नई पीढ़ी के बल्लेबाजों के पास आगे निकलने का मौका है। जडेजा अनुभव के दम पर तेजी से ऊपर चढ़ सकते हैं जबकि जायसवाल के पास लंबा करियर और बड़े स्कोर बनाने का अवसर है। ऐसे में भारत और श्रीलंका की टेस्ट सीरीज के दौरान सिर्फ टीम के प्रदर्शन पर ही नहीं बल्कि इन खिलाड़ियों की व्यक्तिगत रिकॉर्ड रेस पर भी क्रिकेट फैंस की नजरें रहेंगी।

    फिलहाल शुभमन गिल 2843 रन के साथ इस सूची में सबसे आगे हैं और ऋषभ पंत 2780 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा के बीच भी ज्यादा बड़ा अंतर नहीं है। ऐसे में आने वाली टेस्ट सीरीज भारतीय क्रिकेट के WTC इतिहास में रन बनाने वालों की सूची को काफी हद तक बदल सकती है।