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  • आरक्षण पर वायरल बयान को शिल्पा शेट्टी ने बताया पूरी तरह फर्जी, लोगों से अफवाहों से बचने की अपील

    आरक्षण पर वायरल बयान को शिल्पा शेट्टी ने बताया पूरी तरह फर्जी, लोगों से अफवाहों से बचने की अपील

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से वायरल हो रहे आरक्षण संबंधी कथित बयान का स्पष्ट रूप से खंडन किया है। अभिनेत्री ने कहा कि उनके नाम से प्रसारित किया जा रहा संदेश पूरी तरह मनगढ़ंत और भ्रामक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना सत्यापन के ऐसी किसी भी पोस्ट पर विश्वास न करें और अफवाहों को आगे बढ़ाने से बचें।

    हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से साझा की जा रही थी, जिसमें दावा किया गया कि शिल्पा शेट्टी ने देश की आरक्षण व्यवस्था को लेकर विवादित टिप्पणी की है। पोस्ट में उनके नाम से ऐसे कथन प्रसारित किए गए, जिनमें जाति आधारित आरक्षण को समाप्त करने का समर्थन करने का दावा किया गया। यह पोस्ट वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चर्चा का विषय बन गई।

    मामले ने तूल पकड़ने के बाद शिल्पा शेट्टी ने स्वयं सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आरक्षण से जुड़े फर्जी बयानों को उनके नाम से जोड़कर प्रसारित किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इस पूरे दावे को पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कहा कि इसका उनकी वास्तविक सोच या किसी भी आधिकारिक बयान से कोई संबंध नहीं है।

    अभिनेत्री ने अपने संदेश में लोगों से विशेष रूप से आग्रह किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति के नाम से साझा किए जा रहे बयान को सच मानने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है। उनका कहना था कि गलत जानकारी न केवल भ्रम पैदा करती है, बल्कि संबंधित व्यक्ति की छवि को भी प्रभावित कर सकती है।

    वायरल पोस्ट में यह दावा किया गया था कि शिल्पा शेट्टी ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी राय व्यक्त करते हुए उसे समाप्त किए जाने का समर्थन किया है। हालांकि अभिनेत्री ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान कभी नहीं दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा संदेश पूरी तरह फर्जी है और उसे जानबूझकर उनके नाम से जोड़ा गया है।

    सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट और गलत जानकारी फैलाने की घटनाएं पिछले कुछ समय में लगातार बढ़ी हैं। कई बार सार्वजनिक हस्तियों के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर ऐसे संदेश प्रसारित किए जाते हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को सामने आकर सफाई देनी पड़ती है ताकि गलत जानकारी को रोका जा सके और लोगों के बीच सही तथ्य पहुंच सकें।

    शिल्पा शेट्टी के इस स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि उनके नाम से प्रसारित किया गया कथित आरक्षण संबंधी बयान वास्तविक नहीं है। उन्होंने लोगों से जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करने और किसी भी विवादित दावे को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करने की अपील की है। उनका यह संदेश डिजिटल माध्यमों पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो शिल्पा शेट्टी हाल ही में कन्नड़ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ में नजर आई थीं। इसके अलावा उन्होंने हाल ही में एक कुकिंग रियलिटी शो की मेजबानी भी की, जिसका प्रसारण समाप्त हो चुका है। अभिनय और टेलीविजन के साथ-साथ वह सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती हैं और समय-समय पर अपने प्रशंसकों से सीधे संवाद करती हैं।

  • वैश्विक विरोध के बाद एलन मस्क की एक्स ने ग्रोक का आपत्तिजनक इमेज फीचर बंद किया

    वैश्विक विरोध के बाद एलन मस्क की एक्स ने ग्रोक का आपत्तिजनक इमेज फीचर बंद किया


    नई दिल्ली: दुनिया भर में बढ़ते विरोध और कानूनी दबाव के बाद एलन मस्क के नेतृत्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स X ने गुरुवार को अपने एआई चैटबॉट ग्रोक का आपत्तिजनक तस्वीर बनाने वाला फीचर बंद कर दिया। अब ग्रोक किसी भी स्थिति में महिलाओं की अशोभनीय या आपत्तिजनक तस्वीरें नहीं बना सकेगा चाहे यूजर के पास प्रीमियम अकाउंट ही क्यों न हो।एक्स के सेफ्टी अकाउंट ने पोस्ट में कहा कि तकनीकी बदलाव किए गए हैं जिससे ग्रोक असली लोगों की तस्वीरों को बिकिनी या अन्य खुले कपड़ों में एडिट नहीं कर सकेगा। यह नियम सभी यूजर्स पर लागू होगा जिसमें पेड और प्रीमियम दोनों प्रकार के अकाउंट्स शामिल हैं।

    ग्रोक के ‘स्पाइसी मोड’ फीचर ने कई देशों में नाराजगी पैदा की थी। इस मोड के जरिए यूजर्स आसानी से किसी भी व्यक्ति की अश्लील डीपफेक तस्वीरें बना सकते थे जैसे कपड़े हटाना या बिकिनी में दिखाना। इस पर कई देशों ने प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर दिया या इसकी जांच शुरू कर दी। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भी एक्सएआई से इस मामले में रिपोर्ट मांगी थी। वहीं अमेरिका के कैलिफोर्निया अटॉर्नी जनरल ने डेवलपर के खिलाफ जांच शुरू की।28 सामाजिक संगठनों ने एप्पल और गूगल को पत्र लिखकर मांग की थी कि ग्रोक और एक्स ऐप को उनके ऐप स्टोर से हटाया जाए। बढ़ती अश्लील तस्वीरों की वजह से यह कदम जरूरी समझा गया।

    अब एक्स ने तस्वीर बनाने और एडिट करने की सुविधा केवल पेड सब्सक्राइबर्स तक सीमित कर दी है। पहले यह सुविधा प्रीमियम यूजर्स के लिए थी लेकिन अब इसे और भी सख्त बनाया गया है। प्लेटफॉर्म ने बताया कि यह कदम एक अतिरिक्त सुरक्षा परत के रूप में काम करेगा और नियम तोड़ने वाले यूजर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई संभव होगी।एक्स ने यह भी स्पष्ट किया कि बाल यौन शोषण सामग्री CSAM और बिना अनुमति की नग्न तस्वीरों जैसे गंभीर नियम उल्लंघन वाले कंटेंट को तुरंत हटाया जाएगा। ऐसे नियम तोड़ने वाले अकाउंट्स को निलंबित या बंद किया जाएगा।

    दिसंबर में मंत्रालय ने एक्स को निर्देश दिया था कि कानून के खिलाफ पहले से मौजूद आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया जाए या उसकी पहुंच बंद की जाए। भारत में एक्स ने ग्रोक की मदद से बनाई गई लगभग 3500 अश्लील तस्वीरें हटाईं और करीब 600 यूजर्स को प्रतिबंधित किया।इस कदम को प्लेटफॉर्म की सुरक्षा नीतियों और कानूनी जिम्मेदारी के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। एक्स ने कहा कि अब ग्रोक का इस्तेमाल केवल सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से ही संभव होगा जिससे किसी की निजता और सम्मान का उल्लंघन न हो।