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  • आगामी फिल्म 'टॉक्सिक' की रिलीज से पहले सुपरस्टार यश का पुराना पारिवारिक बयान इंटरनेट पर वायरल, सोशल मीडिया पर सिनेमाई मर्यादा और लैंगिक भेदभाव को लेकर छिड़ी बड़ी बहस

    आगामी फिल्म 'टॉक्सिक' की रिलीज से पहले सुपरस्टार यश का पुराना पारिवारिक बयान इंटरनेट पर वायरल, सोशल मीडिया पर सिनेमाई मर्यादा और लैंगिक भेदभाव को लेकर छिड़ी बड़ी बहस

    नई दिल्ली । कन्नड़ सिनेमा से निकलकर देशव्यापी पहचान बनाने वाले सुपरस्टार यश इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक’ को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का टीजर रिलीज होने के बाद से ही अभिनेता को लेकर सोशल मीडिया पर प्रशंसकों और सिनेमा प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि, फिल्म की चर्चाओं के बीच अभिनेता का एक दशक पुराना बयान इंटरनेट पर अचानक दोबारा वायरल हो गया है, जिसने फिल्म जगत और दर्शकों के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

    यह पूरा मामला साल 2014 का है, जब अभिनेता यश ने मशहूर टॉक शो ‘वीकेंड विद रमेश’ में शिरकत की थी। इस बातचीत के दौरान उन्होंने फिल्मों में अपनी सीमाओं, ऑन-स्क्रीन रोमांटिक दृश्यों और अपने पारिवारिक मूल्यों को लेकर खुलकर बात की थी। उस समय दिए गए अपने इंटरव्यू में यश ने स्वीकार किया था कि सेट पर रोमांटिक सीन फिल्माते समय वह काफी असहज और नर्वस हो जाते थे। उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी बताया था कि उनके इन दृश्यों को देखकर उनकी पत्नी राधिका और खुद उनकी मां भी उन पर हंसती थीं और कहती थीं कि उन्हें ठीक से रोमांस करना नहीं आता।

    इसी टॉक शो के दौरान यश ने एक बेहद महत्वपूर्ण सिद्धांत का जिक्र किया था, जिसे वह अपने अभिनय करियर में हमेशा लागू करते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि वह आज भी जीवन में एक कड़ा नियम फॉलो करते हैं कि अगर वह किसी दृश्य को अपने माता-पिता के साथ बैठकर आराम से नहीं देख सकते, तो वह वैसा सीन स्क्रीन पर कभी नहीं करेंगे। उनका मानना था कि जिन दृश्यों को देखकर अभिनेता स्वयं या उसका परिवार असहज हो, उससे आम दर्शकों को भी परदे पर देखते समय निश्चित रूप से असहजता महसूस होती है।

    अब जबकि फिल्म ‘टॉक्सिक’ का टीजर दर्शकों के सामने आ चुका है, तो यश के इसी पुराने बयान के स्क्रीनशॉट और वीडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। इंटरनेट यूजर्स इस बयान को उनकी नई फिल्म के संदर्भ से जोड़कर देख रहे हैं। कुछ प्रशंसकों का कहना है कि यश हमेशा से अपनी फिल्मों की पारिवारिक मर्यादा को लेकर बेहद सतर्क रहे हैं और वे ‘टॉक्सिक’ में भी अपने इसी पुराने वादे और मूल्यों पर कायम रहेंगे।

    दूसरी तरफ, इस पुराने बयान के दोबारा सामने आने से इंटरनेट पर एक अलग सामाजिक और लैंगिक बहस भी शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर यूजर्स का एक धड़ा इस फिल्म से जुड़ी उनकी सह-कलाकार कियारा आडवाणी को लेकर की जा रही टिप्पणियों और आलोचनाओं पर सवाल उठा रहा है। कई यूजर्स ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि जब यश खुद किसी फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं और बोल्ड या एक्शन दृश्यों का हिस्सा बनते हैं, तो समाज उनके पारिवारिक जीवन, उनकी शादी या उनके बच्चों को लेकर कोई सवाल नहीं उठाता।

    इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कई सोशल मीडिया यूजर्स ने मनोरंजन उद्योग में आज भी मौजूद दोहरे मापदंडों को रेखांकित किया है। लोगों का कहना है कि यश के शादीशुदा और दो बच्चों के पिता होने के बावजूद समाज पुरुषों से उनके ऑन-स्क्रीन किरदारों को लेकर कम सवाल पूछता है, जबकि महिला अभिनेत्रियों को उनके दृश्यों के लिए आज भी अधिक जज किया जाता है। फिलहाल, ‘टॉक्सिक’ की रिलीज से पहले वायरल हुआ यह बयान फिल्म के प्रचार के साथ-साथ सिनेमा में कलाकारों की व्यक्तिगत सीमाओं और सामाजिक दृष्टिकोण पर विचार करने का एक नया जरिया बन गया है।

  • हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू' के मुरीद हुए यश, भावुक पोस्ट में कहा- मुश्किल राह चुनकर बनाया मुकाम, तुम पर गर्व है

    हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू' के मुरीद हुए यश, भावुक पोस्ट में कहा- मुश्किल राह चुनकर बनाया मुकाम, तुम पर गर्व है

    नई दिल्ली । अभिनेत्री हुमा कुरैशी की नई फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ को रिलीज के बाद दर्शकों के साथ-साथ फिल्मी सितारों का भी समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में अभिनेता यश ने फिल्म देखने के बाद हुमा कुरैशी और पूरी टीम की खुलकर प्रशंसा की है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए उनके संदेश ने फिल्म को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है। यश ने अपने संदेश में फिल्म निर्माण की चुनौतियों और हुमा की मेहनत का विशेष रूप से उल्लेख किया।

    यश ने कहा कि फिल्म निर्माण केवल पर्दे पर दिखाई देने वाली चमक तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके पीछे लंबे समय की मेहनत, कई कठिन फैसले और लगातार संघर्ष छिपा होता है। उनके अनुसार किसी अलग और चुनौतीपूर्ण विषय पर फिल्म बनाना आसान नहीं होता, लेकिन ‘बेबी डू डाई डू’ की पूरी टीम ने इस चुनौती को पूरी प्रतिबद्धता के साथ स्वीकार किया।

    अपने संदेश में यश ने विशेष रूप से हुमा कुरैशी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने आसान रास्ता चुनने के बजाय कठिन विषय पर काम कर अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने लिखा कि इस तरह के प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि धैर्य, साहस और दृढ़ विश्वास की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि “तुम पर गर्व है” जैसे शब्द भी उनकी मेहनत की पूरी प्रशंसा के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

    यश ने फिल्म की पूरी टीम को रिलीज के लिए शुभकामनाएं भी दीं और उम्मीद जताई कि दर्शक इस प्रयास को सकारात्मक रूप से स्वीकार करेंगे। उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रशंसक भी दोनों कलाकारों के बीच पेशेवर सम्मान की सराहना कर रहे हैं।

    यश और हुमा कुरैशी जल्द ही आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक’ में एक साथ स्क्रीन साझा करते नजर आएंगे। ऐसे में यश की ओर से मिली यह सार्वजनिक सराहना दोनों कलाकारों के बीच मजबूत पेशेवर संबंधों को भी दर्शाती है। फिल्म जगत में एक कलाकार द्वारा दूसरे कलाकार के काम की खुले तौर पर प्रशंसा को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    दूसरी ओर, ‘बेबी डू डाई डू’ की रिलीज ऐसे समय हुई है जब सिनेमाघरों में कई बड़ी फिल्में भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। इसके बावजूद फिल्म अपने अलग विषय और कलाकारों के प्रदर्शन के कारण चर्चा में बनी हुई है। शुरुआती प्रतिक्रियाओं में दर्शकों की राय अलग-अलग जरूर रही है, लेकिन फिल्म को लेकर लगातार बातचीत जारी है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि किसी फिल्म को लेकर दर्शकों के साथ-साथ उद्योग से जुड़े प्रमुख कलाकारों की सकारात्मक प्रतिक्रिया भी उसके प्रति उत्सुकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यश की ओर से मिली खुली सराहना के बाद ‘बेबी डू डाई डू’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।

    फिलहाल फिल्म को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया लगातार सामने आ रही है। आने वाले दिनों में बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन और व्यापक दर्शक प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि ‘बेबी डू डाई डू’ व्यावसायिक और समीक्षात्मक दोनों स्तरों पर कितना प्रभाव छोड़ने में सफल रहती है।

  • कियारा आडवाणी की नाराजगी ने बढ़ाई मेकर्स की चिंता, बोल्ड दृश्यों को लेकर अभिनेत्री ने लिया कड़ा स्टैंड।

    कियारा आडवाणी की नाराजगी ने बढ़ाई मेकर्स की चिंता, बोल्ड दृश्यों को लेकर अभिनेत्री ने लिया कड़ा स्टैंड।


    नई दिल्ली। दक्षिण भारतीय सुपरस्टार यश की आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक’ इन दिनों सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है। इस फिल्म को लेकर फैंस के बीच जितना उत्साह है, उतनी ही चुनौतियां मेकर्स के सामने भी आती दिख रही हैं। हाल ही में फिल्म की स्टारकास्ट और इसके दृश्यों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है जिसने पूरी इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींचा है। फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहीं बॉलीवुड अभिनेत्री कियारा आडवाणी ने कथित तौर पर फिल्म के कुछ विशेष दृश्यों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। यह पूरा मामला फिल्म के अंतिम संपादन यानी फाइनल आउटपुट के बाद शुरू हुआ है, जहां कियारा को लगता है कि कुछ बोल्ड और इंटिमेट सीन उनके कंफर्ट जोन से बाहर चले गए हैं और वे उन्हें फिल्म में रखने के पक्ष में नहीं हैं।

    सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कियारा आडवाणी ने फिल्म के कुछ रोमांटिक और बोल्ड सीन्स को देखने के बाद निर्देशक गीतू मोहनदास और सुपरस्टार यश से सीधे तौर पर बातचीत की है। अभिनेत्री का मानना है कि इन दृश्यों को फिल्म से हटा देना चाहिए क्योंकि वे कहानी के प्रवाह में आवश्यक नहीं लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि शूटिंग के दौरान कियारा को यह आश्वासन दिया गया था कि इन दृश्यों को बहुत ही सलीके और मर्यादित तरीके से दिखाया जाएगा, लेकिन फाइनल कट देखने के बाद अभिनेत्री को लगा कि परिणाम वैसा नहीं है जैसा उन्होंने सोचा था। इस असहमति के चलते फिल्म के प्रोडक्शन हाउस के भीतर काफी हलचल मची हुई है, क्योंकि यश इस फिल्म के सह-निर्माता भी हैं और फिल्म पर उनका बहुत बड़ा दांव लगा हुआ है।

    फिल्म ‘टॉक्सिक’ के टीजर को लेकर भी पहले काफी चर्चा हुई थी, जिसमें एक बोल्ड सीक्वेंस को लेकर सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं आई थीं। शायद इसी आलोचनात्मक रुख को देखते हुए कियारा अब अपनी ऑन-स्क्रीन इमेज को लेकर अधिक सतर्क हो गई हैं। यश की यह फिल्म न केवल दक्षिण भारत बल्कि हिंदी भाषी क्षेत्रों में भी बहुत बड़े स्तर पर रिलीज होने वाली है, ऐसे में किसी भी प्रकार का विवाद फिल्म की रिलीज और उसकी सफलता पर असर डाल सकता है। फिलहाल फिल्म की रिलीज डेट को भी आगे बढ़ा दिया गया है, जिससे यह साफ होता है कि मेकर्स अभी फिल्म के कई तकनीकी और रचनात्मक पहलुओं पर दोबारा विचार कर रहे हैं।

    यश के करियर की बात करें तो वह एक तरफ ‘टॉक्सिक’ को विश्व स्तरीय फिल्म बनाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर वह नितेश तिवारी की ‘रामायण’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट का भी हिस्सा हैं। दूसरी तरफ कियारा आडवाणी बॉलीवुड की उन गिनी-चुनी अभिनेत्रियों में शामिल हैं जिनकी एक बड़ी फैन फॉलोइंग है और वह हमेशा अपनी फिल्मों के कंटेंट को लेकर सचेत रहती हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मेकर्स कियारा की मांग मानकर उन बोल्ड दृश्यों पर कैंची चलाएंगे या फिर अभिनेत्री को मनाने की कोशिश की जाएगी। इस विवाद ने ‘टॉक्सिक’ के प्रति दर्शकों की उत्सुकता को और अधिक बढ़ा दिया है और हर कोई अब फिल्म की नई रिलीज डेट और इसके अंतिम स्वरूप का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

  • बॉक्स ऑफिस पर बड़ा टकराव तय, यश की ‘टॉक्सिक’ और महेश बाबू की फिल्म आमने-सामने

    बॉक्स ऑफिस पर बड़ा टकराव तय, यश की ‘टॉक्सिक’ और महेश बाबू की फिल्म आमने-सामने

    नई दिल्ली। साउथ फिल्म इंडस्ट्री में एक बार फिर बड़े बॉक्स ऑफिस क्लैश की स्थिति बनती दिखाई दे रही है, जहां यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ अपनी रिलीज को लेकर चर्चा के केंद्र में है। पहले भी इस फिल्म की रिलीज डेट कई बार बदली जा चुकी है, लेकिन अब एक बार फिर नई परिस्थितियों के कारण इसकी रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    ताजा स्थिति के अनुसार ‘टॉक्सिक’ की संभावित रिलीज खिड़की पर एक नई बड़ी फिल्म के आने से टकराव की स्थिति बन गई है। यह नई फिल्म महेश बाबू से जुड़े प्रोजेक्ट के रूप में सामने आ रही है, जिसे ‘राव बहादुर’ नाम से जाना जा रहा है। दोनों फिल्मों की रिलीज समय के बेहद करीब होने के कारण बॉक्स ऑफिस पर सीधा मुकाबला लगभग तय माना जा रहा है।

    ‘टॉक्सिक’ को लेकर पहले भी कई बार अनिश्चितता बनी रही है। कभी प्रोडक्शन से जुड़े कारण, तो कभी रिलीज रणनीति में बदलाव के चलते इसकी रिलीज आगे खिसकती रही। हर बार फिल्म किसी न किसी बड़े प्रोजेक्ट से टकराने की स्थिति में आ जाती है, जिससे इसकी रिलीज योजना लगातार प्रभावित होती रही है।

    दूसरी ओर, ‘राव बहादुर’ भी अपने अनोखे विषय और प्रस्तुति को लेकर चर्चा में है। फिल्म की कहानी एक अलग और गंभीर पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही है, जिसमें रहस्य और मनोवैज्ञानिक पहलुओं को प्रमुखता दी गई है। इसकी घोषणा के बाद से ही दर्शकों में इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

    दोनों फिल्मों की शैली और विषय अलग होने के बावजूद रिलीज का समय इतना करीब है कि दर्शकों का बंटना तय माना जा रहा है। यही कारण है कि फिल्म व्यापार से जुड़े विशेषज्ञ इसे एक बड़ा क्लैश मान रहे हैं, जिसका असर दोनों फिल्मों के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

    यश की ‘टॉक्सिक’ अपने बड़े बजट, एक्शन और स्टार पावर के कारण चर्चा में रहती है, जबकि दूसरी ओर ‘राव बहादुर’ अपनी कहानी और गंभीर ट्रीटमेंट के कारण एक अलग दर्शक वर्ग को आकर्षित कर सकती है। ऐसे में यह मुकाबला सिर्फ फिल्मों का नहीं, बल्कि दर्शकों की पसंद और बाजार की दिशा का भी बन सकता है।

    फिलहाल दोनों फिल्मों की रिलीज डेट को लेकर अंतिम निर्णय स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन मौजूदा हालात संकेत दे रहे हैं कि बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ा आमना-सामना देखने को मिल सकता है।

    कुल मिलाकर, ‘टॉक्सिक’ एक बार फिर बड़े टकराव के केंद्र में आ गई है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में रिलीज रणनीति में कोई बदलाव होता है या फिर यह सीधा मुकाबला सिनेमाघरों में देखने को मिलेगा।

  • यश की ‘टॉक्सिक’ बनाएगी नई सिनेमाई दुनिया, रुक्मिणी वसंत ने बताया फिल्म को अब तक का सबसे अलग अनुभव

    यश की ‘टॉक्सिक’ बनाएगी नई सिनेमाई दुनिया, रुक्मिणी वसंत ने बताया फिल्म को अब तक का सबसे अलग अनुभव


    नई दिल्ली।
    रुक्मिणी वसंत इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘टॉक्सिक: अ फेरीटेल फॉर ग्रो-अप्स’ को लेकर चर्चा में हैं और इसे लेकर उनका उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। हाल ही में उन्होंने फिल्म के पैमाने और इसकी अनोखी प्रस्तुति के बारे में खुलकर बात की। उनके मुताबिक यह फिल्म एक अलग ही स्तर पर बनाई जा रही है, जो दर्शकों को अब तक के अनुभव से बिल्कुल अलग महसूस कराएगी।

    रुक्मिणी का कहना है कि इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका विशाल और प्रभावशाली स्केल है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने करियर में पहले कभी इतनी बड़ी और अलग तरह की सिनेमाई दुनिया का हिस्सा नहीं बनी हैं। फिल्म की कहानी और उसका प्रस्तुतिकरण इतना नया है कि यह हर किसी के लिए एक ताज़ा अनुभव साबित हो सकता है।

    उन्होंने आगे बताया कि निर्देशक और टीम जिस तरह इस फिल्म को तैयार कर रही है, वह इसे और खास बनाता है। हर पहलू पर बारीकी से काम किया जा रहा है, ताकि दर्शकों को एक अलग और यादगार अनुभव मिल सके। रुक्मिणी के अनुसार, यह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐसा विज़ुअल अनुभव है जो लोगों को लंबे समय तक याद रहेगा।

    रुक्मिणी ने यह भी कहा कि वह खुद को इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनकर काफी भाग्यशाली मानती हैं। उनके लिए यह फिल्म सिर्फ एक और काम नहीं बल्कि एक खास मौका है, जहां उन्हें कुछ नया और बड़ा करने का अवसर मिला है। वह इस बात को लेकर भी उत्सुक हैं कि जब यह फिल्म रिलीज होगी तो दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी होगी।

    फिल्म में कई बड़े कलाकार नजर आने वाले हैं, जिससे इसकी चर्चा और भी बढ़ गई है। इसे कई भाषाओं में रिलीज करने की तैयारी की जा रही है, ताकि यह ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके। इसके जरिए मेकर्स एक बड़े स्तर पर दर्शकों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

    रुक्मिणी वसंत के लिए यह फिल्म उनके करियर का अहम मोड़ साबित हो सकती है। इसके अलावा भी वह आने वाले समय में कई अन्य प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाली हैं, जिनकी घोषणा जल्द हो सकती है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि उनके लिए आने वाला समय बेहद खास रहने वाला है।

  • पार्ट 1 से छोटी होगी Dhurandhar 2: The Revenge? Ranveer Singh की फिल्म को मिला UA 16+ सर्टिफिकेट

    पार्ट 1 से छोटी होगी Dhurandhar 2: The Revenge? Ranveer Singh की फिल्म को मिला UA 16+ सर्टिफिकेट


    नई दिल्ली । रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म धुरंधर के बाद अब दर्शकों को इसके सीक्वल का बेसब्री से इंतजार है। धुरंधर 2: द रिवेंज 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है और रिलीज से पहले फिल्म से जुड़ी अहम जानकारी सामने आ गई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन  ने फिल्म को रिव्यू कर इसका सर्टिफिकेट और रनटाइम तय कर दिया है।

    सीबीएफसी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, धुरंधर 2 को UA 16+ सर्टिफिकेट दिया गया है। यानी 16 वर्ष से कम उम्र के दर्शकों को अभिभावक की निगरानी में फिल्म देखने की सलाह दी गई है। फिल्म को 9 फरवरी को प्रमाणपत्र जारी किया गया। इससे साफ है कि फिल्म में एक्शन और इंटेंस ड्रामा का स्तर पहले भाग से भी ज्यादा हो सकता है।

    रनटाइम की बात करें तो धुरंधर 2 की अवधि 208 मिनट यानी 3 घंटे 28 मिनट होगी। दिलचस्प बात यह है कि धुरंधर का पहला भाग 3 घंटे 35 मिनट लंबा था। हालांकि उसमें करीब चार मिनट का पोस्ट-क्रेडिट सीन भी शामिल था, जिसकी वजह से उसकी कुल अवधि बढ़ गई थी। ऐसे में देखा जाए तो सीक्वल पार्ट 1 से थोड़ा छोटा जरूर है, लेकिन फिर भी यह एक लंबी और ग्रैंड स्केल पर बनी फिल्म साबित होगी।

    फिल्म का निर्देशन Aditya Dhar ने किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार कहानी और भी ज्यादा तीव्र और भावनात्मक होगी। रणवीर सिंह एक बार फिर हम्जा अली के किरदार में नजर आएंगे और सीक्वल में उनके किरदार की गहराई को और विस्तार से दिखाया जाएगा। साथ ही पहले भाग से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब भी इस फिल्म में मिल सकते हैं। खासतौर पर बड़े साहब के किरदार से पर्दा उठने की चर्चा है, जिसने पहले भाग में दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी थी।

    फिल्म को लेकर एक और चर्चा जोरों पर है कि इसमें Yami Gautam का कैमियो देखने को मिल सकता है। हालांकि मेकर्स की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर ऐसा होता है तो यह दर्शकों के लिए बड़ा सरप्राइज होगा।

    बॉक्स ऑफिस की बात करें तो धुरंधर 2 का मुकाबला साउथ सुपरस्टार Yash की फिल्म Toxic से होने वाला है। दोनों बड़ी फिल्मों के बीच यह क्लैश मार्च में सिनेमाघरों में जबरदस्त टक्कर पैदा कर सकता है।

    कुल मिलाकर, धुरंधर 2: द रिवेंज पार्ट 1 से थोड़ी छोटी जरूर है, लेकिन इसकी कहानी, एक्शन और ड्रामा पहले से ज्यादा दमदार होने का दावा कर रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या रणवीर सिंह की यह फिल्म भी पहले भाग की तरह बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ पाती है या नहीं।

  • कांतारा 1 में निगेटिव रोल ने घबराहट में डाला था रुक्मिणी वसंत कोअब यश संग टॉक्सिक

    कांतारा 1 में निगेटिव रोल ने घबराहट में डाला था रुक्मिणी वसंत कोअब यश संग टॉक्सिक


    नई दिल्ली । कांतारा चैप्टर 1 में रानी कनकवती के खलनायिका किरदार से दर्शकों का दिल जीतने वाली रुक्मिणी वसंत इन दिनों खूब चर्चा में हैं। शुरुआती करियर में निगेटिव रोल चुनना उनके लिए एक बड़ा और साहसिक फैसला थाजो अब उनके अभिनय के लिए लाभदायक साबित हुआ। फिल्म की सफलता और उनके किरदार की तारीफ ने यह साबित कर दिया कि समय पर लिया गया जोखिम कलाकार के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है रुक्मिणी ने बताया कि कांतारा जैसी बड़ी फिल्म का ऑफर मिलना उनके लिए रोमांचक अनुभव था। जब ऋषभ शेट्टी ने उन्हें फोन कर फिल्म का प्रस्ताव दियातो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। लेकिन जैसे ही पता चला कि उन्हें खलनायिका रानी कनकवती का रोल निभाना हैथोड़ी घबराहट भी हुई। शुरुआती वर्षों में नकारात्मक भूमिका निभाना आसान नहीं होताखासकर तब जब इंडस्ट्री में कलाकारों को खास तरह के रोल करने की सलाह या दबाव महसूस होता है।

    इंडस्ट्री की धारणाओं पर बात करते हुए रुक्मिणी ने कहा कि पहले से बनी धारणाएं कलाकारों को प्रभावित करती हैं। कोई सीधे तौर पर यह नहीं कहता कि आपको निगेटिव रोल नहीं करना चाहिएलेकिन माहौल ऐसा बन जाता है कि कलाकार खुद ही तनाव महसूस करने लगता है। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत दिखाई और कनकवती के किरदार को निभायाजो दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सराहा गया। उनका अभिनय इतनी प्रभावशाली रहा कि किरदार लंबे समय तक लोगों की यादों में बना रहेगा। कांतारा में निभाए गए इस चुनौतीपूर्ण रोल के बाद रुक्मिणी अब अपने अगले प्रोजेक्ट्स को लेकर भी सुर्खियों में हैं। वह जल्द ही सुपरस्टार यश के साथ फिल्म टॉक्सिकमें नजर आएंगी। फिल्म का टीजर रिलीज होते ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर चुका है। टॉक्सिक19 मार्च 2026 को रिलीज होने वाली है और बॉक्स ऑफिस पर इसका मुकाबला धुरंधर 2से होगा।

    रुक्मिणी वसंत लगातार चुनौतीपूर्ण और दमदार किरदारों के लिए जानी जा रही हैं। उनके अभिनय का यह सफर यह दिखाता है कि जोखिम उठाना और अपनी क्षमता पर भरोसा रखना ही किसी कलाकार के करियर की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। कांतारा में निगेटिव रोल निभाने की उनकी हिम्मत और टॉक्सिकजैसी बड़ी फिल्मों में दिखने की तैयारी उन्हें इंडस्ट्री की अलग पहचान देती है। कुल मिलाकररुक्मिणी वसंत का सफर यह साबित करता है कि शुरुआती घबराहट और चुनौतियों के बावजूद सही रोल चुनना और उसमें खुद को साबित करना ही सफलता की कुंजी है। दर्शक उनके आगामी प्रोजेक्ट्स और दमदार प्रदर्शन के लिए बेताब हैं।

  • जेब में सिर्फ 300 रुपये, दिल में बड़े सपने: यश के संघर्ष से सुपरस्टार बनने तक की कहानी

    जेब में सिर्फ 300 रुपये, दिल में बड़े सपने: यश के संघर्ष से सुपरस्टार बनने तक की कहानी


    नई दिल्ली । साउथ फिल्म इंडस्ट्री में जब भी मेहनत और संघर्ष से सफलता पाने वाले कलाकारों की बात होती है तो अभिनेता यश का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। आज करोड़ों दिलों पर राज करने वाले यश का सफर आसान नहीं रहा। जेब में सिर्फ 300 रुपये और आंखों में बड़े सपने लेकर घर छोड़ने वाला यह युवक आज भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में गिना जाता है।

    अभिनेता यश का जन्म 8 जनवरी 1986 को कर्नाटक के हासन जिले के छोटे से गांव भुवनहल्ली में हुआ था। उनका असली नाम नवीन कुमार गौड़ा है। उनके पिता बीएमटीसी में बस चालक थे और माता एक गृहिणी थीं। परिवार साधारण था और माता-पिता चाहते थे कि बेटा पढ़-लिखकर सुरक्षित सरकारी नौकरी करे। लेकिन यश का मन बचपन से ही अभिनय की दुनिया में बस चुका था।स्कूल के दिनों में यश नाटकों और डांस प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। मंच पर तालियों की गूंज उन्हें खास सुकून देती थी और यहीं से उनके भीतर अभिनेता बनने का सपना मजबूत होता गया। जब परिवार ने उनके इस सपने का विरोध किया तो यश ने एक कठिन लेकिन साहसी फैसला लिया। वह सिर्फ 300 रुपये लेकर घर से निकल पड़े और बेंगलुरु का रुख किया। उन्हें डर था कि अगर वापस लौटे तो फिर कभी अपने सपनों के पीछे नहीं भाग पाएंगे।

    बेंगलुरु पहुंचकर यश ने थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में उन्हें बड़े रोल नहीं मिले। वह बैकस्टेज काम करते रिप्लेसमेंट कलाकार बनते और छोटे-छोटे किरदार निभाते रहे। कई बार हालात इतने मुश्किल हुए कि गुजारा करना भी चुनौती बन गया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। यही संघर्ष उनके भविष्य की मजबूत नींव बना।साल 2008 में यश को कन्नड़ फिल्म मोगिना मनासु से सिनेमा में पहला बड़ा मौका मिला। इस फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर भी मिला। इसके बाद राजधानी गजकेसरी मास्टरपीस जैसी फिल्मों ने उन्हें कन्नड़ सिनेमा का जाना-पहचाना चेहरा बना दिया।

    हालांकि यश की जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ 2018 में आया जब केजीएफ चैप्टर 1 रिलीज हुई। फिल्म में रॉकी भाई का किरदार निभाकर उन्होंने पूरे देश में पहचान बना ली। इसके बाद केजीएफ चैप्टर 2 ने इतिहास रच दिया और 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर कन्नड़ सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई।निजी जीवन में यश ने अपनी को-स्टार राधिका पंडित से 2016 में शादी की। दोनों ने मिलकर यशो मार्ग फाउंडेशन की शुरुआत की जो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और जल संरक्षण के लिए काम करता है। आज यश सिर्फ एक सुपरस्टार नहीं बल्कि संघर्ष आत्मविश्वास और मेहनत की मिसाल बन चुके हैं।