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  • अखिलेश का योगी सरकार पर हमला, बोले- विपक्ष को बदनाम करने AI वीडियो बनाकर वायरल कर रही सरकार

    अखिलेश का योगी सरकार पर हमला, बोले- विपक्ष को बदनाम करने AI वीडियो बनाकर वायरल कर रही सरकार

    लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से वीडियो तैयार कराकर वायरल कर रही है। अखिलेश ने कहा, ‘सरकार हमें बदनाम करने के लिए बच्चों के खेल न खेले। AI में हम उनसे काफी आगे हैं।’

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर बनाया गया एक AI वीडियो भी दिखाया गया। इसमें प्रदेश की कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए गए। अखिलेश ने कहा कि सरकार अगर AI का इस्तेमाल विपक्ष को बदनाम करने के लिए करेगी तो वे भी इस तकनीक में उसे पीछे छोड़ देंगे। उन्होंने सरकार को ऐसी गतिविधियों से बचने की नसीहत दी।

    ‘यूपी में बड़े पैमाने पर लूट, सबसे ज्यादा भ्रष्ट सरकार’
    सपा प्रमुख ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा, ‘प्रदेश में इस समय बड़े पैमाने पर लूट हो रही है। यह अब तक यूपी की सबसे ज्यादा भ्रष्ट सरकार है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूल बंद करवा रही है। अखिलेश ने कहा कि सपा बंद किए गए स्कूलों में जाकर कार्यक्रम करेगी और लोगों को सरकार के कामकाज की जानकारी देगी।

    एक्सप्रेसवे में गड्ढों को लेकर सरकार पर सवाल
    अखिलेश ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए एक्सप्रेसवे में गड्ढे हो गए हैं। अब इसके डिजाइन में गड़बड़ी की बात कही जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि अगर डिजाइन में गलती हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित एक एक्सप्रेसवे की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उसमें भी गड्ढे हो गए हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है।

    ‘कुंभ से अब तक एक लाख करोड़ से ज्यादा खर्च, विकास कहां हुआ?’
    अखिलेश ने प्रयागराज में हुए खर्च को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कुंभ से लेकर अब तक प्रयागराज में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुका है। इसके बावजूद सवाल यह है कि वास्तव में कितना विकास हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और पूरा राज्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।

    जयंत चौधरी पर बोले अखिलेश- ‘भाजपा 61 सीटें दे तो सम्मान होगा’
    अखिलेश यादव ने केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा अगर जयंत चौधरी को 61 सीटें देती है तो इसे उनका सम्मान माना जाएगा। इससे कम सीटें मिलने पर यह उनका अपमान होगा।

  • पुरानी गलियों से स्मार्ट रोड तक बदला लखनऊ! सीएम योगी बोले- विरासत और आधुनिकता का अनोखा संगम

    पुरानी गलियों से स्मार्ट रोड तक बदला लखनऊ! सीएम योगी बोले- विरासत और आधुनिकता का अनोखा संगम


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को विकास की नई सौगात देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने रविवार को लखनऊ छावनी को मॉडल छावनी के रूप में विकसित करने की दिशा में 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सुरक्षा सुशासन और विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज प्रदेश देश के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है और लखनऊ इसका प्रमुख उदाहरण है।

    मुख्यमंत्री ने लखनऊ के बदलते स्वरूप का जिक्र करते हुए कहा कि करीब दो दशक पहले रेलवे स्टेशन पर मुस्कुराइए आप लखनऊ में हैं का संदेश दिखाई देता था लेकिन शहर की जाम से भरी सड़कों संकरी गलियों और अव्यवस्थित हालात के कारण लोगों के लिए मुस्कुराना मुश्किल होता था। आज वही लखनऊ अपनी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक और स्मार्ट शहर के रूप में आगे बढ़ रहा है। शहर में पुरानी गलियों के साथ स्मार्ट रोड और सीएम ग्रिड की आधुनिक सड़कें हैं तो दूसरी ओर किसान पथ जैसे बड़े आउटर रिंग रोड भी यातायात को नई दिशा दे रहे हैं।

    सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ की खासियत उसकी विरासत और आधुनिकता का अनोखा मेल है। एक ओर ऊदा देवी पासी और महाराजा बिजली पासी जैसी महान विभूतियों का इतिहास शहर की पहचान से जुड़ा है तो दूसरी ओर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक मिसाइलों के निर्माण का केंद्र भी लखनऊ बन रहा है। उन्होंने कहा कि चिकनकारी हस्तशिल्प खानपान और सांस्कृतिक विरासत के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध लखनऊ अब आधुनिक बुनियादी ढांचे के कारण भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से लखनऊ छावनी में भी आधुनिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। छावनी परिषद में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए एआई आधारित व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसके साथ ही छावनी क्षेत्र के स्कूलों में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग जैसी पहल शुरू की जा रही है। इन प्रयासों का सीधा लाभ सैन्यकर्मियों पूर्व सैनिकों उनके परिवारों और छावनी क्षेत्र में रहने वाले आम नागरिकों को मिलेगा।

    गोमती नदी की सफाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी को स्वच्छ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और भरोसा जताया कि इस वर्ष के अंत तक गोमती को पूरी तरह स्वच्छ बनाने में सफलता मिलेगी। उन्होंने इस अभियान में सेंट्रल कमांड की ओर से मिल रहे सहयोग की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट था और प्रदेश अभाव अराजकता तथा उपद्रव की स्थिति से गुजर रहा था लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर एक्सप्रेसवे रेलवे मेट्रो और एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण को केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद इसके काम को भी जल्द गति दी जाएगी। प्रदेश में वर्तमान में 17 घरेलू और पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित हैं। वहीं सैनिक स्कूलों के माध्यम से युवाओं को देश की सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

    सीएम योगी ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में सैनिक चौबीसों घंटे डटे रहते हैं इसलिए सैनिकों पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छावनी परिषदों में विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। लखनऊ छावनी को आदर्श और मॉडल छावनी बनाने के लिए सड़क स्वच्छता शिक्षा कचरा प्रबंधन और अन्य नागरिक सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ आज अपनी ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है और बदलते उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर पेश कर रहा है।

  • घुमंतू समाज के विकास के लिए योगी सरकार का बड़ा फैसला, CM बोले- अब नहीं खानी पड़ेगी दर-दर की ठोकरें

    घुमंतू समाज के विकास के लिए योगी सरकार का बड़ा फैसला, CM बोले- अब नहीं खानी पड़ेगी दर-दर की ठोकरें

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घुमंतू और विमुक्त समुदायों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब उन्हें दर-दर भटकने और उपेक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार ने घुमंतू विकास बोर्ड का गठन कर इन समुदायों को सम्मानजनक जीवन, सरकारी योजनाओं का लाभ और विकास के समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम उठाया है।

    गुरुवार को बोर्ड के गठन के बाद आयोजित आभार एवं अभिनंदन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बोर्ड केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि वर्षों से उपेक्षित घुमंतू और विमुक्त समाज को न्याय, सम्मान और मुख्यधारा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति को सभी जनकल्याणकारी योजनाओं से शत-प्रतिशत जोड़ना है।

    योगी आदित्यनाथ ने बताया कि डबल इंजन सरकार ने वनटांगिया, मुसहर, थारू, गौड़, चेरो, बुक्सा, कोल और सहरिया जैसे वंचित समुदायों को राशन कार्ड, भूमि के पट्टे, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास, आयुष्मान भारत कार्ड, निःशुल्क बिजली व गैस कनेक्शन तथा विभिन्न पेंशन योजनाओं से जोड़ा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए जनता केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि ‘जनार्दन’ है। इसी सोच के साथ अनुसूचित जाति-जनजाति के बच्चों के लिए आश्रम पद्धति विद्यालय और श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जहां शिक्षा, आवास और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध है।

    उन्होंने कहा कि अब किसी भी घुमंतू या विमुक्त समुदाय को ‘क्रिमिनल ट्राइब’ कहकर नहीं पुकारा जा सकता। ये वे समुदाय हैं जिन्होंने देश की आजादी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है और अब उन्हें उनका उचित सम्मान दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। घुमंतू विकास बोर्ड इन समुदायों की पहचान कर उन्हें शासन की सभी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा।

    मुख्यमंत्री ने सपेरा समाज का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह समुदाय गुरु गोरखनाथ की परंपरा का अनुयायी रहा है और प्राचीन काल में समाज को जागरूक करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार घुमंतू समुदायों के सम्मानजनक पुनर्वास और समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

  • UP विधानसभा सत्र: विपक्ष पर बरसे CM योगी, बोले- इनका आचरण शर्मनाक, ये लोकतंत्र विरोधी हैं

    UP विधानसभा सत्र: विपक्ष पर बरसे CM योगी, बोले- इनका आचरण शर्मनाक, ये लोकतंत्र विरोधी हैं


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान लगातार दूसरे दिन हुए हंगामे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि विपक्ष का व्यवहार लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है और उसका आचरण बेहद शर्मनाक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही बाधित कर विपक्ष ने प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के हितों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि सरकार 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट लेकर आई थी, जिसमें जनकल्याण और विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल थीं, लेकिन हंगामे के कारण इन विषयों पर सार्थक चर्चा नहीं हो सकी।

    जनकल्याण योजनाओं पर चर्चा नहीं हो सकी
    सीएम योगी ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रसोइयों, ग्राम चौकीदारों समेत विभिन्न वर्गों के मानदेय में वृद्धि और महिला, दिव्यांग तथा वृद्धावस्था पेंशन से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा करना चाहती थी। उनका कहना था कि विपक्ष के विरोध के कारण इन मुद्दों पर सदन में विचार-विमर्श नहीं हो सका। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा ने अनुपूरक बजट को पारित कर दिया है और इससे जुड़ी योजनाओं पर जल्द अमल शुरू किया जाएगा।

    राम मंदिर चढ़ावा मामले पर भी साधा निशाना
    मुख्यमंत्री ने मंगलवार को दिए अपने बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले की एसआईटी जांच में किसी भी साधु-संत की संलिप्तता सामने नहीं आई है। इसके बावजूद विपक्ष तथ्यों को तोड़-मरोड़कर अयोध्या, सनातन परंपरा और राम मंदिर की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई और अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें छह आरोपी चढ़ावे की धनराशि के कथित दुरुपयोग से जुड़े पाए गए हैं।

    विपक्ष पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में अध्यक्ष पीठ का भी अनादर किया गया और प्लेकार्ड लहराकर कार्यवाही बाधित करने की कोशिश की गई। उनके अनुसार विपक्ष का उद्देश्य केवल भ्रम फैलाना और उत्तर प्रदेश की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने विपक्ष के इस रवैये को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया।

  • यूपी कैबिनेट में 21 बड़े फैसलों पर मुहर: जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी, किसानों के लिए गए कई अहम निर्णय

    यूपी कैबिनेट में 21 बड़े फैसलों पर मुहर: जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी, किसानों के लिए गए कई अहम निर्णय

    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे, किसानों, श्रमिकों और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 21 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने कनेक्टिविटी बढ़ाने, कृषि सुरक्षा, सामाजिक कल्याण और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष जोर देते हुए कई बड़े फैसले लिए।

    74 किमी के जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को हरी झंडी
    कैबिनेट ने जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 74.467 किलोमीटर लंबे छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी। बुलंदशहर होते हुए बनने वाला यह एक्सप्रेसवे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इसके अलावा प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन को भी स्वीकृति दी गई। प्रदेश के सात प्रमुख स्थानों पर बहुउद्देशीय हब विकसित करने के लिए लोक निर्माण विभाग की भूमि आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया। लखनऊ और नोएडा में अत्याधुनिक ‘यू-हब’ स्थापित किए जाएंगे।

    किसानों के लिए फसल बीमा योजना लागू
    किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और मौसम संबंधी नुकसान से राहत देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरे प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

    घुमंतू विकास बोर्ड और विश्वकर्मा योजना को बढ़ावा
    विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड के गठन को स्वीकृति दी गई। वहीं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के दिशा-निर्देशों में संशोधन और नए बजटीय प्रावधान को भी मंजूरी मिली। इसके साथ ही ग्राम्य विकास विभाग और एचसीएल फाउंडेशन के बीच समुदाय परियोजना से जुड़े समझौते को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने का फैसला किया गया।

    शिक्षा, श्रम और प्रशासनिक सुधारों पर भी फैसले
    कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुरूप उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम, 2004 में संशोधन को मंजूरी दी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश मजदूरी संहिता नियमावली-2026, राज्य संपत्ति विभाग सेवा नियमावली और भूतत्त्व एवं खनिकर्म सेवा नियमावली में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई।

    साथ ही उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक-2026 को विधानसभा में पेश करने तथा इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण नीति-2017 के तहत एक निजी कंपनी को व्यावसायिक परिचालन तिथि में छूट देने का निर्णय लिया गया।

    अनुपूरक बजट और सीएजी रिपोर्ट को भी मंजूरी
    कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदान और विनियोग विधेयक को मंजूरी दी। साथ ही भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की राज्य वित्त, मनरेगा, जल जीवन मिशन, सिविल और राजस्व ऑडिट से संबंधित रिपोर्टों को विधानमंडल में पेश करने से पहले राज्यपाल की अनुमति लेने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की।

  • यूपी सरकार ने ₹59 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट किया पेश, उद्योग-इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सबसे अधिक फोकस

    यूपी सरकार ने ₹59 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट किया पेश, उद्योग-इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सबसे अधिक फोकस


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विधानसभा में ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी ₹11,240.97 करोड़ होगी, जबकि शेष ₹47,778.57 करोड़ का भार राज्य सरकार वहन करेगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस अतिरिक्त व्यय की व्यवस्था कर एवं गैर-कर राजस्व में वृद्धि तथा अनुत्पादक खर्चों में कटौती के जरिए की जाएगी।

    उद्योग और आधारभूत ढांचे पर सबसे अधिक जोर
    अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए लगभग ₹20,905.88 करोड़ का पूंजीगत और ₹130.30 करोड़ का राजस्व प्रावधान किया गया है। वहीं ग्राम्य विकास विभाग को करीब ₹14,184.72 करोड़ का पूंजीगत और ₹81.03 करोड़ का राजस्व आवंटन मिला है। ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹7,022.27 करोड़ राजस्व मद तथा ₹400 करोड़ पूंजीगत मद में रखे गए हैं। पंचायती राज विभाग को ₹156.33 करोड़ राजस्व और ₹139.98 करोड़ पूंजीगत मद में दिए गए हैं।

    कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती
    कृषि विभाग के लिए ₹132.38 करोड़ राजस्व और ₹159 करोड़ पूंजीगत बजट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य और भूमि विकास एवं जल संसाधन विभागों के लिए भी अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि आधारित गतिविधियों को गति मिल सके।

    स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर फोकस
    स्वास्थ्य क्षेत्र में एलोपैथी चिकित्सा को सबसे अधिक आवंटन मिला है। इसके तहत ₹1,100 करोड़ राजस्व और ₹96 करोड़ पूंजीगत मद में दिए गए हैं। परिवार कल्याण विभाग को ₹704.25 करोड़, सार्वजनिक स्वास्थ्य को ₹60.65 करोड़ तथा आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा के लिए भी अलग बजट का प्रावधान किया गया है।
    स्वास्थ्य क्षेत्र में एलोपैथी चिकित्सा को सबसे अधिक आवंटन मिला है। इसके तहत ₹1,100 करोड़ राजस्व और ₹96 करोड़ पूंजीगत मद में दिए गए हैं। परिवार कल्याण विभाग को ₹704.25 करोड़, सार्वजनिक स्वास्थ्य को ₹60.65 करोड़ तथा आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा के लिए भी अलग बजट का प्रावधान किया गया है।

    शिक्षा और संस्कृति को ₹955 करोड़ से अधिक
    शिक्षा एवं संस्कृति क्षेत्र के लिए कुल ₹955.32 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें तकनीकी शिक्षा को ₹521.14 करोड़, प्राथमिक शिक्षा को ₹351.25 करोड़, माध्यमिक शिक्षा को ₹74.50 करोड़, उच्च शिक्षा को ₹5 करोड़, व्यावसायिक शिक्षा को ₹1.98 करोड़ और संस्कृति विभाग को ₹2.43 करोड़ आवंटित किए गए हैं। सरकार का कहना है कि अनुपूरक बजट का उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश, बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को गति देना है।

  • आयुष्मान योजना में अनियमितताओं पर योगी सरकार का एक्शन, दोषी अस्पतालों पर 1.16 करोड़ रुपये का जुर्माना

    आयुष्मान योजना में अनियमितताओं पर योगी सरकार का एक्शन, दोषी अस्पतालों पर 1.16 करोड़ रुपये का जुर्माना


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (साचीज) ने प्रदेशभर में विशेष गुणवत्ता सुधार अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य लाभार्थियों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

    साचीज की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अर्चना वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त प्रदेश के 800 अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया गया है। यह प्रशिक्षण राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, लखनऊ द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें अस्पतालों को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जुड़ी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

    प्रशिक्षण के दौरान अस्पतालों की तकनीकी समस्याओं और शिकायतों का भी मौके पर समाधान किया गया, ताकि उनकी कार्यप्रणाली और सेवा गुणवत्ता में सुधार हो सके। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की ओर से एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पतालों को गुणवत्ता मानकों के पालन के लिए प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान है। इसी व्यवस्था के तहत साचीज अस्पतालों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है, जिससे मरीजों को सुरक्षित, मानक आधारित और सम्मानजनक उपचार मिल सके।

    गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई

    साचीज ने योजना में वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के मामलों में सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान योजना के तहत अवैध नकद वसूली, अपकोडिंग और अन्य वित्तीय गड़बड़ियों के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू की गई है।

    सीईओ अर्चना वर्मा के अनुसार, जिन अस्पतालों के खिलाफ जांच में शिकायतें सही पाई गईं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक ऐसे अस्पतालों पर करीब 1.16 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इनमें से लगभग 60 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है, जबकि शेष राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अस्पतालों के भुगतान पर रोक लगा दी गई है।

    उन्होंने बताया कि जो अस्पताल लगातार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उन्हें आयुष्मान भारत योजना के पैनल से निलंबित भी किया जा रहा है। साचीज का उद्देश्य केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत नेटवर्क तैयार करना है जो गुणवत्ता, पारदर्शिता और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों पर खरा उतरे।

    इसके साथ ही केंद्र सरकार के अस्पतालों को भी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। इससे प्रदेश के लाभार्थियों को भविष्य में और अधिक विशेषज्ञ एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

  • कुशीनगर में CM योगी ने विपक्ष पर बोला जमकर हमला, कहा- अब नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा

    कुशीनगर में CM योगी ने विपक्ष पर बोला जमकर हमला, कहा- अब नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा


    कुशीनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर, रामकोला हाटा विधानसभा क्षेत्र की 525 करोड़ की 464 परियोजनाओं का शनिवार को लोकार्पण व शिलान्यास करते हुए विपक्ष को विकास और कानून व्यवस्था पर घेरते हुए सीधा हमला बोला। कहा कि, पहले की सरकार के पास नीयत थी न नीति थी। सोच ही लकवाग्रस्त थी, ऐसे में विकास की बात ही बेमानी थी।

    इस दौरान टेकुआटार में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सपा पर हमला बोला और कहा कि, पहले उत्तर प्रदेश में त्योहारों पर दंगे होते थे, अब नो कर्फ्यू , नो दंगा, यूपी में सब चंगा। बिना राम मंदिर चढ़ावा चोरी का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिरों पर कब्जा करने वाले अयोध्या, काशी और मथुरा के बारे में कैसे सोच सकते हैं। धर्म आस्था पर आज हमें आइना दिखाने वाले अपना चेहरा देखें।

    मुख्यमंत्री योगी ने कुशीनगर की इंसेफेलाइटिस से मासूमो के बचपन छिनने व मुसहरों की मौत का उदाहरण देते पूर्व की सरकारों को कठघरे में खड़ा किया तो कहा कि, अब इंसेफेलाइटिस से बचपन छिनता है और न कोई प्रदेश में भूख से मरता है। अब आवास, बिजली, गैस कनेक्शन, उपचार व रोजगार संग विकास की बात होती है।

    कुशीनगर से शीघ्र शुरू होगी उड़ान, गया और जेवर से जुड़ेगा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, पश्चिम एशिया संकट से दुनिया में मची उथल-पुथल के चलते नए नए एयरक्राफ्ट नहीं आ सके, जिससे कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान शुरू नहीं हो सकी। शीघ्र ही यहां से उड़ान शुरू होगी और गया और जेवर को जोड़ जाएगा। सरकार पूरी तरह संजीदा है।

    दियारा को मिलेगा 800 करोड़ का पुल
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारायणी उस पार दियारा के गांवों की दुर्दशा के लिए पूर्ववर्ती सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि डीपीआर बन रहा है। शीघ्र ही नारायणी पर 800 करोड़ का पुल बनेगा। दियारा के सभी गांव विकास की मुख्य धारा से जुड़ेगें। अंतिम व्यक्ति का विकास ही हमारी सरकार की सोच है। इस पर हम इमानदारी से कार्य भी कर रहे हैं।

  • देश में पहली पहल: यूपी के 12 लाख शिक्षाकर्मियों को ₹1 करोड़ दुर्घटना कवर, मुफ्त कैशलेस इलाज भी

    देश में पहली पहल: यूपी के 12 लाख शिक्षाकर्मियों को ₹1 करोड़ दुर्घटना कवर, मुफ्त कैशलेस इलाज भी


    उत्तरप्रदेश । उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों कर्मचारियों को बड़ी सामाजिक सुरक्षा देते हुए देश की पहली ऐसी व्यापक बीमा और स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जिसके तहत पात्र शिक्षाकर्मियों को एक करोड़ रुपये तक का दुर्घटना बीमा और पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का लाभ शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और छात्रावासों में कार्यरत वार्डेन सहित करीब 12 लाख शिक्षाकर्मियों को मिलेगा। इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ समझौता किया गया है। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में उनके परिवार को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

    योजना के तहत स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों को 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस, एक करोड़ रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, एक करोड़ रुपये का स्थायी दिव्यांगता बीमा तथा 1.60 करोड़ रुपये तक का हवाई दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। यदि किसी कर्मचारी के साथ दुर्घटना होती है तो उसके बच्चों की पढ़ाई और बेटियों के विवाह के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    संविदा कर्मचारियों के लिए भी अलग प्रावधान किए गए हैं। दस हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को 30 लाख से 80 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा मिलेगा। स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 30 लाख रुपये और आंशिक दिव्यांगता पर 15 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जाएगा। वहीं दस हजार रुपये से कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने शिक्षाकर्मियों के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की भी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इस योजना पर राज्य सरकार हर वर्ष लगभग 450 करोड़ रुपये खर्च करेगी और इसका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। इसके बदले सरकार शिक्षकों से केवल इतना चाहती है कि वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें, विद्यालयों को स्वच्छ और अनुशासित बनाए रखें तथा भविष्य की पीढ़ी के निर्माण में पूरी निष्ठा से योगदान दें।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और बच्चों से संवाद किया। एक छात्रा द्वारा तैयार दूरबीन के मॉडल को देखकर उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा कि क्या इससे वाराणसी से लखनऊ के मंत्री भी दिखाई देंगे। कार्यक्रम की शुरुआत 51 बटुकों के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई।

    इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बोर्ड परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने अन्य सरकारी विभागों और निजी क्षेत्र से भी अपील की कि वे अपने कर्मचारियों के लिए ऐसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू करें ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में कोई परिवार असहाय न रह जाए।

  • केजरीवाल के अयोध्या दौरे पर कांग्रेस का हमला, अजय राय बोले- 'राम सबके हैं, VIP छूट क्यों?'

    केजरीवाल के अयोध्या दौरे पर कांग्रेस का हमला, अजय राय बोले- 'राम सबके हैं, VIP छूट क्यों?'


    लखनऊ। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अयोध्या में दर्शन व्यवस्था को लेकर सरकार दोहरे मापदंड अपना रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब भगवान राम सबके हैं, तो फिर अलग-अलग नेताओं और श्रद्धालुओं के लिए अलग नियम क्यों बनाए जा रहे हैं।

    अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि अयोध्या में अरविंद केजरीवाल को कैमरों और विशेष सुविधाओं के साथ दर्शन की अनुमति दी गई, जबकि कांग्रेस नेताओं और आम श्रद्धालुओं के लिए कड़े नियम लागू किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले जब वह स्वयं रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या गए थे, तब वहां की व्यवस्था अलग थी।

    उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए लिखा कि आखिर राजनीतिक सुविधा के अनुसार नियम बदलने का क्या औचित्य है। उन्होंने इसे आस्था के केंद्र पर वीआईपी संस्कृति और दोहरी राजनीति करार देते हुए कहा कि यह पूरी तरह निंदनीय है।

    दरअसल, अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे थे, जहां उन्होंने रामलला के दर्शन किए। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा गबन मामले पर भी सवाल उठाए थे। उनके इस दौरे और बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया।

    इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बिना नाम लिए केजरीवाल पर तीखा हमला बोला था। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने उन्हें 15 वर्षों तक मौका दिया, लेकिन बदले में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का विकास डबल इंजन सरकार की देन है और दिल्ली के नेताओं को यहां आकर विकास मॉडल देखना चाहिए।

    सीएम योगी ने कहा कि यदि दिल्ली में भी इसी तरह विकास कार्य किए गए होते, तो राजधानी की तस्वीर भी आज अलग होती। उन्होंने अयोध्या के कायाकल्प का उल्लेख करते हुए इसे भाजपा सरकार की उपलब्धि बताया।

    केजरीवाल के अयोध्या दौरे के बाद अब सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर कांग्रेस सरकार पर वीआईपी संस्कृति और भेदभाव का आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर भाजपा विपक्षी नेताओं के शासनकाल और कार्यशैली पर सवाल उठा रही है। ऐसे में अयोध्या एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है।