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  • केजरीवाल के अयोध्या दौरे पर कांग्रेस का हमला, अजय राय बोले- 'राम सबके हैं, VIP छूट क्यों?'

    केजरीवाल के अयोध्या दौरे पर कांग्रेस का हमला, अजय राय बोले- 'राम सबके हैं, VIP छूट क्यों?'


    लखनऊ। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अयोध्या में दर्शन व्यवस्था को लेकर सरकार दोहरे मापदंड अपना रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब भगवान राम सबके हैं, तो फिर अलग-अलग नेताओं और श्रद्धालुओं के लिए अलग नियम क्यों बनाए जा रहे हैं।

    अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि अयोध्या में अरविंद केजरीवाल को कैमरों और विशेष सुविधाओं के साथ दर्शन की अनुमति दी गई, जबकि कांग्रेस नेताओं और आम श्रद्धालुओं के लिए कड़े नियम लागू किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले जब वह स्वयं रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या गए थे, तब वहां की व्यवस्था अलग थी।

    उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए लिखा कि आखिर राजनीतिक सुविधा के अनुसार नियम बदलने का क्या औचित्य है। उन्होंने इसे आस्था के केंद्र पर वीआईपी संस्कृति और दोहरी राजनीति करार देते हुए कहा कि यह पूरी तरह निंदनीय है।

    दरअसल, अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे थे, जहां उन्होंने रामलला के दर्शन किए। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा गबन मामले पर भी सवाल उठाए थे। उनके इस दौरे और बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया।

    इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बिना नाम लिए केजरीवाल पर तीखा हमला बोला था। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने उन्हें 15 वर्षों तक मौका दिया, लेकिन बदले में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का विकास डबल इंजन सरकार की देन है और दिल्ली के नेताओं को यहां आकर विकास मॉडल देखना चाहिए।

    सीएम योगी ने कहा कि यदि दिल्ली में भी इसी तरह विकास कार्य किए गए होते, तो राजधानी की तस्वीर भी आज अलग होती। उन्होंने अयोध्या के कायाकल्प का उल्लेख करते हुए इसे भाजपा सरकार की उपलब्धि बताया।

    केजरीवाल के अयोध्या दौरे के बाद अब सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर कांग्रेस सरकार पर वीआईपी संस्कृति और भेदभाव का आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर भाजपा विपक्षी नेताओं के शासनकाल और कार्यशैली पर सवाल उठा रही है। ऐसे में अयोध्या एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है।

  • CM योगी का देवरिया दौरा: 106 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ, विपक्ष पर भी साधा निशाना

    CM योगी का देवरिया दौरा: 106 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ, विपक्ष पर भी साधा निशाना

    देवरिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देवरिया जिले को 456 करोड़ रुपये से अधिक की 106 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि देवरिया में तेजी से निवेश बढ़ रहा है, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण विकास अब हर गांव और हर घर तक पहुंच रहा है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र का संतुलित विकास सुनिश्चित करना और आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

    अयोध्या और राम मंदिर मुद्दे पर विपक्ष को घेरा

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इस पर अनावश्यक आक्षेप नहीं लगाए जाने चाहिए।

    उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामले में विशेष जांच दल (SIT) अपनी रिपोर्ट दे चुका है और कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि “दूध का दूध और पानी का पानी” होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई ठोस प्रमाण है तो वह उसे एसआईटी के सामने प्रस्तुत करे, बेबुनियाद आरोप लगाने से बचना चाहिए।

    कांग्रेस पर भी साधा निशाना

    मुख्यमंत्री ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग कभी भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और “जय श्रीराम” के नारे पर आपत्ति जताते थे, वे आज आस्था की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश को केवल लूटा ही नहीं, बल्कि उसकी व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाया।

    सोशल मीडिया पर भी दी जानकारी

    कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी अपनी यात्रा की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि बाबा दुग्धेश्वर नाथ, बाबा महेंद्र नाथ और महर्षि देवरहा बाबा की पावन भूमि देवरिया में 456 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर जिले के समग्र विकास को नई मजबूती दी गई है।

    उन्होंने अपने संदेश में कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से देवरिया में निवेश लगातार बढ़ रहा है, युवाओं को रोजगार मिल रहा है और आधुनिक सड़क व अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से विकास अब लोगों के द्वार तक पहुंच चुका है।

  • पूर्वांचल के विकास को रफ्तार, देवरिया में 106 परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे CM योगी, गोरखपुर में अस्पताल का उद्घाटन भी

    पूर्वांचल के विकास को रफ्तार, देवरिया में 106 परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे CM योगी, गोरखपुर में अस्पताल का उद्घाटन भी


    लखनऊ।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पूर्वांचल के दो महत्वपूर्ण जिलों देवरिया और गोरखपुर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह देवरिया में 456 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित करेंगे।

    मुख्यमंत्री का कार्यक्रम देवरिया के बरहज और रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित होगा। इस अवसर पर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बुनियादी ढांचा और अन्य विकास कार्यों से जुड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    मुख्यमंत्री लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रमाण-पत्र भी सौंपेंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य पात्र परिवारों तक सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाना और उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।

    देवरिया कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री गोरखपुर पहुंचेंगे, जहां वह एस्ट्रोमेडिक्स मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। अस्पताल के शुरू होने से गोरखपुर और आसपास के जिलों के लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।

    अपने दौरे से पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश जारी करते हुए कहा कि पूज्य देवरहा बाबा की पावन भूमि देवरिया में विकास और जनकल्याण के एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं से क्षेत्र के लोगों के जीवन में नई आशा, नए अवसर और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।

    सरकार के अनुसार, पूर्वांचल में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और जनहित योजनाओं के विस्तार के उद्देश्य से लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।

  • अयोध्या विवाद पर सीएम योगी का बड़ा बयान, बोले- प्रमाण हैं तो SIT को दें, बेबुनियाद आरोप लगाना बंद करें

    अयोध्या विवाद पर सीएम योगी का बड़ा बयान, बोले- प्रमाण हैं तो SIT को दें, बेबुनियाद आरोप लगाना बंद करें


    नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में आयोजित एक जनसभा के दौरान विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और जय श्रीराम का उद्घोष करने वालों पर कार्रवाई करते थे, वही आज आस्था की बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आरोप जनता स्वीकार नहीं करेगी।

    सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय ऐसा था जब कुछ राजनीतिक दल और उनके समर्थक यह कहते थे कि भगवान राम का अस्तित्व ही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का विरोध करने के लिए अदालतों में कानूनी लड़ाई लड़ी गई और मंदिर निर्माण रोकने के प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर वे लोग थे जो जय श्रीराम का नारा लगाने वालों पर लाठीचार्ज और गोली चलाने तक से पीछे नहीं हटते थे, लेकिन आज वही लोग आस्था के साथ खिलवाड़ होने का आरोप लगा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग राम नवमी, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, कांवड़ यात्रा और दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून व्यवस्था बिगड़ने का आरोप झेलते रहे, वे अब अयोध्या को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह जनता को स्वीकार नहीं है।

    योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि उसने देश में भ्रष्टाचार और बेईमानी को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि देश को केवल लूटा ही नहीं गया बल्कि उसकी व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाया गया। ऐसे लोग अब अयोध्या और धार्मिक आस्था पर सवाल उठा रहे हैं, जो उचित नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होगी और सच सभी के सामने लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह पारदर्शी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

    अपने संबोधन के अंत में सीएम योगी ने विपक्ष से अपील की कि यदि उनके पास किसी भी आरोप से जुड़े तथ्य या प्रमाण हैं तो उन्हें विशेष जांच दल यानी एसआईटी के सामने प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई ठोस सबूत नहीं है तो बेबुनियाद आरोप लगाने से बचना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राम भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

  • योगी आदित्यनाथ का ललितपुर दौरा ,स्वास्थ्य शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

    योगी आदित्यनाथ का ललितपुर दौरा ,स्वास्थ्य शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज ललितपुर जिले के दौरे पर रहेंगे जहां वे 1766 करोड़ रुपये की लागत से बने राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित कुल 221 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इस दौरे को बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे स्वास्थ्य सेवाओं शिक्षा और बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री का यह दौरा कई धार्मिक और विकासात्मक कार्यक्रमों से जुड़ा रहेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सीएम योगी सुबह मध्य प्रदेश के दतिया स्थित प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ मंदिर में विधि विधान से दर्शन पूजन करेंगे और आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इसके बाद वह राजकीय हेलीकॉप्टर से ललितपुर पहुंचेंगे जहां पुलिस लाइन हेलीपैड पर उनका आगमन होगा।

    वहां से वे सीधे तुवन मंदिर जाएंगे और दर्शन पूजन के बाद कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना होंगे। इस पूरे दौरे को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दौरे को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि ललितपुर की धरती वीरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए जानी जाती है और आज यह विकास के एक नए अध्याय की साक्षी बनेगी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार का यह प्रयास बुंदेलखंड को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में मजबूत कदम साबित होगा।

    सीएम के अनुसार 1766 करोड़ की इन परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा और शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। मेडिकल कॉलेज के लोकार्पण से स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा और इलाज की सुविधाएं बढ़ेंगी जिससे लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके साथ ही 221 परियोजनाओं में सड़कें, भवन, जल आपूर्ति और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य शामिल हैं जो क्षेत्र के समग्र विकास को गति देंगे।

    सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस दौरे को आगामी विकास योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।

  • अयोध्या साधु-संत बोले—गाय माता है, राष्ट्रीय पशु बहस पर सीएम योगी के बयान का किया समर्थन

    अयोध्या साधु-संत बोले—गाय माता है, राष्ट्रीय पशु बहस पर सीएम योगी के बयान का किया समर्थन

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर दिए गए बयान के बाद धार्मिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है। इस मुद्दे पर अयोध्या के कई प्रमुख साधु-संतों ने मुख्यमंत्री के रुख का समर्थन किया है और गाय को केवल पशु नहीं बल्कि ‘गौमाता’ बताते हुए इसे भारतीय संस्कृति और आस्था का अभिन्न हिस्सा बताया है। संतों का कहना है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग परंपरागत धार्मिक भावनाओं के विपरीत है और इससे समाज में अनावश्यक विवाद पैदा होता है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था कि गाय हिंदू समाज के लिए केवल एक पशु नहीं बल्कि माता के समान है और माता-पुत्र के संबंध को किसी सरकारी घोषणा की आवश्यकता नहीं होती। उनके इस बयान के बाद अयोध्या में धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई, जिसमें कई संतों ने इसे सनातन परंपरा के अनुरूप बताया। साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास महाराज ने कहा कि गाय को विश्व माता का दर्जा प्राप्त है और उसमें देवी-देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को गलत मानसिकता से प्रेरित बताया।

    तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गाय को लेकर सनातन परंपरा में स्पष्ट सम्मान का भाव है और इसे किसी औपचारिक घोषणा की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का स्थान दिया गया है और इसे समझने के लिए सनातन परंपराओं का ज्ञान आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में इस तरह के विषयों पर अनावश्यक विवाद पैदा करना उचित नहीं है और इससे सांस्कृतिक असंतुलन उत्पन्न होता है।

    हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य महाराज ने कहा कि गाय को पशु कहने का विचार ही भारतीय आस्था के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाना चाहिए और इसके संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए। उनके अनुसार यह विषय केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।

    इसी क्रम में हनुमानगढ़ी के ही महंत हरीश दास ने कहा कि सीएम योगी का बयान समाज में संतुलन और परंपरा के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय जीवन मूल्यों का केंद्र है और इसे किसी विवाद में नहीं खींचा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शासन द्वारा कानून-व्यवस्था और सामाजिक अनुशासन पर की जा रही कार्रवाई सराहनीय है और इससे समाज में स्थिरता बनी रहती है।

    इस पूरे मुद्दे ने एक बार फिर गाय को लेकर देश में चल रही वैचारिक बहस को सामने ला दिया है। एक ओर जहां धार्मिक संत इसे आस्था और परंपरा का विषय मानते हैं, वहीं दूसरी ओर यह विषय सामाजिक और संवैधानिक दृष्टिकोण से भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अयोध्या के संतों के समर्थन ने इस बहस को और अधिक व्यापक बना दिया है।

    अंततः यह मामला केवल एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह भारतीय समाज में परंपरा, आस्था और आधुनिक संवैधानिक सोच के बीच संतुलन की बड़ी बहस को दर्शाता है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर और भी प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है, जिससे यह चर्चा और गहराती दिखाई दे सकती है।

  • निराश्रित बच्चों ने रचा सफलता का इतिहास: यूपी के 213 बच्चों ने बोर्ड परीक्षा पास की, 107 ने 60% से ज्यादा अंक हासिल किए

    निराश्रित बच्चों ने रचा सफलता का इतिहास: यूपी के 213 बच्चों ने बोर्ड परीक्षा पास की, 107 ने 60% से ज्यादा अंक हासिल किए




    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील नीतियों और बाल कल्याण के लिए चल रही योजनाओं का असर उत्तर प्रदेश के बाल देखरेख संस्थानों में साफ नजर आने लगा है। इन संस्थानों में रह रहे निराश्रित बच्चों ने इस साल बोर्ड परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर सबको चौंका दिया है। महिला कल्याण विभाग के संरक्षण में रह रहे कुल 213 बच्चों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है, जिनमें से 107 बच्चों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर प्रथम श्रेणी में अपनी जगह बनाई है।

    सरकार का कहना है कि ये परिणाम केवल परीक्षा का आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण हैं कि सही मार्गदर्शन, शिक्षा और माहौल मिलने पर कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चे भी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। बाल देखरेख संस्थानों को अब सिर्फ आश्रय स्थल नहीं बल्कि एक मजबूत शैक्षणिक और संस्कारयुक्त वातावरण में बदला जा रहा है, जहां बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है।

    इन संस्थानों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए स्मार्ट क्लास, ऑनलाइन कोचिंग और नियमित शैक्षिक मार्गदर्शन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही अनुभवी शिक्षकों द्वारा लगातार पढ़ाई में सहायता दी जा रही है, ताकि बच्चे किसी भी विषय में पीछे न रहें। बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास के लिए काउंसलिंग और मोटिवेशनल सेशन भी नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित हो सके।

    महिला कल्याण विभाग की निदेशक सी. इंदुमति के अनुसार, कठिन परिस्थितियों के बावजूद बच्चों का यह प्रदर्शन बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक सहयोग के बिना भी इन बच्चों ने मेहनत और अनुशासन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है, जो पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।

    सरकार अब इन बच्चों के भविष्य को और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है। बोर्ड परीक्षा के बाद उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ये बच्चे आगे चलकर आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर देश के विकास में योगदान दे सकें।

  • 12 साल के कार्यकाल पर भावुक हुए पीएम मोदी के पुराने शब्द फिर चर्चा में, नेताओं ने दी शुभकामनाएं

    12 साल के कार्यकाल पर भावुक हुए पीएम मोदी के पुराने शब्द फिर चर्चा में, नेताओं ने दी शुभकामनाएं


    नई दिल्ली । देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव उस समय दर्ज हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे कर लिए। वर्ष 2014 में देश की कमान संभालने के बाद से लेकर अब तक उनके नेतृत्व में कई बड़े राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक बदलाव देखने को मिले हैं। इस खास अवसर पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का माहौल रहा और विभिन्न नेताओं की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। उनके नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने पर समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी उत्साह देखने को मिला।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को देश के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। आम चुनाव के परिणामों के बाद उन्हें संसदीय दल का नेता चुना गया और फिर उन्होंने देश की बागडोर संभाली। उस समय राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव की नई शुरुआत मानी गई थी। वर्षों बाद अब जब उनके नेतृत्व का यह सफर 12 साल तक पहुंच गया है, तो उनके शुरुआती दौर के कई पुराने भाषण और बयान एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।

    विशेष रूप से संसदीय दल की बैठक में दिया गया उनका एक भावनात्मक संबोधन फिर से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उस दौरान उन्होंने पार्टी के संघर्ष, समर्पण और कार्यकर्ताओं के योगदान को याद किया था। उन्होंने उन लोगों का भी जिक्र किया था जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद पार्टी के लिए वर्षों तक मेहनत की। अपने संबोधन में उन्होंने भावुक होते हुए कहा था कि जिस प्रकार भारत उनके लिए मां के समान है, उसी तरह उनकी पार्टी भी उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके इस बयान को उस समय भी काफी भावनात्मक माना गया था और अब एक बार फिर इसकी चर्चा हो रही है।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पुराने संघर्षों को भी याद किया था। उन्होंने उन नेताओं के योगदान का उल्लेख किया जिन्होंने संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस दौर के कई राजनीतिक क्षणों को आज भी समर्थक ऐतिहासिक मानते हैं। समय के साथ देश की राजनीति में कई बदलाव आए, लेकिन उस संबोधन को आज भी उनके राजनीतिक सफर के महत्वपूर्ण पड़ावों में गिना जाता है।

    प्रधानमंत्री के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कई नेताओं ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उनके नेतृत्व में देश के विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का भी उल्लेख किया गया। पिछले वर्षों में लागू की गई विभिन्न योजनाओं और नीतियों को लेकर भी चर्चा रही। समर्थकों का मानना है कि इन वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में नई दिशा प्राप्त की है। वहीं राजनीतिक स्तर पर भी यह अवसर सरकार के लंबे कार्यकाल और उसकी उपलब्धियों को लेकर चर्चा का केंद्र बना रहा।

  • UP BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल तय, सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष बदलने की तैयारी; शीर्ष नेतृत्व में 50% तक बदलाव संभव

    UP BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल तय, सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष बदलने की तैयारी; शीर्ष नेतृत्व में 50% तक बदलाव संभव



    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यूपी बीजेपी का पुनर्गठन अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसे आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इस बदलाव में राज्य इकाई से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक व्यापक परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

    संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी
    सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी की यूपी इकाई में लगभग 50 प्रतिशत तक शीर्ष पदाधिकारियों में बदलाव संभव है। पार्टी का फोकस संगठन को अधिक मजबूत, सक्रिय और चुनावी दृष्टि से प्रभावी बनाने पर है।

    इसके साथ ही सभी क्षेत्रीय इकाइयों के अध्यक्षों को भी बदले जाने की संभावना जताई जा रही है। कुछ मौजूदा पदाधिकारियों को राज्य इकाई में जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि नए चेहरों को क्षेत्रीय नेतृत्व सौंपा जाएगा।

    नई टीम का खाका तैयार
    जानकारी के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक बदलाव को लेकर गहन मंथन किया है। प्रदेश स्तर पर नए पदाधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लग सकती है।

    पार्टी का उद्देश्य ऐसे नेताओं को आगे लाना है जिनका संगठनात्मक अनुभव मजबूत हो और जो बूथ स्तर तक पार्टी को सक्रिय करने में सक्षम हों।

    मोर्चों में भी बदलाव संभव
    बीजेपी अपने विभिन्न मोर्चों जैसे युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, एससी मोर्चा, एसटी मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा में भी नए अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है। इन मोर्चों की भूमिका चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    चुनावी रणनीति के तहत पुनर्गठन
    सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव केवल संगठनात्मक नहीं बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा है। पार्टी जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नई टीम तैयार कर रही है।

    बीजेपी का मानना है कि नए और युवा चेहरों को आगे लाने से संगठन में ऊर्जा आएगी और विपक्ष की रणनीति का बेहतर मुकाबला किया जा सकेगा।

    पहले भी हुए थे जिला स्तर पर बदलाव
    पार्टी पहले ही राज्य के करीब 95 संगठनात्मक जिलों में बड़े बदलाव कर चुकी है। कई जिला अध्यक्षों को हटाकर नए लोगों को जिम्मेदारी दी गई है।

    पार्टी अब उन पदाधिकारियों का मूल्यांकन कर रही है जिन्होंने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने में बेहतर प्रदर्शन किया हैयूपी बीजेपी का यह संभावित फेरबदल आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को नई दिशा देने की कोशिश माना जा रहा है। इससे राज्य में पार्टी की चुनावी रणनीति और अधिक आक्रामक और मजबूत होने की उम्मीद है।

  • ढाई करोड़ की कार से 45 रुपये का गमला चोरी! सीएम योगी ने सुनाया लखनऊ का दिलचस्प किस्सा

    ढाई करोड़ की कार से 45 रुपये का गमला चोरी! सीएम योगी ने सुनाया लखनऊ का दिलचस्प किस्सा



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने एक मजेदार लेकिन गंभीर उदाहरण देते हुए बताया कि लोग महंगी कारों में घूमते हैं, लेकिन नगर निगम द्वारा लगाए गए 45 रुपये के गमले तक चोरी कर ले जाते हैं। सीएम योगी की यह टिप्पणी सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे।

    दरअसल, मुख्यमंत्री लखनऊ नगर निगम के “स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ” अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 413 करोड़ रुपये की विभिन्न जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने साफ-सफाई और शहर की सुंदरता बनाए रखने में नागरिकों की जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया।

    सीएम योगी ने कहा कि शहर को साफ और सुंदर बनाए रखना सिर्फ नगर निगम, महापौर, पार्षद या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर का कूड़ा कूड़ेदान में डालें, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें, नालियों में कचरा न फेंकें और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं।

    इसी दौरान मुख्यमंत्री ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा लगाए गए गमलों को लोग चोरी कर ले जाते हैं। उन्होंने बताया, “हमने देखा कि एक बहुत महंगी कार आई और उसमें बैठे लोग 45 रुपये का गमला उठाकर ले गए। सीसीटीवी कैमरों में सब रिकॉर्ड हो गया। जितना पैसा उस कार में तेल भराने में लग रहा होगा, उतने में कई नए गमले आ जाते।”

    मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा कि एक समय उनके मन में आया कि गमला चोरी करने वालों की तस्वीर चौराहे पर लगवा दी जाए, ताकि लोगों को समझ में आए कि छोटी लालच की वजह से शहर की सुंदरता को नुकसान पहुंचाना ठीक नहीं है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जो पैसा विकास कार्यों पर खर्च करती है, वह किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि जनता का पैसा होता है। इसलिए उसकी रक्षा करना और सही उपयोग सुनिश्चित करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के विजन के अनुसार जनता का पैसा जनता के हित में खर्च किया जा रहा है और इसी वजह से प्रदेश में विकास साफ दिखाई दे रहा है।

    सीएम योगी का यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आ गया, जहां लोग इसे मजेदार अंदाज में साझा कर रहे हैं, लेकिन साथ ही सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी पर गंभीर संदेश भी बता रहे हैं।