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  • कम उम्र में बड़ा सपना, वैभव सूर्यवंशी बोले- लंबे समय तक क्रिकेट पर राज करना चाहता हूं

    कम उम्र में बड़ा सपना, वैभव सूर्यवंशी बोले- लंबे समय तक क्रिकेट पर राज करना चाहता हूं


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में अपने बल्ले से धमाल मचाने वाले 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के नए सितारे बनकर उभरे हैं। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। चयन के बाद वैभव ने अपने भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ क्रिकेट खेलना नहीं, बल्कि लंबे समय तक इस खेल में अपना दबदबा बनाए रखना है।

    राजस्थान रॉयल्स द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक इंटरव्यू में वैभव ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह ऐसा खिलाड़ी बनना चाहते हैं, जिसे क्रिकेट प्रेमी वर्षों तक याद रखें। वैभव का मानना है कि एक महान खिलाड़ी वही होता है जो अपने दम पर मैच का रुख बदल दे और टीम को जीत दिलाए।

    युवा बल्लेबाज ने कहा कि उन्होंने अपने करियर को लेकर स्पष्ट लक्ष्य तय कर रखा है। उनका सपना है कि जब भी लोग उनके खेल को देखें या भविष्य में उनके बारे में चर्चा करें तो यह महसूस करें कि वह ऐसा बल्लेबाज था जो अकेले दम पर मुकाबले का नतीजा बदल सकता था। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ वह लगातार मेहनत कर रहे हैं और अपने खेल को बेहतर बनाने में जुटे हुए हैं।

    वैभव ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कुछ साल क्रिकेट खेलकर संतुष्ट हो जाना नहीं है। वह चाहते हैं कि अगले 10 से 20 वर्षों तक उनके प्रदर्शन की चर्चा हो और उनका प्रभाव क्रिकेट जगत में बना रहे। उन्होंने कहा कि क्रिकेट उनके लिए केवल पेशा नहीं, बल्कि आनंद का माध्यम है। इसी कारण वह पूरी जिंदगी इस खेल का आनंद लेते हुए लगातार बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।

    भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने भी वैभव की प्रतिभा की सराहना की है। चयन समिति का मानना है कि युवा बल्लेबाज ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और टीम में जगह पाने का मजबूत दावा पेश किया। आईपीएल 2026 में उनकी बल्लेबाजी ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया।

    राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में शानदार निरंतरता दिखाई। उन्होंने 16 पारियों में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 237 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ऑरेंज कैप अपने नाम की और यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 72 छक्के जड़कर टी20 क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

    अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय सफर पर टिकी हैं। कम उम्र में मिली सफलता ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जाना शुरू कर दिया है। आने वाले महीनों में आयरलैंड, इंग्लैंड और एशियन गेम्स के मंच पर उनके प्रदर्शन से यह तय होगा कि वह घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी मजबूती से आगे बढ़ा पाते हैं।

  • वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा..

    वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा..


    नई दिल्ली:   क्रिकेट जगत में इन दिनों युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। अपनी आक्रामक और निडर बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने कम समय में ही क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में उनके प्रदर्शन को देखकर पूर्व क्रिकेट प्रशासन से जुड़े एक वरिष्ठ व्यक्ति ने उनकी प्रतिभा की जमकर तारीफ की, लेकिन साथ ही उनकी उम्र को लेकर भी हैरानी जताई। उनके अनुसार जिस तरह की परिपक्वता और ताकत के साथ वैभव बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह उनकी बताई गई उम्र से कहीं अधिक अनुभवपूर्ण नजर आती है।

    इस बयान में यह भी कहा गया कि वैभव सूर्यवंशी का बल्लेबाजी अंदाज बेहद आक्रामक है और वह बड़े शॉट्स खेलने में किसी भी तरह की हिचक नहीं दिखाते। उनकी टाइमिंग और पावर हिटिंग क्षमता ने उन्हें अन्य युवा खिलाड़ियों से अलग पहचान दी है। खास बात यह है कि इतनी कम उम्र में दबाव भरे माहौल में भी उनका आत्मविश्वास लगातार बना रहता है, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

    हालांकि इसी तारीफ के बीच उनकी उम्र को लेकर उठी टिप्पणी ने चर्चा को और बढ़ा दिया है। यह सवाल इसलिए उठा क्योंकि उनका खेल स्तर और मैदान पर उनका व्यवहार काफी परिपक्व नजर आता है। इस तरह की टिप्पणियों ने सोशल मीडिया और क्रिकेट सर्कल में नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां एक ओर लोग उनकी प्रतिभा की सराहना कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर उनकी उम्र और विकास को लेकर अलग अलग राय सामने आ रही है।

    वैभव सूर्यवंशी ने अपने छोटे से करियर में ही यह संकेत दे दिया है कि वह लंबे समय तक क्रिकेट में बड़ा नाम बन सकते हैं। उनकी बल्लेबाजी में निडरता और आक्रामकता का जो मिश्रण देखने को मिलता है, वह आधुनिक टी20 क्रिकेट की मांग के अनुरूप माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर उन्हें सही मार्गदर्शन और निरंतर अवसर मिलते रहे तो वह आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के प्रमुख चेहरों में शामिल हो सकते हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया है कि आईपीएल जैसे मंच युवा खिलाड़ियों के लिए कितना बड़ा अवसर बन सकता है, जहां वे अपनी प्रतिभा के दम पर रातोंरात चर्चा में आ जाते हैं और क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना लेते हैं।

  • गली क्रिकेट से प्रो लेवल तक: प्रफुल हिंगे की प्रेरणादायक और चौंकाने वाली कहानी

    गली क्रिकेट से प्रो लेवल तक: प्रफुल हिंगे की प्रेरणादायक और चौंकाने वाली कहानी


    नई दिल्ली। Praful Hinge ने अपने आईपीएल डेब्यू मैच में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। Indian Premier League में पहली बार खेलने उतरे इस युवा खिलाड़ी ने पहले ही मैच में 4 विकेट लेकर सनसनी मचा दी और “प्लेयर ऑफ द मैच” का खिताब अपने नाम किया।

    डेब्यू मैच में ही दिखाया जलवा
    Sunrisers Hyderabad और Rajasthan Royals के बीच खेले गए मुकाबले में हिंगे ने गेंदबाजी से मैच का रुख ही बदल दिया। सनराइजर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 216 रन बनाए थे, जिसके बाद राजस्थान की टीम मुकाबले में मजबूत नजर आ रही थी। लेकिन जैसे ही दूसरी पारी शुरू हुई, हिंगे ने पहले ही ओवर में 3 बड़े बल्लेबाजों को आउट कर मैच को एकतरफा बना दिया।

    पहले से ही लिखकर रखा था लक्ष्य
    मैच के बाद Praful Hinge ने बताया कि उन्होंने पहले ही लिखकर रखा था कि वह अपने डेब्यू मैच में 4 से 5 विकेट लेंगे। उन्होंने कहा, “मैंने सोचा था कि पावरप्ले में दबाव बनाऊंगा और विकेट लूंगा। मुझे भरोसा था कि मैं ऐसा कर सकता हूं।”

    13 साल की उम्र तक नहीं देखी थी लेदर बॉल
    हिंगे की कहानी और भी दिलचस्प है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने 13 साल की उम्र में क्रिकेट शुरू किया, तब उन्हें यह भी नहीं पता था कि लेदर बॉल क्रिकेट क्या होता है। शुरुआत में उनके पिता ने क्लब जॉइन करने से मना कर दिया था, लेकिन बाद में मौका मिला और उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

    वैभव सूर्यवंशी का विकेट रहा खास
    Vaibhav Suryavanshi का विकेट हिंगे के लिए सबसे खास रहा। उन्होंने पहले ही कहा था कि वह बाउंसर डालकर उन्हें आउट करेंगे—और उन्होंने वैसा ही किया। इसके अलावा उन्होंने Riyan Parag को भी आउट किया। हिंगे ने अपने 4 ओवर के स्पेल में 34 रन देकर 4 विकेट लिए। उनके पहले ओवर के तीन विकेट ने ही मैच का नतीजा लगभग तय कर दिया था। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें “प्लेयर ऑफ द मैच” चुना गया। हिंगे ने इस सफलता का श्रेय अपने परिवार और टीम के कोच को दिया। उन्होंने खासतौर पर बॉलिंग कोच Varun Aaron का धन्यवाद किया, जिन्होंने रणनीति बनाने में उनकी मदद की। प्रफुल्ल हिंगे की यह कहानी बताती है कि अगर आत्मविश्वास और मेहनत हो, तो कोई भी सपना सच हो सकता है। 13 साल की उम्र में लेदर बॉल से अनजान रहने वाला खिलाड़ी आज आईपीएल में छा गया है और यह तो बस शुरुआत है।

  • यशस्वी जायसवाल फॉर्म और किस्मत का सही संयोजन जरूरी

    यशस्वी जायसवाल फॉर्म और किस्मत का सही संयोजन जरूरी

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे यशस्वी जायसवाल ने खुद को एक शानदार बल्लेबाज के रूप में साबित किया है जो तीनों फॉर्मेट में शतक लगा चुका है। उनकी क्षमता किसी भी क्रिकेट फॉर्मेट में खेलने और प्रदर्शन करने की है लेकिन फिर भी उन्हें अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। 24 साल के यशस्वी जायसवाल का जन्म 28 दिसंबर 2001 को उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में हुआ था। मुंबई में अपने परिवार के साथ बसीं जायसवाल ने यहां क्रिकेट में अपना करियर बनाने का सपना देखा और बेहद कठिन आर्थिक हालातों के बावजूद उन्होंने संघर्ष करके खुद को एक अच्छे बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया।
    घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें 14 जुलाई 2023 को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने उसी साल टी20 डेब्यू किया और 2025 में वनडे डेब्यू किया। जायसवाल ने अब तक तीनों फॉर्मेट में खुद को एक विस्फोटक और भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज के रूप में साबित किया है। वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में शतक लगाया है। हालांकि इसके बावजूद वनडे और टी20 में उनकी जगह अभी तक स्थिर नहीं हो पाई है।

    किस्मत का साथ जरूरी है

    क्रिकेट में फॉर्म के साथ-साथ किस्मत का भी बहुत बड़ा योगदान होता है। यशस्वी जायसवाल के पास फॉर्म तो है लेकिन उनकी किस्मत उनके साथ उतनी मेहरबान नहीं है जितनी होनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर 2024 में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए उनका चयन तो किया गया था लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। वहीं 2026 के टी20 विश्व कप के लिए उन्हें टीम में जगह नहीं मिली जो उनके लिए एक बड़ा झटका हो सकता है।वनडे में भी जायसवाल को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गिल की चोट के कारण मौका मिला था और उन्होंने आखिरी वनडे मैच में शतक भी लगाया। हालांकि गिल की वापसी के बाद यह देखना होगा कि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज में खेलने का मौका मिलता है या नहीं।

    टेस्ट क्रिकेट में सफलता

    टेस्ट क्रिकेट में जायसवाल का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। डेब्यू के बाद से ही उन्हें लगातार मौके मिलते रहे हैं और उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी चुनौतीपूर्ण पिचों पर भी रन बनाए हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनकी सफलता ने उन्हें भारतीय टीम में एक महत्वपूर्ण सदस्य बना दिया है।आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। वह राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं और वहां भी उन्होंने अपने आक्रामक खेल से अपनी पहचान बनाई है। आईपीएल में उनका रन-स्कोरिंग फॉर्म जबरदस्त रहा है जिससे उन्होंने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता है।

    जायसवाल के आंकड़े

    यशस्वी जायसवाल ने अब तक 28 टेस्ट मैचों में 7 शतकों के साथ 2511 रन बनाए हैं। वहीं 4 वनडे मैचों में 1 शतक के साथ 171 रन और 23 टी20 मैचों में 1 शतक और 5 अर्धशतकों के साथ 723 रन उनके नाम पर दर्ज हैं। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि वह किसी भी फॉर्मेट में लगातार प्रदर्शन कर सकते हैं और भविष्य में भारतीय टीम के लिए एक अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।

    भविष्य की उम्मीदें

    यद्यपि यशस्वी जायसवाल को फिलहाल लगातार खेलने का मौका नहीं मिल रहा है लेकिन उनका भविष्य बेहद उज्जवल दिखता है। क्रिकेट में फॉर्म और किस्मत दोनों का साथ होना जरूरी होता है और जायसवाल के मामले में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे आने वाले समय में उन्हें और अधिक मौके मिलते हैं या नहीं। यशस्वी जायसवाल का क्रिकेट करियर अब तक शानदार रहा है और उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वह भविष्य में तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम का हिस्सा बनकर मैदान में अपना जलवा दिखाते रहेंगे।
  • विजय हजारे ट्रॉफी में शतक बनाने वाले बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, कहा–जीवन का सबसे खास पल

    विजय हजारे ट्रॉफी में शतक बनाने वाले बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, कहा–जीवन का सबसे खास पल


    नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जो उनके करियर और जीवन के लिए एक अविस्मरणीय क्षण साबित हुई। पीएम से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। बिहार के मोतिहारी जिले से ताल्लुक रखने वाले 15 वर्षीय वैभव को हाल ही में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। क्रिकेट के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि के लिए यह सम्मान पाने वाले वे देश के पहले क्रिकेटर बन गए।प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा साझा की गई तस्वीरों में वैभव और पीएम मोदी के बीच आत्मीय बातचीत दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री ने वैभव की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया। वैभव ने भी कहा कि पीएम से मिला प्रोत्साहन उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।

    वैभव सूर्यवंशी का नाम चर्चा में तब आया, जब उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के मैच में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 84 गेंदों में 190 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 16 चौके और 15 छक्के जड़े। इसके साथ ही वैभव लिस्ट-ए क्रिकेट में शतक बनाने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए और पाकिस्तान के जहूर इलाही का 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा।वैभव बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज हैं और कम उम्र में ही उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। विजय हजारे ट्रॉफी जैसे बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों को चौंकाने वाला रहा। माना जा रहा है कि भविष्य में वे भारत के अंडर-19 और सीनियर स्तर के क्रिकेट में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 5 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को कला, खेल, नवाचार, सामाजिक सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। वैभव का इस सूची में शामिल होना न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के युवा खिलाड़ियों के लिए गर्व की बात है। इससे पहले इस मंच पर शतरंज खिलाड़ी आर प्रज्ञानानंद और आर वैशाली जैसे नाम अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं।वैभव की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2025 की शुरुआत में वे गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले भारतीय क्रिकेटरों में शामिल थे। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों के बीच एक किशोर खिलाड़ी का इस तरह चर्चा में आना भारतीय क्रिकेट के बदलते परिदृश्य को दर्शाता है।

    बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार, वैभव के प्रदर्शन पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर वह अपनी फॉर्म और फिटनेस बनाए रखते हैं, तो जल्द ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर और बड़े मौके मिल सकते हैं। प्रधानमंत्री से हुई यह मुलाकात और मिला सम्मान उनके करियर को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।इस उपलब्धि और सम्मान ने वैभव सूर्यवंशी को केवल एक क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना दिया है। उनका यह सफर यह दिखाता है कि कड़ी मेहनत, टैलेंट और सही दिशा मिलने पर कम उम्र में भी असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।