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  • कोलकाता रोजगार मेले में युवाओं को मिली बड़ी सौगात, 188 नियुक्ति पत्र बांटकर सरकार ने बढ़ाया भरोसा

    कोलकाता रोजगार मेले में युवाओं को मिली बड़ी सौगात, 188 नियुक्ति पत्र बांटकर सरकार ने बढ़ाया भरोसा

    नई दिल्ली । देशभर में आयोजित राष्ट्रीय रोजगार मेले के तहत शनिवार को कोलकाता में भी बड़े स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां सैकड़ों युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिली। सियालदह स्थित डॉ. बी.सी. रॉय ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में 188 चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान युवाओं के चेहरों पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया।

    रोजगार मेले में रेलवे सहित विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि देश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के और अधिक अवसर तैयार किए जाएंगे ताकि देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच मिल सके।

    रेलवे विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लगातार बढ़ते नेटवर्क और नई परियोजनाओं को देखते हुए कर्मचारियों की आवश्यकता भी बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग विभागों में योग्य उम्मीदवारों का चयन किया गया है। नियुक्ति पत्र पाने वाले कई युवाओं ने इसे अपने जीवन की नई शुरुआत बताया।

    कार्यक्रम में चयनित एक युवक ने कहा कि रेलवे के तकनीकी विभाग में चयन होना उसके लिए गर्व की बात है और वह पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। वहीं दूसरे चयनित उम्मीदवार ने कहा कि लंबे समय की तैयारी और संघर्ष के बाद यह सफलता मिली है, जिससे परिवार में भी खुशी का माहौल है।

    रोजगार मेले में शामिल युवाओं ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें यह भरोसा मिलता है कि मेहनत करने वालों के लिए अवसर लगातार उपलब्ध हैं। कई चयनित उम्मीदवारों ने यह भी कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए प्रेरणादायक अनुभव रहा।

    कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि देश के विकास में युवाओं की भागीदारी सबसे अहम है और सरकारी विभागों में नई नियुक्तियां प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। रोजगार मेले के माध्यम से सरकार की कोशिश है कि युवाओं को समय पर अवसर मिले और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

    कोलकाता में आयोजित यह रोजगार मेला युवाओं के लिए उम्मीद और नए अवसरों का प्रतीक बनकर सामने आया। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कई युवाओं ने इसे अपने सपनों को साकार करने वाला क्षण बताया। कार्यक्रम के अंत में चयनित उम्मीदवारों ने भविष्य में देश सेवा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का संकल्प भी लिया।

  • AI के दौर में 80 लाख नौकरियों की दरकार, पी. चिदंबरम ने जताई सामाजिक विस्फोट की आशंका

    AI के दौर में 80 लाख नौकरियों की दरकार, पी. चिदंबरम ने जताई सामाजिक विस्फोट की आशंका


    नई दिल्ली । कृत्रिम मेधा एआई के तेजी से विस्तार के बीच भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार सृजन की है। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने चेतावनी दी है कि देश को हर साल कम से कम 80 लाख नई नौकरियां पैदा करनी होंगी, जबकि वास्तविक आवश्यकता इससे भी अधिक हो सकती है। उनका कहना है कि आधिकारिक बेरोजगारी दर भले 5.1 प्रतिशत बताई जाती हो, लेकिन जमीनी हकीकत कहीं अधिक गंभीर है। युवा बेरोजगारी दर 15 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और लगभग 55 प्रतिशत लोग स्वरोजगार या दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर हैं, जो अस्थिर आय और असुरक्षित भविष्य का संकेत है।

    चिदंबरम ने कहा कि एआई मानव क्षमताओं और उत्पादकता को कई गुना बढ़ाने की क्षमता रखता है, लेकिन इसके साथ बड़े पैमाने पर रोजगार विस्थापन का खतरा भी जुड़ा है। उन्होंने डारियो अमोदेई के उस विश्लेषण का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि एआई अभूतपूर्व गति से श्रम बाजारों को बाधित कर सकता है और निकट भविष्य में वाइट कॉलर नौकरियों का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। टिकट चेकर, बस और ट्रेन कंडक्टर, रेल सिग्नलकर्मी, स्टेनोग्राफर, टाइपिस्ट, बैंक कर्मचारी, अनुवादक और निजी शिक्षक जैसी पारंपरिक नौकरियां स्वचालन की चपेट में आ सकती हैं।

    हाल के घटनाक्रम भी इस आशंका को बल देते हैं। Microsoft के सीईओ ने संकेत दिया है कि कई भूमिकाओं में स्वचालन बढ़ेगा और कंपनी ने 2025 में हजारों कर्मचारियों की छंटनी की। इसी तरह Tata Consultancy Services ने पुनर्गठन के तहत बारह हजार से अधिक कर्मचारियों को हटाने की घोषणा की। टेक निवेशक विनोद खोसला का मानना है कि एआई के कारण आईटी सेवाएं और बीपीओ उद्योग आने वाले वर्षों में बुनियादी बदलाव से गुजरेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई को भविष्य और समृद्धि का माध्यम बताया है, लेकिन चिदंबरम का तर्क है कि भारत की सामाजिक-आर्थिक संरचना विकसित देशों से भिन्न है। यहां उच्चतर माध्यमिक स्तर पर नामांकन में गिरावट देखी जाती है और उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात 45-50 प्रतिशत के बीच है। अधिकांश स्नातक डिग्रीधारी रोजगार योग्य कौशल से वंचित रहते हैं, जिससे उपयुक्त नौकरी पाना कठिन हो जाता है।

    उन्होंने आगाह किया कि यदि शहरी क्षेत्रों में भी रोजगार सिमटने लगे और शिक्षित युवाओं को आईटी व अन्य कुशल क्षेत्रों में अवसर न मिलें, तो सामाजिक असंतोष बढ़ सकता है। समाधान के तौर पर उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण प्रबंधन में बड़े निवेश, कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा, गैर-रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की समीक्षा और स्थानीय बाजारों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। एमएसएमई क्षेत्र को सबसे बड़ा रोजगार सृजक बताते हुए उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग इन उद्यमों की उत्पादकता बढ़ाने में किया जाए, न कि केवल लागत घटाने में।

    चिदंबरम का निष्कर्ष स्पष्ट है तकनीक को अपनाना अनिवार्य है, लेकिन इसके साथ रोजगार सृजन की सामाजिक जिम्मेदारी भी तय करनी होगी। अन्यथा, काम से वंचित समाज असंतुलन और असंतोष की ओर बढ़ सकता है। एआई का प्रभाव आने वाले वर्षों में और स्पष्ट होगा, इसलिए अभी से ठोस नीतिगत कदम उठाने का समय है।

  • मध्य प्रदेश का महाबजट तैयार, 4.70 लाख करोड़ के करीब आकार; 18 फरवरी को विधानसभा में होगा पेश

    मध्य प्रदेश का महाबजट तैयार, 4.70 लाख करोड़ के करीब आकार; 18 फरवरी को विधानसभा में होगा पेश


    भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार इस बार राज्य का बजट आकार करीब 4.70 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 4.21 लाख करोड़ रुपये के बजट से लगभग 12 प्रतिशत अधिक होगा। बजट 18 फरवरी को विधानसभा में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताएं स्पष्ट होंगी।

    बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बजट का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया। बैठक में विकास योजनाओं वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति पर विशेष चर्चा हुई। सरकार इस बार राजकोषीय घाटा नियंत्रित रखने पर खास जोर दे रही है ताकि राज्य की वित्तीय स्थिति संतुलित और मजबूत बनी रहे। वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने के साथ-साथ विकास की रफ्तार बनाए रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती और प्राथमिकता दोनों है।

    सूत्रों के मुताबिक इस बार पूंजीगत व्यय कैपिटल एक्सपेंडिचर में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। इसका सीधा असर बुनियादी ढांचे के विकास पर पड़ेगा। सड़क पुल सिंचाई परियोजनाएं शहरी अधोसंरचना शिक्षा संस्थानों का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर बड़े निवेश की तैयारी है। सरकार का मानना है कि पूंजीगत निवेश बढ़ने से रोजगार के अवसर सृजित होंगे और निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

    विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से प्रारंभ हो रहा है। इस दौरान बजट प्रस्तुति के अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत विषयों पर चर्चा होगी। यह बजट मोहन यादव सरकार का तीसरा प्रमुख बजट माना जा रहा है जिससे जनता और विभिन्न वर्गों को काफी उम्मीदें हैं।

    सरकार के संकेत हैं कि इस बजट में किसान कल्याण योजनाओं को मजबूती दी जाएगी। कृषि क्षेत्र में तकनीकी सुधार सिंचाई विस्तार और समर्थन मूल्य से जुड़ी व्यवस्थाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण लाड़ली बहना जैसी योजनाओं के लिए प्रावधान बढ़ने की संभावना है। युवाओं के लिए कौशल विकास स्टार्टअप प्रोत्साहन और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाने जैसे कदम भी बजट का हिस्सा बन सकते हैं।

    ग्रामीण विकास पेयजल बिजली और आवास योजनाओं के लिए भी पर्याप्त राशि आवंटित किए जाने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि यह बजट विकास और वित्तीय अनुशासन के संतुलन का मॉडल पेश करेगा और प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा। अब निगाहें 18 फरवरी पर टिकी हैं जब विधानसभा में इस ‘महाबजट का औपचारिक ऐलान होगा।

  • रोजगार मेले में पीएम मोदी की बड़ी सौगात: 61 हजार से अधिक युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

    रोजगार मेले में पीएम मोदी की बड़ी सौगात: 61 हजार से अधिक युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आयोजित 18वें रोजगार मेले के दौरान देशभर के 61 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन इन सभी युवाओं के जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने नियुक्ति पत्रों को “नेशन बिल्डिंग का इनविटेशन लेटर” बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत के निर्माण को गति देने का संकल्प है। नियुक्तियां केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में की गई हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा, “आज आप सभी सरकारी सेवा में प्रवेश कर रहे हैं। यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी का अवसर है।” उन्होंने यह भी कहा कि साल 2026 की शुरुआत युवाओं के जीवन में नई उम्मीदें और नई खुशियां लेकर आई है। बसंत पंचमी और गणतंत्र दिवस के संयोग का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह समय संविधान के प्रति कर्तव्यों को याद करने और राष्ट्र सेवा के लिए खुद को समर्पित करने का है।

    तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी में खुद को अपडेट रखना जरूरी

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बदलते तकनीकी दौर की चुनौतियों और जरूरतों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं और ऐसे में सरकारी सेवाओं में आने वाले युवाओं को खुद को लगातार अपग्रेड करना होगा। पीएम मोदी ने बताया कि iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक करीब डेढ़ करोड़ सरकारी कर्मचारी खुद को नए कौशलों में प्रशिक्षित कर चुके हैं। उन्होंने “नागरिक देवो भव:” को सभी कर्मचारियों के लिए मूल मंत्र बताया।

    रिफॉर्म एक्सप्रेस पर भारत, महिलाओं की भागीदारी बढ़ी

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, जिसका उद्देश्य जीवन और कारोबार-दोनों को आसान बनाना है। उन्होंने बताया कि इस रोजगार मेले में 8 हजार से अधिक बेटियों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। पीएम मोदी ने कहा कि बीते 11 वर्षों में देश के वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हो गई है।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार कई देशों के साथ ट्रेड और मोबिलिटी एग्रीमेंट कर रही है, जिससे युवाओं के लिए वैश्विक अवसर खुल रहे हैं। डिजिटल मीडिया, क्रिएटर इकोनॉमी और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से ग्लोबल हब बनता जा रहा है।