Tag: Youth Empowerment

  • ‘जो खेले वो खिले’… PM मोदी ने युवाओं में भरा जोश, कहा- हर जिले में दुनिया के नक्शे पर चमकने की ताकत

    ‘जो खेले वो खिले’… PM मोदी ने युवाओं में भरा जोश, कहा- हर जिले में दुनिया के नक्शे पर चमकने की ताकत


    नई दिल्ली। ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को खेलो इंडिया संवाद के दौरान देश के युवा खिलाड़ियों और एथलीटों से संवाद करते हुए भारत के खेल भविष्य को लेकर बड़ा विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि उन्हें देश के युवाओं की शक्ति और सामर्थ्य पर पूरा भरोसा है और भारत को खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से तैयार करना जरूरी है। पीएम मोदी ने 29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस का जिक्र करते हुए महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को भी याद किया और कहा कि उनका जीवन देश की खेल परंपरा और प्रेरणा का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने खेल को केवल पदक जीतने का माध्यम मानने के बजाय व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि जो खेले वो खिले। उनके मुताबिक मैदान पर खेलने से केवल खिलाड़ी की क्षमता नहीं बढ़ती बल्कि उसके परिवार का गौरव बढ़ता है और उसके स्कूल कॉलेज जिले तथा पूरे राज्य की पहचान मजबूत होती है।

    पीएम मोदी ने कहा कि देश को 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए अभी से ऐसी प्रतिभाओं की तलाश करनी होगी जो आने वाले वर्षों में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। उन्होंने 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों के लिए बड़े टैलेंट हंट अभियान की बात कही। इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ बच्चों की खेल में रुचि जानना नहीं बल्कि यह पहचानना भी होगा कि कौन सा बच्चा किस खेल के लिए स्वाभाविक रूप से बेहतर है। इसके आधार पर उन्हें प्रशिक्षण देने की व्यवस्था तैयार की जाएगी। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव सहयोग करेगी।

    उन्होंने भारत की ओलंपिक भागीदारी को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। पीएम मोदी के अनुसार भारत कई ऐसे खेलों में हिस्सा ही नहीं लेता जिनमें दुनिया के दूसरे देश पदक जीत रहे हैं। ऐसे में देश को सर्फिंग स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग वॉटर स्पोर्ट्स और विंटर स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में संभावनाएं तलाशनी होंगी। उन्होंने कहा कि भारत के पास अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में इन खेलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं। जरूरत सिर्फ स्थानीय प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें सही दिशा और प्रशिक्षण देने की है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश में 21वीं सदी का आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करने के लिए काम कर रही है। खेल विश्वविद्यालयों से लेकर प्रशिक्षण केंद्रों तक ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है जिसमें प्रतिभा की पहचान से लेकर उसे शीर्ष स्तर तक पहुंचाने तक सहयोग मिले। उन्होंने खेलों को फिटनेस और बेहतर जीवनशैली से भी जोड़ा और कहा कि खेल युवाओं को नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनके मुताबिक खेल अब केवल शौक नहीं बल्कि करियर का भी मजबूत विकल्प बनकर उभर रहे हैं।

    पीएम मोदी ने पैरा एथलीटों की उपलब्धियों को भी प्रेरणा का बड़ा स्रोत बताया। उन्होंने शीतल देवी अवनी लेखरा सुमित अंतिल और नितेश कुमार जैसे खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और जज्बे से देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि खेल हमें जीत के साथ हार के बाद दोबारा उठना भी सिखाता है और यही खेल भावना जीवन को मजबूत बनाती है। अंत में प्रधानमंत्री ने युवाओं से स्क्रीन टाइम कम करने और मैदान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि प्ले स्टेशन से ज्यादा प्ले ग्राउंड की अहमियत है। उनके मुताबिक खेल के मैदान में हो या समाज के किसी अन्य क्षेत्र में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ही भारत की असली शक्ति है।

  • गुजरात बन रहा स्टार्टअप और नवाचार का हब, आई-हब से युवा स्टार्टअप्स को मिल रही प्रगति की राह

    गुजरात बन रहा स्टार्टअप और नवाचार का हब, आई-हब से युवा स्टार्टअप्स को मिल रही प्रगति की राह


    अहमदाबाद । गुजरात देश के उन राज्यों में तेजी से शामिल हो रहा है जहां नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत आधार मिल रहा है। सक्रिय सरकारी नीतियों और युवाओं को आगे बढ़ाने वाले दृष्टिकोण के चलते गुजरात आज युवा उद्यमिता का एक बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। गुजरात सरकार की स्टूडेंट स्टार्टअप एंड इनोवेशन पॉलिसी के तहत स्थापित आई-हब गुजरात ने नए विचारों को सफल व्यवसायों में बदलने में अहम भूमिका निभाई है।

    एसएसआईपी को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए वर्ष 2019 में ई-हब गुजरात की स्थापना की गई थी। यह एक सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है जहां छात्रों नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप्स को विचार से लेकर बाजार तक की पूरी यात्रा में सहयोग मिलता है। आइडिया की पहचान उसकी जांच इनक्यूबेशन और बाजार तक पहुंच बनाने तक ई-हब हर चरण में मार्गदर्शन मेंटरशिप और संस्थागत समर्थन प्रदान करता है।

    अहमदाबाद में स्थित अत्याधुनिक ई-हब परिसर में इस समय सैकड़ों स्टार्टअप्स को तैयार किया जा रहा है। यहां स्टार्टअप्स को इनक्यूबेशन सुविधाएं अनुभवी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और फंडिंग के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं जिससे युवा उद्यमियों को शुरुआती चुनौतियों से उबरने और अपने विचारों को टिकाऊ व्यवसाय में बदलने में मदद मिलती है।

    गुजरात की नवाचार केंद्रित सोच को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। भारत सरकार की स्टेट स्टार्टअप रैंकिंग 2018 में गुजरात को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया था। यह उपलब्धि एसएसआईपी जैसी नीतियों और राज्य के मजबूत स्टार्टअप ढांचे की सफलता को दर्शाती है। गुजरात सरकार के शिक्षा विभाग के अंतर्गत काम करने वाला ई-हब छात्रों शैक्षणिक संस्थानों उद्योग और समाज के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहा है।

    गुजरात लगातार भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में शीर्ष राज्यों में शामिल रहा है। इसका श्रेय एसएसआईपी ई-हब गुजरात सेक्टर आधारित इनक्यूबेशन सेंटर और स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाओं को जाता है। राज्य में फिनटेक एग्रीटेक हेल्थटेक मैन्युफैक्चरिंग क्लीन एनर्जी और डीप टेक जैसे क्षेत्रों में हजारों पंजीकृत स्टार्टअप्स सक्रिय हैं।

    अहमदाबाद गांधीनगर सूरत वडोदरा और राजकोट जैसे शहर स्टार्टअप हब के रूप में उभर चुके हैं। यहां 100 से अधिक इनक्यूबेशन सेंटर विश्वविद्यालयों से जुड़े इनोवेशन सेल सरकारी सीड फंडिंग और मजबूत एमएसएमई व औद्योगिक क्लस्टर मौजूद हैं। विश्वस्तरीय बंदरगाह बेहतर लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी निवेशकों के अनुकूल शासन और व्यापार व निर्माण से जुड़ी उद्यमशील संस्कृति गुजरात को देशभर के स्टार्टअप्स और नवाचारकर्ताओं के लिए पसंदीदा राज्य बना रही है।