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  • रिकॉर्ड और ट्रॉफियां नहीं वापसी की ताकत बनाती है महान युवराज सिंह का बेन स्टोक्स के लिए भावुक संदेश

    रिकॉर्ड और ट्रॉफियां नहीं वापसी की ताकत बनाती है महान युवराज सिंह का बेन स्टोक्स के लिए भावुक संदेश


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने उन्हें भावुक अंदाज में विदाई दी है। युवराज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लंबा संदेश साझा करते हुए स्टोक्स के शानदार करियर के साथ उनकी संघर्ष से उबरने की क्षमता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी की महानता केवल रिकॉर्ड या ट्रॉफियों से नहीं बल्कि हर कठिन दौर के बाद फिर मजबूती से खड़े होने की ताकत से तय होती है।

    युवराज सिंह ने अपने संदेश में स्टोक्स के करियर के कई यादगार पलों का जिक्र किया। उन्होंने विश्व कप फाइनल में खेली गई ऐतिहासिक पारी और हेडिंग्ले टेस्ट में नाबाद 135 रन की पारी को क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में से एक बताया। युवराज ने कहा कि इन पारियों ने यह साबित कर दिया कि असंभव दिखने वाली परिस्थितियों में भी जीत हासिल की जा सकती है।

    युवराज ने स्टोक्स की मानसिक मजबूती की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर बात करने का साहस हर खिलाड़ी में नहीं होता लेकिन स्टोक्स ने इसे पूरी ईमानदारी से दुनिया के सामने रखा। इसके अलावा अपने पिता को खोने जैसे निजी दुख के बावजूद उन्होंने जिस तरह हर बार खुद को संभाला और मैदान पर वापसी की वह प्रेरणादायक है।

    पूर्व भारतीय ऑलराउंडर ने लिखा कि वह खुद भी अपने करियर में सफलता और संघर्ष के कई दौर से गुजर चुके हैं इसलिए वह स्टोक्स के सफर को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के शिखर पर पहुंचने और फिर कठिन परिस्थितियों का सामना करने का अनुभव उन्होंने भी किया है और स्टोक्स में उन्हें वही जज्बा दिखाई दिया।

    युवराज ने कहा कि यही गुण किसी अच्छे खिलाड़ी को महान खिलाड़ी बनाता है। रिकॉर्ड टूटते रहते हैं ट्रॉफियां भी समय के साथ इतिहास का हिस्सा बन जाती हैं लेकिन मुश्किलों के बाद दोबारा उठ खड़े होने की क्षमता हमेशा याद रखी जाती है। उन्होंने स्टोक्स को दो विश्व कप जीतने वाला खिलाड़ी और ऐसा कप्तान बताया जिसने अपनी टीम में यह भरोसा जगाया कि कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

    35 वर्षीय बेन स्टोक्स ने वर्ष 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने 15 साल लंबे करियर में उन्होंने इंग्लैंड के लिए 122 टेस्ट 114 वनडे और 43 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 7273 रन और 252 विकेट दर्ज हैं जबकि वनडे में उन्होंने 3463 रन बनाने के साथ 74 विकेट भी हासिल किए। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने 585 रन बनाए और 26 विकेट अपने नाम किए।

    स्टोक्स इंग्लैंड के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं। दो विश्व कप जीतने के अलावा एशेज सीरीज में उनके कई यादगार प्रदर्शन और कप्तान के रूप में इंग्लैंड की टेस्ट टीम में लाए गए बदलाव उन्हें आधुनिक दौर के महान क्रिकेटरों में शामिल करते हैं। युवराज सिंह का संदेश भी इसी बात का प्रमाण है कि स्टोक्स का प्रभाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं बल्कि क्रिकेट जगत के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

  • 9 गेंदों में फिफ्टी, रिकॉर्ड चकनाचूर: नेपाल की ऐतिहासिक जीत के नायक बने दीपेंद्र सिंह ऐरी

    9 गेंदों में फिफ्टी, रिकॉर्ड चकनाचूर: नेपाल की ऐतिहासिक जीत के नायक बने दीपेंद्र सिंह ऐरी


    नई दिल्ली । नेपाल क्रिकेट के इतिहास में एक नई सुबह तब दर्ज हुई जब टीम ने टी20 वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड को 7 विकेट से हराकर पहली जीत हासिल की। 12 सालों से बड़े मंच पर जीत का इंतजार कर रही नेपाल की टीम के लिए यह पल बेहद खास था और इस ऐतिहासिक जीत के केंद्र में रहे युवा ऑलराउंडर दीपेंद्र सिंह ऐरी। 171 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए ऐरी ने महज 23 गेंदों में नाबाद 50 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 4 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। जब दबाव चरम पर था तब उनके बल्ले से निकली यह विस्फोटक पारी नेपाल की जीत की गारंटी बन गई। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    24 जनवरी 2000 को जन्मे दीपेंद्र सिंह ऐरी नेपाल क्रिकेट की नई पीढ़ी के प्रतीक माने जाते हैं। अगस्त 2018 में उन्होंने नीदरलैंड के खिलाफ नेपाल के पहले वनडे मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और उपयोगी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी से टीम में अहम जगह बना ली। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी असली पहचान तब बनी जब उन्होंने एशियाई खेलों में विश्व रिकॉर्ड कायम किया।

    चीन के हांग्जो में आयोजित एशियाई खेल 2022 के दौरान मंगोलिया के खिलाफ मुकाबले में ऐरी ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक जड़ दिया। उन्होंने सिर्फ 9 गेंदों में फिफ्टी पूरी कर दुनिया को चौंका दिया। इस पारी में उन्होंने 10 गेंदों पर 8 छक्कों की मदद से 52 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 500 से भी अधिक रहा। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय दिग्गज युवराज सिंह का 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। युवराज ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ 12 गेंदों पर अर्धशतक बनाया था जो लंबे समय तक विश्व रिकॉर्ड रहा। ऐरी ने उस ऐतिहासिक उपलब्धि को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया।

    इतना ही नहीं अप्रैल 2024 में ACC प्रीमियर कप के दौरान कतर के खिलाफ उन्होंने एक ओवर में लगातार छह छक्के जड़ दिए और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसा करने वाले दुनिया के तीसरे खिलाड़ी बने। उस मुकाबले में उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत नेपाल ने 20 ओवर में 300 रन का आंकड़ा पार किया जो अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि थी।

    आज दीपेंद्र सिंह ऐरी को नेपाल के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में गिना जाता है। वह आईसीसी टी20आई ऑलराउंडर रैंकिंग में भी शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनकी खासियत है बड़े मंच पर निडर होकर खेलना और दबाव में टीम को जीत दिलाना। स्कॉटलैंड के खिलाफ उनकी नाबाद 50 रन की पारी ने यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ी नहीं बल्कि मैच जिताने वाले सितारे हैं। नेपाल क्रिकेट के लिए ऐरी नई उम्मीद नया आत्मविश्वास और नई पहचान बन चुके हैं। अगर उनका यही फॉर्म जारी रहा तो आने वाले समय में वे विश्व क्रिकेट के सबसे चर्चित ऑलराउंडरों में शामिल हो सकते हैं।