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  • बिना बयानबाजी के छा गए वीवीएस लक्ष्मण टीम इंडिया में भरोसे और संतुलन की नई संस्कृति से बदली जीत की तस्वीर

    बिना बयानबाजी के छा गए वीवीएस लक्ष्मण टीम इंडिया में भरोसे और संतुलन की नई संस्कृति से बदली जीत की तस्वीर


    नई दिल्ली। जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय क्रिकेट टीम ने सिर्फ सीरीज जीतकर ही नहीं बल्कि अपने बदले हुए अंदाज से भी सभी का ध्यान आकर्षित किया है। इस बदलाव के केंद्र में अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण रहे जिन्होंने बिना किसी बयानबाजी और विवाद के केवल तीन मैचों में टीम के भीतर नया आत्मविश्वास पैदा कर दिया। खिलाड़ियों पर भरोसा जताने की उनकी शैली और शांत नेतृत्व ने यह साबित किया कि सफल कोचिंग केवल रणनीति तक सीमित नहीं होती बल्कि ड्रेसिंग रूम का माहौल भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।

    इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के दौरान भारतीय टीम लगातार हार और आलोचनाओं का सामना कर रही थी। टीम चयन से लेकर रणनीति तक कई फैसलों पर सवाल उठे थे। ऐसे समय में जब गौतम गंभीर उपलब्ध नहीं थे तब वीवीएस लक्ष्मण ने अंतरिम कोच की जिम्मेदारी संभाली और खिलाड़ियों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित किया। उन्होंने किसी भी खिलाड़ी पर सार्वजनिक दबाव बनाने के बजाय उनका मनोबल बढ़ाने पर जोर दिया।

    इसका असर मैदान पर भी साफ दिखाई दिया। कप्तान श्रेयस अय्यर और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी समेत कई खिलाड़ियों ने खुलकर लक्ष्मण के मार्गदर्शन की सराहना की। टीम के भीतर आत्मविश्वास और सहजता का माहौल बना जिससे खिलाड़ी बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपना स्वाभाविक खेल दिखा सके। लंबे समय बाद भारतीय ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक ऊर्जा स्पष्ट नजर आई।

    वीवीएस लक्ष्मण की चयन नीति भी चर्चा का विषय बनी। उन्होंने टीम में बदलाव जरूर किए लेकिन केवल प्रयोग करने के लिए नहीं बल्कि खिलाड़ियों की क्षमता और टीम की जरूरत को ध्यान में रखकर फैसले लिए। दूसरे टी20 मुकाबले में यश ठाकुर को मौका दिया गया जबकि सीरीज अपने नाम करने के बाद तीसरे मैच में सूर्यांश शेडगे को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। इससे खिलाड़ियों को यह संदेश मिला कि प्रदर्शन और तैयारी के आधार पर सभी को अवसर मिलेगा।

    युवा खिलाड़ियों के साथ लक्ष्मण का जुड़ाव उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में लंबे समय तक काम करने के कारण वह उभरते क्रिकेटरों की मानसिकता और उनकी जरूरतों को अच्छी तरह समझते हैं। शुभमन गिल यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी जैसे कई खिलाड़ियों ने उनके मार्गदर्शन में अपने खेल को निखारा है। यही अनुभव अंतरिम कोच के रूप में भी उनके काम आया।

    हालांकि तीन मैचों के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि टीम की सभी समस्याएं समाप्त हो गई हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने कई आसान कैच छोड़े जिससे फील्डिंग अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। बल्लेबाजी और रणनीति में सुधार जरूर दिखाई दिया लेकिन फील्डिंग में निरंतरता लाने की जरूरत बनी हुई है।

    वीवीएस लक्ष्मण इससे पहले भी कई बार अंतरिम मुख्य कोच की भूमिका निभा चुके हैं और हर बार उनके काम की सराहना हुई है। इसके बावजूद उन्होंने स्थायी मुख्य कोच बनने के बजाय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी। अब उनके हालिया प्रदर्शन के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि क्या भारतीय क्रिकेट को भविष्य में अलग अलग प्रारूपों के लिए अलग मुख्य कोच की व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।

    फिलहाल इतना तय है कि जिम्बाब्वे दौरे ने यह साबित कर दिया है कि टीम की सफलता केवल रणनीति या तकनीक पर निर्भर नहीं करती बल्कि खिलाड़ियों के भीतर विश्वास जगाने और उन्हें खुलकर खेलने का माहौल देने वाला नेतृत्व भी उतना ही अहम होता है। वीवीएस लक्ष्मण ने अपने शांत स्वभाव और संतुलित फैसलों से यही संदेश पूरी क्रिकेट दुनिया को दिया है।

  • जिम्बाब्वे दौरे से संजू सैमसन को रखा बाहर, रिंकू-मयंक की हुई वापसी

    जिम्बाब्वे दौरे से संजू सैमसन को रखा बाहर, रिंकू-मयंक की हुई वापसी


    नई दिल्‍ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ इसी महीने होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा 6 जुलाई (सोमवार) को की गई. भारतीय चयनकर्ताओं ने इस दौरे के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित की है, जिसकी कमान श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है. वहीं तिलक वर्मा उप-कप्तान बने रहेंगे.

    चयनकर्ताओं ने इस दौरे के लिए अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवाओं पर भी बड़ा दांव खेला है. भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन टी20 इंटरनेशनल मुकाबले 23, 25 और 26 जुलाई को हरारे में खेले जाएंगे. आइए जिम्बाब्वे टूर के लिए टीम सेलेक्शन से जुड़ी 5 बड़ी चीजों पर नजर डालते हैं.

    संजू सैमसन को ‘आराम’, प्रभसिमरन को मिली जगह 
    जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम में संजू सैमसन का नाम नहीं है. उनकी गैरमौजूदगी टीम चयन की सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक है. माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं ने लगातार क्रिकेट और वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए संजू सैमसन को इस सीरीज से आराम दिया है. हालांकि संजू सैमसन सिर्फ एक ही फॉर्मेट में भारतीय टीम के लिए खेलते हैं, ऐसे में उन्हें सेलेक्ट नहीं किया जाना काफी चौंकाने वाला निर्णय है.

    संजू सैमसन की जगह प्रभसिमरन सिंह को विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर स्क्वॉड में जगह मिली है. प्रभसिमरन इससे पहले एशियन गेम्स 2023 के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन उन्हें तब एक भी मुकाबले में खेलने का मौका नहीं मिला था. ऐसे में अगर जिम्बाब्वे दौरे पर उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है, तो वह इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ना चाहेंगे. ईशान किशन फर्स्ट चॉइस विकेटकीपर के तौर पर स्क्वॉड में शामिल हैं.

    रिंकू सिंह का इंतजार खत्म
    विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह की भारतीय टी20 टीम में वापसी हो गई है. रिंकू आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के अलावा एशियन गेम्स 2026 के लिए भी भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाए थे. अब चयनकर्ताओं ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है. रिंकू को टी20 क्रिकेट में भारत के सबसे बेहतरीन फिनिशर्स में गिना जाता है.

    रिंकू सिंह आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं. उनकी वापसी से टीम इंडिया के मिडिल और लोअर ऑर्डर को मजबूती मिलने की उम्मीद है. जिम्बाब्वे दौरा रिंकू के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि भारतीय टी20 टीम में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसे में उन्हें मिले मौकों का पूरा फायदा उठाना होगा.

    मयंक यादव की लंबे समय बाद वापसी
    अपनी तूफानी रफ्तार से पहचान बनाने वाले मयंक यादव की भी भारतीय टीम में वापसी हुई है. मयंक ने अक्टूबर 2024 में भारत के लिए आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला खेला था. इसके बाद फिटनेस और चोट से जुड़ी समस्याओं के कारण वह लंबे समय तक टीम से बाहर रहे. अब चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए एक बार फिर मयंक पर भरोसा जताया है. मयंक की फिटनेस पर भी सभी की नजरें रहने वाली हैं. अगर वह पूरी सीरीज में फिट रहते हुए अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो वो आने वाले समय में भारतीय टी20 टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा बन सकते हैं.

    वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा कायम
    15 साल के वैभव सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी टीम इंडिया में बरकरार रखा गया है. वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20I मुकाबले के जरिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. महज 15 साल और 99 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू कर इतिहास रचने वाले वैभव अपने पहले मुकाबले में सिर्फ 14 रन बनाकर आउट हुए थे. हालांकि दो छक्के जड़कर उन्होंने अपनी बेखौफ बल्लेबाजी की झलक जरूर दिखाई थी.

    वैभव सूर्यवंशी के अलावा सूर्यांश शेडगे, हर्ष दुबे और प्रिंस यादव जैसे युवा खिलाड़ियों को भी टीम में जगह मिली है. इससे साफ है कि चयनकर्ता जिम्बाब्वे दौरे को भविष्य के खिलाड़ियों को तैयार करने के मौके के रूप में देख रहे हैं. इन युवा खिलाड़ियों के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण होगा. जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन उन्हें भारतीय टी20 टीम की भविष्य की योजनाओं में शामिल कर सकता है.

    अशोक शर्मा-यश ठाकुर की सरप्राइज एंट्री
    चयनकर्ताओं ने तेज गेंदबाजों अशोक शर्मा और यश ठाकुर को पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया है. दोनों खिलाड़ियों के लिए यह करियर का बड़ा मौका होगा. वहीं संजू सैमसन के अलावा अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों को भी स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है. माना जा रहा है कि व्यस्त कार्यक्रम और वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए इनमें से कई खिलाड़ियों को आराम दिया गया है.

    जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारत का फुल स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव और प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर).

    भारत के जिम्बाब्वे दौरे का शेड्यूल
    पहला टी20- 23 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजे
    दूसरा टी20- 25 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजे
    तीसरा टी20- 26 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजे