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  • शनि की राशि में साल का पहला सूर्य ग्रहण: 17 फरवरी को मचेगी खगोलीय हलचल; इन 3 राशियों पर टूटेगा मुसीबतों का पहाड़!

    शनि की राशि में साल का पहला सूर्य ग्रहण: 17 फरवरी को मचेगी खगोलीय हलचल; इन 3 राशियों पर टूटेगा मुसीबतों का पहाड़!


    नई दिल्ली। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या के दिन लगने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसारयह ग्रहण शनि की स्वामित्व वाली राशि कुंभ में लगेगा। शनि और सूर्य के बीच शत्रुता का भाव होने के कारणशनि की राशि में सूर्य का पीड़ित होना कई जातकों के लिए मानसिकआर्थिक और शारीरिक कष्ट का कारण बन सकता है।

    ग्रहण का समय और दृश्यता
    भारतीय समयानुसारयह ग्रहण शाम 5:31 बजे शुरू होगा और रात 7:57 बजे समाप्त होगा। हालांकियह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगाजिसके कारण यहाँ सूतक काल के नियम प्रभावी नहीं होंगे। लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसारभले ही ग्रहण दिखाई न देइसका ग्रहों के गोचर पर प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है।

    इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान

    कुंभ राशि चूंकि ग्रहण इसी राशि में लग रहा हैइसलिए सबसे अधिक प्रभाव कुंभ जातकों पर ही पड़ेगा।सावधानी: मानसिक तनाव बढ़ सकता है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां घेर सकती हैं। बनते हुए काम बिगड़ सकते हैंइसलिए किसी भी बड़े निवेश या निर्णय से अभी बचें। सिंह राशि सूर्य सिंह राशि का स्वामी है। अपने स्वामी ग्रह का शत्रु राशि कुंभ में ग्रहण ग्रस्त होना सिंह राशि वालों के लिए शुभ नहीं है।

    सावधानी: वैवाहिक जीवन में तनाव और साझेदारी के कामों में नुकसान हो सकता है। कार्यक्षेत्र में गुप्त शत्रु आपको नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर सकते हैं। वाणी पर नियंत्रण रखें। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण पारिवारिक सुख में कमी ला सकता है। सावधानी: माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। संपत्ति या वाहन से जुड़े विवादों में फंसने के योग बन रहे हैं। आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतेंअन्यथा धन हानि निश्चित है।

    उपाय: कैसे बचें अशुभ प्रभाव से?

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसारग्रहण के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए ग्रहण काल के दौरान और बाद में ये कार्य करने चाहिए: दान: ग्रहण के बाद काले तिलगुड़ या सात अनाज का दान करें। जाप: ‘ओम सूर्याय नम: और शनि मंत्र ‘ओम शं शनैश्चराय नम:का जाप करें। शुद्धिकरण: ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर घर में गंगाजल का छिड़काव करें।

  • फरवरी में राहु–मंगल की युति से बनेगा अंगारक योग, मेष तुला और कुंभ के लिए बढ़ेगी चुनौती..

    फरवरी में राहु–मंगल की युति से बनेगा अंगारक योग, मेष तुला और कुंभ के लिए बढ़ेगी चुनौती..


    नई दिल्ली। फरवरी महीने में ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा जिसका असर ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है इस दौरान राहु और मंगल एक ही राशि में आकर युति बनाएंगे जिससे एक उग्र और अशुभ अंगारक योग का निर्माण होगा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह योग जल्दबाजी गुस्सा मानसिक तनाव और अप्रत्याशित घटनाओं की संभावना को बढ़ाता है

    ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक 23 फरवरी को मंगल का गोचर कुंभ राशि में होगा जहां पहले से ही राहु विराजमान हैं इन दोनों ग्रहों की युति सामान्य तौर पर अशांति टकराव और गलत निर्णयों को जन्म देती है ऐसे में यह समय कई राशियों के लिए धैर्य और संयम की परीक्षा लेने वाला साबित हो सकता है

    मेष राशि के जातकों के लिए यह योग विशेष सावधानी का संकेत दे रहा है कार्यक्षेत्र में रुकावटें आ सकती हैं अधूरे कामों में देरी होगी और अचानक खर्च बढ़ सकता है सहकर्मियों या अधिकारियों से विवाद की स्थिति बन सकती है इस दौरान वाहन चलाते समय खास सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है क्योंकि जल्दबाजी दुर्घटना का कारण बन सकती है

    तुला राशि वालों के लिए यह समय मानसिक दबाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ा सकता है अनावश्यक चिंता नींद की कमी और निर्णय लेने में असमंजस की स्थिति बनी रह सकती है पारिवारिक रिश्तों में गलतफहमी उत्पन्न हो सकती है व्यापार या निवेश से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी नुकसान का कारण बन सकती है इसलिए सोच समझकर कदम उठाना जरूरी होगा

    कुंभ राशि के जातकों पर इस योग का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक बताया जा रहा है क्योंकि यह योग इसी राशि में बन रहा है आर्थिक मामलों में लापरवाही भारी पड़ सकती है लेनदेन दस्तावेजों और नए समझौतों में विशेष सावधानी की जरूरत होगी घर और कार्यस्थल पर छोटी छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ सकता है इसलिए संयमित व्यवहार अपनाना लाभकारी रहेगाज्योतिषाचार्यों के अनुसार ऐसे अशुभ योग के दौरान घबराने की बजाय संतुलित दिनचर्या अपनाना सबसे बेहतर उपाय माना जाता है नियमित पूजा पाठ ध्यान और सकारात्मक सोच से मानसिक स्थिरता बनी रहती है साथ ही इस दौरान जोखिम भरे फैसलों अनावश्यक बहस और क्रोध से दूरी बनाकर रखना चाहिए

    विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रह योग भविष्य के प्रति चेतावनी देते हैं न कि निश्चित संकट समय रहते सतर्कता आत्मनियंत्रण और समझदारी अपनाकर नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है फरवरी में बनने वाला यह अंगारक योग भी यही संदेश देता है कि धैर्य और विवेक से परिस्थितियों को अपने पक्ष में मोड़ा जा सकता है

  • बरसाना धाम का कीर्ति मंदिर: आध्यात्मिक ऊर्जा, भव्य शिल्पकला और राधा रानी के बाल स्वरूप का दिव्य केंद्र

    बरसाना धाम का कीर्ति मंदिर: आध्यात्मिक ऊर्जा, भव्य शिल्पकला और राधा रानी के बाल स्वरूप का दिव्य केंद्र


    नई दिल्ली। आज का राशिफल:

    मेष: सतर्क रहें। आय बनी रहेगी लेकिन खर्च भी बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में धैर्य रखें।
    भाग्य: 81% | उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें

    वृषभ: ग्रह योग आपके पक्ष में हैं। व्यापार और नौकरी में लाभ के संकेत हैं। रुका हुआ धन मिलेगा और परिवार में सुख रहेगा।
    भाग्य: 82% | उपाय: पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करें

    मिथुन: कार्यक्षेत्र में योजनाएं सफल होंगी। नौकरी बदलने का विचार मन में आ सकता है। खर्च पर नियंत्रण जरूरी।
    भाग्य: 85% | उपाय: गणेश जी की आराधना करें

    कर्क: खर्च अधिक रहेगा। दूसरों के मामलों में दखल देने से बचें। परिवार के साथ समय बिताएं।
    भाग्य: 83% | उपाय: शनि स्तोत्र का पाठ करें

    सिंह: कार्यस्थल पर मेहनत रंग लाएगी। विरोधियों पर जीत मिलेगी। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे।
    भाग्य: 84% | उपाय: पीपल को जल दें

    कन्या: बुधादित्य योग का विशेष लाभ। नए काम की शुरुआत के लिए दिन शुभ है। पारिवारिक और दांपत्य जीवन सुखद रहेगा।
    भाग्य: 87% | उपाय: विष्णु चालीसा का पाठ करें

    तुला: सामाजिक और व्यावसायिक संपर्कों से लाभ होगा। खर्च बढ़ सकता है, बजट संभालकर चलें।
    भाग्य: 86% | उपाय: काले कुत्ते को रोटी खिलाएं

    वृश्चिक: जोखिम लेकर सफलता मिल सकती है। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
    भाग्य: 85% | उपाय: बजरंग बाण का पाठ करें

    धनु: दिन सामान्य रहेगा। अचानक खर्च आ सकते हैं। संयम से काम लें।
    भाग्य: 87% | उपाय: जरूरतमंद को अन्न दान करें

    मकर: वाणी और व्यवहार से लाभ मिलेगा। व्यापार में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक सहयोग बना रहेगा।
    भाग्य: 89% | उपाय: गायत्री मंत्र का जप करें

    कुंभ: नए अवसर मिलेंगे लेकिन खर्च बढ़ेगा। स्वास्थ्य और रिश्तों में संतुलन बनाए रखें।
    भाग्य: 81% | उपाय: शिवलिंग पर दूध अर्पित करें

    मीन: भाग्य आपका साथ देगा। शिक्षा, प्रबंधन और व्यापार में लाभ के संकेत हैं। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।
    भाग्य: 83% | उपाय: शनि स्तोत्र का पाठ करें

  • बसंत पंचमी पर मीन राशि में प्रवेश करेगा चंद्रमा, तीन राशियों पर बरसेगी मां सरस्वती की कृपा

    बसंत पंचमी पर मीन राशि में प्रवेश करेगा चंद्रमा, तीन राशियों पर बरसेगी मां सरस्वती की कृपा


    नई दिल्ली :ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन भावनाओं और बुद्धि का कारक ग्रह माना गया है। इसकी चाल भले ही तेज हो लेकिन इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर गहरा और त्वरित होता है। इस वर्ष बसंत पंचमी के पावन अवसर पर चंद्रमा एक महत्वपूर्ण राशि परिवर्तन करने जा रहा है। 23 जनवरी 2026 की सुबह 8 बजकर 34 मिनट पर चंद्रमा शनि की राशि कुंभ से निकलकर गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेगा।

    ज्योतिषीय दृष्टि से यह गोचर बेहद शुभ माना जा रहा है क्योंकि मीन राशि ज्ञान आध्यात्म और रचनात्मकता की प्रतीक मानी जाती है। बसंत पंचमी स्वयं विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित पर्व है और ऐसे में चंद्रमा का मीन राशि में प्रवेश विशेष फलदायी माना जा रहा है। इस गोचर का प्रभाव खासतौर पर शिक्षा कला लेखन संगीत शोध और करियर से जुड़े लोगों पर सकारात्मक रूप से दिखाई देगा।ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस चंद्र गोचर से तीन राशियों पर मां सरस्वती की विशेष कृपा बनी रहेगी। इन राशियों के जातकों को मानसिक स्पष्टता नई सोच और आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह गोचर लाभ भाव में होगा। इससे आय में वृद्धि और करियर में सकारात्मक बदलाव के योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है और कुछ लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। व्यापार से जुड़े जातकों के लिए यह समय नए सौदे और लाभ के अवसर लेकर आ सकता है। विद्यार्थियों की एकाग्रता बढ़ेगी और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को नई पहचान मिल सकती है।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए चंद्रमा पंचम भाव में गोचर करेगा जो शिक्षा बुद्धि और प्रेम का भाव माना जाता है। इस दौरान मानसिक स्पष्टता बढ़ेगी और लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। करियर में भी स्थितियां अनुकूल रहेंगी और यात्रा से लाभ के योग बनेंगे।

    धनु राशि
    धनु राशि के जातकों के लिए चंद्रमा चतुर्थ भाव में प्रवेश करेगा जो सुख परिवार और मानसिक शांति का कारक है। पारिवारिक जीवन में सौहार्द बना रहेगा और माता पिता का सहयोग मिलेगा। करियर में भी सकारात्मक बदलाव संभव हैं। शिक्षा कला और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को मान सम्मान मिलने के योग हैं। मां सरस्वती की कृपा से सीखने की क्षमता और एकाग्रता में वृद्धि होगी।कुल मिलाकर बसंत पंचमी पर होने वाला यह चंद्र गोचर ज्ञान बुद्धि और प्रगति का मार्ग प्रशस्त करने वाला सिद्ध हो सकता है।