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  • फरहान-जोया की परवरिश पर जावेद अख्तर का बड़ा खुलासा! बोले बच्चों को किसी धर्म से नहीं जोड़ा

    फरहान-जोया की परवरिश पर जावेद अख्तर का बड़ा खुलासा! बोले बच्चों को किसी धर्म से नहीं जोड़ा


    नई दिल्ली । मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर अपनी बेबाक राय और स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते हैं। धर्म को लेकर भी वह कई बार खुलकर अपनी बात रख चुके हैं। अब उन्होंने अपने बच्चों फरहान अख्तर और जोया अख्तर की परवरिश से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। जावेद अख्तर ने बताया कि उन्होंने बचपन से ही अपने दोनों बच्चों को किसी धार्मिक पहचान से नहीं जोड़ा। उनके मुताबिक बच्चों को यह तय करने की आजादी दी गई कि बड़े होने पर वे धर्म और आस्था को किस तरह देखते हैं।

    जावेद अख्तर ने एक बातचीत में बताया कि यह किस्सा उस समय का है जब फरहान अख्तर करीब 7 या 8 साल के थे। एक दिन वह स्कूल से घर लौटे और अपने पिता से एक ऐसा सवाल पूछ बैठे जिसने जावेद को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। फरहान ने उनसे पूछा कि क्या हम मुस्लिम हैं। यह सवाल इसलिए भी स्वाभाविक था क्योंकि बच्चे अपने आसपास के लोगों और समाज से धर्म और समुदाय को लेकर बातें सुनते हुए बड़े होते हैं। लेकिन जावेद ने बेटे को किसी धार्मिक पहचान में बांधने के बजाय उसे एक अलग नजरिया समझाया।

    जावेद अख्तर के मुताबिक उन्होंने फरहान से कहा कि इंसान जिस शहर या समुदाय में पैदा होता है उससे उसकी असली पहचान तय नहीं होती। कोई व्यक्ति मुंबई पुणे आगरा अहमदाबाद लंदन या न्यूयॉर्क में पैदा हो सकता है लेकिन जन्म की जगह उसके व्यक्तित्व की सबसे महत्वपूर्ण पहचान नहीं हो सकती। उनके लिए सबसे अहम बात यह है कि इंसान बड़ा होकर कैसा व्यक्ति बनता है और उसके व्यवहार में किस तरह की इंसानियत दिखाई देती है।

    जावेद ने बताया कि फरहान और जोया को उन्होंने किसी धर्म से जोड़कर नहीं पाला। उनके दोनों बच्चे बड़े होते हुए खुद धर्म और समाज के बारे में समझने लगे लेकिन माता पिता की तरफ से उन पर किसी खास धार्मिक पहचान को अपनाने का दबाव नहीं था। जावेद के अनुसार उनके बच्चे किसी धार्मिक पहचान के बजाय अपनी सोच और अपने फैसलों के साथ बड़े हुए।

    फरहान और जोया जावेद अख्तर और उनकी पहली पत्नी हनी ईरानी के बच्चे हैं। बाद में जावेद ने अभिनेत्री शबाना आजमी से शादी की। फरहान और जोया दोनों ने मनोरंजन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। फरहान अभिनेता निर्देशक निर्माता और लेखक के तौर पर सफल रहे हैं जबकि जोया अख्तर ने निर्देशन और लेखन के क्षेत्र में अपनी खास जगह बनाई है।

    जावेद अख्तर अपने बच्चों की उपलब्धियों पर गर्व करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फरहान और जोया ने अपनी सफलता के लिए किसी तरह का समझौता नहीं किया। उनके मुताबिक दोनों ने नाम शोहरत और पैसा हासिल करने के लिए ऐसा काम नहीं किया जिससे उनकी गरिमा प्रभावित हो। उन्होंने अपने दम पर अपनी पहचान बनाई और अपने करियर में लगातार आगे बढ़े।

    जावेद अख्तर का यह किस्सा सिर्फ फरहान के बचपन से जुड़ी एक याद नहीं बल्कि बच्चों की परवरिश को लेकर उनकी सोच को भी सामने रखता है। उन्होंने धार्मिक पहचान को बच्चों पर थोपने के बजाय उन्हें खुद सवाल पूछने समझने और अपनी सोच विकसित करने की आजादी दी। फरहान का बचपन में पूछा गया छोटा सा सवाल और पिता का जवाब आज भी जावेद अख्तर की विचारधारा की एक खास झलक देता है।

  • जोया अख्तर के प्रोडक्शन हाउस में बड़ी सेंध, फिल्मों और वेब सीरीज का सीक्रेट डेटा रखने वाली 66 हार्ड डिस्क गायब

    जोया अख्तर के प्रोडक्शन हाउस में बड़ी सेंध, फिल्मों और वेब सीरीज का सीक्रेट डेटा रखने वाली 66 हार्ड डिस्क गायब


    नई दिल्ली । मनोरंजन जगत से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में डेटा सुरक्षा और कंटेंट सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। फिल्ममेकर Zoya Akhtar और Reema Kagti के प्रोडक्शन हाउस टाइगर बेबी फिल्म्स में बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। मुंबई स्थित कंपनी कार्यालय से फिल्मों और वेब सीरीज से जुड़ी अहम हार्ड डिस्क के गायब होने की खबर ने इंडस्ट्री में हलचल बढ़ा दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गायब हार्ड डिस्क में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का रॉ फुटेज, एडिटेड कंटेंट और बैकअप डेटा सुरक्षित था। मामले में पुलिस ने कंपनी से जुड़े एक कर्मचारी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    बताया जा रहा है कि यह मामला उस समय सामने आया जब कार्यालय के कर्मचारियों को काम के दौरान एक विशेष हार्ड डिस्क की आवश्यकता पड़ी। संबंधित कर्मचारी से डिस्क मांगे जाने पर वह उसे उपलब्ध नहीं करा पाया, जिसके बाद कार्यालय में मौजूद रिकॉर्ड और स्टोरेज की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान कई हार्ड डिस्क अपने निर्धारित स्थान से गायब मिलीं। इससे कर्मचारियों का शक और गहरा गया और तत्काल कंपनी प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई।

    मामले की गंभीरता उस समय और बढ़ गई जब कार्यालय परिसर की अलमारी के भीतर कुछ जले हुए डिब्बे पाए गए। हालांकि वहां आग लगने जैसी कोई स्थिति या नुकसान के निशान नहीं मिले। इससे कर्मचारियों को आशंका हुई कि सबूत मिटाने या भ्रम पैदा करने की कोशिश की गई हो सकती है। इसके बाद कंपनी स्तर पर आंतरिक जांच शुरू की गई और मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    पुलिस जांच के दौरान गिरफ्तार कर्मचारी से पूछताछ की गई, जिसमें कथित तौर पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। पूछताछ में आरोपी ने बीते कुछ महीनों में हार्ड डिस्क चोरी करने की बात स्वीकार की। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी किया गया डेटा किन लोगों तक पहुंचा और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।

    कंपनी के अनुसार कुल 119 हार्ड डिस्क में से 66 अब भी गायब हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 12 से 13 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि वास्तविक चिंता इन हार्ड डिस्क की कीमत नहीं बल्कि उनमें मौजूद कंटेंट को लेकर है। बताया जा रहा है कि कई फिल्मों और वेब सीरीज से जुड़ी संवेदनशील सामग्री इन स्टोरेज डिवाइस में मौजूद थी। यदि यह डेटा किसी तरह सार्वजनिक होता है या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लीक होता है, तो इससे कंपनी को बड़ा आर्थिक और व्यावसायिक नुकसान हो सकता है।

    मनोरंजन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि आज के डिजिटल दौर में कंटेंट केवल रचनात्मक संपत्ति नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का निवेश भी होता है। किसी फिल्म या वेब सीरीज का डेटा समय से पहले लीक होना पूरे प्रोजेक्ट की व्यावसायिक रणनीति पर असर डाल सकता है। ऐसे मामलों ने प्रोडक्शन कंपनियों के भीतर डेटा सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और कंटेंट संरक्षण के तरीकों को और मजबूत करने की जरूरत को सामने ला दिया है।