Tag: Zubeen Garg Death Case

  • एक साल जेल में रहने के बाद अमृतप्रभा महंत को मिली राहत, जुबीन गर्ग मौत मामले में जमानत पर रिहा होने वाली पहली आरोपी

    एक साल जेल में रहने के बाद अमृतप्रभा महंत को मिली राहत, जुबीन गर्ग मौत मामले में जमानत पर रिहा होने वाली पहली आरोपी


    नई दिल्ली । असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में आरोपी सिंगर अमृतप्रभा महंत को जेल से रिहा कर दिया गया है। मंगलवार को आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वह हाफलोंग सब-जेल से बाहर आईं। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी और अदालत के आदेश के चार दिन बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी। इस घटनाक्रम को जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ माना जा रहा है।
    अमृतप्रभा महंत पिछले करीब एक साल से जेल में बंद थीं। गुवाहाटी हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ। अदालत ने उन्हें बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया था। इसके बाद जेल प्रशासन ने निर्धारित प्रक्रिया पूरी की और उन्हें रिहा कर दिया। इस मामले में मुख्य केस में जमानत पाने वाली अमृतप्रभा पहली आरोपी बताई जा रही हैं। उनकी रिहाई के बाद अब मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्यवाही पर भी लोगों की नजर रहेगी।
    जुबीन गर्ग असम के लोकप्रिय गायकों में शामिल थे और उनकी मौत की खबर ने संगीत जगत के साथ-साथ उनके प्रशंसकों को भी झकझोर दिया था। उनकी मौत से जुड़े मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया लगातार चर्चा में रही है। इस प्रकरण में अमृतप्रभा महंत का नाम आरोपी के रूप में सामने आया था और इसके बाद उन्हें जेल में रहना पड़ा। अब हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आ गई हैं। हालांकि जमानत पर रिहाई का अर्थ मामले से पूरी तरह बरी होना नहीं है। उनके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया अपने निर्धारित तरीके से आगे बढ़ सकती है।
    अदालत से जमानत मिलने के बाद आरोपी को तय शर्तों का पालन करना होता है। बॉन्ड पर रिहाई भी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसलिए अमृतप्रभा महंत की रिहाई को मामले में अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। अदालत में आगे होने वाली सुनवाई और जांच से जुड़े तथ्यों के आधार पर ही प्रकरण की दिशा स्पष्ट होगी। फिलहाल इस मामले में उनकी जेल से रिहाई सबसे प्रमुख घटनाक्रम बनकर सामने आई है।
    जुबीन गर्ग की मौत के मामले में उनके प्रशंसक और असम के लोग लंबे समय से जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं। अमृतप्रभा महंत को मिली जमानत ने इस मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। आने वाले समय में अदालत की कार्यवाही और जांच से जुड़े अपडेट अहम रहेंगे।
  • जुबीन गर्ग मौत केस में नई कड़ी: घटना वाली यॉट के चश्मदीद सदस्य की कोर्ट में पेशी, बयान से जांच को मिल सकती है दिशा

    जुबीन गर्ग मौत केस में नई कड़ी: घटना वाली यॉट के चश्मदीद सदस्य की कोर्ट में पेशी, बयान से जांच को मिल सकती है दिशा


    नई दिल्ली। जुबीन गर्ग की मौत के मामले में अब एक अहम मोड़ सामने आया है। सितंबर 2025 में सिंगापुर में जिस यॉट पर मशहूर सिंगर और म्यूजिशियन जुुबीन गर्ग मौजूद थे और जहां से जुड़ी परिस्थितियों के बाद उनकी मौत हुई थी उस यॉट पर मौजूद रहे एक महत्वपूर्ण गवाह ने अब कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया है। सिंगापुर में असम एसोसिएशन से जुड़े परीक्षित शर्मा बुधवार को गुवाहाटी की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश हुए। उनकी गवाही को इस मामले की सुनवाई में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह उन लोगों में शामिल थे जो घटना के समय उसी यॉट पर मौजूद थे।

    52 वर्षीय जुबीन गर्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में मौत हो गई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के चौथे आयोजन में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर पहुंचे थे। इसी दौरान वह लाजरस आइलैंड के पास एक यॉट पर गए थे। जानकारी के मुताबिक जुबीन गर्ग समुद्र में तैरने के लिए यॉट से नीचे उतरे थे लेकिन इसके बाद उनकी डूबने से मौत हो गई। इस घटना की खबर सामने आने के बाद असम समेत देशभर में उनके प्रशंसकों के बीच गहरा दुख देखने को मिला था। मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल भी उठे जिसके बाद मामले की गहन जांच शुरू की गई।

    जुबीन गर्ग की मौत को लेकर असम में कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए और पुलिस में बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज कराई गईं। इसके बाद असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की। राज्य में दर्ज 60 से अधिक एफआईआर को बाद में एक साथ जोड़कर सीआईडी को सौंप दिया गया ताकि पूरे मामले की एकीकृत तरीके से जांच की जा सके।

    जांच के बाद एसआईटी ने दिसंबर 2025 में कोर्ट के सामने चार्जशीट पेश की। इस मामले में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत जुबीन गर्ग के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा उनके बैंड से जुड़े शेखर ज्योति गोस्वामी और सिंगर अमृतप्रभा महंत शामिल हैं जिन पर हत्या सहित गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा जुबीन गर्ग के कजिन संदीपन गर्ग तथा उनके निजी सुरक्षा कर्मी नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य को भी आरोपी बनाया गया है। हालांकि इन सभी आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत को करना है और मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

    मामले की सुनवाई तेजी से पूरी करने के उद्देश्य से गुवाहाटी हाईकोर्ट ने मार्च 2026 में एक विशेष फास्ट ट्रैक सेशन कोर्ट का गठन किया था। इसके बाद मई में सभी सात आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए और मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ी। गवाहों के बयान दर्ज करने का सिलसिला 8 जून से शुरू हुआ था। 14 अगस्त तक अभियोजन पक्ष सूचीबद्ध 394 गवाहों में से 94 के बयान दर्ज करा चुका था। अब सिंगापुर से जुड़े गवाहों की गवाही को भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    इसी क्रम में परीक्षित शर्मा का कोर्ट पहुंचना मामले की एक नई और अहम कड़ी माना जा रहा है। क्योंकि वह उस यॉट पर मौजूद थे जहां जुबीन गर्ग अपने अंतिम समय में मौजूद थे। ऐसे में उनके बयान से घटना के दौरान मौजूद परिस्थितियों और वहां के घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है।

    उधर सिंगापुर की कोरोनर कोर्ट इस साल मार्च में जुबीन गर्ग की मौत को डूबने से हुई मौत बता चुकी है। वहां की जांच में किसी साजिश या बाहरी हस्तक्षेप के ठोस सबूत नहीं मिले थे और फाउल प्ले की संभावना को खारिज कर दिया गया था। हालांकि भारत में चल रही न्यायिक प्रक्रिया उन आरोपों और परिस्थितियों की जांच से जुड़ी है जो जुबीन गर्ग की मौत के बाद सामने आई थीं। सुप्रीम कोर्ट भी मामले की सुनवाई को जल्द पूरा करने पर जोर दे चुका है। ऐसे में यॉट पर मौजूद रहे अहम गवाह परीक्षित शर्मा की गवाही को अब इस बहुचर्चित मामले की आगे की सुनवाई में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।