बम की अफवाह से थमी भोपाल की रफ्तार: एम्स से लेकर पासपोर्ट दफ्तर तक पुलिस का घेरा, 15 दिनों में दूसरी बार दहशत का साया


भोपालराजधानी भोपाल में सोमवार का दिन भारी अफरा-तफरी और दहशत के बीच गुजरा। सुबह उस वक्त पुलिस प्रशासन और आम जनता के हाथ-पांव फूल गए, जब शहर के चार अति-संवेदनशील संस्थानों-एम्स AIIMS, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, रॉयल मार्केट स्थित जीपीओ GPO और निशातपुरा की एक यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला। इस धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी परीक्षा ली, क्योंकि ईमेल भेजने वाले ने न केवल दोपहर 12:15 बजे ब्लास्ट होने का दावा किया था, बल्कि यह भी डरावनी चेतावनी दी थी कि परिसरों में ‘साइनाइड गैस’ वाले दो आईईडी IED रखे गए हैं। सूचना मिलते ही निशातपुरा, बागसेवनिया, कोतवाली और एमपी नगर पुलिस ने मोर्चा संभाला और आनन-फानन में हजारों लोगों से भरी इन इमारतों को खाली कराया गया।

सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड BDDS और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक इमारतों के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। लगभग चार घंटे चले इस गहन तलाशी अभियान के बाद जब कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, तब जाकर पुलिस ने इसे एक ‘होक्स’ अफवाह घोषित किया और राहत की सांस ली। गौर करने वाली बात यह है कि निशातपुरा स्थित यूनिवर्सिटी को पिछले 15 दिनों में दूसरी बार इस तरह की धमकी मिली है; इससे पहले 19 फरवरी को भी संस्थान को निशाना बनाया गया था।

पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार, सभी संस्थानों को भेजे गए ईमेल का कंटेंट और भाषा एक जैसी थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस शरारत के पीछे किसी एक व्यक्ति या गिरोह का हाथ है। जांच में यह भी सामने आया है कि देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के मिलते-जुलते ईमेल भेजे गए हैं। फिलहाल, साइबर क्राइम ब्रांच उस आईपी IP एड्रेस और ईमेल आईडी को ट्रैक करने में जुटी है जिससे ये मैसेज भेजे गए थे। हालांकि यह बम की धमकी महज एक अफवाह निकली, लेकिन इसने भोपाल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं जरूर पैदा कर दी हैं।