बैतूल में पार्क, मंदिर और खेल मैदान की जमीन होगी सुरक्षित, अवैध बिक्री पर रोक


बैतूल,। मध्यप्रदेश में नगर पालिका ने कॉलोनियों में सार्वजनिक उपयोग के लिए छोड़ी जाने वाली जमीनों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की तैयारी कर ली है अब नगर पालिका ऐसे ‘रेस्ट ऑफ लैंड’ को अपने नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू करेगी ताकि अवैध बिक्री और प्लॉटिंग पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

नगर पालिका अधिनियम के अनुसार कॉलोनी विकास के दौरान कॉलोनी बनाने वाले डेवलपर्स को मंदिर, पार्क, खेल मैदान और अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए भूमि छोड़ना अनिवार्य होता है लेकिन कई मामलों में अनुमति मिलने के बाद इन जमीनों को अवैध रूप से प्लॉट बनाकर बेच दिया जाता है जिससे कॉलोनीवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती हैं

नगर पालिका के अधिकारी बताते हैं कि अब इस प्रक्रिया से सार्वजनिक जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भविष्य में किसी भी अवैध बिक्री या प्लॉटिंग की संभावना समाप्त हो जाएगी इसके लिए कॉलोनी में छोड़ी गई हर भूमि का रिकॉर्ड अपडेट कर नगर पालिका के नाम दर्ज किया जाएगा

इस पहल से कॉलोनीवासियों के लिए पार्क, खेल मैदान और मंदिर जैसी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और शहरी नियोजन के नियमों का पालन भी कड़ाई से होगा अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि इस कदम से नगर में शहरी विकास और योजना निर्माण में पारदर्शिता बढ़ेगी

नगर पालिका ने कॉलोनाइजरों और नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक जमीन के संरक्षण में सहयोग करें और किसी भी अवैध प्लॉटिंग या बिक्री की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें ताकि कार्रवाई समय पर की जा सके इस कदम के साथ बैतूल नगर प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कॉलोनियों में रह रहे लोग अपनी सार्वजनिक सुविधाओं का पूरा लाभ ले सकें और शहर का नियोजित विकास प्रभावी तरीके से हो