कैसे बनाया गया
पुलिस के अनुसार पन्नालाल ने अपनी पत्नी रानामा देवी (52) को मरीज़ पीएके के पास भेजा। इलाज के दौरान भरोसेमंद लोहे के तारे की कहानी सुनाता और नकली सोने की गिन्नियां बेचती है। पहले कुछ गिन्नियां असली देती हैं ताकि डॉक्टर विश्वास में आ सके, फिर बड़ी नकदी लेकर नकली सोना थामा देती है। जबलपुर में ही एक डॉक्टर ने 60 लाख रुपये तक का होम लोन लेकर सोना खरीदा। जब जांच हुई तो पता चला कि सोना नकली था।
7 महीने में कई शहरों में विश्विद्यालय
पन्नालाल करीब 7 महीने पहले मध्य प्रदेश आया। छिंदवाड़ा, सागर, छत्तीसपुर निर्मित और जापान के आलोचकों को। पुलिस के पास से 1 करोड़ 55 लाख रुपए नकद, 84 ग्राम असली सोना, करीब 20 नकली सोने की गिन्नियां और 11 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
परिवार बनाया गया था गिरोह
पन्नालाल ने मेवाती गैंग के बाद अपना अलग गिरोह बनाया और पत्नी और तीन बेटों (धर्मेंद्र, कोलकाता और एक अन्य) को गिरोह में शामिल कर लिया। बाकी तीन बेटे सक्रिय नहीं थे। एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि पुलिस दुकानदारों से पूछताछ कर रही है।
पकड़ने की प्रक्रिया
सीसीटीवी कैमरे ने एसआईटी की याचिका के बाद मोबाइल और मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री शुरू कर दी। गांव में करीब 400 किलोमीटर दूर के गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। चौथे ने माना कि वे मध्य प्रदेश और देश के अन्य राज्यों में भी ऐसे ही गरीबों की हैं।
चेतावनी
पुलिस ने निवेशकों से अपील की है कि कोई भी बड़ी नकदी या सोने की खरीद-फरोख्त में सावधानी बरतें, जब किसी अजनबी द्वारा निवेश का प्रलोभन दिया जाए।
