वन रक्षक की हत्या के बाद कड़ा एक्शन मुरैना में रेत माफिया पर चला बुलडोजर करोड़ों की रेत नष्ट


मुरैना । मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रेत माफिया के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध खनन पर करारा प्रहार किया है चंबल क्षेत्र में वन रक्षक हरकेश गुर्जर की निर्मम हत्या के बाद सक्रिय हुई टास्क फोर्स ने अवैध रूप से जमा की गई रेत को नष्ट करने का अभियान तेज कर दिया है इस कार्रवाई के तहत करीब चार करोड़ रुपये मूल्य की लगभग पंद्रह हजार ट्रॉली रेत को मिट्टी में मिला दिया गया है

यह पूरी कार्रवाई चंबल नदी के आसपास स्थित आधा दर्जन से अधिक घाटों पर की गई जहां लंबे समय से अवैध रेत का भंडारण किया जा रहा था वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से इन ठिकानों पर छापेमारी की और भारी मशीनों की मदद से रेत को नष्ट किया

सूत्रों के मुताबिक पिछले तीन दिनों से लगातार चल रहे इस अभियान में जेसीबी मशीनों और डोजरों का इस्तेमाल किया गया बड़ी मात्रा में जमा रेत को पूरी तरह से मिट्टी में मिलाकर बेकार कर दिया गया ताकि माफिया इसे दोबारा उपयोग में न ला सकें यह कार्रवाई न केवल आर्थिक रूप से माफिया के लिए बड़ा झटका है बल्कि प्रशासन के सख्त रुख का भी स्पष्ट संकेत है

वन रक्षक हरकेश गुर्जर की हत्या ने पूरे प्रदेश में आक्रोश पैदा कर दिया था बताया जा रहा है कि रेत माफिया ने उन्हें ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला था जिसके बाद सरकार और प्रशासन पर सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था इसी के चलते यह विशेष अभियान चलाया गया

कार्रवाई के बाद क्षेत्र में रेत माफिया के बीच हड़कंप की स्थिति है बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉलियां अचानक गायब हो गई हैं और अवैध गतिविधियों पर फिलहाल ब्रेक लग गया है स्थानीय स्तर पर भी इस कार्रवाई को लेकर संतोष देखा जा रहा है क्योंकि लंबे समय से लोग अवैध खनन की शिकायत कर रहे थे

प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि अवैध खनन और माफिया गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी

यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है चंबल क्षेत्र में लगातार हो रहे अवैध खनन से नदी और आसपास के इकोसिस्टम पर गंभीर असर पड़ रहा था ऐसे में प्रशासन का यह अभियान कई मायनों में निर्णायक साबित हो सकता है